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4 करोड़ का एक हेलमेट, है न अद्भुत! इसे पहनने से जमीन से आसमान तक सब कुछ दिखाई देता है
F35 फाइटर जेट का लाइटनिंग 2 वर्जन दुनिया का सबसे उन्नत स्टील्थ फाइटर जेट है। इसके पायलट्स द्वारा पहना जाने वाला हेलमेट दुनिया की सबसे अत्याधुनिक पहनने योग्य तकनीक है, जिसे बड़े पैमाने पर सैन्य उपयोग के लिए बनाया गया है। प्रत्येक हेलमेट की कीमत लगभग ₹4 करोड़ (4,00,000 US डॉलर) है। यह सिर्फ सिर की ही सुरक्षा नहीं करता बल्कि पूरे कॉकपिट को पायलट के चेहरे के सामने ला देता है।
इस हेलमेट को हेलमेट माउंटेड डिस्प्ले सिस्टम (HMDS) या Gen 3 हेलमेट कहा जाता है। इसमें जेट के शरीर के आसपास 6 कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे पूरी 360-डिग्री व्यू कैप्चर करते हैं और उसे हेलमेट के वाइज़र पर एक ही, सीमलेस फीड में प्रोजेक्ट करते हैं।

इसका मतलब यह है कि, अगर पायलट नीचे की ओर देखता है, तो वह जेट के नीचे आर-पार जमीन देख सकता है, मानो जेट का फ्लोर पारदर्शी हो गया हो। पायलट सिर घुमाए बिना चारों ओर देख सकता है। नाइट विजन, टार्गेटिंग डेटा, फ्लाइट की स्पीड, ऊंचाई, खतरे की चेतावनियां और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी सीधे वाइज़र पर दिखाई देती हैं।
F35 फाइटर जेट में पारंपरिक हेड्स-अप डिस्प्ले (HUD) नहीं होता। सारी जानकारी हेलमेट के जरिए ही दिखाई जाती है, इसलिए इसे पहनने योग्य कॉकपिट भी कहा जाता है।

एक हेलमेट की कीमत लगभग ₹4 करोड़ है। इसका कारण यह है कि हर हेलमेट पायलट के सिर के आकार के अनुसार कस्टम साइज में बनाया जाता है। इसमें हाई-रिज़ॉल्यूशन लेज़र स्कैनिंग, 3D मॉडलिंग और एक विशेष फिटिंग प्रक्रिया शामिल होती है, जिसमें लगभग दो दिन का समय लग सकता है।
इसमें इस्तेमाल होने वाले उन्नत कैमरे, सेंसर, कंप्यूटर प्रोसेसिंग और डिस्प्ले तकनीक बहुत महंगी होती है, जिसमें दशकों के शोध और विकास की लागत भी शामिल होती है। पहले के संस्करणों (Gen 1 और Gen 2) में काफी समस्याएं थीं, जिनमें इमेज दिखने में लगने वाला समय, हिलने-डुलने की समस्या और रात में हरे रंग की चमकती चीज़ दिखाई देने की समस्या शामिल थी। इन समस्याओं को हल करने में कई साल लग गए।
अब, Gen 3 संस्करण ने इनमें से अधिकांश समस्याओं को दूर कर दिया है। इसमें एक नया ऑर्गेनिक लाइट-एमिटिंग डायोड (OLED) डिस्प्ले इस्तेमाल किया गया है, जो इमेज को अधिक स्पष्ट और तेज़ी से दिखाता है।
यह हेलमेट फाइटर पायलट्स और जेट के बीच की इंटरैक्शन को पूरी तरह बदल देता है। पहले, कॉकपिट पायलट के आसपास केंद्रित होता था, लेकिन अब पूरा कॉकपिट पायलट के चेहरे के सामने दिखाई देता है।

पायलट को 360-डिग्री सिचुएशनल अवेयरनेस मिलती है, जो युद्ध में बहुत बड़ा फायदा देती है। वह आसानी से दुश्मन को ट्रैक कर सकता है, मिसाइल लॉन्च कर सकता है और ऊपर या नीचे देखे बिना जटिल युद्धाभ्यास कर सकता है।
F35 फाइटर जेट का यह हेलमेट सैन्य तकनीक में एक क्रांतिकारी बदलाव है। यह दिखाता है कि भविष्य में पायलट किस तरह की उन्नत तकनीक का उपयोग करेंगे। हालांकि इसकी ऊंची कीमत और शुरुआती तकनीकी चुनौतियां चर्चा का विषय रही हैं।
फिर भी, यह F35 फाइटर जेट को दुनिया के सबसे घातक और बुद्धिमान फाइटर जेट्स में से एक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह सिर्फ एक हेलमेट नहीं है, बल्कि पायलट की आंखों, कानों और दिमाग का विस्तार है।

