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कौशाम्बी: बेटी की शादी 25 नवंबर को होने वाली थी, प्रेमी के साथ भाग जाने पर मां ने सदमे में जान गंवाई; पिता ने जीवित बेटी का पिंडदान कर दिया
उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में एक पिता ने अपनी जीवित इकलौती बेटी का 'पिंडदान' कर दिया। बेटी के अपने प्रेमी के साथ भाग जाने और उसके बाद पत्नी की मृत्यु से टूट चुके इस पिता ने, अपनी पत्नी के साथ बेटी की भी तेरहवीं कर दी। पिता का कहना है कि बेटी के इस कदम के कारण उनकी पत्नी को गहरा सदमा लगा था, जिसके बाद उसकी मृत्यु हो गई। पत्नी को खोने और बेटी के घर छोड़कर चले जाने के इस दोहरे दर्द से टूट चुके पिता ने अब अपनी बेटी को सभी चल और अचल संपत्ति से बेदखल करने का फैसला लिया है।
यह घटना कौशाम्बी जिले के संदीपन घाट पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत मूरतगंज-पल्हाना रोड की थी। यहां के निवासी राजू गुप्ता की एक बेटी है, जिसकी उम्र लगभग 19 वर्ष है और वह इंटरमीडिएट की छात्रा है। उसकी शादी की तैयारियां चल रही थीं और तारीख भी तय हो गई थी; लेकिन इससे पहले ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने पिता को अंदर से तोड़ दिया।
परिवार वालों के अनुसार, राजू गुप्ता की बेटी 15 अक्टूबर को कॉलेज जाने की बात कहकर घर से निकली थी। काफी समय तक उसके वापस न आने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। बाद में पता चला कि वह धन्नी गांव के निवासी अपने प्रेमी अमरदीप रैदास के साथ चली गई है। बेटी के इस कदम से परिवार परेशान हो गया।
राजू गुप्ता का आरोप है कि बेटी के घर छोड़कर चले जाने से उनकी पत्नी पार्वती को सदमा लगा। पत्नी की उम्र लगभग 40 वर्ष थी। पिता के अनुसार, इस घटना के बाद उनकी पत्नी का निधन हो गया। एक तरफ उनकी इकलौती बेटी के घर छोड़कर चले जाने का दुख था, वहीं दूसरी तरफ पत्नी की मौत ने परिवार को सदमे में डाल दिया। राजू गुप्ता के लिए यह दोहरा सदमा था: जिस बेटी की शादी की तैयारियां चल रही थीं वह घर छोड़कर चली गई, और उसके कुछ समय बाद ही परिवार ने उसकी मां को भी खो दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही संदीपन घाट पुलिस ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की। लगभग छह घंटे के अंदर पुलिस ने युवती और उसके प्रेमी को ढूंढ निकाला और पूछताछ के लिए उन्हें हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, युवती को उसकी मां की मृत्यु के बारे में बताया गया था, लेकिन उसने अंतिम संस्कार में शामिल होने से इनकार कर दिया। युवती बालिग है, पुलिस ने कोर्ट में उसका बयान दर्ज करने के बाद उसकी अपनी इच्छा के अनुसार उसे अपने प्रेमी के साथ जाने की अनुमति दे दी। पुलिस की कार्रवाई के बाद युवती अपने फैसले पर अडिग रही। तो बेटी के इस फैसले से दुखी पिता ने उसके साथ सभी संबंध तोड़ने का कठोर फैसला लिया।
पत्नी की मृत्यु और बेटी के घर छोड़कर चले जाने से व्यथित राजू गुप्ता ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसकी चर्चा इस इलाके में हो रही है: उन्होंने अपनी दिवंगत पत्नी की तेरहवीं की रस्म के साथ, अपनी जीवित बेटी के लिए भी पिंडदान कर दिया और उसके बाद उसकी तेरहवीं की रस्म भी संपन्न की। पिता के इस फैसले को परिवार में मौजूद गहरे दुख और नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। राजू गुप्ता का आरोप है कि बेटी के घर छोड़कर चले जाने से उनकी पत्नी को गहरा सदमा लगा था, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। पत्नी के निधन के बाद, बेटी के फैसलों से पिता को और गहरी ठेस पहुंची; उन्होंने अब बेटी को अपनी सभी चल और अचल संपत्ति से बेदखल करने का फैसला लिया है। इस तरह, बेटी के प्रेम संबंध और घर छोड़कर जाने से शुरू हुआ विवाद अब पारिवारिक संबंधों और संपत्ति से जुड़े कानूनी फैसलों तक पहुंच गया है।
कहा जा रहा है कि, इस युवती की पहले दो जगह सगाई हुई थी, लेकिन दोनों बार रिश्ते टूट गए थे। लगभग एक महीने पहले उसकी फतेहपुर जिले के एक व्यक्ति के साथ सगाई हुई थी। शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं और शादी 25 नवंबर को होने वाली थी। परिवार को उम्मीद थी कि यह शादी उनके जीवन में फिर से खुशियां लाएगी; लेकिन, शादी की तारीख आने से पहले ही युवती अपने प्रेमी के साथ घर छोड़कर चली गई। उसके बाद, पत्नी के निधन के कारण परिवार गहरे सदमे में डूब गया। राजू गुप्ता का बेटी की शादी को लेकर सपना टूट गया और दूसरी तरफ पत्नी को खो देने का दुख भी एक साथ सामने आया। इस पीड़ा और गुस्से के बीच, उन्होंने अपनी जीवित बेटी का पिंडदान और तेरहवीं की रस्म करने का फैसला लिया।

