- Hindi News
- राष्ट्रीय
- भावनगर की समरस हॉस्टल के खाने में कीड़े-कॉकरोच निकलते हैं, पानी नहीं मिलता, छात्राएं सड़क पर उतरीं.....
भावनगर की समरस हॉस्टल के खाने में कीड़े-कॉकरोच निकलते हैं, पानी नहीं मिलता, छात्राएं सड़क पर उतरीं...
भावनगर की समरस हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने भोजन में ढोकला से सिगरेट तथा दाल-चावल से कीड़े-मकौड़े निकलने, गंदी प्लेट-गिलास और पानी की भारी किल्लत सहित गंभीर आरोपों के साथ कल विरोध दर्ज कराया है। छात्रों ने भोजन की खराब गुणवत्ता, पानी की भारी किल्लत, सुरक्षा के सवाल और संचालकों द्वारा मानसिक प्रताड़ना दिए जाने के आरोप लगाए हैं। इस मामले में ABVP के पदाधिकारियों और हॉस्टल की छात्राओं ने उप निदेशक को ज्ञापन दिया था।
हॉस्टल में बार-बार परोसे जाने वाले अशुद्ध भोजन, पीने के पानी की विकट समस्या और सुरक्षा के अभाव से परेशान होकर सैकड़ों छात्राएं हॉस्टल परिसर और मुख्य सड़क पर उतर आईं और भारी विरोध प्रदर्शन किया। पहले भी कई बार शिकायतें करने के बावजूद प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने से आखिरकार छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा था। हंगामे की जानकारी मिलते ही स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस का काफिला भी घटनास्थल पर पहुंच गया था।
हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं का आरोप है कि, मेस में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब है और अक्सर खाने में कॉकरोच, कीड़े, धनेड़ा और अन्य जीव-जंतु निकलते हैं। हद तो तब हो गई जब छात्राओं की थाली से प्लास्टिक और जली हुई सिगरेट के टुकड़े भी मिले। छात्राओं ने बताया कि उन्हें जबरन खाना खिलाया जाता है और मेस के खराब भोजन के बारे में नेगेटिव रिव्यू देने से भी रोका जाता है। विरोध या वीडियो वायरल न हो, इसके लिए रसोई में मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
ABVP अध्यक्ष दीपिका कछोटा, छात्राओं ने आरोपों में कहा, पिछले 4-5 महीनों से भोजन में जीव-जंतु, कीड़े, सिगरेट और प्लास्टिक जैसी चीजें निकल रही हैं, नाश्ते और खाने के लिए इस्तेमाल होने वाली प्लेटें भी ठीक से नहीं धोई जातीं। मेन वार्डन पायल और छात्राओं का भोजन अलग बनता होने की भी चर्चा है। हॉस्टल के पानी में काई जमने के कारण छात्राएं गंभीर बीमारियों का शिकार हो रही हैं।
छात्रा किंजल शियाले रोते-रोते कहा कि, सुबह हम नाश्ता करने आते हैं तो अच्छी प्लेट भी नहीं मिलती और अगर होती है तो धुली हुई नहीं होती। प्लेट या गिलास आप जो देखें वह खराब और खाना अच्छा नहीं आता। मैं शनिवार को खाना खाने आई थी, ढोकला था तो मुझे पसंद नहीं आया, इसलिए मैं उसे फेंकने जा रही थी। तो मुझे फेंकने नहीं दिया कहा अच्छा है तुम खाओ।
भोजन के अलावा हॉस्टल में पीने के पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी भारी शिकायतें हैं। हॉस्टल की लिफ्ट कई दिनों तक बंद रहने के कारण तीसरी या अन्य मंजिल पर रहने वाली लड़कियों को पानी भरने के लिए नौवीं मंजिल तक जाना पड़ता है। 9 मंजिल की इस हॉस्टल में केवल 2-3 फ्लोर पर ही मुश्किल से पानी आता है। स्वच्छता और बर्तनों की सफाई के प्रति भी घोर लापरवाही बरती जा रही है, जिसके कारण छात्राओं के स्वास्थ्य के सामने बड़ा खतरा पैदा हो गया है।
दूसरी ओर, हॉस्टल में रहने वाली लड़कियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। हॉस्टल के मुख्य गेट पर सीसीटीवी कैमरे बंद होने या फिर न होने का फायदा उठाकर असामाजिक और लफंगे तत्वों द्वारा छात्राओं को परेशान किया जाता है। जब छात्राएं कॉलेज या पढ़ाई के लिए बाहर जाती हैं तब रास्ते में भी लफंगे तत्व उन्हें परेशान करते हैं।
छात्राओं के विरोध के बाद अनुसूचित जाति लोकल मैनेजमेंट के अध्यक्ष और उप निदेशक एम.एन.गामित मौके पर पहुंचे थे थे। छात्रों की शिकायतें सुनकर कहा था कि, भोजन और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर शिकायतों का कल तक उचित मूल्यांकन करके शीघ्र निपटारा किया जाएगा। कल देर रात समरस हॉस्टल में छात्राओं के हंगामा करने पर SDM, मामलतदार सहित अधिकारी दौड़े चले आए थे। किचन की चेकिंग की और छात्रों की समस्याएं सुनी थीं।
SDM अक्षर व्यास ने कहा कि, कलेक्टर के निर्देश पर छात्राओं की समस्याएं सुनने और समाधान करने के लिए मैं अपनी टीम मामलतदार के साथ उपस्थित रहा, बहनों की जो भी समस्याएं हैं, वे सुनी थीं। इनमें जितनी समस्याएं हमारे स्तर से हल हो सकती थीं, उसका बहनों को आश्वासन दिया है। इसके अलावा जो नीतिगत विषय हैं और अन्य समस्याएं हैं, उनके लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में एक बैठक करेंगे और बैठक में सभी को उचित निर्देश दिए जाएंगे और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान हो, ऐसे प्रयास प्रशासन करेगा।

