- Hindi News
- राजनीति
- महाराष्ट्र को जल्द मिलने वाली है पहली महिला उपमुख्यमंत्री, अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा के नाम पर लगी...
महाराष्ट्र को जल्द मिलने वाली है पहली महिला उपमुख्यमंत्री, अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा के नाम पर लगी मुहर
मुंबई। महाराष्ट्र को जल्द ही पहली महिला उपमुख्यमंत्री मिलने वाली हैं। अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के नाम पर लगभग मुहर लग चुकी है। विधायक दल की मीटिंग के लिए सुनेत्रा मुंबई पहुंच गई हैं। बता दें कि 62 साल की सुनेत्रा फिलहाल महाराष्ट्र विधानसभा के किसी भी सदन की सदस्य नहीं हैं। मान जा रहा है कि सुनेत्रा का शपथ ग्रहण शाम 5 बजे हो सकता है। सुनेत्रा वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं और शपथ से पहले उन्हें राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा देना होगा। उल्लेखनीय है कि अजित पवार की 28 जनवरी को बारामती में प्लेन क्रैश में मौत के बाद डिप्टी सीएम पद खाली हो गया था। कई नामों पर चर्चा के बाद सुनेत्रा के नाम पर सभी राजी हो गए। अब सुनेत्रा को पहले राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा देना होगा। सभापति के इस्तीफा स्वीकार करने के बाद ही वे डिप्टी सीएम पद की शपथ ले पाएंगी। इस्तीफा स्वीकार होने के बाद महाराष्ट्र के राज्यपाल उन्हें डिप्टी सीएम के रूप में शपथ दिलाएंगे। संविधान के अनुसार मंत्री बनने के 6 महीने के अंदर उन्हें विधानसभा चुनाव जीतना होगा या फिर विधान परिषद (एमएलसी) का सदस्य बनना होगा।
2024 के लोकसभा चुनाव में सुप्रिया सुले से हार मिली थी
2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने अपने पति की पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर बारामती से चुनाव लड़ा, लेकिन अपनी ननद सुप्रिया सुले से हार गईं थीं। इसके बाद सुनेत्रा राज्यसभा के लिए सांसद चुनी गईं।
क्या अजित पवार और शरद पवार की पार्टी का विलय हो जाएगा?
शरद पवार ने पहली बार सुनेत्रा के शपथ ग्रहण और एनसीपी के दोनों गुटों के विलय पर बड़ा बयान दिया है। दावा भी किया कि दोनों गुटों को एकजुट करना उनके दिवंगत भतीजे अजित पवार की इच्छा थी, और वे इसके बारे में आशावादी थे। उन्होंने कहा कि अब हमें लगता है कि उनकी इच्छा पूरी होनी चाहिए। अजित पवार, शशिकांत शिंदे और जयंत पाटिल ने दोनों गुटों के विलय के बारे में बातचीत शुरू की थी। विलय की तारीख 12 फरवरी तय था। दुर्भाग्य से अजित उससे पहले हमें छोड़कर चले गए। फिलहाल इस पर भाजपा का प्रतिक्रिया आना बाकी है। दोनों पार्टियों के विलय से महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर से नया अध्याय देखने को मिल सकता है।

