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                <title>Khabarchhe Hindi</title>
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                <title>दो बॉयफ्रेंड, प्रेग्नेंट हुई लड़की, अब DNA बताएगा बच्चे का पिता कौन?</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="flex max-w-full flex-col gap-4 grow">
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<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">कहानी कानपुर के घाटमपुर की है, जहां 25 साल की एक युवती के दो युवकों से रिश्ते थे। गर्भवती होने के बाद उसने दोनों से शादी और बच्चे की जिम्मेदारी लेने की बात कही, लेकिन दोनों ने इससे किनारा कर लिया।</p>
<p>समय के साथ युवती की प्रेग्नेंसी की बात गांव में चर्चा का विषय बनने लगी और वह परेशान रहने लगी। इसी बीच एक दिन वह घर से लापता हो गई। अगले दिन उसका शव आम के बगीचे में मिला।</p>
<p>पोस्टमार्टम से पता चला कि युवती करीब 7 महीने की गर्भवती थी, लेकिन उसकी मौत कैसे हुई, इसका स्पष्ट जवाब</p></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/girl-got-pregnant-by-two-boyfriends-now-dna-will-tell/article-2741"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-08/pregnant-lady-cover-image.jpg" alt=""></a><br /><div class="flex max-w-full flex-col gap-4 grow">
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<div class="markdown prose dark:prose-invert wrap-break-word w-full light markdown-new-styling">
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">कहानी कानपुर के घाटमपुर की है, जहां 25 साल की एक युवती के दो युवकों से रिश्ते थे। गर्भवती होने के बाद उसने दोनों से शादी और बच्चे की जिम्मेदारी लेने की बात कही, लेकिन दोनों ने इससे किनारा कर लिया।</p>
<p>समय के साथ युवती की प्रेग्नेंसी की बात गांव में चर्चा का विषय बनने लगी और वह परेशान रहने लगी। इसी बीच एक दिन वह घर से लापता हो गई। अगले दिन उसका शव आम के बगीचे में मिला।</p>
<p>पोस्टमार्टम से पता चला कि युवती करीब 7 महीने की गर्भवती थी, लेकिन उसकी मौत कैसे हुई, इसका स्पष्ट जवाब रिपोर्ट से नहीं मिल सका। अब पुलिस के सामने दो बड़े सवाल हैं, युवती की मौत कैसे हुई और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे का पिता कौन था?</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/ghatampur-girl-murder.jpg" alt="Ghatampur-Girl Murder" width="1280" height="720"/></p>
<p>पुलिस दोनों युवकों के DNA सैंपल लेकर जांच कराने की तैयारी में है।</p>
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<div class="markdown prose dark:prose-invert wrap-break-word w-full light markdown-new-styling">
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">घाटमपुर क्षेत्र में आम के बगीचे से युवती का शव मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में युवती के दो युवकों के साथ संबंध होने की बात सामने आई। इनमें एक गोलू पांडे और दूसरा पास के गांव का रहने वाला प्रांजल बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, युवती दोनों के संपर्क में थी और बाद में गर्भवती हो गई।</p>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="z-0 flex min-h-[46px] justify-start">अब सबसे बड़ा सवाल बच्चे की जिम्मेदारी को लेकर था। पुलिस के मुताबिक, युवती दोनों युवकों से शादी और बच्चे की जिम्मेदारी लेने की बात करती थी। वह दोनों से कहती थी कि उसकी प्रेग्नेंसी की जिम्मेदारी उनमें से कोई एक ले, क्योंकि उसके गर्भ में पल रहा बच्चा उन्हीं में से किसी एक का है। हालांकि, दोनों युवक कथित तौर पर जिम्मेदारी लेने से बचते रहे।</div>
<div class="z-0 flex min-h-[46px] justify-start"> </div>
<div class="z-0 flex min-h-[46px] justify-start">समय बीतने के साथ युवती की प्रेग्नेंसी आगे बढ़ती गई और उसकी परेशानी भी बढ़ने लगी। पुलिस के मुताबिक, उसे डर था कि गांव में उसकी प्रेग्नेंसी और रिश्तों की बात सामने आ जाएगी। इसी बीच एक दिन वह अचानक घर से लापता हो गई।</div>
<div class="z-0 flex min-h-[46px] justify-start"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/ghatampur-girl-murder.jpg-4.jpg" alt="Ghatampur-Girl-Murder.jpg-4" width="1097" height="632"/></div>
<div class="z-0 flex min-h-[46px] justify-start">परिवार ने युवती की तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद एक आम के बगीचे से उसका शव बरामद हुआ। जो युवती कुछ समय पहले तक अपने बच्चे के भविष्य को लेकर दोनों युवकों से जवाब मांग रही थी, अब वह इस दुनिया में नहीं थी।</div>
<div class="z-0 flex min-h-[46px] justify-start">
<p>शव मिलने के बाद पुलिस ने पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया। रिपोर्ट में युवती के गर्भवती होने की पुष्टि हुई, लेकिन उसकी मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। मौत का कारण पता लगाने के लिए बिसरा सुरक्षित रखा गया है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद मौत की परिस्थितियां और साफ हो सकती हैं।</p>
<p><strong>अब DNA से खुलेगा बच्चे के पिता का राज?</strong></p>
<p>जांच में सामने आए दोनों युवकों से पुलिस पूछताछ कर रही है और दोनों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस अब बच्चे के DNA का मिलान दोनों युवकों के DNA सैंपल से कराने की तैयारी में है। इस जांच से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि युवती के गर्भ में पल रहे बच्चे का जैविक पिता कौन था।</p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/ghatampur-girl-murder.jpg-3.jpg" alt="Ghatampur-Girl-Murder.jpg-3" width="1097" height="632"/></p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">DNA जांच से बच्चे के जैविक पिता की पहचान हो सकती है, लेकिन इससे युवती की मौत के लिए जिम्मेदार व्यक्ति का पता नहीं चलेगा। इसके लिए पुलिस को अन्य सबूतों, पोस्टमार्टम और बिसरा जांच की रिपोर्ट का इंतजार करना होगा। युवती के पिता ने गांव के दोनों युवकों पर शक जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया गया।</p>
<p>पुलिस के मुताबिक, दोनों युवकों के खिलाफ युवती की मौत से जुड़े आरोपों की जांच चल रही है। पुलिस हर पहलू से मामले की पड़ताल कर रही है और यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि युवती की मौत से पहले उसके दोनों युवकों के साथ क्या संपर्क और संबंध थे।</p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>एक 50 साल का, दूसरा 28 साल का</strong></p>
<p>इस मामले में दोनों युवकों की उम्र में भी काफी अंतर है। पुलिस के मुताबिक, गोलू पांडे की उम्र करीब 50 साल है, जबकि प्रांजल की उम्र लगभग 28 साल बताई जा रही है। जांच में दोनों के युवती के साथ संबंध होने की बात सामने आई है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों के साथ युवती के संबंध कितने समय से थे और प्रेग्नेंसी के दौरान उनके बीच किस तरह की बातचीत हुई।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/ghatampur-girl-murder.jpg-5.jpg" alt="Ghatampur-Girl-Murder.jpg-5" width="1097" height="632"/></p>
<p>आम के बगीचे में युवती का शव मिलना कई सवाल खड़े करता है। पोस्टमार्टम में मौत की वजह स्पष्ट नहीं होने के कारण बिसरा जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह सामने आ सकती है। फिलहाल दोनों युवक पुलिस की हिरासत में हैं। पुलिस एक तरफ मौत से जुड़े सबूत जुटा रही है, वहीं दूसरी ओर DNA सैंपल की जांच के नतीजे का भी इंतजार है।</p>
</div>
</div>
<div class="pointer-events-none -mb-px h-px w-full opacity-0"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 16 Aug 2026 19:30:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बिहार में पकड़ा गया फर्जी आईएएस जिसके पास मिली महंगी टेस्ला कार, हुई गिरफ़्तारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>8 अगस्त को जब बिहार की खगड़िया पुलिस ने मनीष कुमार गुप्ता को गिरफ़्तार किया तो पुलिस उसे अपनी गाड़ी से थाने नहीं ले जा सकी, पुलिस मनीष को उसकी महंगी टेस्ला गाड़ी में फ्रंट सीट पर बैठाकर ही थाने ले गई. इसका मुख्य कारण ये टेस्ला एफ़एसडी (फुल सेल्फ़ ड्राइविंग) थी</p>
<p>मौके पर उपस्थित स्थानीय पत्रकार रणवीर कुमार ने कहा, मनीष ने पुलिस को बताया कि जब तक वह कार की आगे वाली सीट पर नहीं बैठेंगे, तब तक गाड़ी नहीं चलेगी। इसके बाद मनीष कुमार गुप्ता और उनका ड्राइवर आगे बैठे, जबकि दरोगा पीछे की सीट पर बैठा।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/fake-ias-caught-in-bihar-arrested-with-expensive-tesla-car/article-2740"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-08/fake-ias.jpg" alt=""></a><br /><p>8 अगस्त को जब बिहार की खगड़िया पुलिस ने मनीष कुमार गुप्ता को गिरफ़्तार किया तो पुलिस उसे अपनी गाड़ी से थाने नहीं ले जा सकी, पुलिस मनीष को उसकी महंगी टेस्ला गाड़ी में फ्रंट सीट पर बैठाकर ही थाने ले गई. इसका मुख्य कारण ये टेस्ला एफ़एसडी (फुल सेल्फ़ ड्राइविंग) थी</p>
<p>मौके पर उपस्थित स्थानीय पत्रकार रणवीर कुमार ने कहा, मनीष ने पुलिस को बताया कि जब तक वह कार की आगे वाली सीट पर नहीं बैठेंगे, तब तक गाड़ी नहीं चलेगी। इसके बाद मनीष कुमार गुप्ता और उनका ड्राइवर आगे बैठे, जबकि दरोगा पीछे की सीट पर बैठा। अब यह गाड़ी थाने में खड़ी है, जिसे देखने के लिए लोग पहुंच रहे हैं।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/fake-ias-2nd.jpg" alt="Fake IAS 2nd" width="1280" height="720"/></p>
<p>सालाना बाढ़ की चपेट में रहने वाले खगड़िया जिले में पुलिस ने 8 अगस्त की देर शाम मनीष गुप्ता को खुद को IAS अधिकारी बताने के आरोप में गिरफ्तार किया था। पिछले 10 साल से खगड़िया के गोगरी थाने से महज एक किलोमीटर दूर रहने वाला मनीष गुप्ता इलाके में खुद को IAS अधिकारी बताकर रौब जमाता था।</p>
<p>वह खुद को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल का अंडरकवर एजेंट और केंद्रीय सतर्कता आयोग का अधिकारी बताता था। हालांकि, खगड़िया SP भानु प्रताप सिंह की शुरुआती जांच में मनीष गुप्ता के ये सभी दावे प्रथम दृष्टया फर्जी पाए गए </p>
<p><strong>कौन है मनीष गुप्ता?</strong></p>
<p>बिहार के खगड़िया जिले के गोगरी बाजार में एक 5 मंजिला आलीशान बंगला है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गोगरी के मुख्य बाजार में इससे ज्यादा आलीशान घर शायद ही कोई दूसरा हो, इसी घर में 49 वर्षीय मनीष कुमार अकेले रहते थे। 8 अगस्त की दोपहर करीब 2 बजे गोगरी थाने की पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस उनके घर पहुंची।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/fake-ias-3.jpg" alt="Fake IAS 3" width="1280" height="720"/>
news18.com

<p>गोगरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार की ओर से दर्ज FIR के मुताबिक, घर के बाहर एक व्यक्ति चश्मा लगाए और हाफ पैंट पहने टहल रहा था। पूछताछ करने पर उसने अपना नाम मनीष कुमार गुप्ता बताया और खुद को IAS अधिकारी बताया। FIR में कहा गया है कि मनीष ने मोबाइल पर एक पहचान पत्र दिखाया, जिस पर केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) का नाम और पहचान संख्या 0577102 के साथ ‘चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर’ लिखा था।</p>
<p>पूछताछ के दौरान मनीष ने खुद को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल का अंडरकवर एजेंट भी बताया। पुलिस के मुताबिक, इसकी जांच में उनका यह दावा प्रथम दृष्टया फर्जी पाया गया। पुलिस को मनीष के घर के बाहर एक काले रंग की टेस्ला कार और सफेद रंग की सफारी कार खड़ी मिली। सफारी पर ‘गवर्नमेंट ऑफ इंडिया’ का बोर्ड लगा हुआ था।</p>
<p>FIR के अनुसार, दोनों गाड़ियों के बारे में पूछने पर मनीष ने उन्हें अपना बताया। मामला संदिग्ध लगने पर पुलिस ने मनीष गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया और उनके घर की तलाशी ली।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

                <link>https://hindi.khabarchhe.com/national/fake-ias-caught-in-bihar-arrested-with-expensive-tesla-car/article-2740</link>
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                <pubDate>Sun, 16 Aug 2026 17:30:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विमल विज्ञापन पर शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को मिला FDA से नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन, शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ को विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आरोप है कि यह विज्ञापन विमल पान मसाला के लिए सरोगेट विज्ञापन के तौर पर काम करता है, जो राज्य में प्रतिबंधित उत्पाद है।</p>
<p>महाराष्ट्र FDA ने राज्य में तंबाकू और पान मसाला की बिक्री और प्रचार के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। अब ये तीनों अभिनेता भी नियामक की जांच के दायरे में आ गए हैं। अभिनेताओं से 15 दिनों के भीतर लिखित जवाब देने को कहा गया है</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/shahrukh-khan-ajay-devgan-and-tiger-shroff-get-notice-from/article-2739"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-08/pan-masala-cover.jpg" alt=""></a><br /><p>महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन, शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ को विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आरोप है कि यह विज्ञापन विमल पान मसाला के लिए सरोगेट विज्ञापन के तौर पर काम करता है, जो राज्य में प्रतिबंधित उत्पाद है।</p>
<p>महाराष्ट्र FDA ने राज्य में तंबाकू और पान मसाला की बिक्री और प्रचार के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। अब ये तीनों अभिनेता भी नियामक की जांच के दायरे में आ गए हैं। अभिनेताओं से 15 दिनों के भीतर लिखित जवाब देने को कहा गया है कि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। इस सप्ताह जारी किए गए नोटिस में देवगन, खान और श्रॉफ से विज्ञापन में उनकी भूमिका स्पष्ट करने को कहा गया है। FDA ने कहा कि यह विज्ञापन विमल पान मसाला ब्रांड के साथ जुड़ाव पैदा करता है और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत इसके अप्रत्यक्ष प्रचार के रूप में माना जा सकता है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/pan-masala-2.jpg" alt="Pan masala 2" width="1280" height="720"/>
economictimes.com

<p>नोटिस में कहा गया है, “उक्त विज्ञापन की जांच करने पर प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि यह विज्ञापन विमल ब्रांड का प्रचार करता है, जो मुख्य रूप से पान मसाला से जुड़ा हुआ है। पान मसाला के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर महाराष्ट्र राज्य में एक वर्ष की अवधि के लिए प्रतिबंध लगाया गया है। यह प्रतिबंध 13 जुलाई 2026 को महाराष्ट्र राज्य के खाद्य सुरक्षा आयुक्त द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30(2)(a) के तहत जारी निषेध आदेश में निर्दिष्ट तारीख से प्रभावी है।</p>
<p><strong>FDA ने सरोगेट विज्ञापन की जांच की</strong></p>
<p>FDA ने कहा कि यह पहली बार है जब उसने सरोगेट विज्ञापन की जांच शुरू की है। इस मामले में नियामक ने कहा कि विज्ञापन की प्रस्तुति, संवाद, उत्पाद का नाम और बाजार का संदर्भ इस बात को लेकर “गंभीर सवाल” खड़ा करते हैं कि क्या यह प्रतिबंधित तंबाकू से जुड़े उत्पाद का अप्रत्यक्ष या सरोगेट प्रचार है। तीनों अभिनेताओं ने विज्ञापन में ब्रांड के एंडोर्सर के रूप में हिस्सा लिया था।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/pan-masala-3.jpg" alt="Pan masala 3" width="1280" height="720"/>
siasat.com

<p>महाराष्ट्र में 2012 से तंबाकू या निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाला प्रतिबंधित है। आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में महाराष्ट्र FDA तंबाकू की बिक्री और प्रचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है। FDA तंबाकू या निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाला के खिलाफ भी कार्रवाई कर रहा है और पुलिस के साथ समन्वय कर ऐसे मामलों में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) लागू करने की दिशा में काम कर रहा है, जिनमें गुटखा, तंबाकू या निकोटीन युक्त पान मसाला और इसी तरह के प्रतिबंधित उत्पादों का कारोबार करने वाले संगठित नेटवर्क शामिल हैं।</p>
<p>नियामक ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 24 लागू की है, जो भ्रामक और धोखाधड़ी वाले खाद्य विज्ञापनों पर रोक लगाती है। FDA ने धारा 53 का भी हवाला दिया है, जिसके तहत भ्रामक खाद्य विज्ञापन के “प्रकाशन में भागीदार” किसी भी व्यक्ति पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। FDA ने एंडोर्समेंट कॉन्ट्रैक्ट की पूरी प्रतियां, कैंपेन ब्रीफ, पारिश्रमिक का विवरण और उचित जांच-पड़ताल किए जाने का प्रमाण मांगा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

                <link>https://hindi.khabarchhe.com/national/shahrukh-khan-ajay-devgan-and-tiger-shroff-get-notice-from/article-2739</link>
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                <pubDate>Sun, 16 Aug 2026 15:17:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>2021 में जिस भारतीय-अमेरिकी CEO ने ज़ूम कॉल पर निकाला 900 एम्प्लॉई को, उन्हें खुद उनके पद से हटा दिया गया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारतीय-अमेरिकी उद्यमी विशाल गर्ग, जो 2021 में क्रिसमस से ठीक पहले तीन मिनट की जूम कॉल में 900 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के बाद बेरहम कॉरपोरेट छंटनी के वैश्विक प्रतीक बन गए। उन्हें खुद बेटर होम एंड फाइनेंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद से हटा दिया गया है।</p>
<p>गर्ग को अगस्त की शुरुआत में पद से हटाया गया, जब हेज फंड मैनेजर डैनियल लुईस, जो इससे सिर्फ एक सप्ताह पहले ही बेटर के बोर्ड में शामिल हुए थे, अंतरिम CEO बन गए। बेटर के बोर्ड ने कहा कि गर्ग को छोड़कर अन्य सभी निदेशकों ने उन्हें पद से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/world/in-2002-the-indian-american-ceo-who-fired-900-employees-on/article-2738"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-08/cover-image.jpg" alt=""></a><br /><p>भारतीय-अमेरिकी उद्यमी विशाल गर्ग, जो 2021 में क्रिसमस से ठीक पहले तीन मिनट की जूम कॉल में 900 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के बाद बेरहम कॉरपोरेट छंटनी के वैश्विक प्रतीक बन गए। उन्हें खुद बेटर होम एंड फाइनेंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद से हटा दिया गया है।</p>
<p>गर्ग को अगस्त की शुरुआत में पद से हटाया गया, जब हेज फंड मैनेजर डैनियल लुईस, जो इससे सिर्फ एक सप्ताह पहले ही बेटर के बोर्ड में शामिल हुए थे, अंतरिम CEO बन गए। बेटर के बोर्ड ने कहा कि गर्ग को छोड़कर अन्य सभी निदेशकों ने उन्हें पद से हटाने के पक्ष में सर्वसम्मति से वोट दिया। इसके पीछे उनके “फैसले लेने की क्षमता, स्वभाव और विश्वसनीयता” को लेकर चिंताओं का हवाला दिया गया। कंपनी ने यह भी बताया कि 2022 से अब तक उसे 1.5 अरब डॉलर से अधिक का घाटा हुआ है और गर्ग के नेतृत्व के दौरान उसके शेयर की कीमत में 90% से ज्यादा की गिरावट आई है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/vishal-garg-3.jpg" alt="Vishal Garg 3" width="1280" height="720"/></p>
<p>गर्ग को पद से हटाया जाना उनके असाधारण कॉरपोरेट सफर में एक और बड़ा मोड़ है। उन्होंने पारंपरिक मॉर्गेज प्रक्रिया से परेशान होने के बाद बेटर  की स्थापना की थी। भारत में जन्मे और न्यूयॉर्क में पले-बढ़े गर्ग ने स्टुयवेसेंट हाई स्कूल और न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के स्टर्न स्कूल ऑफ बिजनेस से पढ़ाई की। इससे पहले उन्होंने ऑनलाइन छात्र ऋणदाता (MyRichUncle) की सह-स्थापना की थी और 2014 में बेटर की स्थापना की। लेकिन कर्मचारियों के साथ उनका व्यवहार ही ऐसा था, जिसने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम कर दिया। दिसंबर 2021 में गर्ग ने अचानक एक जूम कॉल पर 900 से अधिक कर्मचारियों को बताया कि उन्हें नौकरी से निकाला जा रहा है और उनकी नौकरी “तुरंत प्रभाव से” समाप्त कर दी गई है। </p>
<p>इसके बाद इस फैसले को लेकर मचे हंगामे के बीच उन्होंने कुछ समय के लिए छुट्टी ले ली और फिर CEO के रूप में वापस लौटे। पांच साल बाद गर्ग स्वीकार करते हैं कि उस घटना से बेटर की प्रतिष्ठा को बुरी तरह नुकसान पहुंचा। हालांकि, उनका कहना है कि उन्हें ऐसे समय में हटाया गया, जब कंपनी सुधार की राह पर लौटने वाली थी।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/vishal-gsrg-2.jpg" alt="Vishal gsrg 2" width="1280" height="720"/></p>
<p>CNN को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “हम जीत रहे हैं। हमने लोन की मात्रा तीन गुना कर दी है।"हम मुनाफे के करीब हैं” उन्होंने कारोबार को दोबारा खड़ा करने के बाद बेटर को 5 साल की लाइन” पर बताया। उन्होंने यह भी कहा कि लुईस ने उन्हें “धोखा दिया” और शिकायत करते हुए कहा, “उन्होंने कहा था कि उन्हें कंपनी की रणनीति पसंद है। उन्होंने X पर हमारी तारीफ की और इसका इस्तेमाल हमारे बोर्ड में शामिल होने और हमारा विश्वास जीतने के लिए किया।”</p>
<p>महामारी के दौरान रीफाइनेंसिंग के उछाल के समय कंपनी का मूल्य करीब 8 अरब डॉलर आंका गया था, लेकिन अब इसका बाजार मूल्य लगभग 30 करोड़ डॉलर रह गया है। सालाना बिक्री 2021 में 1.5 अरब डॉलर से घटकर 2023 में 7 करोड़ डॉलर रह गई। हालांकि, गर्ग का कहना है कि 2026 में कंपनी का राजस्व 20 करोड़ डॉलर तक पहुंचने की राह पर है। बेटर ने मॉर्गेज प्रक्रिया को ऑटोमेट करने के लिए AI पर तेजी से दांव लगाया है और होम-इक्विटी लेंडिंग के क्षेत्र में भी विस्तार किया है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/v-garg-4.jpg" alt="V Garg 4" width="739" height="415"/></p>
<p>गर्ग अपनी बर्खास्तगी को चुपचाप स्वीकार नहीं कर रहे हैं। उन्होंने CEO पद वापस पाने के लिए एक प्रतिष्ठित लॉ फर्म को नियुक्त किया है और बेटर के फिर से मुनाफे में आने तक सालाना 1 डॉलर में काम करने की पेशकश की है। उनका कहना है कि उन्हें विशेष मतदान अधिकार वाले शेयर रखने वाले शेयरधारकों का समर्थन प्राप्त है।</p>
<p>उन्होंने CNN से कहा, “यह स्वीकार करने की बात है कि मैं 10 साल से यह काम कर रहा हूं, लेकिन काम को अमल में लाना हमेशा बेहतर नहीं रहा।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे उम्मीद है कि यह मामला सुलझ जाएगा। मुझे लगता है कि बेटर का भविष्य अभी भी बहुत उज्ज्वल है।”</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 16 Aug 2026 14:00:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ऑटो निर्माताओं के संगठन के समक्ष मारुति, टाटा और महिंद्रा ने E20 पेट्रोल में खामियों को लेकर चिंता व्यक्त की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पूरी तरह सुरक्षित होने की केंद्र सरकार की सार्वजनिक गारंटी के कुछ समय बाद, भारत के प्रमुख ऑटोमोबाइल संगठन ने ईंधन में मिश्रण को लेकर सरकार को भेजा गया एक सप्ताह पुराना पत्र वापस ले लिया था। संगठन ने दावा किया था कि पत्र में दिए गए कुछ आंकड़ों की और जांच की जरूरत है।</p>
<p>हालांकि Reuters द्वारा समीक्षा किए गए उद्योग उपक्रमों के अधिकारियों के बीच निजी संवाद दर्शाते हैं कि, पत्र वापस लिए जाने से पहले के दिनों में देश की अग्रणी ऑटो कंपनियों - मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और महिंद्रा ने 20</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/maruti-tata-and-mahindra-expressed-concern-about-defects-in-e20/article-2737"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-08/2019.webp" alt=""></a><br /><p>देश में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पूरी तरह सुरक्षित होने की केंद्र सरकार की सार्वजनिक गारंटी के कुछ समय बाद, भारत के प्रमुख ऑटोमोबाइल संगठन ने ईंधन में मिश्रण को लेकर सरकार को भेजा गया एक सप्ताह पुराना पत्र वापस ले लिया था। संगठन ने दावा किया था कि पत्र में दिए गए कुछ आंकड़ों की और जांच की जरूरत है।</p>
<p>हालांकि Reuters द्वारा समीक्षा किए गए उद्योग उपक्रमों के अधिकारियों के बीच निजी संवाद दर्शाते हैं कि, पत्र वापस लिए जाने से पहले के दिनों में देश की अग्रणी ऑटो कंपनियों - मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और महिंद्रा ने 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) में गैर-जिम्मेदाराना मिश्रण और खामियों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की थी।</p>
<p> सरकार ने प्रदूषण कम करने और कच्चे तेल के आयात को कम करने के लिए पिछले साल से देशभर में E20 लागू करना शुरू किया है। इसके बाद यह ऑटोमोबाइल उद्योग द्वारा किया गया अब तक का सबसे व्यापक फ्यूल टेस्टिंग था। 1 अप्रैल से देश में कोई दूसरा साधारण पेट्रोल उपलब्ध नहीं होने के कारण, वाहनों के परफॉर्मेंस पर इसका क्या असर पड़ेगा, इसे लेकर ग्राहकों की चिंताएं बढ़ गई हैं।</p>
<p>कार निर्माताओं द्वारा भेजे गए ईमेल से पहली बार खुलासा हुआ है कि, वे सार्वजनिक तौर पर सरकार के E20 ईंधन के कार्यान्वयन का समर्थन करते हुए भी, निजी तौर पर E20 में क्लोराइड और नमी जैसे तत्वों की मौजूदगी से वाहनों को होने वाले नुकसान को लेकर बेहद चिंतित हैं।</p>
<p>सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) ने ईंधन में संदूषण को लेकर अपना 28 जुलाई का पत्र सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र में उठे विवाद के बाद वापस ले लिया था, और कहा था कि कुछ आंकड़ों के प्रमाणीकरण की जरूरत है।</p>
<p>लेकिन, पहले सामने न आए उद्योग के डेटा और ईमेल दर्शाते हैं कि कई ऑटो निर्माताओं ने एक साल के दौरान भारत के 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में से 21 राज्यों के पेट्रोल पंपों से 250 से अधिक ईंधन के सैंपल इकट्ठा करके व्यापक परीक्षण किया था। उन्होंने 18 राज्यों के सैंपल में क्लोराइड की उच्च मात्रा और नमी का स्तर अधिक पाया था। अधिकारियों के ईमेल में डेटा की सत्यता को लेकर कोई आशंका व्यक्त नहीं की गई थी।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/1818.webp" alt="1818" width="1280" height="720"/>
zeenews.india.com

<p>इन निजी ईमेल्स के बारे में पूछे जाने पर SIAM ने रॉयटर्स को बताया कि, यह डेटा केवल आंतरिक उपयोग, चर्चा और सत्यापन के लिए था और ये सैंपल बहुत कम ऑटो निर्माता कंपनियों द्वारा एकत्र किए गए थे। उल्लेखनीय है कि, इस ईमेल चर्चा का हिस्सा बनी मारुति, टाटा और महिंद्रा की भारतीय कार बाजार में 67% हिस्सेदारी है।</p>
<p>SIAM ने जोड़ा कि परीक्षण का आधार और सैंपल साइज किसी निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए अपर्याप्त था, इसलिए गलती से भेजे गए संवाद को वापस ले लिया गया था। संगठन ने अब इस संबंध में उचित वैज्ञानिक अध्ययन करने का इरादा व्यक्त किया है।</p>
<p>पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को कहा कि SIAM का पत्र मिलने से दो सप्ताह पहले ही देश की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल पंपों पर ईंधन की गुणवत्ता जांचने के लिए कड़ी जांच शुरू कर दी थी। उन्होंने जोड़ा कि केवल 4 मामलों में ही खामियां मिली थीं। सरकारी तेल कंपनियों ने भी पिछले सप्ताह कहा था कि व्यापक जांच में चिंता करने का कोई कारण नहीं मिला है।</p>
<p>दूसरी ओर, महिंद्रा ने स्पष्ट किया है कि उसके अधिकारी के ईमेल के आधार पर निकाले गए निष्कर्ष पूरी तरह निराधार और गलत हैं, और यह डेटा सीमित तथा प्रारंभिक था। कंपनी को E20 से कोई समस्या नजर नहीं आती। मारुति और टाटा ने कोई टिप्पणी नहीं की थी।</p>
<p>E20 ईंधन के कारण वाहन चालकों में भी असंतोष है। सैकड़ों वाहन चालकों का आरोप है कि इस ईंधन से वाहन का माइलेज घट गया है और इंजन में घिसाव बढ़ गया है। यह मुद्दा अदालत तक भी पहुंच चुका है। SIAM ने पहले बताया था कि क्लोराइड की उच्च मात्रा ऑटो पार्ट्स में जंग लगाती है, जबकि ईंधन में नमी का उच्च स्तर वाहन में पेट्रोल भरवाने के बाद उसे तुरंत बंद कर सकता है।</p>
<p>मारुति, टाटा, महिंद्रा और SIAM के बीच हुई ईमेल बातचीत में मारुति के वरिष्ठ अधिकारी अनूप भट्ट ने क्लोराइड की उच्च मात्रा को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि 26 जुलाई को पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ निजी तौर पर इस पर चर्चा की गई थी।</p>
<p>समूह ईमेल में साझा किए गए राज्यवार आंकड़े दर्शाते हैं कि:</p>
<p><strong> राजस्थान</strong>: क्लोराइड की मात्रा 6 से 570 ppm (पार्ट्स पर मिलियन) दर्ज की गई।<br /><strong> नई दिल्ली:</strong> 1.4 से 420 ppm दर्ज की गई।<br /><strong> महाराष्ट्र: </strong>10 से 357 ppm दर्ज की गई।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/1818-(1).webp" alt="1818 (1)" width="1280" height="720"/>
zeenews.india.com

<p>जबकि भारत सरकार के नियम के अनुसार इसकी स्वीकार्य सीमा केवल 3 ppm है। इस डेटा टेबल में नमी का स्तर आंध्र प्रदेश में 13000 ppm और उत्तर प्रदेश में 12500 ppm तक पहुंचा हुआ देखा गया था, जबकि सरकारी मानक के अनुसार इसकी सीमा 3000 ppm की है।</p>
<p>ईंधन के दूषित होने का सटीक कारण ज्ञात नहीं हो सका है, लेकिन SIAM ने अपने वापस लिए गए पत्र में दर्ज किया था कि E20 के कार्यान्वयन के बाद क्लोराइड की मात्रा बढ़ी है और तेल कंपनियों को इसका मुख्य कारण खोजने का निर्देश देने के लिए सरकार से अनुरोध किया था। नमी के स्तर के लिए पेट्रोल पंप पर मौजूद अंडरग्राउंड स्टोरेज टैंक और पाइपलाइन के उचित रखरखाव की कमी जिम्मेदार हो सकती है।</p>
<p>मारुति के अधिकारी अनूप भट्ट ने २६ जुलाई के ईमेल में लिखा था कि, मौजूदा फ्यूल इंजेक्टर (जो इंजन तक ईंधन पहुंचाते हैं) केवल 1 ppm क्लोराइड ही सहन कर सकते हैं। E20 में 1 ppm से कम मात्रा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार है और मंत्रालय के साथ हुई चर्चा के अनुसार भी है।</p>
<p>महिंद्रा के फ्लूइड टेक्नोलॉजी के सीनियर प्रिंसिपल इंजीनियर आर. रामप्रभु ने ईमेल में बताया था कि, 'ऑर्गेनिक क्लोराइड' ऐसा तत्व है जो वाहनों को बहुत तेजी से नुकसान पहुंचा रहा है और यह केवल 200 किलोमीटर के भीतर इंजन खराब कर सकता है।</p>
<p>उन्होंने लिखा था कि, पेट्रोल भरवाने के तुरंत बाद सामने आने वाले अधिकांश मामले ऑर्गेनिक क्लोराइड के कारण हैं, और महिंद्रा के पास पेट्रोल पंप से लिए गए ईंधन के सैंपल के मजबूत सबूत हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://hindi.khabarchhe.com/maruti-tata-and-mahindra-expressed-concern-about-defects-in-e20/article-2737</link>
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                <pubDate>Sat, 15 Aug 2026 12:30:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मथुरा : कांवड़ यात्रा लेकर भगवान शिव से मांगी थी मन्नत, फिर DM ने 4 बच्चों की जिंदगी बदल दी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कांवड़ यात्रा के दौरान चार बच्चों ने भगवान भोलेनाथ से उनकी स्कूल फीस माफ होने के लिए मन्नत मांगी थी। उनकी इच्छा की बात सोशल मीडिया पर पहुंची तो, मथुरा के जिला मजिस्ट्रेट (DM) शैलेन्द्र कुमार सिंह ने इस मामले का संज्ञान लिया। इसके बाद परिवार को कलेक्टर कार्यालय बुलाया गया। उनकी स्कूल फीस माफ करने के अलावा, चार बच्चों को स्कूल यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते, मोजे और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई गई। छाता के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) ने चार बच्चों को गोद लेकर उनकी पूरी देखभाल की जिम्मेदारी ली है।</p>
<p>मथुरा के कोसीकलां के निवासी भरत सिंह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B5%E0%A4%A1%E0%A4%BC-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A4%97%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%B5-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%A5%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%A4--%E0%A4%AB%E0%A4%BF%E0%A4%B0-dm-%E0%A4%A8%E0%A5%87-4-%E0%A4%AC%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%A6%E0%A4%B2-%E0%A4%A6%E0%A5%80/article-2732"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-08/dm.webp" alt=""></a><br /><p>कांवड़ यात्रा के दौरान चार बच्चों ने भगवान भोलेनाथ से उनकी स्कूल फीस माफ होने के लिए मन्नत मांगी थी। उनकी इच्छा की बात सोशल मीडिया पर पहुंची तो, मथुरा के जिला मजिस्ट्रेट (DM) शैलेन्द्र कुमार सिंह ने इस मामले का संज्ञान लिया। इसके बाद परिवार को कलेक्टर कार्यालय बुलाया गया। उनकी स्कूल फीस माफ करने के अलावा, चार बच्चों को स्कूल यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते, मोजे और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई गई। छाता के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) ने चार बच्चों को गोद लेकर उनकी पूरी देखभाल की जिम्मेदारी ली है।</p>
<p>मथुरा के कोसीकलां के निवासी भरत सिंह के चार बच्चों की शिक्षा आर्थिक कठिनाइयों के कारण प्रभावित हो रही थी। परिवार की स्थिति को ध्यान में रखते हुए, बच्चों ने कांवड़ यात्रा के दौरान भगवान शिव से उनकी स्कूल फीस माफ करने के लिए प्रार्थना की। इन मासूमों की इच्छा से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसने प्रशासन का ध्यान तेजी से खींचा था। वीडियो देखने के बाद, मथुरा जिला मजिस्ट्रेट शैलेन्द्र कुमार सिंह ने इस मामले का संज्ञान लिया।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/dm2.webp" alt="dm2" width="1280" height="720"/>
freepressjournal.in

<p>प्रशासन ने परिवार की स्थिति के बारे में पूछताछ की और भरत सिंह के चार बच्चों को कलेक्टर कार्यालय बुलाया। कोसीकलां के बाठेन गेट के पास बैंक कॉलोनी के निवासी बच्चों को प्रशासन द्वारा आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई गई। प्रत्येक बच्चे को दो-दो स्कूल यूनिफॉर्म मिलीं। इसके अलावा, उन्हें स्कूल बैग, किताबों के सेट, पेंसिल बॉक्स, टिफिन बॉक्स, जूते और मोजे दिए गए। यह सहायता ऐसे महत्वपूर्ण समय में आई जब परिवार शैक्षणिक खर्चों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहा था। यह आवश्यक सामग्री मिलने से परिवार को राहत मिलेगी, जिससे बच्चे अपनी शिक्षा जारी रख सकेंगे।</p>
<p>प्रशासन की पहल का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बच्चों की स्कूल फीस का है; प्रशासन के अनुसार चारों बच्चों की स्कूल फीस माफ कर दी गई है। यानी, कांवड़ यात्रा के दौरान भगवान भोलेनाथ से फीस माफी के लिए प्रार्थना करने वाले बच्चों की अपील सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन तक पहुंची, जिसके परिणामस्वरूप उनकी शिक्षा को लेकर बड़ी वित्तीय राहत मिली। फीस माफ होने से परिवार पर बच्चों की शिक्षा का आर्थिक बोझ कम होगा। प्रशासन ने परिवार को यह आश्वासन भी दिया है कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण बच्चों की शिक्षा में कोई बाधा नहीं आएगी।</p>
<p>इस मामले में प्रशासन द्वारा एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। छाता के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) ने चारों बच्चों को गोद लिया है। प्रशासन के अनुसार, SDM द्वारा बच्चों की पूरी देखरेख की जाएगी, इससे बच्चों की शिक्षा और जरूरतों पर लगातार नजर रखी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों को आवश्यक शैक्षणिक सुविधाएं मिलें और परिवार की आर्थिक स्थिति उनकी पढ़ाई में बाधा न बने।</p>
<p>भरत सिंह का परिवार पहले से ही सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहा है; वह प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) का लाभार्थी है। इसके अलावा भरत सिंह और उनकी पत्नी सुनीता दोनों नियमित रूप से दिव्यांगता पेंशन योजना के तहत लाभ प्राप्त करते हैं। अब, बच्चों की शिक्षा के लिए प्रशासन द्वारा अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराई गई है। स्कूल फीस माफी और आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने से परिवार को वित्तीय राहत मिली है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/dm1.webp" alt="dm1" width="1200" height="675"/>
aajtak.in

<p>इस पूरे मामले में सोशल मीडिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। बच्चों की फीस से जुड़ी परेशानी और उनकी भोलेनाथ से की गई प्रार्थना का वीडियो 'X' (पहले ट्विटर) पर वायरल हुआ था। जब प्रशासन को इस संदेश की जानकारी हुई, तो जिला मजिस्ट्रेट शैलेन्द्र कुमार सिंह ने इस मुद्दे पर ध्यान दिया था। इसके बाद, परिवार को बुलाया गया, और बच्चों की जरूरतों के बारे में विवरण एकत्रित किया गया। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद बच्चों को आवश्यक स्कूल सामग्री उपलब्ध कराई गई, और उनकी फीस माफ करने की व्यवस्था की गई।</p>
<p>जिला प्रशासन ने बताया है कि, मुख्यमंत्री के विजन के अनुसार, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इन चार बच्चों की शिक्षा को लेकर प्रशासन द्वारा की गई पहल को उसी दिशा में एक कदम के रूप में देखा जा रहा है। परिवार को पहले से मिल रही सरकारी योजनाओं के लाभों के अलावा, अब बच्चों की शिक्षा के लिए भी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 22:28:01 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>क्या है NALSAR विवाद जिसे लेकर बार काउंसिल पर भड़के CJI, कहा- यह मेरे और छात्रों के बीच की बात है आप...</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश की सबसे प्रतिष्ठित कानून संस्थाओं में से एक, हैदराबाद की NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के छात्रों को सुप्रीम कोर्ट की ओर से बहुत बड़ी राहत मिली है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने NALSAR के 2026 ग्रेजुएट बैच के छात्रों का पंजीकरण स्थगित करने के बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है।</p>
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<p>सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में BCI को नोटिस भेजा था और स्पष्ट रूप से निर्देश दिया था कि छात्रों के खिलाफ कोई दंडात्मक या अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। सुनवाई के दौरान, CJI जस्टिस सूर्यकांत ने बार काउंसिल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/what-is-the-nalsar-controversy-regarding-which-cji-got-angry/article-2735"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-08/cji-surya-kant2.webp" alt=""></a><br /><p>देश की सबसे प्रतिष्ठित कानून संस्थाओं में से एक, हैदराबाद की NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के छात्रों को सुप्रीम कोर्ट की ओर से बहुत बड़ी राहत मिली है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने NALSAR के 2026 ग्रेजुएट बैच के छात्रों का पंजीकरण स्थगित करने के बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है।</p>
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x.com

<p>सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में BCI को नोटिस भेजा था और स्पष्ट रूप से निर्देश दिया था कि छात्रों के खिलाफ कोई दंडात्मक या अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। सुनवाई के दौरान, CJI जस्टिस सूर्यकांत ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के रुख को पूरी तरह अनावश्यक और अनुचित बताया था। CJI जस्टिस सूर्यकांत ने कहा था कि, छात्रों को शांतिपूर्ण तरीके से अपने विचार व्यक्त करने और अपना विरोध दर्ज कराने का पूरा अधिकार है। छात्रों ने मुझे पत्र लिखा था। यह उनके और मेरे बीच का संवाद है। इस मामले में BCI का अनावश्यक हस्तक्षेप पूरी तरह बेतुका और अनावश्यक है।</p>
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lawbeat.in

<p>CJI ने बताया कि, वे खुद भी अपने छात्र जीवन के दौरान छात्र गतिविधियों और आंदोलनों में सक्रिय रूप से शामिल थे। जब युवा शांतिपूर्वक अपनी आवाज उठा रहे हों, तो उन्हें अपने विचार व्यक्त करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। BCI को हस्तक्षेप करने की कोई जरूरत नहीं है। हम छात्रों के साथ खड़े हैं।</p>
<p>यहां आपको बता दें कि, NALSAR के छात्र 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्र विरोध और पुलिस कार्रवाई के मामले में सुनवाई के दौरान CJI की कुछ मौखिक टिप्पणियों से असहमत थे। इन छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि CJI को दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित न किया जाए। इस विरोध के बाद, BCI के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा के नेतृत्व में BCI ने सभी राज्यों की बार काउंसिलों को 2026 बैच के NALSAR के छात्रों के लिए पंजीकरण अस्थायी रूप से स्थगित करने का निर्देश दिया। हालांकि, बढ़ते दबाव के कारण, BCI को बाद में यह आदेश वापस लेना पड़ा।</p>
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m.rediff.com

<p>इस पूरी घटना में, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास और संस्थापक अभिजीत दीपक ने BCI के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा पर तीखे हमले किए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सौरव दास ने BCI के शुरुआती आदेश को तानाशाहीपूर्ण बताया था, जिसमें कहा गया था कि, छात्रों को असहमति व्यक्त करने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उपयोग करने के लिए सजा नहीं दी जा सकती। उन्होंने BCI के बजट खर्च और कामकाज पर सवाल उठाया था, मिश्रा के फैसले को युवाओं के भविष्य के लिए खतरा बताया था। CJI के आज के दृढ़ रुख के बाद, CJP ने इसे देश के युवाओं और कानून के छात्रों के लिए एक बड़ी जीत बताया है।</p>
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yahind.com

<p>सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट संदेश दिया है कि, शैक्षणिक संस्थानों में मतभेद और संवाद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, और इसे अनुशासनहीनता नहीं माना जा सकता और उनके करियर को बर्बाद करने की धमकी नहीं दी जा सकती। यह फैसला BCI जैसी नियामक संस्थाओं को अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करने और छात्रों को धमकाने से रोकने के लिए एक मिसाल कायम करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 18:09:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘संपत्ति में हमारा हिस्सा दे दो, नहीं तो निपटा देंगे’, दादा-दादी की संपत्ति हड़पने के लिए बहू-पोतियों ने हद पार कर दी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जब माता-पिता अपने बेटे की शादी करते हैं तो ऐसी उम्मीद होती है कि बुढ़ापे में, जब हाथ-पैर काम करना बंद कर दें तब वे और उनके बच्चे हमारा सहारा बनें। लेकिन क्या हो जब वही बहू और उनके बच्चे दादा-दादी की संपत्ति हड़पने के लिए उन्हें परेशान करने लगें। परेशान भी इतना करें कि गाली-गलौज करें और निपटा देने तक की धमकी दे दें? राजकोट में भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है।  </p>
<p>बेटे की कैंसर से मौत होने पर बुजुर्ग सास-ससुर का ध्यान रखने की जगह बहू और दो पोतियों ने परेशान करने में हद पार कर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/%E2%80%98give-us-our-share-in-the-property-otherwise-we-will/article-2736"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-08/rajkot2.webp" alt=""></a><br /><p>जब माता-पिता अपने बेटे की शादी करते हैं तो ऐसी उम्मीद होती है कि बुढ़ापे में, जब हाथ-पैर काम करना बंद कर दें तब वे और उनके बच्चे हमारा सहारा बनें। लेकिन क्या हो जब वही बहू और उनके बच्चे दादा-दादी की संपत्ति हड़पने के लिए उन्हें परेशान करने लगें। परेशान भी इतना करें कि गाली-गलौज करें और निपटा देने तक की धमकी दे दें? राजकोट में भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है।  </p>
<p>बेटे की कैंसर से मौत होने पर बुजुर्ग सास-ससुर का ध्यान रखने की जगह बहू और दो पोतियों ने परेशान करने में हद पार कर दी होने का वृद्ध दंपती का आरोप है। वृद्ध दंपती की संतान में दो बेटे और एक बेटी है। बड़े बेटे संजय का 2024 में निधन हो गया था। दो मंजिला मकान में नीचे दंपती रहते हैं। ऊपर की मंजिल पर बहू किन्नरीबेन दोनों बेटियों के साथ रहती हैं तो दूसरे कमरे में छोटा बेटा रवि परिवार के साथ रहता है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/rajkot.webp" alt="rajkot" width="1280" height="720"/>
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<p>न्यू कॉलेजवाड़ी मेन रोड पर रहने वाली 74 वर्षीय पुष्पाबेन प्रवीणचंद्र जोशी ने राजकोट तालुका पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है कि बहू किन्नरीबेन और दो पोतियां संपत्ति अपने नाम करवाने के लिए अक्सर झगड़ा करती हैं, गाली-गलौज करती हैं, जान से मारने की धमकी देती हैं।</p>
<p>20 जुलाई को सुबह घर पर थे तब किन्नरीबेन और उसकी दोनों बेटियों ने कहा कि, संपत्ति में हमारा हिस्सा दे दो, नहीं तो किसी तरह घर में दुर्घटना करके मार डालेंगे। यह बात सुनकर उन्हें शांति बनाए रखने की सलाह दी थी। इसके बावजूद वे उन्हें और पति को नहीं बोलने जैसी बातें बोलने लगी थीं। समझाने के प्रयास के बावजूद झगड़ा जारी रखा था इतना ही नहीं उन्हें और पति को गाली दी थी और धमकी देते हुए कहा कि, आप हमारे नाम पर संपत्ति नहीं करेंगे तो हम तीनों आपको मार डालेंगे।</p>
<p>पुष्पाबेन ने यह भी आरोप लगाया है कि, बहू किन्नरीबेन की दोनों पोतियां उनकी और पति की गैरमौजूदगी में उनके बेडरूम में आकर तलाशी लेती हैं। कई बार दोनों के मौजूद होने पर भी संपत्ति अपने नाम करवाने का दबाव डालकर झगड़ा करती हैं। वे घर से बाहर जाते हैं तब मुख्य दरवाजे खुले रखते हैं, जिसके कारण अनजान लोग घर में घुस जाते हैं।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/rajkot4.webp" alt="rajkot4" width="1280" height="720"/>
divyabhaskar.co.in

<p>इसके अलावा यह भी आरोप लगाया है कि पति झूले पर बैठे हों तब पोती उनके बगल में बैठकर झूले की स्पीड अचानक बढ़ाकर उन्हें झूले से गिराने का प्रयास करती है। रसोई में कई बार पानी या तेल गिरा देती हैं, जिससे उनके और पति के पैर फिसल जाएं और दुर्घटना हो। पिछले 2 वर्षों में लोक अदालत के साथ-साथ सुरक्षा के लिए कलेक्टर के पास भी शिकायत की है। हमारी एक ही मांग है कि उन्हें फिलहाल इस घर से कहीं और भेज दिया जाए। हम आगे चलकर भविष्य में हिस्सा देंगे, हिस्सा देने से इनकार नहीं है लेकिन हमें इस तरह परेशान किए जाने से हम तंग आकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 16:24:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सोनम वांगचुक ने ऐसा क्यों कहा- 2047 तक विकसित भारत का सपना मौजूदा व्यवस्था में मुश्किल, उन्होंने किन अहम बदलावों की बात की…</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> एक्टिविस्ट और शिक्षा सुधार के मुद्दों पर लगातार आवाज उठाने वाले सोनम वांगचुक ने भारत के विकास को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि अगर देश में मौजूदा व्यवस्था इसी तरह चलती रही तो 2047 तक भारत के विकसित देश बनने का लक्ष्य पूरा करना मुश्किल होगा। वांगचुक ने भारत की प्रति व्यक्ति आय को चिंता का विषय बताते हुए कहा कि कई ऐसे देश, जो कभी भारत से पीछे या बराबरी पर थे, आज उससे काफी आगे निकल चुके हैं।<br />दरअसल, सोनम वांगचुक ने एक वीडियो जारी किया है। इसमें उन्होंने देश की मौजूद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/politics/why-did-sonam-wangchuk-say-this-%E2%80%93-the-dream-of/article-2734"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-08/112.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> एक्टिविस्ट और शिक्षा सुधार के मुद्दों पर लगातार आवाज उठाने वाले सोनम वांगचुक ने भारत के विकास को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि अगर देश में मौजूदा व्यवस्था इसी तरह चलती रही तो 2047 तक भारत के विकसित देश बनने का लक्ष्य पूरा करना मुश्किल होगा। वांगचुक ने भारत की प्रति व्यक्ति आय को चिंता का विषय बताते हुए कहा कि कई ऐसे देश, जो कभी भारत से पीछे या बराबरी पर थे, आज उससे काफी आगे निकल चुके हैं।<br />दरअसल, सोनम वांगचुक ने एक वीडियो जारी किया है। इसमें उन्होंने देश की मौजूद व्यवस्था और कुछ अहम सुधारों के बारे में बताया है। वांगचुक ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। इसी दौरान उन्होंने देश, उसकी व्यवस्था और भविष्य को लेकर काफी विचार किया। इसके बाद उन्होंने लोगों के सामने अपनी चिंताएं और कुछ सुझाव रखे। उनका जोर केवल सरकार बदलने पर नहीं, बल्कि शिक्षा, राजनीतिक नेतृत्व और व्यवस्था में व्यापक बदलाव पर रहा।</p>
<p><strong>भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती शिक्षा</strong></p>
<p>वांगचुक के मुताबिक देश की प्रगति का सीधा संबंध उसकी शिक्षा व्यवस्था से है। जब तक शिक्षा का स्तर नहीं सुधरेगा, तब तक आर्थिक और सामाजिक विकास को स्थायी गति देना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि देश में ऐसी ठोस शिक्षा नीति और व्यवस्था की जरूरत है, जो बच्चों और युवाओं को बेहतर भविष्य दे सके।<br />उन्होंने शिक्षा को केवल डिग्री या रोजगार तक सीमित करने के बजाय देश की सामर्थ्य बढ़ाने का आधार बताया। उनका कहना है कि अच्छे शिक्षक, बेहतर शिक्षा व्यवस्था और दूरदर्शी नीति ही आने वाली पीढ़ी को मजबूत बना सकती है। शिक्षा पीछे रहेगी तो देश का भविष्य भी पीछे रह जाएगा। वांगचुक ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद भी नए नेतृत्व से बड़े बदलाव की उम्मीद को लेकर सवाल उठाया। उनका संकेत था कि केवल मंत्री या सरकार बदलने से समस्या का समाधान नहीं होगा, जब तक शिक्षा व्यवस्था की बुनियादी खामियों को दूर नहीं किया जाता।</p>
<p><strong>पड़ोसी देशों का उदाहरण देकर जताई चिंता</strong></p>
<p>वांगचुक ने भारत की प्रति व्यक्ति आय का जिक्र करते हुए कहा कि करीब 50 साल पहले भारत से पीछे या बराबर रहने वाले कई पड़ोसी और एशियाई देश अब काफी आगे निकल चुके हैं। उन्होंने थाईलैंड, मलेशिया, इंडोनेशिया, श्रीलंका और बांग्लादेश का उदाहरण दिया। उनका कहना है कि अगर भारत को 2047 तक दुनिया में सम्मानित और विकसित देश के रूप में स्थापित होना है तो केवल आर्थिक आंकड़ों पर ध्यान देने से काम नहीं चलेगा। देश की शिक्षा, शासन व्यवस्था और नेतृत्व के तरीके में बड़े बदलाव करने होंगे।</p>
<p><strong>भ्रष्टाचार अब नए रूप में पैर पसार रहा है</strong></p>
<p>वांगचुक ने देश की शासन व्यवस्था की समस्याओं को किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित करने से भी इनकार किया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग पार्टियों की सरकारों के दौरान भी विरोध की आवाजों को दबाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। उन्होंने 2012-13 के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि उस आंदोलन के बाद राजनीतिक बदलाव जरूर आया, लेकिन सरकार बदलने के बावजूद भ्रष्टाचार और अन्याय पूरी तरह खत्म नहीं हुए। उनके मुताबिक समय के साथ ये समस्याएं खत्म होने के बजाय नए रूप में और गंभीर होती गईं। इसलिए उन्होंने राजनीतिक बदलाव से आगे बढ़कर व्यवस्था में बदलाव की जरूरत बताई।</p>
<p><strong>‘दूसरा स्वतंत्रता आंदोलन’ शुरू करने की अपील</strong></p>
<p>वांगचुक ने देशवासियों से दूसरे स्वतंत्रता आंदोलन की दिशा में सोचने की अपील की। उनके लिए इसका मतलब किसी हिंसक संघर्ष से नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से देश के लिए बेहतर नेतृत्व और व्यवस्था तैयार करना है। उन्होंने कहा कि भारत को ऐसी शांतिपूर्ण क्रांति की जरूरत है, जिसके जरिए देश के लिए सही नेतृत्व सामने आए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल राजनीतिक दलों या स्थापित चेहरों पर निर्भर रहने के बजाय अपने आसपास ऐसे लोगों की पहचान करें, जो निस्वार्थ, निडर, चरित्रवान और सक्षम हों। वांगचुक ने देशभर के लोगों से अपने क्षेत्र और देश से कम से कम एक ऐसे व्यक्ति का नाम सुझाने को कहा है। उन्होंने कहा कि इन लोगों के नाम उनके लिए स्वतंत्रता दिवस का तोहफा होंगे। वह ऐसे लोगों से मिलना चाहते हैं, जो देश के भविष्य का नया नक्शा तैयार करने में योगदान दे सकें।</p>
<p><strong>बदलाव की शुरुआत आम लोगों से करने की बात</strong></p>
<p>वांगचुक का संदेश केवल सरकार या नेताओं के लिए नहीं था। उन्होंने नागरिकों से भी अपनी भूमिका तय करने की अपील की। उनका कहना है कि अगर देश के लोग अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर काम करने का फैसला करें तो बदलाव संभव है। उन्होंने अच्छे शिक्षकों, नेताओं और विचारकों को आगे लाने की जरूरत बताई। उनके मुताबिक देश में प्रतिभा और ईमानदार लोग मौजूद हैं, लेकिन जरूरत उन्हें पहचानने और नेतृत्व की भूमिका तक पहुंचाने की है।</p>
<p><strong>नीट पेपर लीक को लेकर आंदोलन कर चुके हैं सोनम वांगचुक</strong></p>
<p>इससे पहले शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली के मुद्दे पर उनके आंदोलन ने भी इसी सोच को सामने रखा था। 28 जून को उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। यह कदम NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों के समर्थन में उठाया गया था। लंबी भूख हड़ताल के दौरान तबीयत बिगड़ने पर 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। बाद में उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। सरकार से आश्वासन मिलने के बाद 24 जुलाई को उन्होंने 26 दिन का अनशन खत्म किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 13:45:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सैटेलाइट तस्वीरों में बारिश के बादलों से घिरा भारत: मानसून फिर जम गया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश में मानसून फिर एक बार जोर पकड़ता हुआ लग रहा है। सैटेलाइट द्वारा ली गई नई तस्वीरों में देश के विशाल हिस्सों पर बादलों की घनी पट्टियां फैली हुई दिखाई दे रही हैं। बंगाल की खाड़ी में बनी नई लो-प्रेशर सिस्टम ने पूर्व और मध्य भारत के मौसम को प्रभावित करना शुरू कर दिया है।</p>
<p>13 अगस्त के रोज EUMETSAT और ISRO के INSAT-3D/3DR सैटेलाइट्स से मिली तस्वीरों के अनुसार, अरब सागर से लेकर मध्य भारत, गंगा के मैदानी इलाकों और उत्तर-पूर्व भारत तक बादलों की विशाल चादर फैली हुई स्पष्ट दिखाई दे रही है। सबसे अधिक घने बादल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/india-surrounded-by-rain-clouds-in-satellite-images-monsoon-freezes/article-2731"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-08/0115.webp" alt=""></a><br /><p>देश में मानसून फिर एक बार जोर पकड़ता हुआ लग रहा है। सैटेलाइट द्वारा ली गई नई तस्वीरों में देश के विशाल हिस्सों पर बादलों की घनी पट्टियां फैली हुई दिखाई दे रही हैं। बंगाल की खाड़ी में बनी नई लो-प्रेशर सिस्टम ने पूर्व और मध्य भारत के मौसम को प्रभावित करना शुरू कर दिया है।</p>
<p>13 अगस्त के रोज EUMETSAT और ISRO के INSAT-3D/3DR सैटेलाइट्स से मिली तस्वीरों के अनुसार, अरब सागर से लेकर मध्य भारत, गंगा के मैदानी इलाकों और उत्तर-पूर्व भारत तक बादलों की विशाल चादर फैली हुई स्पष्ट दिखाई दे रही है। सबसे अधिक घने बादल उत्तरी बंगाल की खाड़ी, पूर्वी भारत, बांग्लादेश और आसपास के इलाकों पर केंद्रित हैं, जहां नई बनी लो-प्रेशर सिस्टम जमीन की ओर नमी खींच रही है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/0217.webp" alt="0217" width="1280" height="720"/></p>
<p>भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश के तट पर उत्तर बंगाल की खाड़ी के ऊपर लो-प्रेशर क्षेत्र बना है। इस सिस्टम के आगे बढ़कर जमीन पर प्रवेश करने और अगले कुछ दिनों तक ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों में व्यापक बारिश बनाए रखने की संभावना है। सैटेलाइट इमेज में पूर्वी भारत के ऊपर ठंडे शीर्ष वाले घने बारिश के बादल  दिखाई दे रहे हैं, जो गरज के साथ भारी बारिश होने का स्पष्ट संकेत है।</p>
<p>उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और उत्तर-पूर्व के कुछ हिस्सों पर भी बादलों के बड़े समूह दिखाई दे रहे हैं, जो दर्शाते हैं कि पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में 'मानसून ट्रफ' अभी भी सक्रिय है। इस नई सिस्टम के मानसून की हवाओं के साथ मिलने से मौसम अधिकारियों ने कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है। पूर्व और मध्य भारत के कुछ इलाकों में मूसलाधार बारिश हो सकती है, जिससे स्थानीय स्तर पर बाढ़ और जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/0315.webp" alt="0315" width="1280" height="720"/></p>
<p>बंगाल की खाड़ी में बनी यह नई सिस्टम मानसून के सीजन के लिए बेहद महत्वपूर्ण समय पर आई है। अगस्त महीने में देश के अलग-अलग हिस्सों में असमान बारिश दर्ज की गई है। मौसम विज्ञानी अब इस बात पर बारीकी से नजर रख रहे हैं कि क्या एक के बाद एक आने वाली ये लो-प्रेशर सिस्टम्स सक्रिय हो रहे  El Nino के प्रभाव को कम कर पाएंगी या नहीं। फिलहाल तो, अंतरिक्ष से मिले दृश्य यही संकेत देते हैं कि मानसून का इंजन पूरी तरह धधक रहा है।</p>
<p>भारत के अधिकांश इलाकों में छाए घने बादलों और जमीन की ओर आगे बढ़ रही नई बारिश की सिस्टम के कारण, अगस्त के दूसरे पखवाड़े में देश के पूर्व, मध्य और उत्तर भागों में बारिश में उल्लेखनीय वृद्धि होने की पूरी संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 12:19:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>NEET छात्र ने कोर्ट से कहा, मेरा जवाब सही, मेरे 695 के बजाय 700 अंक होने चाहिए; जानिए कोर्ट ने क्या फैसला दिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दिल्ली हाईकोर्ट ने NEET UG 2026 के लिए अंतिम उत्तर कुंजी को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि, जब तक किसी प्रश्न का उत्तर स्पष्ट रूप से गलत साबित न हो जाए, तब तक कोर्ट विषय विशेषज्ञ के निर्णय में हस्तक्षेप नहीं कर सकती। इस मामले में 17 वर्षीय NEET UG 2026 उम्मीदवार कुशाग्र मित्तल द्वारा दायर याचिका शामिल है। कुशाग्र ने बायोलॉजी विभाग (टेस्ट बुकलेट कोड 80) में प्रश्न नंबर 150 के लिए उत्तर कुंजी को चुनौती दी थी। उन्होंने दावा किया था कि, प्रश्न में एक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/neet-student-told-the-court-my-answer-is-correct-my/article-2727"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-08/delhi-high-court-kushagra.webp" alt=""></a><br /><p>दिल्ली हाईकोर्ट ने NEET UG 2026 के लिए अंतिम उत्तर कुंजी को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि, जब तक किसी प्रश्न का उत्तर स्पष्ट रूप से गलत साबित न हो जाए, तब तक कोर्ट विषय विशेषज्ञ के निर्णय में हस्तक्षेप नहीं कर सकती। इस मामले में 17 वर्षीय NEET UG 2026 उम्मीदवार कुशाग्र मित्तल द्वारा दायर याचिका शामिल है। कुशाग्र ने बायोलॉजी विभाग (टेस्ट बुकलेट कोड 80) में प्रश्न नंबर 150 के लिए उत्तर कुंजी को चुनौती दी थी। उन्होंने दावा किया था कि, प्रश्न में एक से अधिक सही उत्तर थे और NTA द्वारा सही माना गया विकल्प वैज्ञानिक रूप से गलत था। कुशाग्र के माता-पिता दोनों AIIMS में डॉक्टर हैं।</p>
<p>मीडिया सूत्रों के अनुसार, न्यायाधीश जस्मीत सिंह की बेंच ने कहा कि, NEET UG परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने देशभर के प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञों के पैनल के समक्ष अस्थायी आंसर की पर मिले सभी आपत्तियां प्रस्तुत की थीं। विशेषज्ञों द्वारा पूरी समीक्षा और विश्लेषण के बाद ही अंतिम आंसर की को मंजूरी दी गई थी। इसलिए, कोर्ट विशेषज्ञों द्वारा तय किए गए अंतिम उत्तरों का फिर से मूल्यांकन नहीं कर सकती।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/delhi-high-court-kushagra1.webp" alt="delhi-high-court-kushagra1" width="1280" height="720"/>
instagram.com

<p>कुशाग्र ने प्रश्न के लिए विकल्प 2 चुना था, जबकि NTA ने विकल्प 3 को सही उत्तर माना था। इसके परिणामस्वरूप 5 अंक गंवाए थे, यहां सही उत्तर के लिए चार और नकारात्मक मार्किंग के लिए एक।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि, 3 मई को आयोजित मूल NEET UG परीक्षा रद्द होने के बाद, कुशाग्र 21 जून को दोबारा परीक्षा के लिए उपस्थित हुए थे। इस परीक्षा में, उन्होंने 720 में से 695 अंक प्राप्त किए और 65 की ऑल इंडिया रैंक (AIR) हासिल की।</p>
<p>NTA ने कोर्ट को बताया कि कुशाग्र की आपत्तियों सहित सभी आपत्तियों की राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ पैनल द्वारा समीक्षा की गई थी। पैनल ने आपत्ति को निराधार माना और अंतिम आंसर की में कोई बदलाव करने की जरूरत नहीं समझी।</p>
<p>याचिका खारिज करते हुए, हाईकोर्ट ने दोहराया कि, परीक्षा की आंसर की की न्यायिक समीक्षा का दायरा बहुत ही सीमित है। हस्तक्षेप केवल ऐसे मामलों में किया जा सकता है जहां रिकॉर्ड के आधार पर उत्तर स्पष्ट रूप से गलत साबित हो। अन्य मामलों में, विशेषज्ञों की राय को प्राथमिकता दी जाएगी।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/delhi-high-court-kushagra2.webp" alt="delhi-high-court-kushagra2" width="1280" height="720"/>
lawstreet.co

<p>RE-NEET परिणामों के समय दिए गए इंटरव्यू में, कुशाग्र ने बताया कि, उसने पिछले NEET में 720 में से पूरे 720 अंक प्राप्त किए थे। हालांकि, पेपर लीक होने के कारण यह NEET रद्द कर दी गई थी। दोबारा NEET में उसका प्रदर्शन खराब रहा। उसने OMR शीट में भी एक उत्तर गलत भर दिया था, और तनाव और दबाव के कारण, उसका समग्र प्रदर्शन गिर गया। उसने 695 अंक प्राप्त किए। उसने बताया कि उसके पिता और माता दोनों AIIMS, दिल्ली में डॉक्टर हैं। उसके पिता, चंद्र मोहन मित्तल और उसकी माता, रुचिका मित्तल, AIIMS में डॉक्टर हैं।</p>
<p>कुशाग्र दिल्ली के निवासी हैं और सेंट कोलंबस स्कूल में पढ़ते हैं। उन्होंने 11वीं और 12वीं कक्षा के दौरान कोचिंग ली थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Aug 2026 21:02:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वाराणसी में ऑफिस में घुसा चोर, कॉफी पी, नाचा, नहाया फिर 4.71 लाख की बाइक लेकर रफूचक्कर हुआ</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाराणसी में एक युवक ने एजेंसी से KTM एडवेंचर 390 S बाइक की चोरी की। बाइक की ऑन-रोड कीमत 4 लाख 71 हजार रुपये होने का अनुमान है। ऐसा आरोप है कि, युवक सोमवार रात 11:30 बजे के आसपास एजेंसी पहुंचा था. उसके पास किसी देवी की तस्वीर थी। उसने एजेंसी के कांच के दरवाजे को कटर से काटकर अंदर प्रवेश किया।</p>
<p>एजेंसी में वह कुर्सी पर बैठा और गोल गोल घूमता रहा. वह वॉशरूम में गया और नहाया. उसने गाना बजाया और लंबे समय तक लुंगी पहनकर नाचा। तड़के 4 बजे के आसपास, वह बाइक लेकर भाग गया। आरोपी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/in-varanasi-the-thief-entered-the-office-drank-coffee-danced/article-2729"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-08/ktm-bike-theft.webp" alt=""></a><br /><p>वाराणसी में एक युवक ने एजेंसी से KTM एडवेंचर 390 S बाइक की चोरी की। बाइक की ऑन-रोड कीमत 4 लाख 71 हजार रुपये होने का अनुमान है। ऐसा आरोप है कि, युवक सोमवार रात 11:30 बजे के आसपास एजेंसी पहुंचा था. उसके पास किसी देवी की तस्वीर थी। उसने एजेंसी के कांच के दरवाजे को कटर से काटकर अंदर प्रवेश किया।</p>
<p>एजेंसी में वह कुर्सी पर बैठा और गोल गोल घूमता रहा. वह वॉशरूम में गया और नहाया. उसने गाना बजाया और लंबे समय तक लुंगी पहनकर नाचा। तड़के 4 बजे के आसपास, वह बाइक लेकर भाग गया। आरोपी करीब साढ़े चार घंटे तक एजेंसी के अंदर रहा।</p>
<p>सुबह गार्ड ने घटना की जानकारी दी, जिसके बाद एजेंसी मैनेजर घटनास्थल पर पहुंचे और CCTV फुटेज देखा। फुटेज में आरोपी और उसकी पूरी गतिविधियां कैद हो गईं। मैनेजर की शिकायत के आधार पर, पुलिस ने मामला दर्ज किया है। गेट काटने और एजेंसी में घूमते युवक का वीडियो भी सामने आया है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/ktm-bike-theft1.webp" alt="ktm-bike-theft1" width="1280" height="720"/>
bhaskar.com

<p>शहर के मंडुआडीह पुलिस स्टेशन क्षेत्र में ट्रायम्फ बाइक शोरूम है। ट्रायम्फ एक ब्रिटिश मोटरसाइकिल कंपनी है, जो प्रीमियम बाइक बनाती है. इस एजेंसी का नाम इस कंपनी के नाम पर रखा गया है. रोहित कुमार सिंह इस शोरूम के जनरल मैनेजर हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, 'सोमवार रात 10 बजे के आसपास एजेंसी बंद करने के बाद, हम और स्टाफ घर चले गए. मैंने अपनी KTM बाइक एजेंसी में ही पार्क की थी. चाबियां उसमें रह गई थीं. मैंने इसे 3 महीने पहले ही खरीदा था.'</p>
<p>मैनेजर ने कहा, 'सुबह 5 बजे, मुझे अपने गार्ड का फोन आया कि शोरूम का मुख्य दरवाजा टूटा हुआ है. मैं तुरंत एजेंसी की ओर दौड़ा। मुख्य दरवाजे का एक हिस्सा नीचे से कटा हुआ था। दूसरा हिस्सा टूटा हुआ था। उसका कांच शोरूम के अंदर और बाहर बिखरा हुआ था।</p>
<p>मैं शोरूम के अंदर गया। पहले, मैंने डिस्प्ले पर रखी बाइकों की गिनती की। मैंने ऑटो पार्ट्स की इन्वेंटरी जांची। फिर, मैं पीछे के स्टॉक यार्ड में गया जहां मेरी बाइक रखी थी. मैंने वहां बाइक की जांच की, मैंने अपनी बाइक उसी जगह पार्क की थी और घर चला गया था। जब मैंने देखा तो मेरी बाइक गायब थी।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/ktm-bike-theft2.webp" alt="ktm-bike-theft2" width="1280" height="720"/>
bhaskar.com

<p>हमारे ब्रांड की T-शर्ट और कैप सहित हमारी एक्सेसरीज भी गायब थीं, और गाड़ी का कवर भी गायब था. मैंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस 15 मिनट में एजेंसी पहुंची। हमने CCTV फुटेज की जांच की। चोर कैमरे में कैद हो गया। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट एकत्रित किए। मैनेजर रोहित कुमार सिंह ने बताया था, 'CCTV फुटेज में, ठीक रात 11:30 बजे, सफेद शर्ट और जींस पहने एक युवक एजेंसी के बाहर खड़ा दिखाई दिया था उसने एक देवी की तस्वीर भी पकड़ रखी थी. फिर उसने दरवाजे को धक्का दिया और अंदर देखा।</p>
<p>फिर उसने कटर से कांच का दरवाजा काटना शुरू किया। उसी समय, भारी बारिश शुरू हो गई, इसलिए वह पीछे गया, बोर्ड से एक बैनर फाड़ लिया, खुद को उससे ढक लिया, और फिर दरवाजा काटना शुरू किया।' रात 12:06 बजे, वह शोरूम में दाखिल हुआ, रिसेप्शन पर कंप्यूटर सिस्टम चालू किया, कुर्सी पर बैठा, और लंबे समय तक गोल गोल घूमता रहा। इसके बाद, उसने कई बाइकों को खोला और उनकी जांच की।</p>
<p>उसने मिनी फ्रिज से पानी पिया. फिर उसने कॉफी मशीन से कॉफी बनाई और पी. उसने वॉशरूम में स्नान किया. उसने बाइकों पर अपने कपड़े फैला दिए। उसने एक बाइक का कवर फाड़कर उसे लुंगी बना लिया। वह गाना बजाकर नाचने लगा। उसने शोरूम से T-शर्ट और कैप ली। इसके बाद, वह बाइक लेकर चला गया।मंडुआडीह पुलिस स्टेशन के प्रभारी अजय वर्मा ने बताया कि, चोरी की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम घटनास्थल पर गई थी. मैं भी वहां पहुंचकर घटनास्थल की जांच की थी, और फोरेंसिक जांच में भी सबूत एकत्रित किए गए हैं। बाइक और चोर को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/ktm-bike-theft3.webp" alt="ktm-bike-theft3" width="1280" height="720"/>
bhaskar.com

<p>मीडिया सूत्र ने आरोपी युवक की मानसिक स्थिति समझने के लिए एक डॉक्टर से बात की। उन्होंने कहा था कि डर होने के बावजूद भी, युवक तनाव महसूस नहीं कर रहा था, बल्कि स्थिति को आसानी से ले रहा था. हालांकि, चिकित्सकीय जांच के बिना कोई निष्कर्ष निकालना गलत होगा। उन्होंने 3 बिंदु सुझाए...</p>
<p>इन कृत्यों के जरिए, आरोपी उस जगह के मालिक जैसा महसूस कर रहा होगा. वह दिखाना चाहता था कि उसे कोई डर नहीं है और वह पूरी तरह शांत है। अगर उसे पता होता कि CCTV कैमरे लगे हुए हैं, तो संभव है कि वह सिर्फ चोरी नहीं कर रहा था, बल्कि चाहता था कि लोग उसके इन कृत्यों को देखें और उनकी चर्चा करें। यह भी संभव है कि चोरी से पहले वह नर्वस हो। उस समय नाचना, कॉफी पीना या नहाना उसके लिए खुद को शांत करने का एक तरीका हो सकता है। कभी-कभी लोग तनाव में अजीब व्यवहार करते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे मानसिक रूप से बीमार हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

                <link>https://hindi.khabarchhe.com/national/in-varanasi-the-thief-entered-the-office-drank-coffee-danced/article-2729</link>
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                <pubDate>Thu, 13 Aug 2026 20:54:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सरगुजा: पति की मौत के 42 दिन बाद 'आयुष्मान भारत' से मैसेज आया, 'आप ठीक हो रहे हैं और घर जा रहे हैं...' यह देखकर पत्नी....</title>
                                    <description><![CDATA[<p>छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक बहुत ही चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जिले के अंबिकापुर इलाके में एक पुलिस कांस्टेबल की मौत को 42 दिन हो चुके थे। परिवार ने अंतिम संस्कार कर दिया था और डेथ सर्टिफिकेट भी ले लिया था। लेकिन, मरीज का रिकॉर्ड अभी भी आयुष्मान भारत सिस्टम में बंद नहीं हुआ था। उसके बाद मृतक कांस्टेबल के मोबाइल नंबर पर एक WhatsApp मैसेज आया, जिसमें लिखा था, 'मरीज़ ठीक होकर घर लौट रहा है।'</p>
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bhaskar.com

<p>मृत कांस्टेबल का नाम देव नारायण राम है। वह छत्तीसगढ़ पुलिस में कांस्टेबल था। उसे 26 जून को सरगुजा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/42-days-after-the-death-of-her-husband-a-message/article-2730"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-08/15].webp" alt=""></a><br /><p>छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक बहुत ही चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जिले के अंबिकापुर इलाके में एक पुलिस कांस्टेबल की मौत को 42 दिन हो चुके थे। परिवार ने अंतिम संस्कार कर दिया था और डेथ सर्टिफिकेट भी ले लिया था। लेकिन, मरीज का रिकॉर्ड अभी भी आयुष्मान भारत सिस्टम में बंद नहीं हुआ था। उसके बाद मृतक कांस्टेबल के मोबाइल नंबर पर एक WhatsApp मैसेज आया, जिसमें लिखा था, 'मरीज़ ठीक होकर घर लौट रहा है।'</p>
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bhaskar.com

<p>मृत कांस्टेबल का नाम देव नारायण राम है। वह छत्तीसगढ़ पुलिस में कांस्टेबल था। उसे 26 जून को सरगुजा के अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। 4 दिन तक उसका इलाज चला और 30 जून को उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिवार ने अंतिम संस्कार कर दिया। मीडिया सूत्रों के मुताबिक, 42 दिन बाद देव नारायण के मोबाइल फोन पर आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) की तरफ से एक मैसेज आया। यह मैसेज उनकी पत्नी सीमा कुजूर को मिला। मैसेज में लिखा था, 'प्रिय देव नारायण राम, हमें खुशी है कि आप ठीक होकर घर लौट रहे हैं। हमें उम्मीद है कि आप PM-JAY के तहत दी जा रही फ्री हेल्थकेयर सेवाओं से खुश होंगे।'</p>
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naidunia.com

<p>सीमा ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किया और सवाल किया कि यह मैसेज उनके पति के नंबर पर कैसे पहुंचा, जबकि उनकी मौत 42 दिन पहले हो चुकी थी। सीमा खुद एक हॉस्पिटल में काम करती हैं, इसलिए वह मरीज़ों के रिकॉर्ड को ठीक से अपडेट रखने की अहमियत समझती हैं।</p>
<p>मैसेज पढ़ने के बाद मृतक कांस्टेबल की पत्नी ने सिस्टम पर सवाल उठाए हैं और जांच की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि इस गलती के लिए ज़िम्मेदारी तय की जाए और भविष्य में ऐसी गलतियों को रोका जाए। उनका कहना है कि अगर हॉस्पिटल या आयुष्मान रिकॉर्ड में कोई लापरवाही, गड़बड़ी या गलती हुई है, तो ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना है कि ऐसी घटनाओं से हेल्थकेयर सिस्टम पर लोगों का भरोसा कम हो सकता है।</p>
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naidunia.com

<p>यहां यह बताना ज़रूरी है कि आयुष्मान सारथी एक ऑफिशियल WhatsApp AI चैटबॉट और मोबाइल एप्लीकेशन है जिसे आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत बेनिफिशियरी के लिए लॉन्च किया गया है। इसका मकसद कार्ड होल्डर को सीधे उनके मोबाइल फोन पर हेल्थ सर्विस की जानकारी देना है।</p>
<p>अंबिकापुर मेडिकल हॉस्पिटल के डॉ. शैलेंद्र गुप्ता ने देव नारायण के आयुष्मान कार्ड का इस्तेमाल करके हॉस्पिटल में भर्ती होने और इलाज की बात मानी। हालांकि, उन्होंने परिवार के उन आरोपों से इनकार किया कि देव नारायण के आयुष्मान कार्ड का 42 दिनों तक इस्तेमाल किया गया।</p>
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peoplesupdate.com

<p>हॉस्पिटल के मुताबिक, असली दिक्कत यह थी कि मरीज का रिकॉर्ड समय पर बंद नहीं किया गया था। डॉ. गुप्ता के मुताबिक, आयुष्मान रिकॉर्ड को संभालने के लिए जिम्मेदार डेटा एंट्री ऑपरेटर ने इसे समय पर बंद नहीं किया था। उस ऑपरेटर को अब आयुष्मान कार्ड से जुड़े काम से हटा दिया गया है।</p>
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instagram.com

<p>मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट डॉ. आर.सी. आर्या ने कहा कि आयुष्मान सारथी से ऑटो-जेनरेटेड मैसेज भेजे जाते हैं। इसमें कभी-कभी समय लगता है। जब केस बंद हो जाता है, तो मैसेज अपने आप जेनरेट होकर भेजे जाते हैं। उन्होंने आगे कहा, "इस केस में क्या हुआ, यह जांच का विषय है। मैं जांच करूंगा कि यह कैसे हुआ। गलती कहां हुई, इस पर रिपोर्ट ली जाएगी।" घटना के बाद मृतक कांस्टेबल की पत्नी ने सरकारी पोर्टल और अस्पताल के डेटा एंट्री सिस्टम पर सवाल उठाए हैं। मृतक को 'डिस्चार्ज' दिखाने के बाद रिकवरी मैसेज भेजना न सिर्फ एक टेक्निकल गलती है, बल्कि असंवेदनशील भी है। पीड़ित परिवार ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Aug 2026 19:45:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सावन शुक्ल पक्ष शुरू…दुर्लभ संयोग के साथ अगले 15 दिन रहेंगे खास; हरियाली तीज से रक्षाबंधन तक कई व्रत-पर्व</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>सूरत। </strong>सावन महीने का शुक्ल पक्ष शुरू हो गया है। यह 28 अगस्त सावन पूर्णिमा तक रहेगा। सावन शुक्ल पक्ष की शुरुआत के साथ ही अब त्योहारों और व्रतों का सिलसिला तेज हो जाएगा। अगले कुछ दिनों में हरियाली तीज, दूर्वा गणपति चतुर्थी, नाग पंचमी, पुत्रदा एकादशी, भौम प्रदोष और रक्षाबंधन जैसे प्रमुख पर्व मनाए जाएंगे। धार्मिक मान्यताओं में सावन को भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष महीना माना गया है। इस दौरान शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और अन्य पूजन सामग्री चढ़ाने की परंपरा है।</p>
<p>इस साल सावन में चार सोमवार पड़ रहे हैं। इनमें 17 अगस्त का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/religion-astrology/sawan-shukla-paksha-begins%E2%80%A6with-rare-coincidence-there-will-be-special/article-2728"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-08/111.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>सूरत। </strong>सावन महीने का शुक्ल पक्ष शुरू हो गया है। यह 28 अगस्त सावन पूर्णिमा तक रहेगा। सावन शुक्ल पक्ष की शुरुआत के साथ ही अब त्योहारों और व्रतों का सिलसिला तेज हो जाएगा। अगले कुछ दिनों में हरियाली तीज, दूर्वा गणपति चतुर्थी, नाग पंचमी, पुत्रदा एकादशी, भौम प्रदोष और रक्षाबंधन जैसे प्रमुख पर्व मनाए जाएंगे। धार्मिक मान्यताओं में सावन को भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष महीना माना गया है। इस दौरान शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और अन्य पूजन सामग्री चढ़ाने की परंपरा है।</p>
<p>इस साल सावन में चार सोमवार पड़ रहे हैं। इनमें 17 अगस्त का तीसरा सोमवार विशेष माना जा रहा है, क्योंकि इसी दिन नाग पंचमी भी है। पंचांग गणना के अनुसार 17 अगस्त को श्रावण शुक्ल पंचमी और तीसरा सावन सोमवार एक ही दिन पड़ रहे हैं। ये बड़ा ही दुर्लभ संयोग है। इससे पहले 2003 में भी नागपंचमी सोमवार को पड़ी थी।</p>
<p>आइए जानते हैं कि सावन शुक्ल पक्ष कौन-कौन से व्रत-त्योहार हैं और क्या यह माह इतना खास क्यों है…</p>
<p><strong>15 अगस्त को ही स्वतंत्रता दिवस और हरियाली तीज</strong></p>
<p>सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया 15 अगस्त, शनिवार को हरियाली तीज के रूप में मनाई जाएगी। इसी दिन पूरे देश में स्वतंत्रता दिवस भी मनाया जाएगा। इसलिए इस बार का 15 अगस्त काफी महत्वपूर्ण हो जाता है। यह पर्व विशेष रूप से महिलाओं के लिए काफी खास माना जाता है। इस दिन महिलाएं शिव-पार्वती की पूजा कर पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं। पूजा में माता पार्वती को मेहंदी, लाल चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर और सुहाग की अन्य वस्तुएं अर्पित करने की परंपरा है। भगवान शिव को जल और बेलपत्र चढ़ाए जाते हैं। कई जगह महिलाएं झूला झूलती हैं और तीज की कथा सुनती-पढ़ती हैं। </p>
<p><strong>16 अगस्त को दूर्वा गणपति चतुर्थी, सारी बाधाएं दूर होंगी</strong></p>
<p>16 अगस्त को दूर्वा गणपति चतुर्थी का व्रत रहेगा। इस दिन भगवान गणेश की पूजा कर उन्हें दूर्वा, फूल, मौसमी फल और मोदक अर्पित किए जाते हैं। मान्यता है कि गणेश जी की पूजा से बाधाएं दूर होती हैं और शुभ कार्यों में सफलता मिलती है। भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार व्रत रखकर गणेश मंत्रों का जाप कर सकते हैं।</p>
<p><strong>17 अगस्त को नाग पंचमी और सावन सोमवार</strong></p>
<p>17 अगस्त का दिन इस पक्ष का सबसे महत्वपूर्ण दिन रहेगा। इस दिन नाग पंचमी के साथ सावन का तीसरा सोमवार भी है। पंचांग के अनुसार 17 अगस्त को श्रावण शुक्ल पंचमी और तीसरा श्रावण सोमवार है। इसी दिन सिंह संक्रांति भी रहेगी। नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा करने की परंपरा है। इस दिन भगवान शिव का जलाभिषेक कर शिवलिंग पर बेलपत्र, फूल आदि चढ़ाए जा सकते हैं। नाग देवता की प्रतिमा का पूजन किया जाता है। <br />रक्षा बंधन से पहले पुत्रदा एकादशी भी मनाई जाएगी</p>
<p>सावन शुक्ल पक्ष की पुत्रदा एकादशी 23-24 अगस्त को होगी। पंचांगों में सामान्य श्रावण पुत्रदा एकादशी 23 अगस्त और वैष्णव पुत्रदा एकादशी 24 अगस्त दर्ज है। इसलिए व्रत रखने वाले अपने क्षेत्र के पंचांग और स्थानीय परंपरा के अनुसार तिथि तय कर सकते हैं। इस व्रत में भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि पुत्रदा एकादशी का व्रत संतान संबंधी मनोकामनाओं के लिए फलदायी होता है। भक्त फलाहार करते हुए भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप और पूजा-अर्चना कर सकते हैं।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/21.jpg" alt="2" width="1280" height="720"/>
amarujala.com

<p><strong>28 अगस्त को रक्षाबंधन और सावन पूर्णिमा</strong></p>
<p>28 अगस्त शुक्रवार को सावन पूर्णिमा और रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन बहनें भाई की कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधकर उसके सुख, स्वास्थ्य और लंबी आयु की कामना करती हैं। भाई भी बहन की रक्षा और सुख-समृद्धि का संकल्प लेता है। परिवार में पूजा-अर्चना के बाद राखी बांधने और मिठाई खिलाने की परंपरा है। पंचांग के अनुसार 28 अगस्त को रक्षाबंधन के साथ श्रावण पूर्णिमा, राखी और गायत्री जयंती जैसे पर्व भी दर्ज हैं।</p>
<p><strong>सावन शुक्ल पक्ष में </strong><strong>क्या करें?</strong></p>
<p>इस पूरे पक्ष में श्रद्धालु अपनी परंपरा के अनुसार भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश जी और भगवान विष्णु की पूजा कर सकते हैं। शिव पूजा में जल और बेलपत्र चढ़ाना, मंत्र जाप, ध्यान और जरूरतमंदों को दान करना शुभ माना जाता है। व्रत रखने वाले व्यक्ति अपनी क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार ही उपवास करें। अलग-अलग क्षेत्रों में तिथि और पूजा की विधि में थोड़ा अंतर हो सकता है, इसलिए व्रत की सही तिथि और पूजा का समय स्थानीय पंचांग से मिलाना बेहतर रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>धर्म ज्योतिष</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Aug 2026 14:18:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>AAP ने दिल्ली में भाजपा सरकार द्वारा छात्राओं को वितरित की जा रही साइकिलों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठाए</title>
                                    <description><![CDATA[<p>आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली में भाजपा सरकार द्वारा छात्राओं को वितरित की जा रही साइकिलों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। बुधवार को, AAP दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने खुले बाजार से खरीदी गई साइकिल के साथ सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई साइकिल रखकर उनके टायर, ब्रेक, रिम और क्रैंक की तुलना की। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने लगभग 1.30 लाख साइकिल ₹6,957 की दर से खरीदी हैं, जबकि AAP ने बाजार से ₹4,200 में साइकिल खरीदी थी। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि अधिक कीमत चुकाए जाने के बावजूद सरकारी साइकिल में कई हिस्सों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/politics/aap-raised-serious-questions-about-the-quality-of-bicycles-being/article-2726"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-08/aap.webp" alt=""></a><br /><p>आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली में भाजपा सरकार द्वारा छात्राओं को वितरित की जा रही साइकिलों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। बुधवार को, AAP दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने खुले बाजार से खरीदी गई साइकिल के साथ सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई साइकिल रखकर उनके टायर, ब्रेक, रिम और क्रैंक की तुलना की। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने लगभग 1.30 लाख साइकिल ₹6,957 की दर से खरीदी हैं, जबकि AAP ने बाजार से ₹4,200 में साइकिल खरीदी थी। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि अधिक कीमत चुकाए जाने के बावजूद सरकारी साइकिल में कई हिस्सों की गुणवत्ता निम्न स्तर की है, और पूरे मामले की जांच की मांग की।</p>
<p>सौरभ भारद्वाज ने बताया कि, जब दोनों साइकिल लगभग एक जैसी दिखती हैं, लेकिन उनके अलग-अलग हिस्सों में महत्वपूर्ण अंतर है। सरकारी साइकिल के टायर को लोकल बताते हुए, उन्होंने दावा किया कि दूसरी साइकिल में ब्रांडेड टायर लगाया गया है। भारद्वाज ने कहा कि बाजार से खरीदी गई साइकिल के टायर की कीमत ₹350 से ₹500 के बीच है, जबकि सरकारी साइकिल के टायर की कीमत लगभग ₹150 है। उन्होंने रिम की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सरकारी साइकिल पर रिम घटिया है। ब्रेक की तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि बाजार से खरीदी गई साइकिल में एल्युमिनियम के ब्रेक लगे हैं, जबकि सरकारी साइकिल में प्लास्टिक के ब्रेक का इस्तेमाल किया गया है। इन अंतरों की जांच मौके पर मौजूद एक साइकिल मैकेनिक से कराई गई थी।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/aap1.webp" alt="aap1" width="1280" height="720"/>
etvbharat.com

<p>प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, साइकिल मैकेनिक ने दोनों साइकिलों के विभिन्न घटकों की तुलना की। मैकेनिक के अनुसार, एक साइकिल में एल्युमिनियम के घटक थे, जबकि दूसरी में प्लास्टिक के घटक लगाए गए हैं। उन्होंने दोनों साइकिलों के टायरों के बीच के अंतर पर भी प्रकाश डाला। मैकेनिक ने दावा किया कि एक साइकिल में ब्रांडेड टायर लगाया गया था जबकि दूसरी में लोकल टायर है। इसके अलावा, उन्होंने सरकारी साइकिल पर क्रैंक को घटिया गुणवत्ता का बताया।</p>
<p>सौरभ भारद्वाज ने बताया कि AAP नेता साइकिल विशेषज्ञ नहीं हैं; इसलिए, तकनीकी अंतर समझाने के लिए एक साइकिल मैकेनिक को मौके पर बुलाया गया था। दिल्ली सरकार ने प्रति यूनिट ₹6,957 की दर से लगभग 1.30 लाख साइकिल खरीदी हैं। इसके विपरीत, AAP ने खुदरा बाजार से ₹4,200 में साइकिल खरीदने का दावा किया था। उन्होंने कहा कि ₹4,200 की साइकिल की खरीद की रसीद उनके नाम पर है और इसे सार्वजनिक किया जाएगा। AAP का सवाल है कि सरकार ने इतनी बड़ी संख्या में साइकिल लगभग ₹7,000 में क्यों खरीदीं जबकि वे बाजार में लगभग ₹4,200 में उपलब्ध हैं।</p>
<p>AAP विधायक संजीव झा ने भी साइकिल पर 'स्कायलर' ब्रांडिंग को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 'स्कायलर' मॉडल की जो स्पेसिफिकेशन्स टेंडर में दी गई थीं, उनमें सात गियर, सस्पेंशन और डिस्क ब्रेक शामिल हैं। झा ने बताया कि छात्राओं को वितरित की गई साइकिलों में न तो सात गियर हैं, न सस्पेंशन और न डिस्क ब्रेक हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर टेंडर में विशेष मॉडल और स्पेसिफिकेशन्स तय की गई थीं तो आपूर्ति की गई साइकिल उन स्पेसिफिकेशन्स से मेल क्यों नहीं खाती। उन्होंने बताया कि 'स्कायलर' संबंधित मॉडल बाजार में उपलब्ध नहीं है और इस ब्रांड नाम के इस्तेमाल की जांच की मांग की थी।</p>
<p>संजीव झा ने बताया कि AAP विधानसभा के अंदर और बाहर इस मुद्दे को उठाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया था कि इस मामले पर चर्चा नहीं होने दी जा रही है। अगर सरकार पूरे मामले पर कोई जवाब नहीं देती है, तो AAP भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) और CBI से शिकायत करेगी। उन्होंने इस मामले की जांच की मांग की और शिक्षा मंत्री आशीष सूद को चुनौती दी थी कि वे दोनों साइकिलों की गुणवत्ता और विशिष्टताओं की जांच करने के लिए उनके साथ-साथ तुलना करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Aug 2026 13:00:20 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर के लिए 25 लाख की बोली’, झारखंड में JPSC घोटाले के मास्टरमाइंड अभय तिवारी का कबूलनामा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) भर्ती स्कैम को लेकर CID की पूछताछ में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। गिरफ्तार आरोपी और पूरी स्कीम के मास्टरमाइंड अभय तिवारी ने CID के सामने कबूल किया कि 14वीं JPSC प्रीलिमिनरी टेस्ट के साथ-साथ 11वीं से 13वीं की परीक्षाओं में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई थीं। उसने बताया कि पैसे के बदले कैंडिडेट्स के इंटरव्यू स्कोर बढ़ाए गए थे। इस बीच, रांची पुलिस ने JSSC जूनियर इंजीनियर एग्जाम पेपर लीक मामले में मुंबई से एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है।</p>
<p>CID की पूछताछ में अभय तिवारी ने बताया कि 11वीं से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/%E0%A4%AB%E0%A5%89%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%9C-%E0%A4%91%E0%A4%AB%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-25-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%96-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A5%80--jpsc-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%82%E0%A4%A1-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A4%AF-%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%9D%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%96%E0%A4%82%E0%A4%A1-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%AC%E0%A5%82%E0%A4%B2%E0%A4%BE/article-2725"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-08/abhay-tiwari.webp" alt=""></a><br /><p>झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) भर्ती स्कैम को लेकर CID की पूछताछ में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। गिरफ्तार आरोपी और पूरी स्कीम के मास्टरमाइंड अभय तिवारी ने CID के सामने कबूल किया कि 14वीं JPSC प्रीलिमिनरी टेस्ट के साथ-साथ 11वीं से 13वीं की परीक्षाओं में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई थीं। उसने बताया कि पैसे के बदले कैंडिडेट्स के इंटरव्यू स्कोर बढ़ाए गए थे। इस बीच, रांची पुलिस ने JSSC जूनियर इंजीनियर एग्जाम पेपर लीक मामले में मुंबई से एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है।</p>
<p>CID की पूछताछ में अभय तिवारी ने बताया कि 11वीं से 13वीं JPSC एग्जाम के लिए कैंडिडेट्स के साथ फाइनेंशियल डील भी की गई थी। उसने बताया कि इंटरव्यू के मार्क्स बढ़ाने के लिए लाखों रुपये की डील की गई थी। सबसे बड़ा खुलासा फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर (FRO) और असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट (ACF) पदों की भर्ती का है।</p>
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<p>अभय तिवारी ने बताया कि उसने 20 कैंडिडेट्स से करीब ₹5.8 करोड़ वसूले। FRO पोस्ट के लिए बोली ₹20 लाख से ₹25 लाख तक थी, जबकि ACF पोस्ट के लिए यह रकम ₹30-35 लाख तक पहुंच गई थी। इसके अलावा, उसने CDPO एग्जाम के सिलसिले में कैंडिडेट्स से ₹10 लाख लेने की बात भी मानी।</p>
<p>अभय तिवारी के मुताबिक, नामकुम के रहने वाले आदित्य पांडे ने इस पूरी स्कीम में अहम रोल निभाया। आदित्य ने ख्यांगते, अजीता भट्टाचार्य, उनके PA ब्रजराम, जमाल अहमद, अनिमा हांसदा और रामवीर सिंह (TDPL के डायरेक्टर) से कॉन्टैक्ट करके इंटरव्यू के मार्क्स बढ़वाने में मदद की। तिवारी ने यह भी बताया कि लालू नाम के एक एजेंट ने JPSC एग्जाम पास करने वाले तीन कैंडिडेट्स से उनका कॉन्टैक्ट कराया था। उसके बाद, इन कैंडिडेट्स, खासकर ख्यांगते और अजीता भट्टाचार्य को इंटरव्यू बोर्ड में शामिल किया गया ताकि उनके मार्क्स आसानी से बढ़ सकें।</p>
<p>इस मामले में अब CID जांच तेज हो गई है। CID आज JPSC की पूर्व सदस्य डॉ. अनिमा हांसदा से पूछताछ करेगी। इससे पहले CID ने अजीता भट्टाचार्य से पूछताछ की थी। जांच एजेंसी इस पूरे स्कैम में शामिल सभी लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।</p>
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<p>तो, JSSC जूनियर इंजीनियर भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में भी अहम कार्रवाई हुई है। रांची पुलिस की एक स्पेशल टीम ने मुंबई से अरुण शर्मा नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। अरुण शर्मा 'बिनसिस' का ऑपरेटर और डायरेक्टर है, जो परीक्षा आयोजित करने और डेटा मैनेज करने वाली एजेंसी है।</p>
<p>CID आज अरुण शर्मा की रिमांड लेने के लिए कोर्ट में अर्जी दे सकती है। इसके साथ ही, JSSC JE परीक्षा को लेकर नामकुम थाने में दर्ज केस को भी CID अपने हाथ में ले सकती है। गौरतलब है कि अरुण शर्मा मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Aug 2026 12:27:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अरुणाचल प्रदेश भारत का हिस्सा था, है और रहेगा; चीन को भारत की चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारत के आधिकारिक नक्शे पर पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश में 27 स्थानों और सीमाचिह्नों को उनके मानक नामों से मान्यता देने के भारत के कदम से चीन नाराज है। सोमवार को, चीन ने इसका विरोध किया, जिसे नई दिल्ली ने स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया, स्पष्ट रूप से कहा कि, अरुणाचल प्रदेश भारत का हिस्सा था, है और रहेगा। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को दोहराया कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है और कोई भी इस सच्चाई को बदल नहीं सकता। चीन की आपत्ति के बारे में सवालों के जवाब में, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/arunachal-pradesh-was-and-will-remain-a-part-of-india/article-2721"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-08/164.webp" alt=""></a><br /><p>भारत के आधिकारिक नक्शे पर पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश में 27 स्थानों और सीमाचिह्नों को उनके मानक नामों से मान्यता देने के भारत के कदम से चीन नाराज है। सोमवार को, चीन ने इसका विरोध किया, जिसे नई दिल्ली ने स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया, स्पष्ट रूप से कहा कि, अरुणाचल प्रदेश भारत का हिस्सा था, है और रहेगा। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को दोहराया कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है और कोई भी इस सच्चाई को बदल नहीं सकता। चीन की आपत्ति के बारे में सवालों के जवाब में, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। यह एक ऐसा सत्य है जो स्वयं स्पष्ट है और कोई इसे बदल नहीं सकता।'</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/175.webp" alt="175" width="1280" height="720"/></p>
<p>चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश में कुछ स्थानों के नाम बार-बार बदलने के बाद, भारत ने पिछले सप्ताह राज्य के 27 स्थानों और सीमाचिह्नों को भारत के आधिकारिक नक्शे पर उनके मानक नामों से औपचारिक रूप से नामित किया। इसके बाद एक आधिकारिक बयान में कहा गया था कि, 'अरुणाचल प्रदेश के सर्वे ऑफ इंडिया के नक्शे पर इन स्थानों को औपचारिक रूप से पहचानने का उद्देश्य आम लोगों तक उनकी सही पहचान और अधिक आसानी से जानकारी पहुंचाना है।'</p>
<p>भारत के आधिकारिक नक्शे पर औपचारिक रूप से चिह्नित 27 स्थानों में लोंग जू शामिल है, जो वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास स्थित है। यह 1959 में भारत और चीन के बीच शुरुआती टकराव का एक केंद्र था, जब चीनी सैनिक इस क्षेत्र में प्रवेश कर गए थे। नई दिल्ली ने अरुणाचल प्रदेश में स्थानों के नाम बदलने की चीन की कार्रवाई को लगातार खारिज किया है। उसने ऐसे कदमों को लगातार 'बेकार और बेतुका' बताया है और जोर देकर कहा है कि वे इस 'अकाट्य' सत्य को नहीं बदलेंगे कि यह राज्य 'भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा।'</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/184.webp" alt="184" width="1280" height="720"/></p>
<p>नई दिल्ली के इस कदम से एक बार फिर नाराज हुए चीन ने सोमवार को आधिकारिक भारतीय नक्शे में अरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों और भौगोलिक विशेषताओं को उनके मानक भारतीय नामों के साथ शामिल करने के फैसले को 'गैरकानूनी और अमान्य' बताया। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि, 'चीन भारत द्वारा गैरकानूनी रूप से स्थापित किए गए तथाकथित 'अरुणाचल प्रदेश' को मान्यता नहीं देता।' विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित उनकी प्रतिक्रिया में, उन्होंने कहा, 'चीन में लंबे समय से चले आ रहे नामों को अपने तथाकथित 'मानक नामों' से बदलने का भारत का प्रयास गैरकानूनी और अमान्य है।' उन्होंने आगे कहा, 'इससे यह तथ्य नहीं बदलता कि झांगनान क्षेत्र चीन का हिस्सा है।' यहां आपको बता दें कि, चीन तिब्बत को 'शिजांग' और अरुणाचल प्रदेश को 'झांगनान' कहता है।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 21:44:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दादा ने 109 साल पहले अंग्रेजों को 35000 रुपये दिए थे; अब पोते वह रकम मांग रहे हैं; ब्रिटिश सरकार ने सबूत मांगे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ब्रिटिश लोग भारत छोड़ गए हैं और देश स्वतंत्र हो गया है, लेकिन सीहोर के रूठिया परिवार का दावा है कि ब्रिटिश सरकार द्वारा उनका 109 साल पुराना कर्ज अभी तक चुकाया नहीं गया है। परिवार के अनुसार, 1917 में, उनके दादा, सेठ जुम्मालाल रूठिया ने ब्रिटिश सरकार को 35000 रुपये उधार दिए थे। अब, परिवार ने इस पुराने कर्ज की अदायगी के लिए कानूनी नोटिस भेजा है। यह नोटिस मिलने के बाद, ब्रिटिश सरकार की ओर से जवाब आया है, उनसे लोन से संबंधित दस्तावेज और परिवार की जानकारी मांगी गई है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/119.webp" alt="119" width="1200" height="720" /></p>
<p>सीहोर के निवासी विवेक रूठिया और उनके</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/grandfather-had-given-35000-rupees-to-the-british-109-years/article-2722"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-08/108.webp" alt=""></a><br /><p>ब्रिटिश लोग भारत छोड़ गए हैं और देश स्वतंत्र हो गया है, लेकिन सीहोर के रूठिया परिवार का दावा है कि ब्रिटिश सरकार द्वारा उनका 109 साल पुराना कर्ज अभी तक चुकाया नहीं गया है। परिवार के अनुसार, 1917 में, उनके दादा, सेठ जुम्मालाल रूठिया ने ब्रिटिश सरकार को 35000 रुपये उधार दिए थे। अब, परिवार ने इस पुराने कर्ज की अदायगी के लिए कानूनी नोटिस भेजा है। यह नोटिस मिलने के बाद, ब्रिटिश सरकार की ओर से जवाब आया है, उनसे लोन से संबंधित दस्तावेज और परिवार की जानकारी मांगी गई है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/119.webp" alt="119" width="1280" height="720"/></p>
<p>सीहोर के निवासी विवेक रूठिया और उनके भाई, विनय रूठिया ने इस मामले की जानकारी दी है। उनका दावा है कि उनके दादा, सेठ जुम्मालाल रूठिया ने ब्रिटिश शासन के दौरान सरकार को 35000 रुपये उधार दिए थे। परिवार के अनुसार, यह राशि भोपाल राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए दी गई थी।</p>
<p>परिवार का दावा है कि यह राशि 1917 में ब्रिटिश शासन के दौरान सरकार को दी गई थी। समय बीत गया और भारत को आजादी मिल गई। अंग्रेज भारत छोड़ गए, लेकिन परिवार के अनुसार, उनके दादा द्वारा दिए गए पैसे उन्हें वापस नहीं मिले।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/127.webp" alt="127" width="1280" height="720"/></p>
<p>अब, 109 साल बाद, रूठिया परिवार ने इस पुराने कर्ज को वसूलने के प्रयास शुरू किए हैं। अपने वकील के माध्यम से, रूठिया परिवार ने ब्रिटिश सरकार को कानूनी नोटिस भेजा है, जिसमें ब्याज सहित 35000 रुपये की मूल राशि वापस करने की मांग की गई है। नोटिस भेजने के बाद, रूठिया परिवार को ब्रिटिश सरकार की ओर से जवाब मिलने से मामले में नया मोड़ आया। विवेक रूठिया और विनय रूठिया के अनुसार, उन्हें E-mail और अन्य माध्यमों से जवाब मिला। जवाब में, ब्रिटिश सरकार ने लोन और परिवार की जानकारी से संबंधित सभी दस्तावेजों की जानकारी मांगी है।</p>
<p>यह जवाब परिवार के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनका कहना है कि ब्रिटिश सरकार ने अब इस 109 साल पुराने मामले से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं। रूठिया परिवार अब इस मामले से संबंधित पुराने रिकॉर्ड और जानकारी एकत्रित करने के काम में लग गया है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/146.webp" alt="146" width="733" height="1280"/></p>
<p>विवेक रूठिया और विनय रूठिया कहते हैं कि उनके दादा सेठ जुम्मालाल रूठिया ने ब्रिटिश सरकार को 35,000 रुपये दिए थे। परिवार के अनुसार, यह राशि उस समय भोपाल राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए दी गई थी। उनका दावा है कि यह कर्ज आज तक चुकाया नहीं गया है।</p>
<p>परिवार अब इस पैसे को सिर्फ पुराने कर्ज के रूप में नहीं, बल्कि अपने हक के हिस्से के रूप में वापस पाने का प्रयास कर रहा है। इस उद्देश्य के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। परिवार का कहना है कि वे इस मामले से संबंधित सभी दस्तावेज एकत्रित करेंगे और अपने वकील के माध्यम से ब्रिटिश सरकार को भेजेंगे।</p>
<p>परिवार के अनुसार, ब्रिटिश सरकार द्वारा मांगी गई जानकारी में लोन से संबंधित दस्तावेज और परिवार की जानकारी शामिल है। परिवार अब पुराने रिकॉर्ड एकत्रित करेगा और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर, आगे की कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाएगा।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/137.webp" alt="137" width="1280" height="720"/></p>
<p>इस मामले की सबसे दिलचस्प बात यह है कि, परिवार जिस लोन का उल्लेख कर रहा है वह लगभग 109 साल पुराना है। परिवार ने अब 1917 में दिए गए 35,000 रुपये वापस पाने के लिए कानूनी कार्रवाई की है। परिवार ने ब्याज सहित पैसे वापस करने की मांग की है।</p>
<p>विवेक रूठिया और विनय रूठिया कहते हैं कि उनका परिवार अपने दादा के पैसे वापस मांग रहा है। वे कहते हैं कि यह सिर्फ पारिवारिक मामला नहीं है, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय मुद्दा है। परिवार चाहता है कि सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करे और उनकी मदद करे।</p>
<p>रूठिया परिवार का कहना है कि, सरकार को इस मामले में मदद करनी चाहिए, ताकि 109 साल पुराने लोन से संबंधित दस्तावेज और प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके। परिवार अब ब्रिटिश सरकार द्वारा मांगे गए दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/153.webp" alt="153" width="1280" height="720"/></p>
<p>परिवार ने यह भी कहा कि, अगर पैसे वापस किए जाते हैं तो उनका उपयोग व्यक्तिगत उद्देश्य के लिए नहीं किया जाएगा। रूठिया परिवार के अनुसार, इस पैसे का उपयोग गरीब लड़कियों की शादी और जरूरतमंदों की मदद के लिए किया जाएगा।</p>
<p>इस प्रकार, सीहोर के रूठिया परिवार द्वारा ब्रिटिश सरकार से 109 साल पुराने कथित लोन की वसूली का प्रयास अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। परिवार का दावा है कि 1917 में उनके दादा सेठ जुम्मालाल रूठिया ने ब्रिटिश सरकार को 35000 रुपये उधार दिए थे। अब, ब्रिटिश सरकार की ओर से जवाब मिलने के बाद, परिवार पुराने दस्तावेज एकत्रित करेगा और आगे की प्रक्रिया शुरू करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 20:03:02 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>भावनगर की समरस हॉस्टल के खाने में कीड़े-कॉकरोच निकलते हैं, पानी नहीं मिलता, छात्राएं सड़क पर उतरीं...</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भावनगर की समरस हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने भोजन में ढोकला से सिगरेट तथा दाल-चावल से कीड़े-मकौड़े निकलने, गंदी प्लेट-गिलास और पानी की भारी किल्लत सहित गंभीर आरोपों के साथ कल विरोध दर्ज कराया है। छात्रों ने भोजन की खराब गुणवत्ता, पानी की भारी किल्लत, सुरक्षा के सवाल और संचालकों द्वारा मानसिक प्रताड़ना दिए जाने के आरोप लगाए हैं। इस मामले में ABVP के पदाधिकारियों और हॉस्टल की छात्राओं ने उप निदेशक को ज्ञापन दिया था।</p>
<p>हॉस्टल में बार-बार परोसे जाने वाले अशुद्ध भोजन, पीने के पानी की विकट समस्या और सुरक्षा के अभाव से परेशान होकर सैकड़ों छात्राएं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%A8%E0%A4%97%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A4%B8-%E0%A4%B9%E0%A5%89%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%89%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%9A-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A4%A4%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82--%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%A4%E0%A4%BE--%E0%A4%9B%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%95-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%82/article-2723"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-08/bhavnagar-samras-hostel-controversy3.webp" alt=""></a><br /><p>भावनगर की समरस हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने भोजन में ढोकला से सिगरेट तथा दाल-चावल से कीड़े-मकौड़े निकलने, गंदी प्लेट-गिलास और पानी की भारी किल्लत सहित गंभीर आरोपों के साथ कल विरोध दर्ज कराया है। छात्रों ने भोजन की खराब गुणवत्ता, पानी की भारी किल्लत, सुरक्षा के सवाल और संचालकों द्वारा मानसिक प्रताड़ना दिए जाने के आरोप लगाए हैं। इस मामले में ABVP के पदाधिकारियों और हॉस्टल की छात्राओं ने उप निदेशक को ज्ञापन दिया था।</p>
<p>हॉस्टल में बार-बार परोसे जाने वाले अशुद्ध भोजन, पीने के पानी की विकट समस्या और सुरक्षा के अभाव से परेशान होकर सैकड़ों छात्राएं हॉस्टल परिसर और मुख्य सड़क पर उतर आईं और भारी विरोध प्रदर्शन किया। पहले भी कई बार शिकायतें करने के बावजूद प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने से आखिरकार छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा था। हंगामे की जानकारी मिलते ही स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस का काफिला भी घटनास्थल पर पहुंच गया था।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/bhavnagar-samras-hostel-controversy1.webp" alt="bhavnagar-samras-hostel-controversy1" width="1280" height="720"/>
divyabhaskar.co.in

<p>हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं का आरोप है कि, मेस में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब है और अक्सर खाने में कॉकरोच, कीड़े, धनेड़ा और अन्य जीव-जंतु निकलते हैं। हद तो तब हो गई जब छात्राओं की थाली से प्लास्टिक और जली हुई सिगरेट के टुकड़े भी मिले। छात्राओं ने बताया कि उन्हें जबरन खाना खिलाया जाता है और मेस के खराब भोजन के बारे में नेगेटिव रिव्यू देने से भी रोका जाता है। विरोध या वीडियो वायरल न हो, इसके लिए रसोई में मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।</p>
<p>ABVP अध्यक्ष दीपिका कछोटा, छात्राओं ने आरोपों में कहा, पिछले 4-5 महीनों से भोजन में जीव-जंतु, कीड़े, सिगरेट और प्लास्टिक जैसी चीजें निकल रही हैं, नाश्ते और खाने के लिए इस्तेमाल होने वाली प्लेटें भी ठीक से नहीं धोई जातीं। मेन वार्डन पायल और छात्राओं का भोजन अलग बनता होने की भी चर्चा है। हॉस्टल के पानी में काई जमने के कारण छात्राएं गंभीर बीमारियों का शिकार हो रही हैं।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/bhavnagar-samras-hostel-controversy4.webp" alt="bhavnagar-samras-hostel-controversy4" width="1280" height="720"/>
gujarati.news18.com

<p>छात्रा किंजल शियाले रोते-रोते कहा कि, सुबह हम नाश्ता करने आते हैं तो अच्छी प्लेट भी नहीं मिलती और अगर होती है तो धुली हुई नहीं होती। प्लेट या गिलास आप जो देखें वह खराब और खाना अच्छा नहीं आता। मैं शनिवार को खाना खाने आई थी, ढोकला था तो मुझे पसंद नहीं आया, इसलिए मैं उसे फेंकने जा रही थी। तो मुझे फेंकने नहीं दिया कहा अच्छा है तुम खाओ।</p>
<p>भोजन के अलावा हॉस्टल में पीने के पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी भारी शिकायतें हैं। हॉस्टल की लिफ्ट कई दिनों तक बंद रहने के कारण तीसरी या अन्य मंजिल पर रहने वाली लड़कियों को पानी भरने के लिए नौवीं मंजिल तक जाना पड़ता है। 9 मंजिल की इस हॉस्टल में केवल 2-3 फ्लोर पर ही मुश्किल से पानी आता है। स्वच्छता और बर्तनों की सफाई के प्रति भी घोर लापरवाही बरती जा रही है, जिसके कारण छात्राओं के स्वास्थ्य के सामने बड़ा खतरा पैदा हो गया है।</p>
<p>दूसरी ओर, हॉस्टल में रहने वाली लड़कियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। हॉस्टल के मुख्य गेट पर सीसीटीवी कैमरे बंद होने या फिर न होने का फायदा उठाकर असामाजिक और लफंगे तत्वों द्वारा छात्राओं को परेशान किया जाता है। जब छात्राएं कॉलेज या पढ़ाई के लिए बाहर जाती हैं तब रास्ते में भी लफंगे तत्व उन्हें परेशान करते हैं।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/bhavnagar-samras-hostel-controversy2.webp" alt="bhavnagar-samras-hostel-controversy2" width="1280" height="720"/>
divyabhaskar.co.in

<p>छात्राओं के विरोध के बाद अनुसूचित जाति लोकल मैनेजमेंट के अध्यक्ष और उप निदेशक एम.एन.गामित मौके पर पहुंचे थे थे। छात्रों की शिकायतें सुनकर कहा था कि, भोजन और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर शिकायतों का कल तक उचित मूल्यांकन करके शीघ्र निपटारा किया जाएगा। कल देर रात समरस हॉस्टल में छात्राओं के हंगामा करने पर SDM, मामलतदार सहित अधिकारी दौड़े चले आए थे। किचन की चेकिंग की और छात्रों की समस्याएं सुनी थीं।</p>
<p>SDM अक्षर व्यास ने कहा कि, कलेक्टर के निर्देश पर छात्राओं की समस्याएं सुनने और समाधान करने के लिए मैं अपनी टीम मामलतदार के साथ उपस्थित रहा, बहनों की जो भी समस्याएं हैं, वे सुनी थीं। इनमें जितनी समस्याएं हमारे स्तर से हल हो सकती थीं, उसका बहनों को आश्वासन दिया है। इसके अलावा जो नीतिगत विषय हैं और अन्य समस्याएं हैं, उनके लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में एक बैठक करेंगे और बैठक में सभी को उचित निर्देश दिए जाएंगे और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान हो, ऐसे प्रयास प्रशासन करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 18:28:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पान मसाला की प्लास्टिक पैकिंग पर देशभर में रोक, FSSAI ने जारी किए सख्त नियम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश में पर्यावरण सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में एक बड़ा फैसला लेते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा पान मसाला की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले सभी प्रकार के प्लास्टिक पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। FSSAI ने 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अमेंडमेंट रेगुलेशंस, 2026' का नोटिफिकेशन जारी किया है। 10 अगस्त 2026 को सरकारी गजट में प्रकाशित होते ही ये नए नियम तत्काल प्रभाव से पूरे देश में लागू हो गए हैं।</p>
<p>नए नियमों के अनुसार, पान मसाला की पैकिंग में किसी भी प्रकार के प्लास्टिक, पॉलीथिन, PVC, पॉलिएस्टर या सिंथेटिक पॉलिमर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/fssai-issues-strict-rules-banning-plastic-packing-of-pan-masala/article-2724"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-08/photo-(2)8.webp" alt=""></a><br /><p>देश में पर्यावरण सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में एक बड़ा फैसला लेते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा पान मसाला की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले सभी प्रकार के प्लास्टिक पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। FSSAI ने 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अमेंडमेंट रेगुलेशंस, 2026' का नोटिफिकेशन जारी किया है। 10 अगस्त 2026 को सरकारी गजट में प्रकाशित होते ही ये नए नियम तत्काल प्रभाव से पूरे देश में लागू हो गए हैं।</p>
<p>नए नियमों के अनुसार, पान मसाला की पैकिंग में किसी भी प्रकार के प्लास्टिक, पॉलीथिन, PVC, पॉलिएस्टर या सिंथेटिक पॉलिमर के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत बनाए गए 'प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2016' के प्रावधानों के तहत यह फैसला लिया गया है। प्लास्टिक और एल्युमिनियम फॉयल वाले पाउच वर्षों तक नष्ट नहीं होते और जमीन तथा पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाते हैं, जिसे रोकने के लिए यह कड़ा आदेश दिया गया है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/0313.webp" alt="0313" width="1280" height="720"/></p>
<p>निर्माता कंपनियों को अब अनिवार्य रूप से इको-फ्रेंडली विकल्प अपनाने होंगे। अब से पान मसाला के लिए केवल प्लास्टिक-मुक्त कागज, पेपरबोर्ड, सेलुलोज या अन्य प्राकृतिक रूप से प्राप्त होने वाली सामग्री का ही इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके अलावा FSSAI ने टिन के डिब्बे और कांच के कंटेनर के इस्तेमाल को भी मंजूरी दी है।</p>
<p>अक्सर कंपनियां बाहर कागज और अंदर से नमी रोकने के लिए प्लास्टिक या एल्युमिनियम की कोटिंग करती हैं, लेकिन FSSAI ने स्पष्ट किया है कि पैकेजिंग अंदर और बाहर—दोनों तरफ से पूरी तरह प्लास्टिक-मुक्त होना अनिवार्य है। यदि कोई कंपनी बाहर कागज का आवरण रखकर अंदर प्लास्टिक या चमकदार फॉयल का इस्तेमाल करेगी, तो उसे गैरकानूनी माना जाएगा।</p>
<p>पैकेजिंग के नियमों के संदर्भ में यह एक बड़ा बदलाव है। इसके लिए 2018 के 'खाद्य सुरक्षा और मानक नियमों' में संशोधन करके पान मसाला को 'शेड्यूल 4' के तहत एक नई एंट्री के रूप में शामिल किया गया है। इस शेड्यूल में सरकार ऐसे विशिष्ट खाद्य पदार्थों की सूची रखती है, जिनकी पैकेजिंग सामग्री के लिए विशेष नियम निर्धारित किए जाते हैं।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/%E0%A4%B6%E0%A5%8D.webp" alt="श्" width="1280" height="720"/></p>
<p>FSSAI ने स्पष्ट किया है कि यह नोटिफिकेशन केवल पैकेजिंग सामग्री के लिए है, उत्पाद के रूप में पान मसाला या गुटखा की बिक्री पर कोई नया प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। हालांकि, प्लास्टिक पाउच की तुलना में कागज, टिन या कांच की पैकेजिंग काफी महंगी पड़ती है। उत्पादन लागत बढ़ने के कारण कंपनियां यह बोझ ग्राहकों पर डालेंगी, जिससे आने वाले दिनों में पान मसाला की कीमतों में बढ़ोतरी होना तय है।</p>
<p>नियमों का उल्लंघन करने वाली निर्माता कंपनियों के खिलाफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट तथा 'प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स' के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाई जाने वाली कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाने से लेकर उत्पादन पर रोक लगाने और फैक्ट्री का लाइसेंस रद्द करने तक के कड़े कदम उठाए जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 15:30:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दूध ही नहीं, गोमूत्र से भी कमाई! इस राज्य के 15 गांवों में शुरू हुआ पायलट प्रोजेक्ट, कीमत 10 रुपये लीटर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अब तक पशुपालक मुख्य रूप से गोबर और दूध से आय प्राप्त करते थे; अब, गोमूत्र भी आय का स्रोत बन रहा है। उत्तर प्रदेश में, गोमूत्र 10 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा जा रहा है। दावा किया जाता है कि इस मूत्र का उपयोग कृषि फॉर्मूलेशन बनाने के लिए किया जाएगा।</p>
<p>बुलंदशहर में गौ संरक्षण, जैविक खेती और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए गोमूत्र खरीदने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इस पहल के तहत, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) द्वारा 10 रुपये प्रति लीटर की दर से गोमूत्र प्राप्त किया जा रहा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/earning-is-being-done-by-selling-cow-urine-in-this/article-2719"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-08/cow-urine2.webp" alt=""></a><br /><p>अब तक पशुपालक मुख्य रूप से गोबर और दूध से आय प्राप्त करते थे; अब, गोमूत्र भी आय का स्रोत बन रहा है। उत्तर प्रदेश में, गोमूत्र 10 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा जा रहा है। दावा किया जाता है कि इस मूत्र का उपयोग कृषि फॉर्मूलेशन बनाने के लिए किया जाएगा।</p>
<p>बुलंदशहर में गौ संरक्षण, जैविक खेती और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए गोमूत्र खरीदने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इस पहल के तहत, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) द्वारा 10 रुपये प्रति लीटर की दर से गोमूत्र प्राप्त किया जा रहा है। स्याना तहसील में स्थित नरसेना गांव में डॉ. प्रवीण इस प्रयास का नेतृत्व कर रहे हैं। भविष्य में खरीद मूल्य 20 रुपये प्रति लीटर करने की योजना है।</p>
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medicaldialogues.in

<p>आसपास के पंद्रह गांवों को इस प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। गोमूत्र एकत्रित करने के लिए इन गांवों में स्थानीय स्तर पर केंद्र भी स्थापित किए गए हैं। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, इन केंद्रों से प्रतिदिन लगभग 500 लीटर गोमूत्र एकत्रित किया जा रहा है। गांवों में संग्रह के लिए 200 लीटर क्षमता वाली टंकियां रखी गई हैं, जिससे बेचने के लिए दूर न जाना पड़े।</p>
<p>गांव में गोमूत्र एकत्रित करने में शामिल महिलाओं को प्रति लीटर ₹2 कमीशन मिलता है। डॉ. प्रवीण बताते हैं कि यह पहल केवल गोमूत्र खरीदने और बेचने तक सीमित नहीं है; यह महिला सशक्तिकरण से भी जुड़ी हुई है। यह प्रोजेक्ट लगभग 300 महिलाओं की भागीदारी से शुरू किया गया था, जिन सभी को शेयरधारक बनाया गया है, जिससे वे सीधे पूरे आर्थिक मॉडल से जुड़ी हुई हैं। जैसे-जैसे प्रोजेक्ट का विस्तार होगा वैसे-वैसे और अधिक महिलाओं के जुड़ने की उम्मीद है।</p>
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nbcnews.com

<p>एकत्रित गोमूत्र का उपयोग कृषि उत्पादों के उत्पादन के लिए किया जा रहा है। इसमें विभिन्न औषधियों को मिलाकर खेत में उपयोग होने वाली दवाएं उपयोग होने वाली दवाएं बनाई जाती हैं, जिन्हें बाद में किसानों तक पहुंचाया जाता है। यह पूरी तरह से रसायन मुक्त और फसल की उपज बढ़ाने में सहायक होने का दावा किया जाता है। यह पहल प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देगी।</p>
<p>गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता बताते हैं कि, इस मॉडल को गौ संरक्षण, ग्रामीण रोजगार, महिला सशक्तिकरण और जैविक खेती को एक साथ जोड़ने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है। इसमें गांवों से गोमूत्र का संग्रह किया जाता है, जिससे महिलाओं को आय मिलती है। यह पूरी तरह से रसायनमुक्त है।</p>
<p>पायलट प्रोजेक्ट के अनुभव के आधार पर, इसे राज्य के अन्य क्षेत्रों में विस्तारित करने की योजना है। इससे पशुपालकों के लिए आय का एक स्रोत तैयार होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 15:04:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>चीनी की बढ़ती कीमतें…एथेनॉल के लिए गन्ने के इस्तेमाल पर लग सकती है रोक, लेकिन चावल का उपयोग होने पर क्या यह महंगा नहीं होगा?</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> देश में चीनी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी और अगले सीजन में उत्पादन घटने की आशंका के बीच केंद्र सरकार एथेनॉल उत्पादन के लिए गन्ने के इस्तेमाल को सीमित करने पर विचार कर रही है। प्रस्तावित बदलाव अक्टूबर से शुरू होने वाले नए चीनी सीजन में लागू हो सकते हैं। सरकार का मकसद घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाना और कीमतों को नियंत्रित करना है। मामले से जुड़े सरकारी और उद्योग सूत्रों के मुताबिक इस पर अंतिम फैसला सितंबर के अंत तक लिया जा सकता है। इस प्रस्ताव के पीछे सबसे बड़ी वजह अगले साल चीनी उत्पादन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/rising-prices-of-sugar%E2%80%A6-there-may-be-a-ban-on/article-2720"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-08/110.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> देश में चीनी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी और अगले सीजन में उत्पादन घटने की आशंका के बीच केंद्र सरकार एथेनॉल उत्पादन के लिए गन्ने के इस्तेमाल को सीमित करने पर विचार कर रही है। प्रस्तावित बदलाव अक्टूबर से शुरू होने वाले नए चीनी सीजन में लागू हो सकते हैं। सरकार का मकसद घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाना और कीमतों को नियंत्रित करना है। मामले से जुड़े सरकारी और उद्योग सूत्रों के मुताबिक इस पर अंतिम फैसला सितंबर के अंत तक लिया जा सकता है। इस प्रस्ताव के पीछे सबसे बड़ी वजह अगले साल चीनी उत्पादन को लेकर बढ़ी चिंता है। देश के प्रमुख गन्ना उत्पादक महाराष्ट्र और कर्नाटक में बारिश कम रहने से गन्ने की उपलब्धता और पैदावार प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में सरकार के सामने घरेलू खपत के लिए पर्याप्त चीनी उपलब्ध कराने की चुनौती बढ़ गई है। गन्ने को एथेनॉल की ओर डायवर्ट करने के बजाय चीनी उत्पादन को प्राथमिकता देने से बाजार में अतिरिक्त स्टॉक उपलब्ध कराया जा सकता है।</p>
<p>वर्तमान स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत में चीनी का शुरुआती स्टॉक लंबे समय के निचले स्तर पर जाने की आशंका जताई जा रही है। अगस्त की शुरुआत में कारोबारियों और उद्योग सूत्रों ने बताया था कि नए सीजन की शुरुआत यानी 1 अक्टूबर तक चीनी का शुरुआती स्टॉक करीब 35 लाख टन रह सकता है, जो लगभग तीन दशक का निचला स्तर होगा। </p>
<p><strong>मार्केट में चीनी की कमी को ऐसा पूरी कर सकती है सरकार</strong></p>
<p>चालू वर्ष में चीनी मिलों ने कुल उत्पादन का लगभग 10%, यानी करीब 30 लाख मीट्रिक टन चीनी के बराबर मात्रा को एथेनॉल उत्पादन की ओर डायवर्ट किया है। यदि अगले सीजन में इस डायवर्जन को रोक दिया जाता है, तो इतनी ही मात्रा में अतिरिक्त चीनी घरेलू बाजार के लिए उपलब्ध हो सकती है। इससे कम बारिश के कारण संभावित उत्पादन कमी की कुछ हद तक भरपाई की जा सकेगी और आयात की जरूरत टालने में मदद मिल सकती है। </p>
<p><strong>एक महीने में ही चीनी के दाम करीब 10% बढ़ चुके हैं</strong></p>
<p>देश में चीनी की कीमतों पर पहले ही दबाव बना हुआ है। पिछले एक महीने में कीमतें करीब 10% बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। महाराष्ट्र के प्रमुख चीनी व्यापार केंद्र कोल्हापुर में थोक कीमत 4,716 रुपए प्रति 100 किलोग्राम तक पहुंचने की रिपोर्ट है। त्योहारी सीजन में मिठाइयों और अन्य खाद्य उत्पादों की मांग बढ़ने से कीमतों पर दबाव आगे भी बना रह सकता है। कारोबारियों का अनुमान है कि अगले कम से कम तीन महीनों तक चीनी के दाम ऊंचे स्तर पर रह सकते हैं। <br /><strong>निर्यात पर पहले ही सरकार रोक लगा चुकी है</strong></p>
<p>सरकार पहले ही चीनी निर्यात पर रोक लगा चुकी है और घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के लिए व्यापारियों पर स्टॉक लिमिट भी लागू की गई है। इन उपायों के बावजूद यदि उत्पादन कम रहता है तो एथेनॉल के लिए गन्ने के इस्तेमाल को नियंत्रित करना सरकार के लिए एक अतिरिक्त विकल्प बन गया है। </p>
<p><strong>लेकिन…20% एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य जारी रहेगा</strong></p>
<p>गन्ने से एथेनॉल की उपलब्धता घटाने के बावजूद सरकार पेट्रोल में 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग के लक्ष्य को बनाए रखना चाहती है। इसकी भरपाई के लिए मक्का और चावल जैसे अनाज से एथेनॉल उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जा सकता है। सरकारी नीति में पहले से ही मक्का और एफसीआई के पास उपलब्ध अतिरिक्त चावल समेत खाद्यान्न से एथेनॉल उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाता रहा है। हाल की रिपोर्टों के मुताबिक 2026 के खरीफ सीजन में मक्का और गन्ने के रकबे में कमी की आशंका के बीच एथेनॉल के लिए चावल का इस्तेमाल बढ़ सकता है। इससे सरकार को गन्ने से मिलने वाले एथेनॉल की कमी की भरपाई करने में मदद मिल सकती है। </p>
<p><strong>इस उपाय पर भी सरकार कर रही है विचार</strong></p>
<p>प्रस्तावित व्यवस्था के तहत चीनी मिलों को गन्ने के जूस और बी-हेवी मोलासेस से एथेनॉल बनाने की अनुमति सीमित या बंद की जा सकती है। इसके बजाय सी-हेवी मोलासेस से एथेनॉल उत्पादन को प्राथमिकता दी जा सकती है। सी-हेवी मोलासेस वह अंतिम गाढ़ा शीरा है, जिसमें गन्ने से अधिकांश चीनी निकाली जा चुकी होती है। इसके इस्तेमाल से चीनी उत्पादन पर अपेक्षाकृत कम असर पड़ता है। वर्तमान में सरकार ने चीनी मिलों को गन्ने के जूस, बी-हेवी और सी-हेवी मोलासेस से एथेनॉल बनाने की अनुमति दी हुई है। सितंबर 2025 के सरकारी निर्देश में भी एथेनॉल सीजन 2025-26 के लिए इन तीनों स्रोतों से उत्पादन की अनुमति दी गई थी। साथ ही सरकार ने चीनी की घरेलू उपलब्धता की नियमित समीक्षा करने की बात कही थी। </p>
<p><strong>सरकार के इस फैसले से मिलों पर बड़ा आर्थिक असर पड़ने की आशंका कम</strong></p>
<p>उद्योग से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि प्रस्तावित बदलाव से चीनी मिलों को बहुत बड़ा आर्थिक नुकसान नहीं होगा। मौजूदा समय में चीनी की कीमतें ऊंची होने के कारण मिलों के लिए गन्ने को चीनी में बदलकर बाजार में बेचने से एथेनॉल उत्पादन की तुलना में बेहतर कमाई हो सकती है। सरकार का प्रयास फिलहाल चीनी की घरेलू उपलब्धता और एथेनॉल ब्लेंडिंग-दोनों जरूरतों के बीच संतुलन बनाने का है।</p>
<p><strong>क्या है फिलहाल सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती</strong></p>
<p>सरकार के सामने अब चुनौती यह है कि एक तरफ रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची चीनी कीमतों को नियंत्रित किया जाए और दूसरी तरफ पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य भी प्रभावित न हो। गन्ने से एथेनॉल की हिस्सेदारी घटाकर मक्का और चावल जैसे वैकल्पिक स्रोतों की ओर बढ़ना इसी संतुलन की दिशा में अगला कदम हो सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 13:21:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोमल रानी का नाम गोविंदा से जुड़ा तो भड़कीं पत्नी सुनीता; आखिर क्या है इस अफेयर की अफवाह का सच?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पिछले कई दिनों से, बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा सुर्खियों में छाए हुए हैं। यह चर्चा उनकी वापसी या किसी फिल्म के बारे में नहीं है, बल्कि उनके निजी जीवन के बारे में है। यह अभिनेता हाल ही में एक खूबसूरत महिला को डेट कर रहा है। यह महिला कोई और नहीं बल्कि गोविंदा की सह-अभिनेत्री कोमल हैं। तब से, उनके नाम एक दूसरे के साथ जोड़े जा रहे हैं। इस अभिनेत्री का पूरा नाम कोमल रानी स्वर्णकार है।</p>
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hindi.news18.com

<p>दरअसल, दोनों हाल ही में कई बार एक साथ नजर आए हैं, जिसके कारण उनके रिश्ते को लेकर अटकलें शुरू हो गई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/entertainment/%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%AE%E0%A4%B2-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%97%E0%A5%8B%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A5%81%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BE-%E0%A4%A4%E0%A5%8B-%E0%A4%AD%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%95%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%BE--%E0%A4%86%E0%A4%96%E0%A4%BF%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%87%E0%A4%B8-%E0%A4%85%E0%A4%AB%E0%A5%87%E0%A4%AF%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%85%E0%A4%AB%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B9-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%9A/article-2718"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-08/komal-rani-govinda3.webp" alt=""></a><br /><p>पिछले कई दिनों से, बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा सुर्खियों में छाए हुए हैं। यह चर्चा उनकी वापसी या किसी फिल्म के बारे में नहीं है, बल्कि उनके निजी जीवन के बारे में है। यह अभिनेता हाल ही में एक खूबसूरत महिला को डेट कर रहा है। यह महिला कोई और नहीं बल्कि गोविंदा की सह-अभिनेत्री कोमल हैं। तब से, उनके नाम एक दूसरे के साथ जोड़े जा रहे हैं। इस अभिनेत्री का पूरा नाम कोमल रानी स्वर्णकार है।</p>
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<p>दरअसल, दोनों हाल ही में कई बार एक साथ नजर आए हैं, जिसके कारण उनके रिश्ते को लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं। हालांकि गोविंदा या कोमल ने आधिकारिक तौर पर अपने रिश्ते या डेटिंग की पुष्टि नहीं की है, फिर भी उनके बीच प्रेम संबंध को लेकर अटकलें अभी भी चल रही हैं। तो, आइए जानते हैं यह अभिनेत्री कोमल कौन हैं, जिनका नाम गोविंदा के साथ जोड़ा जा रहा है?</p>
<p>कोमल रानी स्वर्णकार एक अभिनेत्री हैं, जो वर्तमान में बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने की तैयारी कर रही हैं। गोविंदा के आगामी प्रोजेक्ट 'रूपा' से जुड़ने से पहले वह आम लोगों के लिए जानी-पहचानी नहीं थीं। कोमल हिंदी फिल्म उद्योग में नई हैं, हालांकि, कहा जाता है कि वह उत्तर प्रदेश की रहने वाली हैं।</p>
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<p>कोमल का गोविंदा के साथ संबंध उनकी आगामी फिल्म से शुरू हुआ है। अभिनेत्री गोविंदा की आगामी फिल्म 'रूपा' में नजर आने वाली हैं, जिसे बड़े पर्दे पर अभिनेता की वापसी के रूप में देखा जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, गोविंदा के आगामी प्रोजेक्ट, 'दुनियादारी' के साथ भी कोमल का नाम जोड़ा जा रहा है, जिसका अर्थ है कि दर्शक इस नई अभिनेत्री को अभिनेता के साथ एक से अधिक फिल्मों में देख सकते हैं।</p>
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<p>गोविंदा और कोमल को मुंबई एयरपोर्ट पर देखे जाने के बाद उनके डेटिंग की खबरें सामने आईं। उनका एक साथ नजर आना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है, और तब से कोमल को गोविंदा के निजी जीवन को लेकर पिछली अटकलों से जोड़ने वाली खबरें शुरू हो गईं। इस घटना के कारण गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा द्वारा अतीत में दिए गए बयानों की ओर ध्यान गया। सुनीता और गोविंदा के दो बच्चे, टीना और यशवर्धन हैं।</p>
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<p>हाल ही में, सुनीता ने गोविंदा और कोमल को लेकर चल रही अटकलों का जवाब भी दिया। जब अभिनेत्री (कोमल) के साथ अभिनेता के नजर आने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने हिंदी कहावत 'विनाश काले विपरीत बुद्धि' का इस्तेमाल किया था, जो दर्शाता है कि वह इस अफेयर से नाखुश थीं।</p>
<p>इससे पहले, मिसमालिनी के साथ एक इंटरव्यू में, सुनीता आहूजा ने गोविंदा के कथित अफेयर के बारे में चर्चा की थी। उन्होंने उस महिला का नाम 'कोमल' बताया था। सुनीता ने जवाब दिया था, 'मुझे 'कोमल' नाम से नफरत है। एक कोमल है, XYZ, वह जो भी हो, मैं उससे नफरत करती हूं।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 12:39:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आगरा: डॉक्टरों ने मृत घोषित किया, लेकिन शीला देवी अंतिम संस्कार से पहले ही उठ बैठीं! 9 दिन बाद...</title>
                                    <description><![CDATA[<p>उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में 65 वर्षीय शीला देवी की कहानी ने सभी को चौंका दिया है। परिवार के मुताबिक, डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थीं। इस दौरान, शीला देवी के शरीर में हलचल महसूस हुई। परिवार का दावा है कि उन्होंने बात की और पूछा कि, सभी उन्हें कहाँ ले जा रहे हैं। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया और इलाज किया गया। इस घटना के लगभग 9 दिन बाद, रविवार, 9 अगस्त को शीला देवी की मृत्यु हो गई।</p>
<p>एक मीडिया चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/doctors-declared-her-dead-preparations-were-made-for-the-last/article-2713"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-08/363.webp" alt=""></a><br /><p>उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में 65 वर्षीय शीला देवी की कहानी ने सभी को चौंका दिया है। परिवार के मुताबिक, डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थीं। इस दौरान, शीला देवी के शरीर में हलचल महसूस हुई। परिवार का दावा है कि उन्होंने बात की और पूछा कि, सभी उन्हें कहाँ ले जा रहे हैं। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया और इलाज किया गया। इस घटना के लगभग 9 दिन बाद, रविवार, 9 अगस्त को शीला देवी की मृत्यु हो गई।</p>
<p>एक मीडिया चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक, शीला देवी अपने बेटे सुनील महोर के साथ आगरा की ट्रांस यमुना कॉलोनी के श्रीनगर इलाके में रहती थीं। वह सांस की बीमारी से पीड़ित थीं और बरेली के एक निजी मेडिकल कॉलेज में उनका इलाज चल रहा था। 30 जुलाई को, डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार उनके शव को आगरा लाया और अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दीं।</p>
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bhaskardigital.com

<p>परिवार के अनुसार, अंतिम संस्कार के लिए कपड़े और फूलों की माला भी मंगाई गई थी। इस दौरान, शीला देवी के दामाद ने उनके पैर छुए। परिवार का दावा है कि उन्हें उनके शरीर में हलचल महसूस हुई। इसके बाद, शीला देवी ने बात भी की और पूछा कि सभी क्यों रो रहे हैं और वे उन्हें कहाँ ले जा रहे हैं।</p>
<p>शीला देवी के जीवित होने का पता चलने के बाद, परिवार उन्हें तुरंत अस्पताल ले गया। इसके बाद उनका इलाज आगरा के पार्क अस्पताल में किया गया। परिवार को उम्मीद थी कि इस बार शीला देवी स्वस्थ होकर घर लौटेंगी, लेकिन 9 दिन बाद, रविवार, 9 अगस्त को, इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।</p>
<p>शीला देवी की मृत्यु के बाद, उनके बेटे संजीव ने पार्क अस्पताल में इलाज और व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। संजीव बदायूं के एक निजी अस्पताल में काम करते हैं। संजीव ने आरोप लगाया है कि पार्क अस्पताल में मरीजों को अस्पताल की अपनी कंपनी और स्थानीय ब्रांड की दवाएं दी जाती हैं। उन्होंने नर्सिंग स्टाफ पर मरीजों की उचित देखभाल न करने का भी आरोप लगाया है।</p>
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navbharattimes.indiatimes.com

<p>परिवार का दावा है कि, अस्पताल ने शीला देवी के इलाज के लिए लगभग 5 लाख रुपये का बिल दिया था। अपनी मां की मृत्यु के बाद संजीव ने पूरे मामले की जांच और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। संजीव कहते हैं कि, वे जिला मजिस्ट्रेट और CM से शिकायत करेंगे। वे इलाज से संबंधित दस्तावेजों की जांच की भी मांग करेंगे।</p>
<p>पार्क अस्पताल के प्रशासन ने इस मामले में कोई जानकारी नहीं दी है। इसलिए, जांच और मेडिकल रिकॉर्ड ही बताएंगे कि इलाज के दौरान कोई लापरवाही हुई है या नहीं। शीला देवी के कथित रूप से जीवित होने से परिवार को नई उम्मीद मिली थी। हालांकि, 9 दिन बाद उनकी मृत्यु ने उनकी उम्मीद को गहरे दुख में बदल दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Aug 2026 21:40:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>2026 डुकाटी मॉन्स्टर लॉन्च, 13 लाख 99 हजार से शुरू होती है इसकी कीमत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>डुकाटी मॉन्स्टर भारत में एक नए अवतार और शक्तिशाली 890cc V2 इंजन के साथ प्रवेश कर चुकी है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत रु. 13.99 लाख है, जबकि मॉन्स्टर प्लस(+) की कीमत रु. 14.34 लाख से शुरू होती है। नए मॉन्स्टर में 110.7 hp पावर, अपडेटेड डिजाइन, लाइटवेट चेसिस और एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स पैकेज है.। तो चलिए हम इसके दोनों वेरिएंट के लिए सुविधाओं, प्रदर्शन, विशिष्टताओं और कीमत के बारे में जान लेते हैं।</p>
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<p>इटालियन बाइक निर्माता डुकाटी ने भारत में अपनी लोकप्रिय मॉन्स्टर श्रृंखला का पांचवां आधिकारिक रूप से अनावरण किया है। नई 2026 डुकाटी मॉन्स्टर की एक्स-शोरूम कीमत रु. 13.99</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/tech/2026-ducati-monster-launch-its-price-starts-from-rs-13/article-2717"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-08/203.webp" alt=""></a><br /><p>डुकाटी मॉन्स्टर भारत में एक नए अवतार और शक्तिशाली 890cc V2 इंजन के साथ प्रवेश कर चुकी है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत रु. 13.99 लाख है, जबकि मॉन्स्टर प्लस(+) की कीमत रु. 14.34 लाख से शुरू होती है। नए मॉन्स्टर में 110.7 hp पावर, अपडेटेड डिजाइन, लाइटवेट चेसिस और एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स पैकेज है.। तो चलिए हम इसके दोनों वेरिएंट के लिए सुविधाओं, प्रदर्शन, विशिष्टताओं और कीमत के बारे में जान लेते हैं।</p>
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<p>इटालियन बाइक निर्माता डुकाटी ने भारत में अपनी लोकप्रिय मॉन्स्टर श्रृंखला का पांचवां आधिकारिक रूप से अनावरण किया है। नई 2026 डुकाटी मॉन्स्टर की एक्स-शोरूम कीमत रु. 13.99 लाख से शुरू होती है। यह बाइक दो वर्जन में उपलब्ध है, स्टैंडर्ड मॉन्स्टर और मॉन्स्टर+. दोनों में नया 890cc V2 इंजन, लाइटवेट चेसिस, अपडेटेड स्टाइलिंग और बेहतर इलेक्ट्रॉनिक्स पैकेज दिया गया है। डुकाटी रेड में बेस मॉडल की कीमत रु. 13.99 लाख है, जबकि आइसबर्ग व्हाइट और स्पोर्ट लिवरी की कीमत रु. 14.23 लाख होगी। मॉन्स्टर+ रु. 14.34 लाख से शुरू होता है, जिसमें टॉप कलर ऑप्शन रु. 14.45 लाख तक जाता है।</p>
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<p>यह लॉन्च प्रीमियम नेकेड बाइक सेगमेंट में डुकाटी की मौजूदगी को और मजबूत करता है। बाइक आधुनिक तकनीक को मूल 1992 मॉडल से प्रेरित डिजाइन के साथ जोड़ती है, जो इसे युवा और अनुभवी राइडर्स दोनों के लिए आकर्षक बनाती है। डुकाटी डीलरशिप पर डिलीवरी तुरंत शुरू हो गई है। इसके डिजाइन से लेकर प्रदर्शन तक की जानकारियों पर एक नजर डालते हैं।</p>
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<p>नए मॉन्स्टर के क्लासिक नेकेड लुक को बरकरार रखते हुए इसे नया रूप दिया गया है। बाइसन-बैक स्टाइल फ्यूल टैंक को फिर से डिजाइन किया गया है। हेडलाइट फुल-LED है और इसमें रोबोटिक दिखने वाला डिजाइन है। साइड पैनल सीट की ओर फैले हुए हैं, जिन पर डुकाटी शील्ड और बोर्गो पानिगाले फैक्ट्री कोऑर्डिनेट्स के निशान हैं। इस डिजाइन ने रेड डॉट डिजाइन अवॉर्ड 2026 भी जीता। मॉन्स्टर+ वर्जन में हेडलाइट काउल और पैसेंजर सीट कवर भी मिलता है।</p>
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<p>सुविधाओं में 800x400 रिजॉल्यूशन के साथ 5-इंच फुल-TFT इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर शामिल है। इसमें डुकाटी मल्टीमीडिया सिस्टम, टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन और क्रूज कंट्रोल शामिल हैं। पंखुड़ी के आकार वाली जॉयस्टिक का उपयोग करके राइडिंग मोड्स आसानी से चुने जा सकते हैं। 4 राइडिंग मोड्स उपलब्ध हैं, स्पोर्ट, रोड, अर्बन और वेट. कीलेस गो और बाय-डायरेक्शनल क्विक शिफ्टर भी मानक हैं।</p>
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<p>सुरक्षा के मोर्चे पर, 6-एक्सिस IMU-आधारित इलेक्ट्रॉनिक्स पैकेज काम करता है, जिसमें कॉर्नरिंग ABS, डुकाटी ट्रैक्शन कंट्रोल, व्हीली कंट्रोल, इंजन ब्रेक कंट्रोल और डुकाटी क्विक शिफ्ट 2.0 शामिल हैं। ब्रेकिंग सिस्टम में ब्रेम्बो M4.32 रेडियल कैलिपर्स और रेडियल मास्टर सिलेंडर के साथ ट्विन 320 mm फ्रंट डिस्क भी दिया गया है। टायरों में आगे का 120/70 और पीछे का 180/55 दिया गया है।</p>
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<p>इसके अंदर सबसे बड़ा बदलाव नया 890 cc V2 इंजन है, जो 9,000 rpm पर 110.7 हॉर्सपावर और 7,250 rpm पर 91.1 Nm टॉर्क उत्पन्न करता है। इंजन में इनटेक वेरिएबल टाइमिंग (IVT) सिस्टम है, जो आसान लो-स्पीड रिस्पॉन्स, मजबूत मिड-रेंज और हाई rpm पर ज्यादा पावर देता है. 4,000 से 10,000 rpm के बीच 80 प्रतिशत से अधिक टॉर्क उपलब्ध रहता है।</p>
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<p>मोनोकॉक फ्रेम में इंजन स्ट्रेस्ड मेंबर के रूप में काम करता है। सस्पेंशन 43 mm शोवा अपसाइड-डाउन फोर्क और प्रीलोड-एडजस्टेबल शोवा मोनोशॉक द्वारा दिया जाता है। सीट की ऊंचाई 815 mm है, जो 5 mm कम है. हैंडलबार को ऊपर उठाया गया है और आगे की ओर बढ़ाया गया है. वाल्व क्लियरेंस चेक इंटरवल को 45,000 Km तक बढ़ाया गया है, जिससे मेंटेनेंस लागत कम होती है। कुल मिलाकर, नई 2026 डुकाटी मॉन्स्टर एक हल्की, चुस्त और तकनीक से लैस नेकेड बाइक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक और ऑटाे</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Aug 2026 18:25:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उम्र 83, जोश बरकरार! 24 घंटे काम कर रहे बिग बी, बोले- नींद और खाने-पीने के लफड़े</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारतीय सिनेमा के महानायक और सदी के महानायक माने जाने वाले 83 वर्षीय अमिताभ बच्चन अपनी अद्भुत अदाकारी और अनुशासित जीवनशैली के लिए जाने जाते हैं। कई भाषाओं की फिल्मों में यादगार अभिनय देकर असंख्य अवॉर्ड्स जीतने वाले यह दिग्गज अभिनेता सोशल मीडिया पर अपने तुम्बलर ब्लॉग के जरिए प्रशंसकों से लगातार जुड़े रहते हैं। हालिया एक पोस्ट में बिग बी ने अपने बेहद व्यस्त शेड्यूल के बारे में खुलासा करते हुए बताया है कि वे चौबीसों घंटे की नॉन-स्टॉप शिफ्ट में काम कर रहे हैं, जिसके कारण उनकी नींद, समय और खाने-पीने की आदतों पर भारी असर पड़ रहा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/entertainment/age-83-enthusiasm-intact-big-b-working-24-hours-said/article-2711"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-08/0112.webp" alt=""></a><br /><p>भारतीय सिनेमा के महानायक और सदी के महानायक माने जाने वाले 83 वर्षीय अमिताभ बच्चन अपनी अद्भुत अदाकारी और अनुशासित जीवनशैली के लिए जाने जाते हैं। कई भाषाओं की फिल्मों में यादगार अभिनय देकर असंख्य अवॉर्ड्स जीतने वाले यह दिग्गज अभिनेता सोशल मीडिया पर अपने तुम्बलर ब्लॉग के जरिए प्रशंसकों से लगातार जुड़े रहते हैं। हालिया एक पोस्ट में बिग बी ने अपने बेहद व्यस्त शेड्यूल के बारे में खुलासा करते हुए बताया है कि वे चौबीसों घंटे की नॉन-स्टॉप शिफ्ट में काम कर रहे हैं, जिसके कारण उनकी नींद, समय और खाने-पीने की आदतों पर भारी असर पड़ रहा है।</p>
<p>ब्लॉग में प्रशंसकों से माफी मांगते हुए अमिताभ ने लिखा कि, ब्लॉग के क्रम में हुई गलतियों और कुछ दिनों तक न लिख पाने के लिए क्षमा चाहता हूं। काम के घंटे और काम का भारी दबाव इतना था कि मुझे आपसे जुड़ने का समय ही नहीं मिला, इसके लिए मैं दिलगीर हूं। सुबह 7 बजे से शुरू होने वाला काम अगले दिन सुबह 7 बजे तक चलता था... लगातार 24 घंटे काम के दिन! लेकिन किए गए कमिटमेंट्स कमिटमेंट्स होते हैं और समय, नींद, भोजन तथा अन्य सभी चीजों से ज्यादा काम को ही प्राथमिकता देनी पड़ती है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/0213.webp" alt="0213" width="1200" height="675"/></p>
<p>उन्होंने आगे कहा, लेकिन सोनी चैनल पर KBC का 18वां सीजन शुरू हो रहा है, इसलिए आज थोड़ा विराम मिला है। बस उम्मीद और प्रार्थना ही की जा सकती है। अब से मैं पहले की तरह ही नियमित ब्लॉग के जरिए आपसे जुड़ा रहूंगा, लेकिन मुझे अपनी दिनचर्या को थोड़ा फिर से व्यवस्थित करने दीजिए। मेरा प्यार और स्नेह आप सभी के साथ है।</p>
<p>दशकों से इंडस्ट्री में सक्रिय होने के बावजूद बिग बी के लिए काम का महत्व कितना है, इस बारे में उन्होंने पहले भी बात की थी। इसी साल की शुरुआत में एक पोस्ट में उन्होंने बताया था कि जब वे एक दिन भी काम नहीं करते हैं, तो उनकी दिनचर्या बिगड़ जाती है और वे असहज हो जाते हैं। उन्होंने लिखा था कि, आलस्य से भरा एक दिन... जिसका कोई खास कारण नहीं था। हर दिन काम न करना मुझे बेचैन कर देता है। जब आप हर दिन शेड्यूल के मुताबिक काम नहीं करते, तो वर्षों से विकसित हुई आपकी आदतें बिगड़ जाती हैं और पूरा दिन एक अनजान या बेकार दिन बन जाता है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/0311.webp" alt="0311" width="1280" height="720"/></p>
<p>बिग बी एक बार फिर अपने लोकप्रिय क्विज शो 'कौन बनेगा करोड़पति' के 18वें सीजन को होस्ट करने जा रहे हैं। यह सीजन 10 अगस्त, सोमवार से रात 9 बजे सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन और सोनी लिव पर प्रसारित हो रहा है, जो सोमवार से शुक्रवार देखा जा सकेगा। इस बार शो की थीम 'सोचना पड़ेगा' रखी गई है।</p>
<p>फिल्मों की बात करें तो, अमिताभ बच्चन हाल ही में नाग अश्विन निर्देशित ब्लॉकबस्टर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' में नजर आए थे, जिसमें प्रभास, दीपिका पादुकोण और कमल हासन भी मुख्य भूमिकाओं में थे। इस साइंस-फिक्शन ड्रामा में बिग बी द्वारा निभाए गए 'अश्वत्थामा' के किरदार ने करोड़ों दर्शकों का दिल जीत लिया था और फिल्म ने दुनियाभर में ₹1,000 करोड़ से अधिक की कमाई की थी। फिलहाल वे इस फिल्म के सीक्वल की शूटिंग में व्यस्त हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

                <link>https://hindi.khabarchhe.com/entertainment/age-83-enthusiasm-intact-big-b-working-24-hours-said/article-2711</link>
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                <pubDate>Tue, 11 Aug 2026 17:49:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इस 17 वर्षीय भारतीय युवा को US की यूनिवर्सिटी ने 3.55 करोड़ की स्कॉलरशिप ऑफर की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>तमिलनाडु के इरोड में रहने वाले 17 वर्षीय छात्र प्रणव इलांगो ने कभी प्रतिष्ठित अमेरिकी संस्थानों में पढ़ाई करने का सपना देखा था। अब, वह सपना साकार हो गया है। प्रणव को ब्राउन यूनिवर्सिटी में 3.55 करोड़ रुपये की पूरी छात्रवृत्ति के साथ प्रवेश दिया गया है। मिली इस बड़ी राशि में उसकी 4 साल की शिक्षा, आवास और भोजन शामिल हैं। प्रणव अब वहां सार्वजनिक स्वास्थ्य और एप्लाइड गणित का अध्ययन करेगा।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/pranav-ilango.jpg-5.webp" alt="pranav-ilango.jpg-5" width="1200" height="720" /></p>
<p>मीडिया सूत्रों की रिपोर्ट के अनुसार, प्रणव इलांगो CS एकेडमी (इरोड) में छात्र है। उसे हांगकांग यूनिवर्सिटी की ओर से 100 प्रतिशत छात्रवृत्ति का ऑफर भी मिला</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/us-university-offered-scholarship-of-rs-355-crore-to-this/article-2712"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-08/pranav-ilango.webp" alt=""></a><br /><p>तमिलनाडु के इरोड में रहने वाले 17 वर्षीय छात्र प्रणव इलांगो ने कभी प्रतिष्ठित अमेरिकी संस्थानों में पढ़ाई करने का सपना देखा था। अब, वह सपना साकार हो गया है। प्रणव को ब्राउन यूनिवर्सिटी में 3.55 करोड़ रुपये की पूरी छात्रवृत्ति के साथ प्रवेश दिया गया है। मिली इस बड़ी राशि में उसकी 4 साल की शिक्षा, आवास और भोजन शामिल हैं। प्रणव अब वहां सार्वजनिक स्वास्थ्य और एप्लाइड गणित का अध्ययन करेगा।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/pranav-ilango.jpg-5.webp" alt="pranav-ilango.jpg-5" width="1280" height="720"/></p>
<p>मीडिया सूत्रों की रिपोर्ट के अनुसार, प्रणव इलांगो CS एकेडमी (इरोड) में छात्र है। उसे हांगकांग यूनिवर्सिटी की ओर से 100 प्रतिशत छात्रवृत्ति का ऑफर भी मिला है। उसने बहुत कम उम्र में ही अपनी अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक यात्रा के लिए तैयारी शुरू कर दी थी। केवल 13 वर्ष की उम्र में, प्रणव डेक्सटेरिटी ग्लोबल के नेशनल स्कॉलर डेवलपमेंट प्रोग्राम में शामिल हो गया था।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/pranav-ilango.jpg-4.webp" alt="pranav-ilango.jpg-4" width="1280" height="720"/></p>
<p>इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय छात्रों को दुनिया की शीर्ष यूनिवर्सिटियों में प्रवेश और पूरी छात्रवृत्ति प्रदान करना है। इस कार्यक्रम के माध्यम से मिले मार्गदर्शन और प्रशिक्षण से प्रणव को न केवल अपने शैक्षणिक क्षेत्र में, बल्कि एक लीडर और समस्या समाधानकर्ता के रूप में भी आगे बढ़ने का अवसर मिला।<br />प्रणव के लिए, गणित केवल अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं है। यह समस्याओं को समझने और उन्हें हल करने के तरीके खोजने का एक माध्यम है। प्रणव की सॉफ्टवेयर, उद्यमिता, इंजीनियरिंग और समस्या समाधान में गहरी रुचि है। उसकी रुचि अब एक बड़े सवाल पर केंद्रित हो गई है कि, लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए टेक्नोलॉजी और डेटा का उपयोग कैसे किया जा सकता है? उम्मीद है कि, प्रणव इस सवाल का जवाब जरूर खोज लेगा।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/pranav-ilango.jpg-3.webp" alt="pranav-ilango.jpg-3" width="1280" height="720"/></p>
<p>प्रणव इलांगो की शैक्षणिक यात्रा कई उपलब्धियों से भरी रही है। प्रणव ने IGCSE गणित में 'वर्ल्ड टॉपर' का खिताब हासिल किया और 'आउटस्टैंडिंग कैम्ब्रिज लर्नर्स' की सूची में उसका नाम शामिल हुआ। इसका अर्थ यह हुआ कि, उसने दुनिया के 140 से अधिक देशों के लाखों छात्रों को पीछे छोड़ते हुए गणित में सबसे अधिक अंक प्राप्त किए।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/pranav-ilango.jpg-2.webp" alt="pranav-ilango.jpg-2" width="1280" height="720"/></p>
<p>IGCSE का अर्थ 'इंटरनेशनल जनरल सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन' है। जैसे भारत में 10वीं कक्षा के लिए CBSE या ICSE बोर्ड होता है, वैसे ही IGCSE बोर्ड अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 10वीं कक्षा के समकक्ष है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Aug 2026 16:27:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘खुश न हों तो ऑफिस न आएं’, हर्ष गोयनका ने चीन की 'अनहैप्पी लीव' पॉलिसी पर चर्चा छेड़ दी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अगर आप नाखुश हैं तो बिना कारण बताए छुट्टी लेने का अधिकार मिलना चाहिए? चीन की रिटेल कंपनी पांग डोंग लाई ने अपने कर्मचारियों के लिए ऐसी ही ‘अनहैप्पी लीव’ पॉलिसी पेश की है। इसके तहत, कर्मचारी बिना कोई उचित कारण बताए सालाना 10 दिनों तक की अतिरिक्त पेड लीव ले सकते हैं। बिजनेस लीडर हर्ष गोयनका ने अब भारतीय संदर्भ में इस नीति को चर्चा के लिए सामने रखा है। उनका कहना है कि हमें इस बात पर और गहराई से विचार करने की जरूरत है कि क्या भारतीय माहौल में अनहैप्पी लीव की जरूरत है?</p>
<p>चीनी की रिटेल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/if-you-are-not-happy-dont-come-to-office-harsh/article-2715"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-08/610.webp" alt=""></a><br /><p>अगर आप नाखुश हैं तो बिना कारण बताए छुट्टी लेने का अधिकार मिलना चाहिए? चीन की रिटेल कंपनी पांग डोंग लाई ने अपने कर्मचारियों के लिए ऐसी ही ‘अनहैप्पी लीव’ पॉलिसी पेश की है। इसके तहत, कर्मचारी बिना कोई उचित कारण बताए सालाना 10 दिनों तक की अतिरिक्त पेड लीव ले सकते हैं। बिजनेस लीडर हर्ष गोयनका ने अब भारतीय संदर्भ में इस नीति को चर्चा के लिए सामने रखा है। उनका कहना है कि हमें इस बात पर और गहराई से विचार करने की जरूरत है कि क्या भारतीय माहौल में अनहैप्पी लीव की जरूरत है?</p>
<p>चीनी की रिटेल कंपनी पांग डोंग लाई ने 2024 में, कर्मचारियों के लिए ‘अनहैप्पी लीव’ नीति शुरू की थी। कंपनी के संस्थापक यू डोंगलाई के मुताबिक, हर व्यक्ति के जीवन में ऐसा समय आता है जब वे खुश नहीं होते; इसलिए, जरूरत पड़ने पर काम से दूर रहना अच्छा है। इस नीति के तहत, कर्मचारी हर साल 10 अतिरिक्त दिनों की पेड छुट्टी ले सकते हैं। खास बात यह है कि, उन्हें यह छुट्टी लेने का विस्तृत कारण बताने की जरूरत नहीं है, और मैनेजर भी ऐसी छुट्टी के अनुरोध को अस्वीकार नहीं कर सकते।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/514.webp" alt="514" width="1280" height="720"/></p>
<p>उद्योगपति हर्ष गोयनका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस चीनी नीति के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने इसे भारत के संदर्भ में चर्चा का विषय बनाते हुए पूछा कि क्या यहां भी अनहैप्पी लीव नीति की जरूरत है? उन्होंने सवाल उठाया कि कर्मचारियों के बर्नआउट को रोकने और ऐसा कार्यस्थल बनाने के सबसे अच्छे तरीके क्या हो सकते हैं, जहां लोग वास्तव में काम पर आना पसंद करें. उनकी पोस्ट के बाद, सोशल मीडिया पर लोगों ने इस नीति के फायदे और सीमाओं को लेकर अलग-अलग राय व्यक्त की।</p>
<p>सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने कहा कि जब कर्मचारी व्यक्तिगत या काम से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे हों तो कुछ दिनों की छुट्टी मदद कर सकती है। इसके विपरीत, कुछ लोगों का मानना है कि सिर्फ 10 दिनों की अतिरिक्त छुट्टी से पूरे साल की कार्य संस्कृति की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। एक यूजर ने कहा कि कर्मचारी की परेशानी हमेशा ऑफिस की वजह से नहीं होती, कभी-कभी कुछ दिनों की छुट्टी कंपनी दोनों के लिए फायदेमंद हो सकती है। दूसरी ओर कुछ लोगों ने लंबे काम के घंटों और व्यवहार जैसे मुद्दों को अधिक महत्वपूर्ण माना।</p>
<p><strong><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-08/414.webp" alt="414" width="1280" height="720"/></strong></p>
<p><strong>क्या अनहैप्पी लीव पॉलिसी?</strong></p>
<p>अनहैप्पी लीव पॉलिसी का मतलब है कि अगर कोई कर्मचारी मानसिक रूप से परेशान या नाखुश है और काम से छुट्टी चाहता है तो बिना कारण बताए छुट्टी ले सकता है। चीनी कंपनी पांग डोंग लाई में कर्मचारियों को हर साल 10 दिनों तक की अतिरिक्त पेड अनहैप्पी पेड लीव मिली है। खास बात यह है कि मैनेजर इस छुट्टी को अस्वीकार नहीं कर सकते. सरल शब्दों में कहें तो, इस छुट्टी का मतलब है कि अगर आप खुश नहीं हैं, तो काम पर आने की कोई जरूरत नहीं है; हेला खुद को समय दें।</p>
<p>पांग डोंग लाई की कर्मचारी कल्याण नीति सिर्फ 'अनहैप्पी लीव' तक सीमित नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी के कर्मचारी दिन में सात घंटे काम करते हैं और सप्ताहांत में छुट्टी मिलती है, उन्हें सालाना 30 से 40 दिनों की छुट्टी भी मिलती है। इसके अलावा, लूनर न्यू ईयर के दौरान अतिरिक्त पांच दिनों की छुट्टी दी जाती है। इस तरह कंपनी का फोकस नीति कर्मचारियों को जरूरत पड़ने पर काम से ब्रेक देने के साथ-साथ उन्हें अधिक समय उपलब्ध कराने पर भी है।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Tue, 11 Aug 2026 15:58:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत के सबसे बड़े अस्पताल में प्रताड़ना का मामला: जानिए रैगिंग को लेकर देश में कितने सख्त नियम और कानून हैं, सजा का क्या प्रावधान है?</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>सूरत। </strong>जिले के सबसे बड़े अस्पताल न्यू सिविल में अपने सीनियर्स की रैगिंग से परेशान होकर एक डॉक्टर ने सुसाइड कर लिया। हॉस्टल में 30 वर्षीय रेजिडेंट डॉक्टर हर्ष पंड्या की आत्महत्या के मामले में एंटी-रैगिंग कमेटी की प्रारंभिक रिपोर्ट और जांच के आधार पर चार सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को 6 महीने के लिए सस्पेंड कर दिया गया है। कॉलेज के चार सीनियर अनुज महेश्वरी, दीक्षित धेवरिया, निराली वसावे और हिनाबेन भूत पर रैगिंग का आरोप लगा है। साथ ही उन्हें हॉस्टल खाली करने का भी आदेश दिया गया है। वहीं, चार फैकल्टी सदस्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/case-of-torture-in-surats-biggest-hospital-know-how-strict/article-2714"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-08/19.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>सूरत। </strong>जिले के सबसे बड़े अस्पताल न्यू सिविल में अपने सीनियर्स की रैगिंग से परेशान होकर एक डॉक्टर ने सुसाइड कर लिया। हॉस्टल में 30 वर्षीय रेजिडेंट डॉक्टर हर्ष पंड्या की आत्महत्या के मामले में एंटी-रैगिंग कमेटी की प्रारंभिक रिपोर्ट और जांच के आधार पर चार सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को 6 महीने के लिए सस्पेंड कर दिया गया है। कॉलेज के चार सीनियर अनुज महेश्वरी, दीक्षित धेवरिया, निराली वसावे और हिनाबेन भूत पर रैगिंग का आरोप लगा है। साथ ही उन्हें हॉस्टल खाली करने का भी आदेश दिया गया है। वहीं, चार फैकल्टी सदस्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। </p>
<p>बड़ा सवाल यह है कि देश में रैगिंग को लेकर सख्त कानून हैं, कड़े नियम हैं, इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं सामने क्यों आ रही है? खासकर बड़े-बड़े संस्थाओं जैसे मेडिकल कॉलेज, इंजीनियर कॉलेज और देश के जाने-माने यूनिवर्सिटीज में इस तरह के मामले ज्यादा आते हैं। क्या इसको लेकर छात्रों में जागरूकता की कमी है या नए सिरे से फिर इस पर विचार करना होगा?</p>
<p><strong>दावा: 10 रेजिडेंट डॉक्टर सीनियर्स के प्रताड़ना से परेशान थे</strong></p>
<p>इधर, कमेटी की जांच में सामने आया है कि माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रथम वर्ष के करीब 10 रेजिडेंट डॉक्टर कथित तौर पर सीनियर्स के मानसिक दबाव और प्रताड़ना से परेशान थे। जांच में सीनियर महिला डॉक्टर दीक्षिता घेवड़िया की भूमिका भी सामने आने की बात कही गई है। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।</p>
<p><strong>क्या एचओडी को इस बारे में जानकारी थी…</strong></p>
<p>हर्ष की आत्महत्या से दो दिन पहले ही जूनियर डॉक्टरों ने विभागाध्यक्ष (HOD) डॉ. सुमैया मुल्ला से सीनियर्स की ओर से कथित मानसिक प्रताड़ना की शिकायत की थी। बताया गया कि जूनियर डॉक्टर एकजुट होकर डीन से शिकायत करने जाने वाले थे, लेकिन इससे पहले हर्ष ने आत्महत्या कर ली। मामले में हॉस्टल और माइक्रोबायोलॉजी विभाग के सीसीटीवी फुटेज को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। घटना के 24 घंटे बाद तक पुलिस को फुटेज उपलब्ध नहीं कराए जाने की बात सामने आई है। हॉस्टल और विभाग के सर्वर में मेंटेनेंस का हवाला देकर उन्हें बंद किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद जांच की पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठे हैं।</p>
<p><strong>इन 4 फैकल्टी को कारण बताओ नोटिस</strong></p>
<p><strong>डॉ. सुमैया मुल्ला:</strong> एचओडी रहते हुए कथित रैगिंग की शिकायत पर समय रहते कार्रवाई नहीं करने का आरोप।<br /><strong>डॉ. संगीता राजदेव:</strong> एसोसिएट प्रोफेसर होने के बावजूद रैगिंग के मामले पर पर्याप्त ध्यान नहीं देने को लेकर नोटिस।<br /><strong>डॉ. योगिता</strong>: असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में छात्रों की कथित प्रताड़ना पर निगरानी नहीं रखने को लेकर जवाब मांगा गया।<br /><strong>डॉ. लतिका शाह</strong>: छात्रों के साथ कथित रैगिंग की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं करने के आरोप में नोटिस।</p>
<p><strong>परिवार में इकलौता बेटा था हर्ष, पिता भी सर्जन रह चुके</strong></p>
<p>हर्ष पंड्या अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। उनके पिता डॉ. सुभाषभाई पंड्या सर्जन के पद से रिटायर हो चुके हैं। परिवार में मां और एक बहन हैं। हर्ष ने फिलीपींस से एमबीबीएस किया था और नीट-पीजी पास करने के बाद माइक्रोबायोलॉजी में पीजी की पढ़ाई के लिए करीब छह महीने पहले सूरत सिविल अस्पताल में दाखिला लिया था। कुछ समय पहले ही उनकी सगाई भी हुई थी। हर्ष के पिता ने बताया कि घटना वाले दिन सुबह करीब साढ़े आठ बजे उनके बेटे के दोस्त का फोन आया और तत्काल अस्पताल पहुंचने को कहा गया। </p>
<p><strong>दोस्त से बताई थी परेशानी, लेकिन 40 लाख रुपए का बॉन्ड थी मजबूरी</strong></p>
<p>जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि हर्ष ने आत्महत्या से एक दिन पहले एक साथी डॉक्टर से कहा था कि अगर 40 लाख रुपए का बॉन्ड भरने की बाध्यता नहीं होती तो वह काफी पहले विभाग छोड़ चुके होते। सरकारी पीजी सीट बीच में छोड़ने पर लागू बॉन्ड की वजह से वे आर्थिक और मानसिक दबाव में होने की बात कही जा रही है।  बताया गया है कि सूरत सिविल कैंपस में पिछले सात वर्षों में रैगिंग और मानसिक प्रताड़ना से जुड़े मामलों के बीच डॉ. धवल (2018) और डॉ. लोकेश (2024) समेत चार रेजिडेंट डॉक्टर आत्महत्या कर चुके हैं।</p>
<p><strong>आइए जानते हैं कि भारत में रैगिंग पर कितनी सख्त व्यवस्था है?</strong></p>
<p>भारत में उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए रैगिंग को लेकर यूजीसी की गाइडलाइन बनी हुई है। <br />इनमें किसी जूनियर या अन्य छात्र को अपमानित करना, डराना, मानसिक नुकसान पहुंचाना, शर्मिंदगी महसूस कराने वाला काम करवाना या दबाव डालना भी रैगिंग के दायरे में आ सकता है। 2016 के संशोधन में बुलिंग और बहिष्कार जैसे मानसिक उत्पीड़न को भी स्पष्ट रूप से दायरे में शामिल किया गया है।</p>
<p><strong>मेडिकल कॉलेजों के लिए नेशनल मेडिकल काउंसिल के अलग नियम</strong></p>
<p>मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों में रैगिंग रोकने के लिए एनएमसी के अलग गाइडलाइन बने हुए हैं। इसी के अनुसार रैगिंग पर संस्थान को रोकथाम और कार्रवाई की व्यवस्था करनी होती है।</p>
<p><strong>दोष साबित होने पर कॉलेज ये सजा दे सकता है</strong></p>
<p>यूजीसी के नियमों के तहत मामले की गंभीरता के अनुसार एक या एक से अधिक कार्रवाई की जा सकती है</p>
<ul>
<li>कक्षाओं और अकादमिक गतिविधियों से निलंबन</li>
<li>छात्रवृत्ति/फेलोशिप और अन्य सुविधाएं रोकना</li>
<li>परीक्षा देने से रोकना</li>
<li>रिजल्ट रोकना</li>
<li>कॉलेज की टीम या प्रतियोगिताओं में प्रतिनिधित्व से रोकना</li>
<li>हॉस्टल से निलंबन या निष्कासन</li>
<li>एडमिशन रद्द करना</li>
<li>संस्थान से निष्कासन और निश्चित अवधि तक दूसरे संस्थान में प्रवेश पर रोक</li>
<li>नियमों के तहत 25,000 से 1 लाख रुपए तक जुर्माना भी लगाया जा सकता है।</li>
</ul>
<p><strong>अपराध गंभीर हो तो पुलिस केस भी संभव</strong></p>
<p>रैगिंग के दौरान मारपीट, चोट पहुंचाना, गलत तरीके से रोकना, धमकी देना, यौन अपराध, जबरन वसूली, संपत्ति को नुकसान या अन्य आपराधिक कृत्य हुए हों तो मामला केवल कॉलेज की अनुशासनात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहता। संबंधित आपराधिक कानून के तहत पुलिस कार्रवाई और एफआईआर हो सकती है। </p>
<p><strong>कॉलेज और यूनिवर्सिटी की जिम्मेदारी भी तय</strong></p>
<p>रैगिंग रोकना केवल एंटी-रैगिंग कमेटी की जिम्मेदारी नहीं है। संस्थान को एंटी-रैगिंग कमेटी और स्क्वाड, शिकायत व्यवस्था, जागरूकता कार्यक्रम, निगरानी और जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग की व्यवस्था करनी होती है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई में लापरवाही करने वाले संस्थान प्रमुख या प्रशासनिक/फैकल्टी अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई हो सकती है।<br />अगर किसी छात्रा को परेशान किया जा रहा है या रैगिंग को लेकर शिकायत है तो इस नंबर पर सहायता ले सकता है…</p>
<p><strong> राष्ट्रीय एंटी-रैगिंग हेल्पला</strong><strong>इन: 1800-180-5522 (24x7)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

                <link>https://hindi.khabarchhe.com/national/case-of-torture-in-surats-biggest-hospital-know-how-strict/article-2714</link>
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                <pubDate>Tue, 11 Aug 2026 15:42:57 +0530</pubDate>
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                <title>भोले की भक्ति से बीमारी भी हारी! 80 साल के परशुराम ऑक्सीजन सिलिंडर के सहारे स्कूटी से निकले कांवड़ यात्रा पर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुजफ्फरनगर।</strong> भक्ति के आगे उम्र और बीमारी भी छोटी पड़ जाती है। इसका अनूठा उदाहरण 80 वर्षीय शिवभक्त परशुराम शर्मा ने पेश किया। ऑक्सीजन सिलिंडर के सहारे सांस ले रहे परशुराम डॉक्टरों के मना करने के बावजूद कांवड़ यात्रा पर निकल पड़े। उन्होंने स्कूटी से करीब 93 किलोमीटर की यात्रा की और शिव चौक पहुंचकर भगवान आशुतोष का जलाभिषेक किया।</p>
<p>मुजफ्फरनगर के नरा गांव के रहने वाले परशुराम वर्तमान में उत्तराखंड के ज्वालापुर में रहते हैं। वह अब तक 13 बार कांवड़ यात्रा कर चुके हैं। इस बार उनकी तबीयत खराब है और सांस लेने में उन्हें दिक्कत हो रही</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/religion-astrology/due-to-the-devotion-of-bhole-the-disease-was-also/article-2710"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-08/18.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुजफ्फरनगर।</strong> भक्ति के आगे उम्र और बीमारी भी छोटी पड़ जाती है। इसका अनूठा उदाहरण 80 वर्षीय शिवभक्त परशुराम शर्मा ने पेश किया। ऑक्सीजन सिलिंडर के सहारे सांस ले रहे परशुराम डॉक्टरों के मना करने के बावजूद कांवड़ यात्रा पर निकल पड़े। उन्होंने स्कूटी से करीब 93 किलोमीटर की यात्रा की और शिव चौक पहुंचकर भगवान आशुतोष का जलाभिषेक किया।</p>
<p>मुजफ्फरनगर के नरा गांव के रहने वाले परशुराम वर्तमान में उत्तराखंड के ज्वालापुर में रहते हैं। वह अब तक 13 बार कांवड़ यात्रा कर चुके हैं। इस बार उनकी तबीयत खराब है और सांस लेने में उन्हें दिक्कत हो रही है। जिसके कारण कांवड़ यात्रा के दौरान उन्हें ऑक्सीजन सिलिंडर लेने की जरूरत पड़ी। डॉक्टरों ने उन्हें घर से दूर जाने से मना किया था, लेकिन भगवान शिव के प्रति उनकी आस्था ने उन्हें यात्रा के लिए प्रेरित किया।</p>
<p>परशुराम अपनी स्कूटी पर ऑक्सीजन के दो सिलिंडर लेकर यात्रा पर निकले। जब वह शहर के रुड़की रोड स्थित सेवा शिविर में पहुंचे तो वहां मौजूद लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गए। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की भक्ति में अनूठी शक्ति है। जब भी उनके जीवन में मुश्किलें आईं, भोलेनाथ ने उनका साथ दिया। इसी विश्वास के चलते वह बीमारी के बावजूद यात्रा पर निकले।</p>
<p><strong>पुरा महादेव जाने की थी इच्छा</strong></p>
<p>परशुराम की इच्छा ज्वालापुर से बागपत स्थित पुरा महादेव मंदिर तक जाने की थी। वह वहां के लिए निकले भी थे, लेकिन स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण आगे की यात्रा मुश्किल हो गई। उन्होंने बताया कि पुरा महादेव मंदिर ऊंचाई पर स्थित है और वहां ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर जाना उनके लिए आसान नहीं था। इसलिए उन्होंने शिव चौक पर ही जलाभिषेक कर अपनी यात्रा पूरी की। उनका कहना है कि शिव के दरबार तक पहुंचने की उनकी इच्छा पूरी हो गई।</p>
<p>परशुराम के इस जज्बे का क्रांति सेना के संस्थापक अध्यक्ष ललित मोहन शर्मा ने भी सम्मान किया। उन्होंने कहा कि 80 साल की उम्र में इस तरह यात्रा करना आसान नहीं है। परशुराम की आस्था और हिम्मत लोगों को प्रेरणा देने वाली है। समिति की ओर से उनका अभिनंदन भी किया गया।</p>
<p><strong>पुरा महादेव में उमड़ा आस्था का सैलाब</strong></p>
<p>उधर, बागपत के पुरा महादेव स्थित परशुरामेश्वर महादेव मंदिर में सावन के दूसरे सोमवार को श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह तीन बजे से ही जलाभिषेक के लिए करीब तीन किलोमीटर लंबी कतार लग गई थी। श्रद्धालुओं को अपनी बारी के लिए करीब पांच घंटे तक इंतजार करना पड़ा।</p>
<p>मंदिर के मुख्य पुजारी जयभगवान शर्मा के अनुसार, सोमवार रात 12 बजे तक 10 लाख से ज्यादा कांवड़ियों और श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। मंगलवार तक यह संख्या 15 लाख तक पहुंचने का अनुमान जताया गया।</p>
<p>भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर परिसर में अर्धसैनिक बल और पीएसी के जवान तैनात किए गए, जबकि बाहर पुलिसकर्मियों की तैनाती रही। डीएम अस्मिता लाल, एसपी सूरज कुमार राय और एडीजी भानु भास्कर ने भी मंदिर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और अधिकारियों को कांवड़ियों के साथ अच्छा व्यवहार करने के निर्देश दिए।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>धर्म ज्योतिष</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Aug 2026 12:46:20 +0530</pubDate>
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