- Hindi News
- राजनीति
- सूरत में पहली बार वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस: जापान, सिंगापुर जैसे देशों के प्रतिनिधि पहुंचे,...
सूरत में पहली बार वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस: जापान, सिंगापुर जैसे देशों के प्रतिनिधि पहुंचे, निवेश का बड़ा हब बनेगा दक्षिण गुजरात
गुजरात स्थापना दिवस पर सूरत के लिए गौरव का पल, दुनिया में सूरत का कद और बढ़ेगा
सूरत। गुजरात स्थापना दिवस के अवसर पर सूरत की ओरो यूनिवर्सिटी में ‘वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस’ (वीआरजीसी) के तीसरे संस्करण का भव्य आयोजन किया गया। यह 2 मई तक चलेगा। यह दक्षिण गुजरात के विकास को नई दिशा देगा। आर्थिक उन्नति के नए दरवाजे खोलेगा। इसका सबसे बड़ा फायदा सूरत को मिलेगा। यह दक्षिण गुजरात का पावर सेंटर बन जाएगा।
बता दें कि इस मेगा इवेंट का उद्घाटन मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के हाथों हुआ। इस कार्यक्रम में जापान, रवांडा, यूक्रेन और सिंगापुर जैसे देशों ने भागीदार के रूप में हिस्सा लिया, जिससे दक्षिण गुजरात के उद्योगों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। कॉन्फ्रेंस के साथ-साथ 1 से 5 मई तक वाइब्रेंट गुजरात रीजनल एग्जिबिशन का आयोजन भी किया जा रहा है। लगभग 12,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली इस प्रदर्शनी में एमएसएमई से लेकर बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियां अपनी तकनीक और उत्पादों का प्रदर्शन कर रही हैं। यह मंच नवाचार, निवेश और उद्योग विस्तार के अवसरों को एक साथ प्रस्तुत कर रहा है।
दक्षिण गुजरात के 6 जिलों पर विशेष फोकस
‘विकसित भारत@2047’ के विजन को ध्यान में रखते हुए आयोजित इस कॉन्फ्रेंस में दक्षिण गुजरात के छह प्रमुख जिलों- सूरत, भरूच, डांग, नवसारी, तापी और वलसाड की औद्योगिक क्षमता पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। इन जिलों में मौजूद विविध उद्योगों और संसाधनों को वैश्विक निवेशकों के सामने प्रस्तुत किया गया, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है। प्रदर्शनी में सूरत के हीरा और टेक्सटाइल उद्योग के साथ-साथ वापी-अंकलेश्वर के केमिकल और फार्मास्यूटिकल हब की विस्तृत जानकारी दी गई। आधुनिक तकनीक और विजुअल प्रेजेंटेशन के माध्यम से विदेशी प्रतिनिधियों को यहां मौजूद इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश के अवसर और व्यापारिक सुविधाओं का स्पष्ट तस्वीर दिखाई गई।
सूरत इकोनॉमिक मास्टर प्लान पेश
कॉन्फ्रेंस के दौरान सूरत के आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाला ‘सूरत इकोनॉमिक मास्टर प्लान’ भी प्रस्तुत किया गया। इस प्रेजेंटेशन के जरिए विदेशी निवेशकों को बताया गया कि कैसे दक्षिण गुजरात उद्योग, व्यापार और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को बढ़ावा देना और स्थानीय उद्योगों को वैश्विक मंच उपलब्ध कराना है।

जीआई टैग और स्मार्ट जीआईडीसी की अहम घोषणाएं
इस आयोजन में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की गईं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के हाथों ‘सूरत कट डायमंड- जीआई टैग’ पर एक विशेष कवर जारी किया गया, जो सूरत के हीरा उद्योग के लिए गर्व का क्षण माना जा रहा है।
इसके साथ ही राज्य सरकार ने दक्षिण गुजरात के औद्योगिक ढांचे को मजबूत बनाने के लिए नई और अत्याधुनिक स्मार्ट जीआईडीसी एस्टेट विकसित करने की योजना की घोषणा की। यह कदम उद्योगों को बेहतर सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने में मदद करेगा।
4600 करोड़ रुपये के नए एमओयू की तैयारी
कॉन्फ्रेंस के दौरान उद्योगपतियों और सरकार के बीच बड़े पैमाने पर एमओयू किए जा रहे हैं। उद्योगपति फारुख पटेल ने बताया कि वाइब्रेंट गुजरात जैसे आयोजनों से छोटे और बड़े व्यापारियों को विकास और रोजगार के नए अवसर मिलते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी अब तक इस क्षेत्र में 29,000 करोड़ रुपये के एमओयू कर चुकी है और इस बार भी 4,600 करोड़ रुपये के नए समझौतों की तैयारी है। उन्होंने इसे उद्योगों के लिए उत्सव जैसा अवसर बताया।
गुजरात भारत की आर्थिक प्रगति का इंजन: हर्ष संघवी
राज्य के गृह और उद्योग मंत्री हर्ष संघवी ने गुजरात की अर्थव्यवस्था पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुजरात देश की आर्थिक प्रगति में इंजन की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने राज्य के जीडीपी और औद्योगिक विकास के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए निवेशकों को गुजरात में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया।
वैश्विक निवेश पर भी जोर
निप्पोन स्टील कॉर्पोरेशन के वाइस चेयरमैन और एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट ताकाहिरो मोरी ने अपने संबोधन में कंपनी की भविष्य की निवेश योजनाओं और वैश्विक विस्तार रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से अमेरिका में स्टील उद्योग को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की दिशा में कंपनी की प्रतिबद्धता जताई।
यूक्रेन के राजदूत ने भारत के सहयोग की सराहना की
कार्यक्रम में यूक्रेन के राजदूत डॉ. ओलेक्सांदर पोलिशचुक ने भारत के समर्थन की सराहना करते हुए कहा कि कठिन समय में भारत ने यूक्रेन का साथ देकर मानवता और मित्रता का उदाहरण पेश किया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने में भारत की भूमिका अहम है। उन्होंने गुजरात दिवस की शुभकामनाएं देते हुए ‘जय जय गरवी गुजरात’ के नारे के साथ अपने संबोधन का समापन किया।
दक्षिण गुजरात को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की ओर बड़ा कदम
वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस 2026 न केवल एक औद्योगिक आयोजन है, बल्कि यह दक्षिण गुजरात को वैश्विक निवेश और व्यापार के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक मजबूत पहल है। जीआई टैग, स्मार्ट जीआईडीसी और बड़े निवेश समझौतों जैसी घोषणाएं इस क्षेत्र के आर्थिक भविष्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखती हैं।

