- Hindi News
- राष्ट्रीय
- सूरत: कॉलेजों में प्रोफेसरों को रिझाने का नुस्खा: ‘उत्तरपुस्तिका में 100 रुपये की नोट रखकर लिखा- ‘सर...
सूरत: कॉलेजों में प्रोफेसरों को रिझाने का नुस्खा: ‘उत्तरपुस्तिका में 100 रुपये की नोट रखकर लिखा- ‘सर-मैडम, प्लीज मुझे पास कर दीजिए’
गत मार्च में वीर नर्मद दक्षिण गुजरात (VNSU) से संबद्ध कॉलेजों में परीक्षाएं आयोजित की गई थीं, जिनमें गड़बड़ी के कई मामले सामने आए हैं, जिन्हें देखकर परीक्षा विभाग के अधिकारी भी चौंक गए हैं। डिजिटल युग में अब छात्र नकल करने के लिए भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग कर रहे हैं। यूनिवर्सिटी की स्क्वॉड की जांच के दौरान प्लाज़ो ड्रेस और काले स्कार्फ पर पूरे के पूरे उत्तर लिखकर लाने वाली छात्राएं भी पकड़ी गई थीं। इन सभी मामलों में अनुशासन समिति द्वारा कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं। वहीं दूसरी ओर कुछ छात्र अभी भी पास होने के लिए उत्तरपुस्तिका में 100 रुपये की नोट रखकर प्रोफेसरों को रिझाने का पुराना तरीका अपना रहे हैं।
एक रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षा के दौरान BA तृतीय वर्ष की एक छात्रा की उत्तरपुस्तिका जब जांच के लिए आई, तो उसमें केवल लिखावट ही नहीं, बल्कि 100 रुपये की कड़क नोट भी मिली। इस छात्रा ने केवल एक विषय में नहीं, बल्कि हर विषय की उत्तरपुस्तिका में 100 रुपये की नोट रखकर संलग्न की थी। इसके साथ ही उसने लाल पेन से विनती लिखी कि, ‘सर-मैडम, मुझे प्लीज पास कर दीजिए’। छात्रा ने परीक्षा की तैयारी करने के बजाय रिश्वत देकर पास होने का शॉर्टकट अपनाया था, जो अब उसे भारी पड़ने वाला है। यूनिवर्सिटी की कमेटी ने ऐसे 3 मामलों को दर्ज किया है, जिनमें चलन की नोट रखकर गड़बड़ी करने का प्रयास किया गया था।
परीक्षा में नकल करने के लिए छात्राओं ने फैशन का भी सहारा लिया था। एक चौंकाने वाले मामले में एक छात्रा ने अपने काले रंग के स्कार्फ पर जैसे पूरी किताब उतार दी हो, वैसे छोटे अक्षरों में उत्तर लिखे थे। काला रंग होने के कारण उसे लगा कि यह किसी की नजर में नहीं आएगा, लेकिन स्क्वॉड की टीम ने उसकी संदिग्ध गतिविधि देखकर उसे पकड़ लिया। इसके अलावा एक मामले में एक छात्रा अपने प्लाज़ो ड्रेस पर पूरे के पूरे उत्तर लिखकर परीक्षा कक्ष में आई थी।
डिजिटल युग में अब मेडिकल के छात्र भी पीछे नहीं हैं। VNSGU में MBBS की परीक्षा के दौरान 6 छात्र AI टूल 'Chat GPT' का उपयोग करके नकल करते हुए पकड़े गए थे। ये छात्र मोबाइल और ब्लूटूथ गैजेट्स के जरिए Chat GPT की मदद से उत्तर लिख रहे थे। यूनिवर्सिटी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी 6 छात्रों पर 10 हजार रुपये का नकद जुर्माना लगाया था। इतना ही नहीं, उनकी चल रही परीक्षाएं भी रद्द करने का आदेश दिया गया है, जिससे उनके करियर पर बड़ा प्रश्नचिह्न लग गया है। इस तरह की हाईटेक और 'क्रिएटिव' नकल देखकर प्रोफेसर भी दंग रह गए थे।
यूनिवर्सिटी के परीक्षा विभाग की स्क्वॉड द्वारा किए गए आकस्मिक निरीक्षण में कुल 226 छात्र संदिग्ध गड़बड़ी करते हुए पाए गए थे। इन सभी छात्रों को सुनवाई के लिए बुलाया गया था, जिनमें से 153 छात्र व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे थे, जबकि लगभग 73 छात्र अनुपस्थित रहे थे। उपस्थित छात्रों के बयान लिए गए हैं और उनके द्वारा की गई गड़बड़ी के सबूतों की जांच की जा रही है। अनुपस्थित छात्रों के खिलाफ यूनिवर्सिटी अब एकपक्षीय कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।
परीक्षा नियंत्रक ए. वी. धडुक ने बताया कि, पकड़े गए सभी छात्रों के खिलाफ जुर्माना और परीक्षा रद्द करने सहित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, यूनिवर्सिटी ने केवल सजा ही नहीं, बल्कि सुधारात्मक दृष्टिकोण भी अपनाया है। गड़बड़ी में पकड़े गए छात्रों में से 14 छात्रों को मानसिक तनाव या अन्य समस्या होने के कारण, 'मनोवैज्ञानिक मार्गदर्शन और सलाह केंद्र' द्वारा उनका काउंसलिंग किया गया था। यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने कहा कि, छात्रों को शॉर्टकट छोड़कर मेहनत पर ध्यान देना जरूरी है, अन्यथा ऐसे मामलों में सजा का प्रावधान बहुत सख्त है। नकल के लिए नई-नई तरीके अपनाए जा रहे हैं, लेकिन यूनिवर्सिटी भी उतनी ही सतर्क है। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शिक्षा क्षेत्र में बढ़ती हाईटेक नकल की घटनाएं चिंताजनक हैं। छात्रों को छोटे रास्ते अपनाने के बजाय सही मेहनत और ईमानदारी से पढ़ाई करने की जरूरत है, नहीं तो ऐसे कदम उनके भविष्य के लिए गंभीर रूप से नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। हालांकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा कड़े दिशा-निर्देश लागू करने की तैयारी भी दिखाई गई है।

