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                <title>चांदखेड़ा डोसा बैटर केस में 3 वर्षीय मिस्टी की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, बच्ची के शरीर में...</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अप्रैल महीने में अहमदाबाद के चांदखेड़ा इलाके की एक दुकान से बैटर लाकर डोसा बनाया गया था। उसे खाने के बाद प्रजापति परिवार के सदस्यों की तबीयत बिगड़ गई थी। जिसमें परिवार की ढाई महीने की राहा और 3 साल की मिस्टी नाम की बच्चियों की मौत हो गई थी। बच्चियों के माता-पिता की भी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि, इस मामले में इतने दिन बीत जाने के बाद भी बच्चियों की मौत का सटीक कारण सामने नहीं आया है। इस मामले में शनिवार को मिस्टी की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पुलिस को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/in-the-chandkheda-dosa-batter-case-the-postmortem-report-of/article-2247"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/ahmedabad-dosa-case.webp" alt=""></a><br /><p>अप्रैल महीने में अहमदाबाद के चांदखेड़ा इलाके की एक दुकान से बैटर लाकर डोसा बनाया गया था। उसे खाने के बाद प्रजापति परिवार के सदस्यों की तबीयत बिगड़ गई थी। जिसमें परिवार की ढाई महीने की राहा और 3 साल की मिस्टी नाम की बच्चियों की मौत हो गई थी। बच्चियों के माता-पिता की भी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि, इस मामले में इतने दिन बीत जाने के बाद भी बच्चियों की मौत का सटीक कारण सामने नहीं आया है। इस मामले में शनिवार को मिस्टी की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पुलिस को मिली थी।</p>
<p>पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मिस्टी के शरीर में ‘एशिनोबैक्टर बौमानी’ नाम का खतरनाक बैक्टीरिया पाया गया था। इस बैक्टीरिया के कारण बच्ची के शरीर में गंभीर संक्रमण फैल गया था। रिपोर्ट में लिखा गया है कि, मिस्टी डी/ओ विमलकुमार प्रजापति, महिला, उम्र लगभग 03 वर्ष की पोस्टमॉर्टम नोट में मौत का कारण ‘CARDIORESPIRATORY FAILURE DUE TO SEPTICEMIA BY BACTERIA ACINOBACTER BAUMANII FOUND IN BODY. LUNG EDEMA FOUND.' बताया गया है।</p>
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gujarati.news18.com

<p>इस बारे में डॉक्टरों ने पुलिस को बताया कि जब संक्रमण पूरे शरीर में फैल जाता है और शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर गंभीर असर करता है, तब उसे ‘सेप्टिसीमिया’ कहा जाता है। बच्ची के मामले में भी गंभीर संक्रमण के कारण हृदय और श्वसन प्रणाली ने काम करना बंद करना शुरू कर दिया था। चिकित्सा भाषा में इस स्थिति को ‘कार्डियोरेस्पिरेटरी फेल्योर’ कहा जाता है। इसके अलावा बच्ची के फेफड़ों में पानी भरने और सूजन की स्थिति भी देखी गई थी। जिसके कारण उसे सांस लेने में भारी परेशानी हो रही थी। आखिरकार गंभीर संक्रमण और श्वसन प्रणाली में आई खराबी के कारण बच्ची की मौत हुई, ऐसा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया है।</p>
<p>इस मामले में परिवार का सिर्फ एक ही कहना है कि बैटर से बने डोसे खाने के बाद ही बच्चियों और माता-पिता की तबीयत बिगड़ी थी। जबकि पुलिस का जवाब यही रहा है कि बाहर से लाए गए बैटर को खाने के बाद मौत होने के कोई सबूत नहीं मिल रहे हैं। गौरतलब है कि चांदखेड़ा में राहा और मिस्टी प्रजापति नाम की दो बच्चियों की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस इतने दिनों बाद भी जांच कर रही है।</p>
<p>पुलिस ने इस मामले में बच्चियों के माता-पिता, दादा-दादी सहित परिवार के लोगों से पूछताछ की थी। हालांकि, सभी लोगों के बयानों में एक ही बात सामने आई है कि बाहर से लाए गए बैटर से डोसा बनाने के बाद ही परिवार की तबीयत बिगड़ी थी। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस अब माता-पिता का लाई-डिटेक्शन टेस्ट कराने पर विचार कर सकती है।</p>
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gujarati.news18.com

<p><strong>एसिनेटोबैक्टर बौमानी क्या है?</strong></p>
<p>डॉक्टर एसिनेटोबैक्टर बौमानी को बेहद खतरनाक बैक्टीरिया मानते हैं। यह आमतौर पर अस्पतालों में, खासकर ICU, वेंटिलेटर और कैथेटर से जुड़े मरीजों में पाया जाता है। यह जीवाणु कई सामान्य एंटीबायोटिक्स पर असर न होने के लिए जाना जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि इसके इलाज के लिए टार्गेटेड एंटीबायोटिक्स, इंटेंसिव केयर सपोर्ट और गंभीर मामलों में वेंटिलेटर की जरूरत पड़ती है।</p>
<p><strong>यह अंगों को संक्रमित कर सकता है</strong></p>
<p>फेफड़े</p>
<p>खून का प्रवाह</p>
<p>सर्जरी के घाव</p>
<p>मूत्र मार्ग</p>
<p>जब यह बैक्टीरिया खून के प्रवाह में प्रवेश कर पूरे शरीर में फैल जाता है, तब यह सेप्टिसीमिया या सेप्सिस का कारण बन सकता है।</p>
<p><strong>सामान्य लक्षण</strong></p>
<p>तेज बुखार आना</p>
<p>सांस लेने में परेशानी होना</p>
<p>ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) कम हो जाना</p>
<p>घबराहट महसूस होना या बेहोश हो जाना</p>
<p>पेशाब की मात्रा कम हो जाना।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 20:47:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कानपुर: शादी से पहले उबलते तेल से झुलसी दुल्हन, दूल्हे ने अस्पताल के बर्न वार्ड में ही रचाई शादी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बॉलीवुड फिल्म ‘विवाह’ का वह भावुक क्लाइमैक्स सीन शायद ही कोई भूल पाया होगा, जिसमें शादी समारोह से पहले आग की घटना में दुल्हन गंभीर रूप से झुलस जाती है और उसे अस्पताल में भर्ती करना पड़ता है। इस मुश्किल घड़ी में दूल्हा अस्पताल के वार्ड में ही उसकी मांग भरकर उसे अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार करता है। रुपहले पर्दे की यह काल्पनिक कहानी अब कानपुर में हकीकत बन गई है। यहां दूल्हे ने शादी से पहले हुई आग की घटना में गंभीर रूप से झुलसी अपनी होने वाली पत्नी का साथ नहीं छोड़ा, बल्कि अस्पताल के बर्न</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/kanpur-the-bride-got-burnt-by-boiling-oil-before-the/article-2246"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/marriage1.webp" alt=""></a><br /><p>बॉलीवुड फिल्म ‘विवाह’ का वह भावुक क्लाइमैक्स सीन शायद ही कोई भूल पाया होगा, जिसमें शादी समारोह से पहले आग की घटना में दुल्हन गंभीर रूप से झुलस जाती है और उसे अस्पताल में भर्ती करना पड़ता है। इस मुश्किल घड़ी में दूल्हा अस्पताल के वार्ड में ही उसकी मांग भरकर उसे अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार करता है। रुपहले पर्दे की यह काल्पनिक कहानी अब कानपुर में हकीकत बन गई है। यहां दूल्हे ने शादी से पहले हुई आग की घटना में गंभीर रूप से झुलसी अपनी होने वाली पत्नी का साथ नहीं छोड़ा, बल्कि अस्पताल के बर्न वार्ड को ही शादी का मंडप बनाकर उसके साथ सात जन्मों की कसमें खाईं।</p>
<p>यह पूरी घटना कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र स्थित जगन्नाथपुर गांव की है। स्थानीय निवासी जगदीश सिंह की 23 वर्षीय बेटी गरिमा सिंह (उर्फ श्वेता) की शादी कानपुर के तात्या टोपे नगर निवासी 27 वर्षीय विकास सिंह से तय हुई थी। गुरुवार को बारात आने वाली थी और बुधवार 13 मई को दुल्हन के घर मेहंदी का कार्यक्रम चल रहा था। घर रिश्तेदारों और मेहमानों से भरा हुआ था, तभी अचानक सिलेंडर पाइप से गैस लीक होने लगी और कुछ ही देर में भीषण आग भड़क उठी।</p>
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<p>चीख-पुकार सुनकर लोग आग बुझाने दौड़े, लेकिन इसी दौरान चूल्हे पर रखी उबलते तेल से भरी कढ़ाई पलट गई। इस दुखद हादसे में दुल्हन श्वेता, उसके पिता जगदीश, फोटोग्राफर शिवा और कई महिला रिश्तेदारों सहित कुल 12 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। सभी घायलों को तुरंत घाटमपुर कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC) ले जाया गया, जहां से उनकी हालत गंभीर होने के कारण उन्हें कानपुर रेफर कर दिया गया।</p>
<p>जैसे ही हादसे की खबर दूल्हे विकास और उसके परिवार को मिली, वे तुरंत कानपुर के उर्सुला अस्पताल पहुंचे और फिर जाजमऊ स्थित निजी मिशिका अस्पताल पहुंचे, जहां श्वेता भर्ती थी। दुल्हन की गंभीर हालत देखकर कुछ रिश्तेदारों ने शादी कुछ समय के लिए टालने का सुझाव दिया, लेकिन विकास ने साफ इनकार कर दिया। विकास ने दृढ़ता से कहा कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, वह अपने वचन का पालन करेगा और हर कदम पर श्वेता के साथ रहेगा।</p>
<p>विकास का यह अटूट प्रेम और समर्पण देखकर दोनों परिवार भावुक हो गए। इसके बाद अस्पताल प्रशासन से वार्ड के अंदर ही शादी समारोह आयोजित करने की अनुमति मांगी गई। बेहद संवेदनशीलता दिखाते हुए मिशिका अस्पताल के MD डॉ. सुरेंद्र पटेल और उनकी टीम ने तुरंत इसकी अनुमति दे दी। शुक्रवार रात अस्पताल का बर्न वार्ड शादी के मंडप में बदल गया। अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने दोनों परिवारों के सदस्यों के साथ मिलकर वार्ड को फूलों से सजाया। सफेद शर्ट और काली पैंट पहनकर दूल्हा विकास अस्पताल के उस बिस्तर के पास पहुंचा जहां उसकी दुल्हन पट्टियों में लिपटी हुई थी। विकास ने वहीं श्वेता की मांग में सिंदूर भरा और उसे अपनी जीवनसंगिनी के रूप में स्वीकार किया। इस असाधारण और भावुक पल को देखकर कमरे में मौजूद डॉक्टरों, नर्सों और रिश्तेदारों की आंखें नम हो गईं।</p>
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ndtv.in

<p>मिशिका अस्पताल के MD डॉ. सुरेंद्र पटेल ने कहा कि अस्पताल परिसर में हुआ यह विवाह बेहद हृदयस्पर्शी था। दुल्हन श्वेता अब तेजी से स्वस्थ हो रही है, हालांकि उसे पूरी तरह ठीक होने और छुट्टी मिलने में अभी 8 से 10 दिन लग सकते हैं। हादसे में घायल अन्य लोगों का इलाज भी जारी है। दूल्हे विकास ने बताया कि वह एक प्राइवेट नौकरी करता है। उसने तय किया था कि वह परिस्थितियों के आगे नहीं झुकेगा और शादी पहले से तय तारीख और शुभ मुहूर्त पर ही करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

                <link>https://hindi.khabarchhe.com/national/kanpur-the-bride-got-burnt-by-boiling-oil-before-the/article-2246</link>
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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 17:05:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>धार: भोजशाला में अयोध्या 2.0... क्या इस कानूनी फैसले से अब काशी और मथुरा का भी रास्ता होगा साफ?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद धार स्थित भोजशाला एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में आ गई है। ASI की सर्वे रिपोर्ट और ऐतिहासिक साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने भोजशाला परिसर को हिंदू मंदिर माना है। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि मुस्लिम पक्ष चाहे तो मस्जिद निर्माण के लिए सरकार से अलग भूमि की मांग कर सकता है। इस फैसले के बाद अब अयोध्या की तरह काशी, मथुरा और देशभर के अन्य मंदिर-मस्जिद विवादों को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।</p>
<p>हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि 98 दिनों तक चले</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/ayodhya-20-in-madhya-pradesh-bhojshala-will-this-legal-decision/article-2245"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/bhojshala21.webp" alt=""></a><br /><p>मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद धार स्थित भोजशाला एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में आ गई है। ASI की सर्वे रिपोर्ट और ऐतिहासिक साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने भोजशाला परिसर को हिंदू मंदिर माना है। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि मुस्लिम पक्ष चाहे तो मस्जिद निर्माण के लिए सरकार से अलग भूमि की मांग कर सकता है। इस फैसले के बाद अब अयोध्या की तरह काशी, मथुरा और देशभर के अन्य मंदिर-मस्जिद विवादों को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।</p>
<p>हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि 98 दिनों तक चले ASI सर्वेक्षण में अनेक ऐसे प्रमाण मिले हैं जो साबित करते हैं कि भोजशाला देवी वाग्देवी अर्थात माता सरस्वती की पूजा और संस्कृत शिक्षा का प्रमुख केंद्र था। कोर्ट ने 2003 के ASI के उस आदेश को भी रद्द कर दिया जिसमें हिंदू पक्ष को पूजा से रोका गया था, जबकि मुस्लिम पक्ष को नमाज की अनुमति दी गई थी।</p>
<p>कोर्ट ने अपने फैसले में अयोध्या केस के निर्णय का भी उल्लेख किया और कहा कि अदालत आस्था नहीं बल्कि साक्ष्यों के आधार पर निर्णय देती है। फैसले में कहा गया कि उपलब्ध ऐतिहासिक दस्तावेज, शिलालेख, मूर्तिकला, स्तंभ और ASI की रिपोर्ट संकेत देती है कि यहां मस्जिद से पहले प्राचीन मंदिर था।</p>
<p>अब इस फैसले के बाद यह सवाल उठ रहे हैं कि भारत पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। अयोध्या और भोजशाला के बाद क्या अब काशी और मथुरा के मंदिरों पर भी फैसला आएगा? क्या अब मुस्लिम पक्ष को देशभर के उन 299 स्थलों से जुड़े मामलों में कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, जहां दावा किया जाता है कि मंदिर तोड़कर मस्जिदें बनाई गई थीं? मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के जवाब में मुस्लिम पक्ष ने कहा है कि वह इस निर्णय को स्वीकार नहीं करता और इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगा।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/bhojshala31.webp" alt="bhojshala3" width="1280" height="720"/></p>
<p>गौरतलब है कि भोजशाला मामला अयोध्या विवाद की तरह बेहद संवेदनशील रहा है, जिसमें दो से अधिक बार हिंदुओं और मुसलमानों के बीच सांप्रदायिक दंगे हो चुके हैं। इन दंगों का मुख्य कारण परस्पर विरोधी दावे रहे हैं। मुस्लिम पक्ष दावा करता है कि भोजशाला परिसर एक मस्जिद है, जबकि हिंदू पक्ष इसे देवी वाग्देवी का मंदिर मानता है। और ऐतिहासिक साक्ष्य, दस्तावेज, पुस्तकें तथा शिलालेख इस दावे का समर्थन करते हैं।</p>
<p>दरअसल, मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला का नाम राजा भोज के नाम पर रखा गया था, जो देवी सरस्वती के परम भक्त थे। हिंदू धर्म में देवी सरस्वती को विद्या, बुद्धि और ज्ञान की देवी माना जाता है। ऐतिहासिक रिकॉर्ड बताते हैं कि 1034 में राजा भोज ने यहां नालंदा और तक्षशिला जैसी प्रसिद्ध संस्थाओं की तर्ज पर एक संस्कृत कॉलेज की स्थापना की थी, जिसे बाद में भोजशाला कहा जाने लगा। चूंकि इस भोजशाला में देवी सरस्वती की प्रतिमा स्थापित थी, इसलिए हिंदू लंबे समय से इस स्थान को देवी को समर्पित पवित्र मंदिर मानते रहे हैं।</p>
<p>हालांकि, जिस प्रकार बख्तियार खिलजी ने 12वीं सदी में नालंदा विश्वविद्यालय पर हमला करवाया था, उसी प्रकार अलाउद्दीन खिलजी ने 1305 में भारत की प्राचीन सनातन संस्कृति को समाप्त करने के प्रयास में भोजशाला को ध्वस्त करने का आदेश दिया था। इसके बाद 1401 में दिलावर खान गौरी ने भोजशाला परिसर के एक हिस्से में एक मस्जिद बनवाई, जिसे कमाल मौला मस्जिद कहा गया। जबकि 1514 में महमूद शाह खिलजी ने यहां दूसरी मस्जिद का निर्माण करवाया, जिसे लाट मस्जिद कहा गया।</p>
<p>इन निर्माणों में कमाल मौला मस्जिद मालवा क्षेत्र के सूफी संत कमाल मौला को समर्पित थी। लेकिन विभिन्न ऐतिहासिक कालों में किए गए सर्वेक्षणों में लगातार यह उल्लेख मिलता रहा है कि यह मस्जिद उसी स्थान पर बनाई गई थी जहां कभी प्राचीन मंदिर और भोजशाला कॉलेज था। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की 123 वर्ष पुरानी रिपोर्ट भी बताती है कि मस्जिद के भीतर मिले अनेक प्रतीक और शिलालेख यह संकेत देते हैं कि यह संरचना हिंदू मंदिर के अवशेषों पर बनाई गई थी, और मंदिर के ध्वंस से प्राप्त मलबे तथा अवशेषों का उपयोग निर्माण सामग्री के रूप में किया गया था।</p>
<p>इसी रिपोर्ट में लिखा गया था कि मस्जिद के उस कक्ष में, जहां मुसलमान नमाज पढ़ते थे, वहां दो स्तंभों पर संस्कृत अक्षर और हिंदू प्रतीक मिले थे तथा कुछ दीवारों पर संस्कृत शिलालेख पाए गए थे। ये प्रमाण इस दावे का समर्थन करते हैं कि जहां मस्जिद का निर्माण हुआ था, वहां पहले मंदिर था। यह रिपोर्ट भाजपा या मोदी सरकार के कार्यकाल में सामने नहीं आई थी। यह रिपोर्ट 123 वर्ष पुरानी है। अंग्रेजों ने स्वयं दस्तावेजीकरण किया था कि जब उन्होंने भोजशाला में सर्वेक्षण हेतु खुदाई करवाई थी, तब वहां उन्हें देवी सरस्वती की प्रतिमा मिली थी। बाद में वे इस प्रतिमा को लंदन ले गए, जहां वह आज भी ब्रिटिश म्यूजियम में रखी हुई है, और इस प्रतिमा को जैन धर्म से जुड़ा हुआ भी माना जाता है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/bhojshala4.webp" alt="bhojshala" width="1280" height="720"/></p>
<p>2024 में भी कोर्ट के आदेश पर ASI ने भोजशाला का सर्वे किया था। इस सर्वेक्षण के दौरान 31 सिक्के मिले थे, जिनमें से कई 10वीं और 11वीं सदी के थे। उस समय भारत में कहीं भी एक भी मस्जिद का निर्माण नहीं हुआ था। अब इन्हीं प्रमाणों के आधार पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने धार स्थित भोजशाला को मंदिर के रूप में मान्यता दी है। अयोध्या फैसले के बाद यह दूसरा मामला है जिसमें कोर्ट ने हिंदू पक्ष के दावों को सही माना है। इस फैसले के बाद अब बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या अन्य लंबित मामलों में भी इसी प्रकार के निर्णय दिए जाएंगे?</p>
<p>इस समय मंदिर-मस्जिद से जुड़े 10 मामले अदालतों में पहुंच चुके हैं। जिन राज्यों में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं, वहां 6 मामले हैं। इनमें सबसे अधिक 6 मामले उत्तर प्रदेश में हैं और इसके बाद मध्य प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान तथा कर्नाटक में 1-1 मामला है, जहां हिंदू पक्ष दावा करता है कि वर्तमान मस्जिदें और दरगाहें प्राचीन मंदिरों को तोड़कर बनाई गई हैं।</p>
<p>एक पुस्तक है ‘Hindu Temples: What Happened To Them’, जिसमें दावा किया गया है कि देशभर में तोड़े गए मंदिरों के स्थानों पर 1,800 से अधिक मस्जिदें और इस्लामी ढांचे बनाए गए हैं। इनमें से उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 299 मस्जिदों के नीचे मंदिर होने का दावा किया जाता है। इसी प्रकार कर्नाटक में 192, तमिलनाडु में 175, गुजरात में 170, राजस्थान में 170 और मध्य प्रदेश में 153 ऐसे मस्जिद और इस्लामी ढांचे बताए जाते हैं, जिनके बारे में दावा है कि वे प्राचीन मंदिरों को तोड़कर तथा उनके मलबे का उपयोग करके बनाए गए हैं।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/bhojshala11.webp" alt="bhojshala1" width="1280" height="720"/></p>
<p>अब यह बात हाल ही में सामने नहीं आई है, बल्कि कई वर्षों से उठती रही है। इसे ध्यान में रखते हुए कांग्रेस सरकार 1991 में वर्शिप एक्ट लेकर आई थी। इस कानून ने अयोध्या विवाद को छोड़कर बाकी सभी धार्मिक स्थलों पर 15 अगस्त 1947 की यथास्थिति लागू कर दी, जिससे हिंदू पक्ष के लिए अपने प्राचीन मंदिरों पर दावा करने का कानूनी अधिकार सीमित हो गया। जब यह कानून बनाया गया था, तब भाजपा ने काशी और मथुरा के मामलों को अयोध्या की तरह अपवादों की सूची में शामिल करने की मांग की थी।</p>
<p>लेकिन जब कांग्रेस सरकार ने ऐसा करने से इनकार कर दिया, तब विपक्ष में रही भाजपा ने इस कानून का तीव्र विरोध किया था; मतदान प्रक्रिया के दौरान उसके सांसदों ने वॉकआउट भी किया था। इससे यह सवाल भी उठता है कि उस समय इस कानून का विरोध करने वाली भाजपा क्या अब काशी और मथुरा जैसे मामलों को आसान बनाने के लिए इसे रद्द करेगी? और क्या इस कदम से हिंदू पक्ष के लिए कानूनी रास्ता खुलेगा?</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 14:38:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>प्रतीक यादव की वसीयत में चौंकाने वाला खुलासा: बेटियों के नाम पूरी जायदाद, लेकिन पत्नी अपर्णा यादव का जिक्र तक नहीं!</title>
                                    <description><![CDATA[<p>प्रतीक यादव के निधन के बाद यादव परिवार से जुड़ी एक बड़ी और चौंकाने वाली चर्चा सामने आ रही है। कहा जा रहा है कि प्रतीक यादव ने अपनी सारी संपत्ति को लेकर पहले ही एक वसीयत तैयार करवा ली थी, जिसमें पूरी संपत्ति उनकी दोनों बेटियों के नाम कर दी गई है। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह सामने आई है कि इस कथित वसीयत में उनकी पत्नी अपर्णा यादव के नाम किसी भी प्रकार की संपत्ति का उल्लेख नहीं किया गया है। इसी कारण इस खबर ने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक एक नई बहस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/shocking-revelation-in-prateek-yadavs-will-entire-property-in-the/article-2244"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/0120.webp" alt=""></a><br /><p>प्रतीक यादव के निधन के बाद यादव परिवार से जुड़ी एक बड़ी और चौंकाने वाली चर्चा सामने आ रही है। कहा जा रहा है कि प्रतीक यादव ने अपनी सारी संपत्ति को लेकर पहले ही एक वसीयत तैयार करवा ली थी, जिसमें पूरी संपत्ति उनकी दोनों बेटियों के नाम कर दी गई है। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह सामने आई है कि इस कथित वसीयत में उनकी पत्नी अपर्णा यादव के नाम किसी भी प्रकार की संपत्ति का उल्लेख नहीं किया गया है। इसी कारण इस खबर ने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक एक नई बहस छेड़ दी है। लोग यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियाँ बनीं कि प्रीतिक यादव को इतना बड़ा फैसला लेना पड़ा। खास बात यह भी है कि इस कथित वसीयत में बेटियों की उम्र को लेकर भी कुछ शर्तें रखी गई हैं, जिनके तहत एक निश्चित उम्र पार करने के बाद ही संपत्ति बेचने या उस पर पूर्ण अधिकार मिलने की बात कही गई है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/0221.webp" alt="0221" width="1280" height="720"/></p>
<p>सूत्रों के अनुसार, प्रतीक यादव की वसीयत में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि उनकी संपत्ति उनकी दोनों बेटियों को ही मिलेगी। इतना ही नहीं, उसमें एक महत्वपूर्ण शर्त भी रखी गई बताई जा रही है। दावा किया जा रहा है कि बड़ी बेटी 25 से 27 वर्ष की उम्र पूरी करने के बाद ही संपत्ति बेच सकेगी या अपनी इच्छा के अनुसार उसका उपयोग करने का अधिकार प्राप्त कर सकेगी। तब तक इस संपत्ति का उपयोग तो किया जा सकेगा, लेकिन उसे बेचा नहीं जा सकेगा।</p>
<p>इस कथित वसीयत की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर प्रीतिक यादव ने यह वसीयत इतनी जल्दी क्यों तैयार करवाई थी? क्या उन्हें किसी अनहोनी की आशंका थी या फिर इसके पीछे पारिवारिक परिस्थितियांं जिम्मेदार थीं? फिलहाल इन सवालों का कोई आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है, लेकिन चर्चाएं लगातार जारी हैं।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/0319.webp" alt="0319" width="1280" height="720"/></p>
<p>इस साल की शुरुआत में प्रतीक यादव और अपर्णा यादव के संबंधों को लेकर भी काफी चर्चाएं सामने आई थीं। सोशल मीडिया पर प्रतीक यादव की ओर से कुछ ऐसी टिप्पणियां की गई थीं, जिसके बाद दोनों के बीच मतभेद होने की अटकलें तेज हो गई थीं। इतना ही नहीं, एक पोस्ट में अपर्णा यादव को ‘फैमिली डेस्ट्रॉयर’ तक कह दिया गया था। इसके बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं।</p>
<p>हालांकि, बाद में जनवरी के अंतिम दिनों में प्रतीक यादव ने एक वीडियो जारी कर कहा था कि दोनों के बीच थोड़ी बहस जरूर हुई थी, लेकिन अब सब कुछ सामान्य है। इस बयान के बाद लोगों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन सूत्रों का दावा है कि अंदरूनी तौर पर स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं थी। अब जब इस कथित वसीयत की बातें सामने आ रही हैं, तो इसे उसी पुराने विवाद से जोड़कर भी देखा जा रहा है। लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि आखिर ऐसे कौन-से हालात बने कि प्रतीक यादव ने अपनी पूरी संपत्ति बेटियों के नाम कर दी और पत्नी अपर्णा यादव का उल्लेख तक नहीं किया।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/0411.webp" alt="0411" width="1280" height="720"/></p>
<p>हालांकि, इस पूरे मामले में अब तक परिवार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और वसीयत को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई पुष्टि भी नहीं की गई है। लेकिन सूत्रों के हवाले से सामने आई इस जानकारी ने यादव परिवार और उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया गर्म माहौल पैदा कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 13:23:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाराष्ट्र: ओला, उबर और रैपिडो की बाइक टैक्सी पर हंगामा; महाराष्ट्र सरकार ने लिया बड़ा फैसला, FIR का दिया आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र सरकार ने कथित रूप से अनधिकृत बाइक टैक्सी संचालन को लेकर ओला, उबर और रैपिडो के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। 16 मई को राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने साइबर क्राइम विभाग को इन तीनों कंपनियों के संस्थापकों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया।</p>
<p>सरकार ने कहा है कि ये कंपनियां राज्य में बिना अनुमति बाइक टैक्सी सेवाएं चला रही हैं। यह नियमों के खिलाफ है। इसके परिणामस्वरूप, साइबर क्राइम विभाग को कानूनी कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है।</p>
<p>हालांकि, इस पूरे मामले पर महाराष्ट्र सरकार ने यह भी स्पष्ट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/6a096158d6e20/article-2243"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/1411.webp" alt=""></a><br /><p>महाराष्ट्र सरकार ने कथित रूप से अनधिकृत बाइक टैक्सी संचालन को लेकर ओला, उबर और रैपिडो के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। 16 मई को राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने साइबर क्राइम विभाग को इन तीनों कंपनियों के संस्थापकों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया।</p>
<p>सरकार ने कहा है कि ये कंपनियां राज्य में बिना अनुमति बाइक टैक्सी सेवाएं चला रही हैं। यह नियमों के खिलाफ है। इसके परिणामस्वरूप, साइबर क्राइम विभाग को कानूनी कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है।</p>
<p>हालांकि, इस पूरे मामले पर महाराष्ट्र सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि ओला, उबर और रैपिडो सेवाओं पर पूर्ण प्रतिबंध या बंद किए जाने की खबरें गलत और भ्रामक हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये प्लेटफॉर्म राज्य में अपनी सेवाएं जारी रखे हुए हैं। हालांकि, केवल अनधिकृत बाइक टैक्सी संचालन के खिलाफ ही कार्रवाई की जा रही है, जिसका मतलब है कि कंपनियों पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं है, बल्कि सरकार केवल नियमों का उल्लंघन करने वाले हिस्से पर कार्रवाई कर रही है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/1511.webp" alt="1511" width="1280" height="720"/></p>
<p>यहां आपको बता दें कि मुंबई में महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने ग्राहक बनकर बिना अनुमति चल रही रैपिडो बाइक टैक्सी को पकड़ा। यह घटना राज्य सरकार की नई E-बाइक टैक्सी नीति से जुड़ी है, जिसमें कहा गया है कि केवल इलेक्ट्रिक बाइक और नियमों का पालन करने वाले लोगों को ही बाइक टैक्सी चलाने की अनुमति दी जाएगी।</p>
<p>मंत्री प्रताप सरनाइक ने रैपिडो ऐप के जरिए दूसरे नाम से राइड बुक की थी। केवल 10 मिनट में मंत्रालय के शहीद बाबू गेनू चौक पर उन्हें लेने के लिए एक बाइक पहुंच गई। इस तरह मंत्री ने खुद साबित किया कि विभाग के इनकार के बावजूद निजी कंपनियां मुंबई में बिना अनुमति बाइक टैक्सी चला रही हैं।</p>
<p>मंत्री ने मौके पर ही ड्राइवर को किराए के रूप में 500 रुपये दिए और कहा कि ऐसे गरीब ड्राइवरों के खिलाफ कार्रवाई करने से कुछ हासिल नहीं होगा, बल्कि उनके पीछे मौजूद बड़ी कंपनियों और ताकतवर लोगों को सजा मिलनी चाहिए। यही हमारा उद्देश्य है। अब बड़ा सवाल यह है कि मंत्री को गलत जानकारी देने वाले अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी? क्या राज्य सरकार अब इन अनधिकृत ऐप-आधारित सेवाओं पर सख्त कार्रवाई करेगी?</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/168.webp" alt="168" width="1280" height="720"/></p>
<p>विभाग ने कहा कि परिवहन विभाग ने केवल अवैध बाइक टैक्सी संचालन के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने साइबर क्राइम विभाग को पत्र लिखकर ओला, उबर और रैपिडो द्वारा संचालित अनधिकृत बाइक टैक्सी ऐप सेवाओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने विभाग से इन कंपनियों के खिलाफ FIR दर्ज करने को भी कहा था।</p>
<p>इससे पहले भी महाराष्ट्र में बाइक टैक्सी सेवाएं वैधता, लाइसेंसिंग और परिवहन नियमों के पालन को लेकर चिंताओं के कारण नियामकीय जांच के दायरे में आ चुकी हैं। टू-व्हीलर टैक्सी सेवाएं देने वाले ऐप-आधारित मोबिलिटी प्लेटफॉर्म को भी राज्य में नीति और कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 12:14:25 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>NEET मामले में NTA की एक्सपर्ट टीचर हुई गिरफ्तार, किया पेपर लीक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Central Bureau of Investigation को NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में एक बड़ी कामयाबी मिली है। एजेंसी ने पुणे की सीनियर बॉटनी टीचर मनीषा गुरुनाथ मंडारे को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। उन पर NEET-UG 2026 के बायोलॉजी पेपर लीक का कथित मास्टरमाइंड होने का आरोप है।</p>
<p>मनीषा मंडारे पुणे के मॉडर्न कॉलेज ऑफ़ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स में बॉटनी लेक्चरर हैं। कॉलेज सूत्रों के अनुसार, वह पिछले 5-6 वर्षों से NTA के लिए NEET परीक्षा के प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़ी रही थीं</p>
<p>CBI के अनुसार, NTA ने मनीषा गुरुनाथ मंडारे को NEET-UG 2026 परीक्षा प्रक्रिया में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/ntas-expert-teacher-arrested-in-neet-case-paper-leaked/article-2242"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/manisha-bhandare.jpg" alt=""></a><br /><p>Central Bureau of Investigation को NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में एक बड़ी कामयाबी मिली है। एजेंसी ने पुणे की सीनियर बॉटनी टीचर मनीषा गुरुनाथ मंडारे को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। उन पर NEET-UG 2026 के बायोलॉजी पेपर लीक का कथित मास्टरमाइंड होने का आरोप है।</p>
<p>मनीषा मंडारे पुणे के मॉडर्न कॉलेज ऑफ़ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स में बॉटनी लेक्चरर हैं। कॉलेज सूत्रों के अनुसार, वह पिछले 5-6 वर्षों से NTA के लिए NEET परीक्षा के प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़ी रही थीं</p>
<p>CBI के अनुसार, NTA ने मनीषा गुरुनाथ मंडारे को NEET-UG 2026 परीक्षा प्रक्रिया में एक्सपर्ट के तौर पर नियुक्त किया था। बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्नपत्रों तक उनकी पूरी पहुंच थी।</p>
<p>जांच में सामने आया कि अप्रैल 2026 में मनीषा मंडारे ने पुणे की मनीषा वाघमरे के जरिए कुछ NEET अभ्यर्थियों को अपने घर बुलाकर एक खास कोचिंग क्लास चलाई। इस दौरान उन्होंने छात्रों को बॉटनी और जूलॉजी के कई सवाल समझाए, उन्हें नोटबुक में लिखवाया और किताबों में मार्क भी करवाया</p>
<p>CBI का दावा है कि इन सवालों में से ज्यादातर 3 मई 2026 को हुई NEET-UG परीक्षा के असली प्रश्नपत्र से मेल खाते थे। एजेंसी ने पिछले 24 घंटों में देशभर के 6 ठिकानों पर छापेमारी भी की, जहां से कई अहम दस्तावेज, लैपटॉप, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल फोन बरामद किए गए।</p>
<p>सीबीआई के मुताबिक, जब्त किए गए सामान की विस्तृत जांच जारी है। वहीं National Testing Agency ने पेपर लीक के आरोपों के बाद 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा रद्द कर दी थी</p>
<p><strong>NEET-UG पेपर लीक मामले में अब तक 9 गिरफ्तारियां </strong></p>
<p>NEET-UG पेपर लीक मामले में CBI अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। एजेंसी ने 12 मई 2026 को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत पर FIR दर्ज की थी। इसके बाद स्पेशल टीमें बनाकर देशभर में कई ठिकानों पर छापेमारी की गई और संदिग्धों से पूछताछ हुई।</p>
<p>दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से अब तक 9 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें से 5 आरोपियों को अदालत ने 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। वहीं, हाल ही में गिरफ्तार दो आरोपियों को पुणे कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया, जहां उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा।</p>
<p>सीबीआई के मुताबिक, जांच में केमिस्ट्री और बायोलॉजी पेपर लीक के मुख्य आरोपियों के साथ-साथ उन बिचौलियों की भी पहचान हुई है, जिन्होंने लाखों रुपये लेकर छात्रों को इन खास क्लासों तक पहुंचाया था। एजेंसी ने महाराष्ट्र के लातूर निवासी केमिस्ट्री टीचर पीवी कुलकर्णी को भी गिरफ्तार किया है।</p>
<p>रिपोर्ट्स के अनुसार, पीवी कुलकर्णी को इस पेपर लीक मामले का कथित मास्टरमाइंड माना जा रहा है। वह कई वर्षों तक मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़े अकादमिक कार्यों में शामिल रहे और हाल के समय में National Testing Agency के साथ कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर केमिस्ट्री एक्सपर्ट के रूप में काम कर रहे थे। बताया जा रहा है कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े होने के कारण उन्हें NEET-UG 2026 के केमिस्ट्री पेपर तक पहुंच हासिल थी।</p>
<p>वह पहले एक कॉलेज में केमिस्ट्री प्रोफेसर और प्रिंसिपल भी रह चुके हैं। रिटायरमेंट के बाद वह पुणे में कोचिंग और निजी अकादमिक गतिविधियों से जुड़े हुए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 18:51:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कटिहार: 60 साल के बुजुर्ग पर आया 22 साल की लड़की का दिल; ग्रामीणों ने मंदिर में कराई शादी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बिहार के कटिहार में, 22 वर्षीय लड़की और 60 वर्षीय पुरुष की प्रेम कहानी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। गांव वालों ने इस जोड़े को एकांत जगह पर पकड़ लिया था। लेकिन विरोध करने के बजाय, उन्हें मंदिर ले जाया गया और शादी करवा दी गई। यह जोड़ा पिछले दो वर्षों से प्रेम संबंध में था। इस प्रेम संबंध का अंजाम जल्द ही शादी में बदल गया। इस कहानी का एक वीडियो फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।</p>
<p>यह कहानी कटिहार जिले के मनिहारी ब्लॉक स्थित बाघमारा पंचायत की है। यहां, गांव के निवासी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/a-22-year-old-girl-fell-in-love-with-a/article-2237"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/1510.webp" alt=""></a><br /><p>बिहार के कटिहार में, 22 वर्षीय लड़की और 60 वर्षीय पुरुष की प्रेम कहानी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। गांव वालों ने इस जोड़े को एकांत जगह पर पकड़ लिया था। लेकिन विरोध करने के बजाय, उन्हें मंदिर ले जाया गया और शादी करवा दी गई। यह जोड़ा पिछले दो वर्षों से प्रेम संबंध में था। इस प्रेम संबंध का अंजाम जल्द ही शादी में बदल गया। इस कहानी का एक वीडियो फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।</p>
<p>यह कहानी कटिहार जिले के मनिहारी ब्लॉक स्थित बाघमारा पंचायत की है। यहां, गांव के निवासी 60 वर्षीय सुग्रीम पासवान का 22 वर्षीय महिला के साथ अफेयर था। यह महिला पड़ोसी बोलिया पंचायत की निवासी है। यह जोड़ा लगभग दो वर्षों से रिश्ते में था। लगभग 38 साल का अंतर होने के बावजूद दोनों एक-दूसरे के करीब आ गए थे।</p>
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<p>ग्रामीणों के अनुसार, दोनों अक्सर मिलते थे, हालांकि उनके परिवार और बाकी गांव वाले इस रिश्ते से अनजान थे। बुधवार को जब कुछ गांव वालों ने दोनों को एकांत स्थान पर साथ देखा, तब इस अफेयर का खुलासा हुआ। शुरुआत में ग्रामीण यह देखकर हैरान रह गए कि इतनी कम उम्र की युवती गांव के 60 वर्षीय पुरुष से कैसे प्रेम कर सकती है। हालांकि, जब ग्रामीणों ने दोनों से पूछताछ की, तो कहानी और भी दिलचस्प हो गई।</p>
<p>ग्रामीण इस जोड़े को पंचायत के सामने ले आए। वहां महिला और सुग्रीम पासवान से अलग-अलग पूछा गया कि क्या वे अपनी मर्जी से साथ रहना चाहते हैं। बिना किसी हिचकिचाहट के दोनों ने कहा कि वे एक-दूसरे से प्रेम करते हैं और शादी करना चाहते हैं। इसके बाद ग्रामीणों ने फैसला किया कि चूंकि दोनों अपनी मर्जी से साथ रहना चाहते हैं, इसलिए उनकी शादी करवा दी जाए।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/1410.webp" alt="1410" width="1280" height="720"/>
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<p>कुछ ही देर में गांव के मंदिर में तैयारियां शुरू हो गईं। एक पुजारी को बुलाया गया, और मंत्रोच्चार के साथ विवाह की रस्में पूरी की गईं। फिलहाल वायरल हो रहे वीडियो में महिला को सुग्रीम पासवान से अपनी मांग में सिंदूर भरवाते देखा जा सकता है। इसके बाद उसने अपने माथे पर चंदन लगाया और हाथ जोड़कर मंदिर में देवता के सामने प्रणाम किया। शादी के बाद दोनों ने मंदिर में आशीर्वाद लिया और एक-दूसरे के कंधे पर हाथ रखकर साथ बाहर निकले।</p>
<p>शादी के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। कुछ लोगों ने अपने मोबाइल फोन में वीडियो रिकॉर्ड किए, जबकि अन्य ने तस्वीरें लीं। थोड़ी ही देर में वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। युवती ने कहा, “मैंने अपनी इच्छा से यह शादी की है। हमारा प्रेम संबंध दो साल से अधिक समय से चल रहा है। हमारे परिवार वालों को कोई आपत्ति नहीं है।” सुग्रीव ने भी यही बात कही। युवती ने आगे कहा कि वह पिछले दो वर्षों से सुग्रीव पासवान से प्रेम करती थी। दोनों एक-दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं और अब शादी के बाद उन्हें कोई चिंता नहीं है। सुग्रीव पासवान ने भी कहा कि आखिरकार उन्हें अपने प्रेम का फल मिल गया है; अब दोनों साथ रहेंगे।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/138.webp" alt="138" width="1280" height="720"/>
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<p>यह अनोखी शादी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है। सोशल मीडिया पर लोग इस घटना को लेकर अलग-अलग तरह की बातें कर रहे हैं। जहां कुछ लोग इसे प्रेम का उदाहरण मान रहे हैं, वहीं कुछ इसे हैरान करने वाला फैसला बता रहे हैं। गांव में भी निवासी इस शादी को लेकर अलग-अलग राय व्यक्त कर रहे हैं। कुछ का कहना है कि प्रेम उम्र नहीं देखता, जबकि कुछ इसे किस्मत का खेल बता रहे हैं।</p>
<p>गांव के चौराहे से लेकर शहर की चाय की दुकानों तक चर्चा हो रही है कि प्रेम की कोई उम्र नहीं होती। इस शादी ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या प्रेम वास्तव में उम्र, शारीरिक रूप और सामाजिक मानदंडों की सीमाओं को पार कर सकता है। वायरल वीडियो ने इस प्रेम कहानी को दूर-दूर तक पहुंचा दिया है। कटिहार की यह शादी सोशल मीडिया पर लोगों के लिए चर्चा और हैरानी का विषय बनी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 18:38:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>गाते-गाते नोटो के निचे आ गए गोपाल साधु </title>
                                    <description><![CDATA[<p>कला और कलाकार की सराहना उन्हें आगे बढ़ने और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती है l अक्सर गायको को स्टेज पर ही दर्शको का प्रेम मिल जाता है कि वो जीवन भर भूल नहीं पाता है l इस बार ये प्रेम नोटों के तौर पर मिला है l गुजरात के जूनागढ़ से एक वीडियो वायरल हो रहा है जहा भजन गायक गोपाल साधु पर नोटों की बरसात की गयी है l </p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/DeshGujarat/status/2055146336685826284?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2055146336685826284%7Ctwgr%5E28c2cccb3f83ef88ad3a25723e395849075f9e03%7Ctwcon%5Es1_c10&amp;ref_url=https%3A%2F%2Fnavbharattimes.indiatimes.com%2Fviral%2Fviral-news%2Fnotes-rained-on-gujarat-singer-kaviraj-jignesh-after-devotees-show-their-love-for-folk-performance-dayro%2Farticleshow%2F131113521.cms">https://twitter.com/DeshGujarat/status/2055146336685826284?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2055146336685826284%7Ctwgr%5E28c2cccb3f83ef88ad3a25723e395849075f9e03%7Ctwcon%5Es1_c10&amp;ref_url=https%3A%2F%2Fnavbharattimes.indiatimes.com%2Fviral%2Fviral-news%2Fnotes-rained-on-gujarat-singer-kaviraj-jignesh-after-devotees-show-their-love-for-folk-performance-dayro%2Farticleshow%2F131113521.cms</a></blockquote>
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<p>यह वीडियो <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">DeshGujarat</span></span> नाम के X हैंडल से शेयर किया गया है। यह मौका द्वारिका जिले में आयोजित एक दायरो इवेंट का था</p>
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/entertainment/jignesh-kaviraj-came-under-the-notes-while-singing/article-2241"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/6071359636872302460.jpg" alt=""></a><br /><p>कला और कलाकार की सराहना उन्हें आगे बढ़ने और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती है l अक्सर गायको को स्टेज पर ही दर्शको का प्रेम मिल जाता है कि वो जीवन भर भूल नहीं पाता है l इस बार ये प्रेम नोटों के तौर पर मिला है l गुजरात के जूनागढ़ से एक वीडियो वायरल हो रहा है जहा भजन गायक गोपाल साधु पर नोटों की बरसात की गयी है l </p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/DeshGujarat/status/2055146336685826284?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2055146336685826284%7Ctwgr%5E28c2cccb3f83ef88ad3a25723e395849075f9e03%7Ctwcon%5Es1_c10&amp;ref_url=https%3A%2F%2Fnavbharattimes.indiatimes.com%2Fviral%2Fviral-news%2Fnotes-rained-on-gujarat-singer-kaviraj-jignesh-after-devotees-show-their-love-for-folk-performance-dayro%2Farticleshow%2F131113521.cms">https://twitter.com/DeshGujarat/status/2055146336685826284?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2055146336685826284%7Ctwgr%5E28c2cccb3f83ef88ad3a25723e395849075f9e03%7Ctwcon%5Es1_c10&amp;ref_url=https%3A%2F%2Fnavbharattimes.indiatimes.com%2Fviral%2Fviral-news%2Fnotes-rained-on-gujarat-singer-kaviraj-jignesh-after-devotees-show-their-love-for-folk-performance-dayro%2Farticleshow%2F131113521.cms</a></blockquote>
<p>

</p>
<p>यह वीडियो <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">DeshGujarat</span></span> नाम के X हैंडल से शेयर किया गया है। यह मौका द्वारिका जिले में आयोजित एक दायरो इवेंट का था</p>
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<p>ऑर्गनाइजर्स ने बताया कि सभी खर्चे निकालने के बाद बची रकम अहीर चैरिटेबल ट्रस्ट को दान की जाएगी। इस फंड से अहमदाबाद में गुजरात कन्या छात्रालय और एजुकेशन कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/image-2.jpg" alt="image 2" width="1280" height="720"/></p>
<p>वीडियो में सिंगर पर नोटों से भरे झोले उड़ेलते हुए देखा जा सकता है। हालत ऐसी हो जाती है कि वह नोटों के ढेर में दब जाते हैं और सिर्फ उनका सिर नजर आता है। हालांकि, इसके बावजूद उनका गाना लगातार चलता रहता है।</p>
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</div>
<div class="z-0 flex min-h-[46px] justify-start">गोपाल साधु पर नोटों की बारिश दायरो प्रस्तुति के दौरान की गई। दायरो गुजरात का एक पारंपरिक लोक गायन कार्यक्रम होता है, जिसमें कहानियां, चुटकुले और भजन शामिल किए जाते हैं</div>
<div class="z-0 flex min-h-[46px] justify-start"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/comment-section.jpg" alt="comment section" width="1280" height="720"/></div>
<div class="z-0 flex min-h-[46px] justify-start">वीडियो देखने के बाद लोग नोटों की कुल रकम का अंदाजा लगाने लगे हैं। एक यूजर ने दावा किया कि इसमें सिर्फ 10 और 20 रुपये के नोट हैं, जबकि दूसरे यूजर ने रकम करीब 4 हजार रुपये बताई। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि नोट इतने गंदे हैं कि इससे सिंगर को लंग इंफेक्शन तक हो सकता है।</div>
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                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 17:08:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>धुरंधर’ को कोर्ट से बड़ी राहत: ‘तिरछी टोपीवाले’ गाने के विवाद के बावजूद ओटीटी रिलीज पर रोक लगाने से इनकार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दिल्ली हाईकोर्ट ने आगामी फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ (Dhurandhar: The Revenge) की OTT रिलीज़ पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। साल 1989 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘त्रिदेव’ के आइकॉनिक गाने तिरछी टोपीवाले (Tirchi Topiwale) के कथित गैरकानूनी इस्तेमाल को लेकर चल रहे कॉपीराइट विवाद में कोर्ट ने यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।</p>
<p>लाइव लॉ (Live Law) की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस तुषार राव गेडेला ने त्रिमूर्ति फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड (Trimurti Films Private Limited) को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। त्रिमूर्ति फिल्म्स ने इस फिल्म और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इस गाने तथा इसके रीमिक्स वर्जन रंग दे लाल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/entertainment/the-song-tirchi-topiwale-was-used-without-permission-in-dhurandhar/article-2235"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/0116.webp" alt=""></a><br /><p>दिल्ली हाईकोर्ट ने आगामी फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ (Dhurandhar: The Revenge) की OTT रिलीज़ पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। साल 1989 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘त्रिदेव’ के आइकॉनिक गाने तिरछी टोपीवाले (Tirchi Topiwale) के कथित गैरकानूनी इस्तेमाल को लेकर चल रहे कॉपीराइट विवाद में कोर्ट ने यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।</p>
<p>लाइव लॉ (Live Law) की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस तुषार राव गेडेला ने त्रिमूर्ति फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड (Trimurti Films Private Limited) को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। त्रिमूर्ति फिल्म्स ने इस फिल्म और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इस गाने तथा इसके रीमिक्स वर्जन रंग दे लाल (ओए ओए) के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने सुपर कैसेट्स इंडस्ट्रीज़ प्राइवेट लिमिटेड (T-Series) को चार हफ्तों के भीतर कोर्ट में ₹50 लाख जमा कराने का आदेश दिया है।</p>
<p><strong><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/0217.webp" alt="0217" width="1280" height="720"/></strong></p>
<p><strong>क्या है पूरा विवाद?</strong></p>
<p>त्रिमूर्ति फिल्म्स का तर्क था कि 1988 के एक समझौते के तहत सुपर कैसेट्स इंडस्ट्रीज़ (T-Series) को केवल सीमित ऑडियो राइट्स (ऑडियो अधिकार) दिए गए थे। इस गाने को किसी अन्य फिल्म के साथ सिंक्रोनाइज़ करने या उसमें शामिल करने की कोई अनुमति नहीं दी गई थी। प्रोडक्शन हाउस ने दावा किया कि ‘धुरंधर: द रिवेंज’ में इस गाने का इस्तेमाल उसके साहित्यिक (literary), संगीत (musical) और साउंड रिकॉर्डिंग कॉपीराइट का उल्लंघन करता है।</p>
<p>दूसरी ओर, प्रतिवादियों—जिनमें B62 स्टूडियोज प्रा. लि. और जियो स्टूडियोज (Jio Studios) शामिल हैं—ने इस याचिका का कड़ा विरोध किया और त्रिमूर्ति फिल्म्स पर तथ्यों को छिपाने का आरोप लगाया। उन्होंने कोर्ट में दलील दी कि इससे पहले भी ‘त्रिदेव’ के गानों का इस्तेमाल ‘अज़हर’ (Azhar) और ‘K.G.F: चैप्टर 1’ जैसी फिल्मों में किया गया था, लेकिन तब कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई थी।</p>
<p><strong>कोर्ट की टिप्पणी और आदेश</strong></p>
<p>फिल्म की OTT रिलीज़ पर स्टे देने से इनकार करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि यदि भविष्य में ट्रायल (सुनवाई) के दौरान त्रिमूर्ति फिल्म्स अपने कॉपीराइट दावों को साबित करने में सफल रहती है, तो उसे हर्जाने (damages) के रूप में उचित मुआवज़ा दिया जा सकता है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/0316.webp" alt="0316" width="1280" height="720"/></p>
<p>इसके साथ ही कोर्ट ने टी-सीरीज़ को चार हफ्तों के भीतर रजिस्ट्रार जनरल के नाम पर ₹50 लाख जमा कराने का निर्देश दिया है। इस राशि को ऑटो-रिन्यूअल क्लॉज़ के साथ ब्याज देने वाली फिक्स्ड डिपॉज़िट (FDR) में रखा जाएगा, और ट्रायल के अंत में जो पक्ष जीतेगा उसे इस राशि का लाभ मिलेगा।</p>
<p><strong>OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज़</strong></p>
<p>‘धुरंधर: द रिवेंज’ 15 मई, 2026 से नेटफ्लिक्स (Netflix) पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध हो चुकी है। वहीं भारत में इसकी डिजिटल रिलीज़ जियोहॉटस्टार (JioHotstar) पर होने की संभावना है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जियोहॉटस्टार पर दर्शकों को इस फिल्म का 3 घंटे 52 मिनट लंबा स्पेशल रॉ एंड अनदेखा (Raw &amp; Undekha) वर्जन देखने को मिलेगा, जिसमें थिएटरों में न दिखाए गए कुछ अनसेंसर्ड दृश्य भी शामिल होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 16:30:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जयपुर: अपनी ही सैलरी के लिए रिश्वत? नगर निगम का स्वास्थ्य निरीक्षक रंगे हाथ गिरफ्तार, कर्मचारियों से मांग रहा था पैसे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जयपुर में ACB ने बड़ी कार्रवाई करते हुए म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के एक स्वास्थ्य निरीक्षक और एक निजी व्यक्ति को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह मामला जयपुर म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के वार्ड नंबर 99 का है, जहां शिकायतकर्ता का वेतन जारी करने के लिए हर महीने रिश्वत मांगी जा रही थी।</p>
<p>ACB मुख्यालय के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए, ACB जयपुर शहर-II यूनिट ने गुरुवार को जाल बिछाकर कार्रवाई की और स्वास्थ्य निरीक्षक दिनेश कुमार तथा निजी व्यक्ति प्रकाश चंद को ₹5,000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि दोनों ने शिकायतकर्ता का मार्च 2026</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/jaipur-municipal-corporations-health-inspector-was-arrested-red-handed-for/article-2238"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/bribe11.webp" alt=""></a><br /><p>जयपुर में ACB ने बड़ी कार्रवाई करते हुए म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के एक स्वास्थ्य निरीक्षक और एक निजी व्यक्ति को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह मामला जयपुर म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के वार्ड नंबर 99 का है, जहां शिकायतकर्ता का वेतन जारी करने के लिए हर महीने रिश्वत मांगी जा रही थी।</p>
<p>ACB मुख्यालय के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए, ACB जयपुर शहर-II यूनिट ने गुरुवार को जाल बिछाकर कार्रवाई की और स्वास्थ्य निरीक्षक दिनेश कुमार तथा निजी व्यक्ति प्रकाश चंद को ₹5,000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि दोनों ने शिकायतकर्ता का मार्च 2026 का वेतन जारी करने के लिए हर महीने ₹5,000 की रिश्वत मांगी थी।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/19.jpg" alt="1" width="1280" height="720"/>
indianexpress.com

<p>शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले का सत्यापन किया। जांच के दौरान रिश्वत लेने के आरोप सही पाए गए। इसके बाद उप पुलिस महानिरीक्षक (द्वितीय) ओमप्रकाश मीणा के मार्गदर्शन में कार्रवाई की योजना बनाई गई।</p>
<p>ACB की टीम ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भूपेन्द्र के नेतृत्व में और उप पुलिस अधीक्षक अभिषेक पारिक की मौजूदगी में जाल बिछाकर कार्रवाई को अंजाम दिया। कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य निरीक्षक दिनेश कुमार और प्रकाश चंद शिकायतकर्ता से ₹5,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए।</p>
<p>यह भी पता चला कि प्रकाश चंद रेलवे स्टेशन के पास स्थित वार्ड कार्यालय के निकट एक दुकान चलाता है और रिश्वत की रकम के लेन-देन में बिचौलिए की भूमिका निभा रहा था। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और फिलहाल उनसे पूछताछ की जा रही है।</p>
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facebook.com/thevoiceofsikkim

<p>ACB अधिकारियों के अनुसार, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि रिश्वत का यह नेटवर्क कितना बड़ा था और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल थे।</p>
<p>इस कार्रवाई के बाद म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सरकारी कर्मचारियों के वेतन भुगतान जैसे नियमित प्रशासनिक कार्यों के लिए रिश्वत मांगे जाने की इस घटना ने प्रशासनिक तंत्र की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 16:28:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
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                <title>पटना: विधायक के भाई से दिनदहाड़े सोने की चेन छीनकर बाइक सवार फरार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पटना के पॉश इलाके कंकड़बाग में जहानाबाद के विधायक राहुल कुमार के भाई रोहित कुमार के साथ चेन स्नैचिंग की घटना हुई है। दो बाइक सवार अपराधियों ने उनके निवास स्थान से मात्र 100 मीटर दूर इस घटना को अंजाम दिया। यह घटना सुबह 7:46 बजे हुई, जब रोहित कुमार मॉर्निंग वॉक के लिए बाहर निकले थे। इस घटना के बाद पीड़ित रोहित कुमार ने पुलिस पेट्रोलिंग और राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए हैं।</p>
<p>रोहित कुमार ने बताया कि वह अपने रोज़ाना के नियम के अनुसार मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। वह लोहिया नगर पार्क से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/bike-rider-absconds-after-snatching-gold-chain-from-patna-mlas/article-2240"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/chain-snatching.webp" alt=""></a><br /><p>पटना के पॉश इलाके कंकड़बाग में जहानाबाद के विधायक राहुल कुमार के भाई रोहित कुमार के साथ चेन स्नैचिंग की घटना हुई है। दो बाइक सवार अपराधियों ने उनके निवास स्थान से मात्र 100 मीटर दूर इस घटना को अंजाम दिया। यह घटना सुबह 7:46 बजे हुई, जब रोहित कुमार मॉर्निंग वॉक के लिए बाहर निकले थे। इस घटना के बाद पीड़ित रोहित कुमार ने पुलिस पेट्रोलिंग और राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए हैं।</p>
<p>रोहित कुमार ने बताया कि वह अपने रोज़ाना के नियम के अनुसार मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। वह लोहिया नगर पार्क से पंचमंदिर की ओर जा रहे थे, जहां उनके निवास स्थान के पीछे एक मंदिर स्थित है। जब वह वापस घर लौट रहे थे, तभी दो बाइक सवार अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाया। वे अचानक आए और उनके गले से सोने की चेन छीनकर मौके से फरार हो गए। यह घटना इतनी तेजी से हुई कि आसपास के लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही अपराधी भाग चुके थे।</p>
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udayavani.com

<p>चोरी हुई सोने की चेन की कीमत लगभग ₹3 लाख बताई जा रही है। छीना-झपटी के दौरान रोहित के गले पर खरोंच भी आई, जिससे खून निकल आया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय निवासी मौके पर जमा हो गए और पुलिस को सूचना दी। पास की एक दुकान में लगे CCTV फुटेज में पूरी घटना कैद हो गई। फुटेज में साफ तौर पर दो हेलमेट पहने बाइक सवार अपराधी घटना को अंजाम देते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस अब CCTV फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर अपराधियों की तलाश कर रही है।</p>
<p>रोहित कुमार मूल रूप से जहानाबाद के निवासी हैं। वह जहानाबाद के वर्तमान विधायक राहुल कुमार के भाई और JDU के पूर्व सांसद जगदीश शर्मा के पुत्र हैं। ऐसे में दिनदहाड़े हुई यह घटना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है। घटना के बाद रोहित कुमार ने पुलिस बल की कार्यप्रणाली और कार्यक्षमता पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यदि चुने हुए प्रतिनिधियों के परिवार के सदस्य भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। रोहित का आरोप है कि नियमित पुलिस पेट्रोलिंग के अभाव में इलाके में अपराधियों का मनोबल बढ़ रहा है। सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकलने वाले लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। अपराधियों में पुलिस का डर कम होता जा रहा है।</p>
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bhaskar.com

<p>इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में भय का माहौल देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि राजधानी में स्नैचिंग, चोरी और लूट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, फिर भी पुलिस अपराध रोकने में विफल साबित हो रही है। आरोप है कि सुबह जल्दी और देर रात के समय कई इलाकों में पुलिस पेट्रोलिंग साफ तौर पर नदारद रहती है। अपराधी इस स्थिति का फायदा उठा रहे हैं। निवासियों ने इलाके में पेट्रोलिंग बढ़ाने और अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।</p>
<p>पुलिस ने कहा है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। CCTV फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर पटना पुलिस की सक्रियता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 15:07:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरेली: सादे कपड़ों में पुलिस स्टेशन पहुंची थीं IPS अंशिका वर्मा, पहचान नहीं पाया सिपाही; 'जय हिंद' न कहने पर मिली सजा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बरेली में पुलिस अनुशासन से जुड़ा एक मामला इन दिनों व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। आंवला पुलिस स्टेशन में वार्षिक निरीक्षण के दौरान, गेट पर तैनात एक नए भर्ती हुए कांस्टेबल को आईपीएस अधिकारी (एसपी दक्षिण) अंशिका वर्मा को सलाम करते समय ‘जय हिंद’ न कहने पर 15 दिनों के लिए रिजर्व पुलिस लाइंस भेज दिया गया है। हालांकि, पुलिस विभाग का कहना है कि यह कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि अतिरिक्त प्रशिक्षण का हिस्सा है।</p>
<p>रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस विभाग हर साल विभिन्न पुलिस स्टेशनों का वार्षिक निरीक्षण करता है। इसी क्रम में, एसपी दक्षिण अंशिका वर्मा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/6a081f2d2d8c6/article-2239"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/anshika-verma.webp" alt=""></a><br /><p>बरेली में पुलिस अनुशासन से जुड़ा एक मामला इन दिनों व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। आंवला पुलिस स्टेशन में वार्षिक निरीक्षण के दौरान, गेट पर तैनात एक नए भर्ती हुए कांस्टेबल को आईपीएस अधिकारी (एसपी दक्षिण) अंशिका वर्मा को सलाम करते समय ‘जय हिंद’ न कहने पर 15 दिनों के लिए रिजर्व पुलिस लाइंस भेज दिया गया है। हालांकि, पुलिस विभाग का कहना है कि यह कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि अतिरिक्त प्रशिक्षण का हिस्सा है।</p>
<p>रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस विभाग हर साल विभिन्न पुलिस स्टेशनों का वार्षिक निरीक्षण करता है। इसी क्रम में, एसपी दक्षिण अंशिका वर्मा फिलहाल अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले पुलिस स्टेशनों का निरीक्षण कर रही हैं।</p>
<p>वे आंवला पुलिस स्टेशन पहुंचीं, जहां आंवला के सीओ (सर्कल ऑफिसर) नितिन कुमार, कोतवाल बीनू चौधरी और अन्य पुलिसकर्मी निरीक्षण की तैयारियों में लगे हुए थे। हाल ही में भर्ती हुए कांस्टेबल परमवीर सिंह स्टेशन गेट पर ड्यूटी पर तैनात थे। पुलिस विभाग में, वरिष्ठ अधिकारियों को सलाम करते समय ‘जय हिंद’ बोलना सामान्य और अनिवार्य शिष्टाचार माना जाता है।</p>
<p>आरोप है कि परमवीर सिंह ने न तो एसपी को ठीक से सलाम किया और न ही ‘जय हिंद’ कहा। इस गलती पर नाराजगी जताते हुए एसपी अंशिका वर्मा ने कहा कि भर्ती कांस्टेबल का प्रशिक्षण अभी भी त्रुटिपूर्ण है। उन्होंने पुलिस स्टेशन प्रभारी से यह भी कहा कि जवानों को अधिकारियों के अभिवादन और अनुशासन बनाए रखने के प्रोटोकॉल की जानकारी दी जानी चाहिए। इसके बाद, एसपी ने आदेश दिया कि कांस्टेबल परमवीर सिंह को 15 दिनों के लिए रिजर्व पुलिस लाइंस भेजा जाए ताकि उन्हें ड्रिल और अनुशासन से जुड़ा अतिरिक्त प्रशिक्षण दिया जा सके। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह कदम कांस्टेबल के व्यवहार और प्रशिक्षण के मानकों में सुधार लाने के उद्देश्य से उठाया गया था।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/anshika-verma2.webp" alt="anshika-verma2" width="1280" height="720"/>
the420.in

<p>निरीक्षण के दौरान ली गई एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस घटना ने और अधिक ध्यान आकर्षित किया। तस्वीर में एसपी अंशिका वर्मा अपने आधिकारिक वर्दी में नहीं, बल्कि सादे कपड़ों में दिखाई दे रही हैं। कुछ पुलिसकर्मियों का कहना है कि परमवीर हाल ही में अपनी बुनियादी ट्रेनिंग पूरी करके आया था, इसलिए वह एसपी को पहचान नहीं पाया क्योंकि वे सादे कपड़ों में थीं। इसी वजह से वह औपचारिक अभिवादन नहीं कर सका। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विभागीय अनुशासन पुलिस सेवा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, और सभी कर्मचारियों के लिए इसका पालन करना अनिवार्य है।</p>
<p><strong>आईपीएस अंशिका वर्मा कौन हैं?</strong></p>
<p>अंशिका वर्मा 2021 बैच की उत्तर प्रदेश कैडर की आईपीएस अधिकारी हैं। उन्हें ‘लेडी सिंघम’ के नाम से भी जाना जाता है। वे मूल रूप से प्रयागराज की रहने वाली हैं। मार्च 2026 में, उनकी शादी आईपीएस कृष्ण कुमार बिश्नोई के साथ हुई थी। यह शादी काफी चर्चा में रही थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

                <link>https://hindi.khabarchhe.com/national/6a081f2d2d8c6/article-2239</link>
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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 13:26:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्या फिर बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम? जानें आने वाले दिनों में कितनी बढ़ सकती हैं कीमतें</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, तेल कंपनियों ने प्रति लीटर ₹3 का इजाफा किया है। ये नए दाम 15 मई से लागू हो गए हैं। इस बढ़ोतरी को लेकर पहले से ही आशंका जताई जा रही थी, और कई रिपोर्टों में पेट्रोल और डीजल के लिए प्रति लीटर ₹5 से ₹20 तक बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया था। हालांकि, लागू की गई वास्तविक बढ़ोतरी इन अनुमानों की तुलना में काफी कम है। लेकिन क्या यह पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अंतिम संशोधन है, या आगे भी यह सिलसिला जारी रहने की संभावना है?</p>
<p>यह सवाल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/business/will-the-prices-of-petrol-and-diesel-increase-again-know/article-2236"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/18.jpg" alt=""></a><br /><p>पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, तेल कंपनियों ने प्रति लीटर ₹3 का इजाफा किया है। ये नए दाम 15 मई से लागू हो गए हैं। इस बढ़ोतरी को लेकर पहले से ही आशंका जताई जा रही थी, और कई रिपोर्टों में पेट्रोल और डीजल के लिए प्रति लीटर ₹5 से ₹20 तक बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया था। हालांकि, लागू की गई वास्तविक बढ़ोतरी इन अनुमानों की तुलना में काफी कम है। लेकिन क्या यह पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अंतिम संशोधन है, या आगे भी यह सिलसिला जारी रहने की संभावना है?</p>
<p>यह सवाल इसलिए उठता है क्योंकि मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण तेल और गैस संकट का हवाला देते हुए इन कीमतों में वृद्धि की गई है, जो अभी भी अनसुलझा है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत सफल नहीं हो सकी है। होर्मुज़ स्ट्रेट में तेल टैंकरों पर हमलों की खबरें भी सामने आ रही हैं। आइए समझते हैं कि तेल कंपनियां आखिर अपने नुकसान की भरपाई पूरी तरह कैसे कर सकती हैं और उनके पास कीमतें बढ़ाने के लिए कौन-सा फॉर्मूला है।</p>
<p>अगर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की बात करें, तो प्रति लीटर ₹3 की वृद्धि ने लोगों को ज्यादा चौंकाया नहीं। इसके बावजूद, तेल कंपनियों द्वारा आधिकारिक रूप से कीमत बढ़ाने की घोषणा से पहले ही पेट्रोल पंपों पर वाहनों में ईंधन भरवाने के लिए भीड़ देखी गई थी; कुछ मामलों में, पेट्रोल पंप कर्मचारियों को ‘नो फ्यूल’ के साइनबोर्ड लगाने पड़े थे। इंडिया टुडे द्वारा दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, गुजरात, ओडिशा और बिहार के 15 पेट्रोल पंपों को कवर करते हुए किए गए एक ग्राउंड रिपोर्ट में भी पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर लोगों में स्पष्ट चिंता दिखाई दी थी। लोग चिंतित हैं कि अगर मध्य-पूर्व में तनाव जारी रहता है, तो क्या पेट्रोल-डीजल की कीमतों में यह अंतिम संशोधन नहीं है, यानी कीमतें आगे और बढ़ सकती हैं।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/26.jpg" alt="2" width="1280" height="720"/>
upstox.com

<p>अमेरिका-ईरान संघर्ष और होर्मुज़ स्ट्रेट में संभावित व्यवधान के कारण पेट्रोलियम कंपनियां फिलहाल भारी नुकसान झेल रही हैं। इसकी वजह यह है कि हालिया बढ़ोतरी से पहले पेट्रोल और डीजल पिछले चार वर्षों से पुराने दामों पर बेचे जा रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वैश्विक ऊर्जा कीमतों में वृद्धि के बावजूद घरेलू कीमतें स्थिर रखने के फैसले के कारण सरकारी तेल कंपनियों को रोजाना ₹1,600–₹1,700 करोड़ का नुकसान हो रहा था।</p>
<p>दरअसल, केंद्रीय एक्साइज ड्यूटी और राज्य स्तरीय वैट (VAT) जैसे अन्य कारकों के साथ-साथ कच्चे तेल की कीमतें पेट्रोल और डीजल के दाम तय करने में मुख्य भूमिका निभाती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत में एक डॉलर की बढ़ोतरी आमतौर पर स्थानीय पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर 50 से 60 पैसे तक संभावित बढ़ोतरी का कारण बनती है। ऐसे में, अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की शुरुआत से कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया है; उस समय यह लगभग $69 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था और अब कीमतें लगभग $109 प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि ₹3 की बढ़ोतरी तेल कंपनियों के नुकसान की पूरी भरपाई नहीं कर सकती।</p>
<p>गौरतलब है कि पहले सरकार घरेलू ईंधन की कीमतों को नियंत्रित करती थी, जिसमें आमतौर पर हर 15 दिन में संशोधन किया जाता था। हालांकि, 2010 और 2014 में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव का अधिकार ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को सौंप दिया गया था। यानी तब से इन तेल कंपनियों को यह तय करने की स्वायत्तता मिल गई कि कब, कैसे और कितने मार्जिन के साथ ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी या कटौती करनी है। 2017 से रोजाना सुबह ईंधन की कीमतों में संशोधन किया जाने लगा।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/33.jpg" alt="3" width="1280" height="720"/>
indiatoday.in

<p>इसके अलावा, अगर इतिहास पर नजर डालें तो तेल कंपनियां शायद ही कभी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एकमुश्त बड़ा इजाफा करती दिखी हैं। इसका एक प्रमुख उदाहरण 2022 का रूस-यूक्रेन युद्ध है, जब वैश्विक तेल कीमतें आसमान छू रही थीं। उस दौरान देश में मार्च और अप्रैल के महीनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई थी। उस महीने 15 में से 13 दिनों में कीमतें बढ़ाई गई थीं और उनमें से 10 दिनों में केवल 80 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी। ऐसे में संभव है कि IOCL, BPCL और HPCL जैसी तेल कंपनियां भविष्य में अपने वित्तीय नुकसान की प्रभावी भरपाई के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में धीरे-धीरे और बढ़ोतरी करें, ताकि उन्हें हो रहे नुकसान की भरपाई हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 12:34:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>शराब घोटाला केस: केजरीवाल के केस से हटीं जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा, लेकिन 'आप' नेताओं को अवमानना मामले में घेरा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने लिकर पॉलिसी (आबकारी नीति) मामले की सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के अन्य पांच नेताओं के खिलाफ उन्होंने स्वयं ही आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू की है, इसलिए वे इन नेताओं को बरी करने के खिलाफ CBI की याचिका पर आगे सुनवाई नहीं कर सकतीं।</p>
<p>जस्टिस शर्मा ने स्पष्ट किया कि कानून के अनुसार, जो जज अवमानना की कार्रवाई शुरू करता है, वह मुख्य मामले की सुनवाई नहीं कर सकता। इसलिए अब यह मामला चीफ जस्टिस के आदेश के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/justice-swarn-kanta-sharma-removed-from-kejriwals-liquor-scam-case/article-2233"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/photo-(2)18.webp" alt=""></a><br /><p>दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने लिकर पॉलिसी (आबकारी नीति) मामले की सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के अन्य पांच नेताओं के खिलाफ उन्होंने स्वयं ही आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू की है, इसलिए वे इन नेताओं को बरी करने के खिलाफ CBI की याचिका पर आगे सुनवाई नहीं कर सकतीं।</p>
<p>जस्टिस शर्मा ने स्पष्ट किया कि कानून के अनुसार, जो जज अवमानना की कार्रवाई शुरू करता है, वह मुख्य मामले की सुनवाई नहीं कर सकता। इसलिए अब यह मामला चीफ जस्टिस के आदेश के अधीन किसी अन्य बेंच को ट्रांसफर किया जाएगा।</p>
<p>सुनवाई के दौरान जस्टिस शर्मा ने जोर देकर कहा कि AAP नेताओं द्वारा दायर की गई ‘रिक्यूजल’ (जज को केस से हटने के लिए) याचिकाओं को खारिज करने के अपने फैसले पर वे आज भी कायम हैं।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/413.webp" alt="413" width="1280" height="720"/></p>
<p>उन्होंने कोर्ट में कहा कि मैं केस से हटने के अपने आदेश पर कायम हूं। मैं उसमें एक भी शब्द नहीं बदलूंगी... मैं इस संस्था (न्यायपालिका) के लिए और अपने आत्मसम्मान के लिए खड़ी हूं। लेकिन, कानून की सीमाओं के तहत, जो जज अवमानना की कार्रवाई शुरू करता है वह मुख्य केस नहीं सुन सकता... इसलिए रिक्यूजल का आदेश यथावत रहेगा, लेकिन मैं यह केस दूसरी कोर्ट को भेज रही हूं। मैं इस मामले को चीफ जस्टिस के समक्ष सूचीबद्ध करूंगी ताकि कोई अन्य जज इस केस की सुनवाई कर सके।</p>
<p>अरविंद केजरीवाल के अलावा जस्टिस शर्मा ने AAP नेताओं मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक, संजय सिंह, विनय मिश्रा और सौरभ भारद्वाज के खिलाफ कोर्ट की अवमानना की कार्रवाई शुरू की है।</p>
<p>अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस शर्मा पर ‘हितों के टकराव’ का आरोप लगाया था और तर्क दिया था कि जज के बच्चे केंद्र सरकार के पैनल के वकील हैं। इस पर जज ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ये आरोप केवल कोर्टरूम तक सीमित नहीं रहे, बल्कि सोशल मीडिया पर उनके परिवार को भी घसीटा गया।</p>
<p>इस मामले में केंद्र सरकार की ओर से उपस्थित सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने AAP नेताओं के रवैये की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कई युवा वकील हैं, जो जजों के बेटे-बेटियां हैं और उनकी ऑफिस से जुड़े हुए हैं।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/002.webp" alt="002" width="1280" height="720"/></p>
<p>तुषार मेहता ने कहा कि मैं कभी भी ऐसी कोर्ट में कोई केस स्वीकार नहीं करता जहां मेरे साथ प्रैक्टिस करने वाला कोई वकील पेश होने वाला हो। आपके (जस्टिस शर्मा के) बच्चे मेरी ऑफिस में काम नहीं करते। यहां एक खास नैरेटिव खड़ा करने की कोशिश की जा रही है... हर जज को ऐसा संदेश दिया जा रहा है कि हम आपको बदनाम करेंगे। लेकिन यह न्यायपालिका इतनी मजबूत है कि हम अपनी गरिमा खो नहीं सकते।</p>
<p>सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया कि ऐसे याचिकाकर्ताओं से निपटने के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार किया जाएगा और इसके लिए कुछ गाइडलाइंस होना जरूरी है।</p>
<p>मेहता ने जस्टिस शर्मा से इस केस की सुनवाई जारी रखने का अनुरोध किया था, लेकिन जज ने कहा कि न्यायिक अनुशासन (Judicial Discipline) की मांग है कि यह मामला दूसरी बेंच को ट्रांसफर किया जाए। इसके बाद, तुषार मेहता ने विश्वास जताया कि यह मामला किसी भी कोर्ट में जाए, लेकिन (निचली अदालत का) आरोपियों को बरी करने का आदेश टिक नहीं पाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 21:40:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>NEET की एग्जाम सिस्टम में कैंसर फैल गया है, शिक्षा मंत्री ने पहली बार गड़बड़ियों की बात स्वीकार की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>NEET पेपरलीक के बाद केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर जमकर सवाल उठ रहे थे। वे मीडिया को जवाब देने के बजाय हंसते हुए निकल जाते थे। हालांकि, वे शुक्रवार को अचानक मीडिया के सामने आए। उन्होंने स्वीकार किया कि सिस्टम में कैंसर फैल गया है। शिक्षामंत्री का यह स्वीकार कई सवाल खड़े करता है। </p>
<p>धर्मेंद्र प्रधान को एक अच्छा मंत्री माना जाता है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में जो कहा, वह वास्तव में बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने 'व्याधि' शब्द का कई बार उपयोग किया। उन्होंने कहा कि NEET की पूरी सिस्टम में व्याधि फैल गई है। सिस्टम को कैंसर हो</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/cancer-has-spread-in-the-neet-exam-system-education-minister/article-2232"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/0115.webp" alt=""></a><br /><p>NEET पेपरलीक के बाद केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर जमकर सवाल उठ रहे थे। वे मीडिया को जवाब देने के बजाय हंसते हुए निकल जाते थे। हालांकि, वे शुक्रवार को अचानक मीडिया के सामने आए। उन्होंने स्वीकार किया कि सिस्टम में कैंसर फैल गया है। शिक्षामंत्री का यह स्वीकार कई सवाल खड़े करता है। </p>
<p>धर्मेंद्र प्रधान को एक अच्छा मंत्री माना जाता है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में जो कहा, वह वास्तव में बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने 'व्याधि' शब्द का कई बार उपयोग किया। उन्होंने कहा कि NEET की पूरी सिस्टम में व्याधि फैल गई है। सिस्टम को कैंसर हो गया है। लेकिन जब उनसे पूछा गया कि वे इस बारे में क्या कदम उठाने वाले हैं, तो उन्होंने लगातार यही दोहराया कि एजेंसियां काम कर रही हैं। एजेंसियां सब कुछ बाहर लाएंगी। जो भी जिम्मेदार होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। </p>
<p>जब मीडिया ने पूछा कि वर्ष 2024 में भी पेपर लीक हुए थे। फिर 2026 में ऐसी घटना दोबारा कैसे हुई। दोबारा ऐसा न हो, इसके लिए राधाकृष्णन समिति ने कई सुझाव भी दिए थे। उनका क्या हुआ। तो शिक्षामंत्री ने जवाब दिया कि वर्तमान में जो परीक्षा आयोजित की जाती है, वह नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) का गठन सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर किया गया था। इसके अलावा राधाकृष्णन समिति ने जो भी सुझाव दिए थे, उन सभी को हमने लागू किया है। जिस दिन परीक्षा थी, उस दिन देश के 5400 परीक्षा केंद्रों पर निगरानी रखने के लिए कलेक्टरों और एसपी को आदेश दिए गए थे। </p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/0216.webp" alt="0216" width="1280" height="720"/></p>
<p>मीडिया ने सवाल किया कि आपने सब कुछ अच्छा किया। सारी व्यवस्थाएं कीं। लेकिन फिर भी पेपर लीक हो गए, यह एक सच्चाई है। ऐसा क्यों हुआ। तब शिक्षामंत्री को अंततः स्वीकार करना पड़ा कि पूरी सिस्टम में सड़ांध फैल गई है। सिस्टम को कैंसर हो गया है। इसलिए एजेंसियां जांच करेंगी, उसके बाद जो भी कदम उठाने होंगे, वे उठाए जाएंगे। </p>
<p>लेकिन सवाल यह उठता है कि सिस्टम में सड़ांध आई कैसे। पेपर लीक पहली बार नहीं हुए हैं। ऐसा कई बार हो चुका है। जाने-माने शिक्षाविद जैसे खान सर और अलख पांडे कह चुके हैं कि जब भी पेपर लीक होते हैं, तब सरकार बड़ी-बड़ी बातें करती है। कहती है कि जिम्मेदारों को छोड़ा नहीं जाएगा। लेकिन अंत में कुछ नहीं होता। अलख पांडे ने कहा कि उन्होंने एक भी पेपर लीक कराने वाले को जेल जाते नहीं देखा। इसके पीछे कारण है पैसा। पूरी सिस्टम पैसे पर चल रही है। पेपर लीक कराने वाले पैसे देकर किसी को भी खरीद लेते हैं। सरकार इसके सामने लाचार हो गई है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/0315.webp" alt="0315" width="1280" height="720"/></p>
<p>जब उनसे कहा गया कि इस मामले पर संसदीय समिति ने भी रिपोर्ट दी है। राहुल गांधी ने भी सवाल उठाए हैं। तब शिक्षामंत्री ने कहा कि वे इस समय कोई राजनीतिक बात नहीं करना चाहते। शिक्षामंत्री का यह रुख एक तरह से सही है कि वे कोई राजनीतिक बात नहीं करना चाहते। लेकिन शिक्षामंत्री को यह भी देखना चाहिए कि वे स्वयं एक राजनेता हैं। इस देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के कारण ही वे चुने जाकर मंत्री बने हैं। वे संसदीय समिति की रिपोर्ट को भी राजनीति कहें, यह कितना उचित है। चलिए राजनीति को एक तरफ रख देते हैं, लेकिन क्या शिक्षामंत्री देश के लाखों छात्रों और अभिभावकों को भरोसा दिला पाएंगे कि आने वाली परीक्षाओं में कोई पेपरलीक नहीं होगा। इसका जवाब शायद हमें बहुत जल्द मिल जाए, ऐसी आशा रखते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 17:28:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ग्लोबल वॉर का साइड इफेक्ट! ईरान-अमेरिका-इज़रायल संघर्ष के कारण भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 3.61 लाख करोड़ की कमी </title>
                                    <description><![CDATA[<p>पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के बीच भारत सरकार देश की अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए एक्शन मोड में आ गई है। रविवार को तेलंगाना में एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अगले एक वर्ष तक सोना खरीदने और विदेश यात्रा से बचने की अपील की है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक संकट के कारण क्रूड ऑयल और उर्वरकों की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें किसी भी कीमत पर विदेशी मुद्रा (Forex) बचानी होगी। ईंधन और आयात कम करने के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/side-effect-of-global-war-reduction-of-rs-361-lakh/article-2231"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/0111.webp" alt=""></a><br /><p>पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के बीच भारत सरकार देश की अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए एक्शन मोड में आ गई है। रविवार को तेलंगाना में एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अगले एक वर्ष तक सोना खरीदने और विदेश यात्रा से बचने की अपील की है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक संकट के कारण क्रूड ऑयल और उर्वरकों की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें किसी भी कीमत पर विदेशी मुद्रा (Forex) बचानी होगी। ईंधन और आयात कम करने के लिए फिर से ‘वर्क फ्रॉम होम’, वर्चुअल मीटिंग्स और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग अपनाने की आवश्यकता है।</p>
<p>पेट्रोल-डीज़ल की खपत कम करने के लिए मेट्रो रेल का उपयोग, कारपूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ने की अपील की गई है। पार्सल और माल ढुलाई के लिए रेलवे के उपयोग को बढ़ाने को कहा गया है।</p>
<p>खाद्य तेल का उपयोग कम करना, रासायनिक उर्वरकों का कम इस्तेमाल कर प्राकृतिक खेती अपनाना और अधिक से अधिक स्वदेशी उत्पाद खरीदने का आह्वान किया गया है।</p>
<p>भारत, चीन के बाद सोने का दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाजार है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 में सोने का आयात 24% बढ़कर $71.98 बिलियन (₹6.77 लाख करोड़) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। तुलना में 2024-25 में यह आंकड़ा ₹5.45 लाख करोड़ था। चौंकाने वाली बात यह है कि कीमतें बढ़ने के कारण आयात का मूल्य बढ़ा है, लेकिन सोने की मात्रा (Quantity) 757 टन से घटकर 721.03 टन हो गई है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/0212.webp" alt="0212" width="1280" height="720"/></p>
<p>भारत अपनी आवश्यकता का 85% सोना आयात करता है। ‘इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन’ की रिपोर्ट के अनुसार, यदि भारतीय परिवारों के पास मौजूद लगभग 35,000 टन सोने में से थोड़ा भी रीसायकल किया जाए, तो प्रति टन लगभग ₹893 करोड़ की आयात बचत की जा सकती है।</p>
<p>ईरान-इज़रायल संघर्ष के कारण भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 1 मई तक घटकर $690.7 बिलियन रह गया है, जो पिछले फरवरी में $728.494 बिलियन के सर्वोच्च स्तर पर था। यानी 3.61 लाख करोड़ की कमी हुई है।</p>
<p>भारत अपनी आवश्यकता का 85% क्रूड ऑयल आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय कीमतें बढ़ने के बावजूद सरकारी कंपनियों (IOC, BPCL, HPCL) ने कीमतें नहीं बढ़ाई हैं। परिणामस्वरूप, ये कंपनियां पेट्रोल-डीज़ल पर प्रतिदिन लगभग ₹1,600 से ₹1,700 करोड़ का नुकसान उठा रही हैं। पिछले 10 सप्ताह में कुल नुकसान ₹1 लाख करोड़ को पार कर चुका है।</p>
<p>सरकार ने जनता को राहत देने के लिए एक्साइज ड्यूटी में कटौती की है, जिससे सरकार को हर महीने ₹14,000 करोड़ के राजस्व का नुकसान हो रहा है। मार्च 2026 के अंत तक भारत ने क्रूड और पेट्रोलियम उत्पादों पर कुल $174.9 बिलियन (₹16.44 लाख करोड़) खर्च किए हैं, जो देश के कुल आयात का 22% हिस्सा है। यही कारण है कि पीएम मोदी ने देशवासियों से आर्थिक सहयोग देने की अपील की है।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 15:43:34 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>धार भोजशाला: 'पूरा परिसर हिंदू मंदिर है, मुस्लिम पक्ष को नमाज के लिए अलग जमीन दी जाए'</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच द्वारा शुक्रवार को धार भोजशाला विवाद को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला सुनाया गया है। हाईकोर्ट ने अपना निर्णय देते हुए स्पष्ट किया है कि यह विवादित परिसर मूल रूप से एक हिंदू मंदिर है। अदालत ने हिंदू पक्ष द्वारा दायर की गई याचिका पर लंबी सुनवाई के बाद यह आदेश जारी किया है।</p>
<p><strong>कोर्ट ने अपने फैसले में क्या कहा?</strong></p>
<p>फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भोजशाला का मूल स्वरूप एक संस्कृत शिक्षा केंद्र (महाविद्यालय) का था। आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) के सर्वे और वैज्ञानिक अध्ययन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/dhar-bhojshala-the-entire-complex-is-a-hindu-temple-muslim/article-2234"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/11.webp" alt=""></a><br /><p>मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच द्वारा शुक्रवार को धार भोजशाला विवाद को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला सुनाया गया है। हाईकोर्ट ने अपना निर्णय देते हुए स्पष्ट किया है कि यह विवादित परिसर मूल रूप से एक हिंदू मंदिर है। अदालत ने हिंदू पक्ष द्वारा दायर की गई याचिका पर लंबी सुनवाई के बाद यह आदेश जारी किया है।</p>
<p><strong>कोर्ट ने अपने फैसले में क्या कहा?</strong></p>
<p>फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भोजशाला का मूल स्वरूप एक संस्कृत शिक्षा केंद्र (महाविद्यालय) का था। आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) के सर्वे और वैज्ञानिक अध्ययन पर पूर्ण भरोसा जताते हुए अदालत ने कहा, "पुरातत्व एक विज्ञान है और कोर्ट इसके वैज्ञानिक निष्कर्षों पर पूरी तरह भरोसा कर सकती है।" इसके साथ ही कोर्ट ने याद दिलाया कि ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व वाली संरचनाओं का संरक्षण करना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है।</p>
<p><strong>'मुस्लिम पक्ष को नमाज के लिए अलग जमीन'</strong></p>
<p>अदालत ने अपने आदेश में आगे कहा कि श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाएं, कानून-व्यवस्था और परिसर का संरक्षण सुनिश्चित करना सरकार का दायित्व है। हाईकोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को बड़ी राहत और विकल्प देते हुए कहा है कि वे नमाज पढ़ने के लिए धार जिले में किसी अन्य अलग जमीन के वास्ते सरकार से संपर्क कर सकते हैं।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/22.webp" alt="2" width="1280" height="720"/></p>
<p>कोर्ट ने केंद्र सरकार और एएसआई (ASI) को भोजशाला परिसर के प्रबंधन और वहां संस्कृत शिक्षा से जुड़े तमाम फैसले लेने का निर्देश दिया है। भोजशाला परिसर का समग्र प्रशासन और प्रबंधन पहले की तरह ही एएसआई द्वारा जारी रखा जाएगा। गौरतलब है कि हिंदू समुदाय भोजशाला को विद्या की देवी मां सरस्वती को समर्पित मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम समाज इसे 'कमाल मौला मस्जिद' कहता है। जुलाई 2024 में, एएसआई ने इस विवादित भोजशाला-कमाल-मौला मस्जिद परिसर की अपनी विस्तृत वैज्ञानिक सर्वेक्षण रिपोर्ट मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में जमा की थी।</p>
<p>पिछले कई सालों से चली आ रही एक व्यवस्था के अनुसार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) इस ढांचे की सुरक्षा और देखरेख करता है। इस व्यवस्था के तहत, हिंदुओं को हर मंगलवार को भोजशाला में पूजा करने का अधिकार था, जबकि मुसलमानों को हर शुक्रवार को नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई थी।<br />क्या है धार का भोजशाला विवाद? सरस्वती प्रतिमा रखने और नमाज बंद करने की क्यों हो रही है मांग?</p>
<p>वर्तमान समय में देश के भीतर धार्मिक स्थलों को लेकर कई विवाद सुर्खियों में बने हुए हैं। बात चाहे काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद की हो या फिर मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर और शाही ईदगाह मस्जिद की.. इन्हीं विवादों की चर्चा के बीच धार का भोजशाला विवाद भी एक बार फिर कानूनी रूप से देश के सामने आ गया है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/32.webp" alt="3" width="1280" height="720"/></p>
<p>दरअसल, इंदौर हाईकोर्ट बेंच में धार भोजशाला का मामला तब और गर्मा गया जब एक याचिका दायर की गई। इस याचिका में मांग की गई थी कि भोजशाला परिसर में देवी सरस्वती की प्रतिमा को फिर से स्थापित किया जाए, पूरे परिसर की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी करवाई जाए और साथ ही यहां होने वाली नमाज को हमेशा के लिए बंद किया जाए।</p>
<p>धार का यह विवाद नया नहीं है। हर साल वसंत पंचमी के आते ही यहां का माहौल चर्चा में आ जाता है और पूर्व में कई बार यहां सांप्रदायिक तनाव भी देखने को मिला है। अब तक की व्यवस्था के अनुसार यहां मंगलवार और वसंत पंचमी के दिन सरस्वती पूजा करने की इजाजत थी और शुक्रवार के दिन नमाज पढ़ने की। अब हिंदू पक्ष की मांग है कि यहां नमाज को पूरी तरह बंद कर पूरा परिसर हिंदुओं के हवाले किया जाए। इस विवाद को गहराई से समझने के लिए इसका इतिहास जानना बेहद जरूरी है।</p>
<p><strong>क्या है भोजशाला का इतिहास?</strong></p>
<p>आज से लगभग एक हजार साल पहले धार में परमार वंश का शासन हुआ करता था। यहां पर ईसवी सन 1000 से 1055 तक राजा भोज ने शासन किया। राजा भोज देवी सरस्वती के अनन्य भक्त थे। उन्होंने ईसवी सन 1034 में यहां पर एक विशाल महाविद्यालय की स्थापना की थी, जिसे बाद में 'भोजशाला' के नाम से जाना जाने लगा। हिंदू इसे आदि काल से सरस्वती मंदिर ही मानते आए हैं।</p>
<p>इतिहास के पन्नों के अनुसार, ईसवी सन 1305 में अलाउद्दीन खिलजी ने आक्रमण कर भोजशाला को ध्वस्त कर दिया था। इसके बाद ईसवी सन 1401 में दिलावर खान गौरी ने भोजशाला के एक हिस्से को मस्जिद में तब्दील कर दिया। फिर ईसवी सन 1514 में महमूद शाह खिलजी ने इसके दूसरे हिस्से में भी मस्जिद का निर्माण करवा दिया।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/049.webp" alt="049" width="1280" height="720"/></p>
<p>बताया जाता है कि साल 1875 में इस स्थान पर खुदाई (उत्खनन) की गई थी। इस खुदाई में वाग्देवी (देवी सरस्वती) की एक अत्यंत सुंदर और दुर्लभ प्रतिमा निकली थी। इस प्रतिमा को मेजर किनकेड नाम का एक ब्रिटिश अधिकारी अपने साथ लंदन ले गया था। मौजूदा समय में यह प्रतिमा लंदन के एक संग्रहालय (म्यूजियम) में रखी हुई है। हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में इस ऐतिहासिक प्रतिमा को भी लंदन से वापस भारत लाए जाने की मांग की गई है।</p>
<p><strong>आखिर मुख्य विवाद क्या है?</strong></p>
<p>हिंदू संगठन भोजशाला को राजा भोज के काल की प्राचीन इमारत बताते हुए इसे मां सरस्वती का मंदिर मानते हैं। हिंदुओं का तर्क है कि राजवंश काल में मुस्लिम समाज को यहां केवल कुछ समय के लिए नमाज पढ़ने की विशेष अनुमति दी गई थी, इसका मतलब यह नहीं कि यह मस्जिद है। दूसरी ओर, मुस्लिम समाज का दावा है कि वे सदियों से यहां नमाज पढ़ते आ रहे हैं और वे इसे भोजशाला-कमाल मौलाना मस्जिद के रूप में देखते हैं।</p>
<p><strong><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/53.webp" alt="5" width="1280" height="720"/></strong></p>
<p><strong>यहां पूजा और नमाज की अनुमति कैसे और कब मिली? (पूरी टाइमलाइन)</strong></p>
<ul>
<li><strong>1909:</strong> धार रियासत ने सबसे पहले भोजशाला को एक संरक्षित स्मारक घोषित किया और बाद में इसे पुरातत्व विभाग को सौंप दिया। तब से इसकी देखरेख एएसआई के पास ही है।</li>
<li><strong>1935:</strong> धार रियासत ने ही सबसे पहले मुस्लिम समाज को यहां शुक्रवार के दिन नमाज पढ़ने की लिखित अनुमति दी थी। उस दौरान भोजशाला केवल शुक्रवार को ही खुलती थी।</li>
<li><strong>1995:</strong> इस स्थान पर पहली बार बड़ा विवाद खड़ा हुआ। इसके समाधान के रूप में मंगलवार को पूजा और शुक्रवार को नमाज पढ़ने की नई व्यवस्था तय की गई।</li>
<li><strong>12 मई 1997:</strong> स्थानीय कलेक्टर ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने के डर से आम लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया और मंगलवार की पूजा रोक दी। केवल वसंत पंचमी को पूजा और शुक्रवार को नमाज की अनुमति बची।</li>
<li><strong>31 जुलाई 1997:</strong> इस कड़े प्रतिबंध को प्रशासन द्वारा हटा लिया गया।</li>
<li><strong>6 फरवरी 1998:</strong> पुरातत्व विभाग ने आगामी आदेश तक एक बार फिर आम प्रवेश और मंगलवार की पूजा पर रोक लगा दी।</li>
<li><strong>2003:</strong> हिंदुओं को मंगलवार को फिर से पूजा करने की अनुमति बहाल की गई और पर्यटकों के लिए भी भोजशाला के द्वार खोल दिए गए।</li>
<li><strong>2013:</strong> इस साल वसंत पंचमी और शुक्रवार एक ही दिन पड़ गए, जिससे स्थिति बेहद संवेदनशील हो गई। हिंदुओं ने पूजा स्थल छोड़ने से साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद माहौल इतना बिगड़ा कि पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था।</li>
<li><strong>2016:</strong> एक बार फिर वसंत पंचमी और शुक्रवार का संयोग एक ही दिन बना, जिससे पूरे इलाके में भारी तनाव का माहौल पैदा हो गया था।</li>
</ul>
<p>वर्तमान में हिंदू यहां देवी सरस्वती के चित्र (फोटो) को रखकर अपनी पारंपरिक पूजा-अर्चना करते हैं। बहरहाल, हाई कोर्ट के इस नए और बड़े फैसले के बाद इस पूरे विवादित ढर्रे और इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 15:22:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्या मुंबई इंडियंस से हार्दिक पांड्या की होगी छुट्टी? पूर्व क्रिकेटर के दावे से क्रिकेट जगत में मचा हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[<p>फिलहाल खेली जा रही IPL 2026 मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या के लिए एक दुःस्वप्न जैसी साबित हुई है। मुंबई की टीम प्लेऑफ से बाहर हो गई है। चोट के कारण पिछले दो मैचों में प्लेइंग इलेवन से बाहर रहने वाले कप्तान हार्दिक पांड्या अब सवालों के घेरे में आ गए हैं। अब एक ऐसा बयान सामने आया है, जिसमें कहा गया है कि MI फ्रेंचाइज़ी ने हार्दिक पांड्या को गुडबाय कह दिया है। मुंबई की टीम 11 मैच खेलने के बाद 9वें स्थान पर है। टीम 8 बार हारी है और सिर्फ 3 बार जीती है। भारत के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/sports/will-hardik-pandya-be-removed-from-mumbai-indians-former-cricketers/article-2230"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/315.webp" alt=""></a><br /><p>फिलहाल खेली जा रही IPL 2026 मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या के लिए एक दुःस्वप्न जैसी साबित हुई है। मुंबई की टीम प्लेऑफ से बाहर हो गई है। चोट के कारण पिछले दो मैचों में प्लेइंग इलेवन से बाहर रहने वाले कप्तान हार्दिक पांड्या अब सवालों के घेरे में आ गए हैं। अब एक ऐसा बयान सामने आया है, जिसमें कहा गया है कि MI फ्रेंचाइज़ी ने हार्दिक पांड्या को गुडबाय कह दिया है। मुंबई की टीम 11 मैच खेलने के बाद 9वें स्थान पर है। टीम 8 बार हारी है और सिर्फ 3 बार जीती है। भारत के पूर्व क्रिकेटर श्रीकांत ने दावा किया है कि मुंबई ने हार्दिक के लिए अपनी मंशा साफ कर दी है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/307.webp" alt="307" width="1280" height="720"/></p>
<p>अपनी यूट्यूब चैनल पर बोलते हुए श्रीकांत ने कहा, ऐसा लग रहा है कि अभी तक कोई खबर नहीं है। अभी तक किसी तरफ से कोई आधिकारिक अपडेट नहीं आया है। ऐसा प्रतीत होता है कि उन्होंने वास्तव में कह दिया है कि, ‘अब तुम्हारी जरूरत नहीं है, तुम जा सकते हो।’ आपने हार्दिक की बातें भी सुनी होंगी। वे या तो उसे छोड़ देंगे, या सिर्फ इतना कहेंगे, ‘भाई, हर चीज के लिए धन्यवाद, और अब आगे बढ़ जाओ।’</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/295.webp" alt="295" width="1280" height="720"/></p>
<p>उन्होंने आगे कहा, 'अगले साल वह कहां जाएगा? क्या उसे कोई खरीदेगा या वह नीलामी में जाएगा? दोनों पक्षों के लिए सबसे अच्छी बात यही है कि वे कहें, ‘बॉस, आप अपने रास्ते जाइए, मैं अपने रास्ते जाऊंगा। हम कहीं फिर मिलेंगे।’ भारत के पूर्व कप्तान और चयनकर्ता क्रिस श्रीकांत ने दावा किया था कि हार्दिक पांड्या को सिर्फ कप्तानी से ही नहीं, बल्कि टीम से भी बाहर कर दिया जाएगा। श्रीकांत ने पांड्या को 'प्लास्टिक कप्तान' भी बताया था और उनकी सोच पर सवाल उठाए थे।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/286.webp" alt="286" width="1280" height="720"/></p>
<p>मुंबई इंडियंस ने 2023 के बाद IPL इतिहास का सबसे बड़ा ट्रेड किया था, जिससे हंगामा मच गया था। मुंबई ने हार्दिक पांड्या को अपनी टीम में शामिल किया। हार्दिक गुजरात के लिए एक शानदार कप्तान साबित हुए थे। उन्होंने 2022 में टीम को खिताब जिताया और 2023 में फाइनल तक पहुंचाया। यह देखकर मुंबई टीम प्रभावित हुई और रोहित शर्मा को कप्तानी से हटा दिया। हालांकि, अब मुंबई की टीम अपने ही फैसले पर पछता रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category> खेल</category>
                                    

                <link>https://hindi.khabarchhe.com/sports/will-hardik-pandya-be-removed-from-mumbai-indians-former-cricketers/article-2230</link>
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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 14:33:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>48 घंटों के भीतर आम आदमी को मिले 3 बड़े झटके, अब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी हुई बढ़ोतरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पश्चिम एशिया में संकट के बीच जिस बात का डर था, वही हो गया। महंगाई अब अपना असली रंग दिखाने लगी है। दूध की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब आम आदमी CNG, पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों से प्रभावित हो रहा है। ईंधन संकट की आशंका के बीच अब पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। जिस बात को लेकर आशंका जताई जा रही थी, वह शुक्रवार को हकीकत बन गई। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, CNG की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। जी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/business/the-common-man-got-3-big-shocks-within-48-hours/article-2229"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/petrol1.webp" alt=""></a><br /><p>पश्चिम एशिया में संकट के बीच जिस बात का डर था, वही हो गया। महंगाई अब अपना असली रंग दिखाने लगी है। दूध की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब आम आदमी CNG, पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों से प्रभावित हो रहा है। ईंधन संकट की आशंका के बीच अब पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। जिस बात को लेकर आशंका जताई जा रही थी, वह शुक्रवार को हकीकत बन गई। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, CNG की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। जी हां, महंगाई से जूझ रहे आम आदमी को पिछले 48 घंटों में एक के बाद एक तीन बड़े झटके लगे हैं।</p>
<p>पहले दूध के दाम बढ़े; फिर मुंबई में CNG महंगी हुई; और अब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो गई है। इतना ही नहीं, पूरे देश में CNG के दामों में अब 2 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इन लगातार बढ़ती कीमतों ने घरेलू बजट पर नया दबाव डाल दिया है। रसोई की जरूरी चीजों से लेकर रोजमर्रा की यात्रा तक, सब कुछ महंगा होता नजर आ रहा है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है।</p>
<p>पहले आइए देखते हैं कि आज पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी हुई है। देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पेट्रोल ₹3.14 प्रति लीटर महंगा होकर ₹97.77 पर पहुंच गया है, जबकि डीजल ₹3.11 प्रति लीटर बढ़कर ₹90.67 पर पहुंच गया है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/petrol.webp" alt="petrol" width="1280" height="720"/>
gujarati.news18.com

<p><strong>नई कीमतें इस प्रकार हैं</strong></p>
<p><strong>नियमित पेट्रोल</strong>: ₹94.77 से ₹97.91 प्रति लीटर</p>
<p><strong>प्रीमियम पेट्रोल: </strong>₹102–104 से ₹105.14–107.14 प्रति लीटर</p>
<p><strong>नियमित डीजल:</strong> ₹87.67 से ₹90.78 प्रति लीटर</p>
<p><strong>CNG कितनी महंगी हुई?</strong></p>
<p>देशभर में CNG की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। अब CNG के दाम में 2 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इस प्रकार अब CNG की कीमत ₹79.09 हो गई है। इससे पहले, मुंबई में CNG की कीमतों में कल ₹2 की बढ़ोतरी देखी गई थी।</p>
<p><strong>ईरान युद्ध के बीच महंगाई की मार</strong></p>
<p>ईरान युद्ध का असर पूरी दुनिया में महसूस किया जा रहा है। भारत में बढ़ती महंगाई भी इसका परिणाम है। कल यानी एक दिन पहले खास तौर पर बुधवार को दूध महंगा हुआ था। उसके तुरंत बाद कल (गुरुवार) मुंबई में CNG की कीमतों में बढ़ोतरी हुई थी। अब आज (शुक्रवार) पेट्रोल और डीजल के दाम भी बढ़ गए हैं। इस प्रकार, केवल 48 घंटों के भीतर लगे इन तीन बड़े झटकों ने घरेलू बजट को हिला कर रख दिया है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की व्यापक संभावना जताई जा रही थी; खुद सरकार ने भी इस संभावना को स्वीकार किया था। यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से पेट्रोल और डीजल बचाने की अपील की थी। उन्होंने खुद भी कम काफिले के साथ यात्रा शुरू कर दी है। ऐसे में, आम आदमी की जेब पर आर्थिक बोझ बढ़ना तय है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/milk.webp" alt="milk" width="1280" height="720"/>
indianexpress.com

<p><strong>पहला झटका</strong>: सबसे पहले, दूध कंपनियों ने अपने दाम बढ़ाए। अमूल और मदर डेयरी समेत कई बड़ी ब्रांड्स ने दूध की कीमतों में प्रति लीटर ₹2 तक की बढ़ोतरी की है। कंपनियों ने कहा था कि पशुओं के चारे, परिवहन और उत्पादन की बढ़ती लागत के कारण यह फैसला लेना पड़ा। हालांकि, इसका सीधा असर आम परिवारों पर पड़ रहा है। दूध हर घर की रोजमर्रा की जरूरत है, और इसकी कीमत बढ़ने से चाय, दही, घी और मिठाइयों जैसे संबंधित उत्पादों की लागत भी बढ़ सकती है।</p>
<p><strong>दूसरा झटका: </strong>दूध की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद, CNG की कीमतों में भी इजाफा किया गया है। शुरुआत में मुंबई में CNG महंगी हुई थी; अब यह बढ़ोतरी पूरे देश में लागू हुई है। महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने CNG की कीमत ₹2 बढ़ाकर ₹84 प्रति किलोग्राम कर दी। इसके बाद, देशभर में CNG की कीमतों में ₹2 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हुई है। इस बढ़ोतरी से CNG चालित ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और निजी वाहनों के संचालन खर्च में वृद्धि हुई है। माना जा रहा है कि इसका असर जल्द ही स्थानीय परिवहन किराए में भी देखने को मिल सकता है। रोजाना यात्रा करने वाले लाखों लोगों के लिए यह कीमत बढ़ोतरी बड़ी परेशानी बनने वाली है।</p>
<p><strong>तीसरा और सबसे गंभीर झटका:</strong> इन सबके बीच, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा जारी नई कीमतों के बाद देश के कई शहरों में पेट्रोल और डीजल और महंगे हो गए हैं। पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों का असर सिर्फ वाहन मालिकों तक सीमित नहीं है; बल्कि इसका असर हर चीज पर पड़ता है। परिवहन लागत बढ़ने से सब्जियां, किराना और रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के दाम भी बढ़ने की संभावना है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/20.webp" alt="20" width="1280" height="720"/>
aajtak.in

<p><strong>चिंताएं अभी भी बाकी हैं</strong></p>
<p>हालांकि, आशंका जताई जा रही है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें और बढ़ सकती हैं। इसका कारण यह है कि मध्य-पूर्व और होर्मुज स्ट्रेट में संकट अभी कम नहीं हुआ है। अगर मध्य-पूर्व की स्थिति ऐसी ही बनी रही, तो कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। पेट्रोल और डीजल के ऊंचे दाम परिवहन लागत बढ़ाएंगे, जिससे सब्जियां, फल और अनाज जैसी रोजमर्रा की चीजें और महंगी होंगी। डीजल पर निर्भर ट्रक, बस और ट्रैक्टर जैसे वाहन प्रभावित होंगे। यह बढ़ती महंगाई मध्यम वर्ग और वेतनभोगी लोगों के लिए खास तौर पर कठिन परिस्थिति पैदा कर रही है।</p>
<p>सरकार और तेल कंपनियों की ओर से इस कीमत बढ़ोतरी के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार, कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ती संचालन लागत जैसे कारकों को जिम्मेदार माना जा रहा है। मध्य-पूर्व में संकट के कारण तेल कंपनियां फिलहाल नुकसान झेल रही हैं। इसके अलावा, होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से सप्लाई चेन भी प्रभावित हुई है। इसी वजह से कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, आम लोगों के लिए फिलहाल राहत के कोई संकेत नजर नहीं आ रहे हैं। अब लोगों के मन में एक सवाल उठ रहा है कि क्या आने वाले समय में LPG सिलेंडर की कीमतें भी बढ़ेंगी?</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 12:29:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>'केरल में SIR से मतदाता सूची साफ हो गई और कांग्रेस को फायदा हुआ, बंगाल में...' शशि थरूर ने समझाया वोटों का गणित</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कांग्रेस नेता शशि थरूर मानते हैं कि मतदाता सूचियों के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से कांग्रेस को फायदा हुआ। थरूर ने कहा कि केरल में पहले एक ही व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में कई बार दिखना असामान्य नहीं था। उनके मुताबिक, कुछ लोगों के नाम दो बार, तीन बार या चार बार भी सूचीबद्ध थे। उन्होंने दावा किया कि ऐसे डुप्लिकेट नाम हटाने से मतदाता सूची साफ हो गई और शायद कांग्रेस को फायदा हुआ।</p>
<p>मीडिया सूत्रों की रिपोर्ट के अनुसार, शशि थरूर ने ये टिप्पणियां अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में आयोजित स्टैनफोर्ड इंडिया कॉन्फ्रेंस के दौरान की थीं।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/politics/-%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-sir-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A4%A4%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A5%82%E0%A4%9A%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%AB-%E0%A4%B9%E0%A5%8B-%E0%A4%97%E0%A4%88-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A6%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%86--%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-----%E0%A4%B6%E0%A4%B6%E0%A4%BF-%E0%A4%A5%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%B0-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%9D%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%B5%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%97%E0%A4%A3%E0%A4%BF%E0%A4%A4/article-2228"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/57.webp" alt=""></a><br /><p>कांग्रेस नेता शशि थरूर मानते हैं कि मतदाता सूचियों के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से कांग्रेस को फायदा हुआ। थरूर ने कहा कि केरल में पहले एक ही व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में कई बार दिखना असामान्य नहीं था। उनके मुताबिक, कुछ लोगों के नाम दो बार, तीन बार या चार बार भी सूचीबद्ध थे। उन्होंने दावा किया कि ऐसे डुप्लिकेट नाम हटाने से मतदाता सूची साफ हो गई और शायद कांग्रेस को फायदा हुआ।</p>
<p>मीडिया सूत्रों की रिपोर्ट के अनुसार, शशि थरूर ने ये टिप्पणियां अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में आयोजित स्टैनफोर्ड इंडिया कॉन्फ्रेंस के दौरान की थीं। 'इंडिया, दैट इज़ भारत' शीर्षक वाली राउंड टेबल में बोलते हुए थरूर ने केरल और पश्चिम बंगाल दोनों के उदाहरण दिए थे।</p>
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tv9hindi.com

<p>केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर ने कहा, 'खासतौर पर केरल में, मुझे लगता है कि नाम हटाए जाने से कांग्रेस को फायदा हुआ, क्योंकि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPI-M) लंबे समय से दो बार पंजीकरण, तीन बार पंजीकरण, चार बार पंजीकरण में माहिर थी। यानी चार अलग-अलग बूथों पर एक ही व्यक्ति का नाम होता था। और इसलिए SIR ने उन्हें हटा दिया, और जैसा आपने कहा, केरल और तमिलनाडु में बहुत कम अपीलें थीं। लेकिन बंगाल में, इसमें कोई शक नहीं कि 34 लाख अपीलें थीं। और इन 34 लाख लोगों ने 34 लाख फॉर्म भरे थे। और उनमें से केवल कुछ ही मामलों की सुनवाई हुई है।'</p>
<p>दूसरे शब्दों में कहें तो, शशि थरूर तर्क दे रहे थे कि नकली या एक से अधिक बार पंजीकृत नाम हटाने से चुनाव अधिक साफ-सुथरे बने। उनका मानना है कि इससे कांग्रेस को फायदा हुआ। शशि थरूर ने दावा किया था कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से लगभग 91 लाख नाम हटा दिए गए थे। इनमें से लगभग 34 लाख लोगों ने अपील की थी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि वे असली, जीवित और मतदान के योग्य हैं। उन्होंने बताया था कि नियमों के अनुसार, हर अपील की व्यक्तिगत रूप से जांच होनी थी। हालांकि, मतदान से पहले केवल कुछ सौ मामलों का ही समाधान हुआ था। नतीजतन, लाखों लोग मतदान नहीं कर सके थे।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/551.webp" alt="551" width="1280" height="720"/>
x.com

<p>शशि थरूर ने कहा, 'पश्चिम बंगाल का मामला देखिए। 91 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे। इनमें से 34 लाख लोगों ने अपील की थी, और दावा किया था कि वे वैध मतदाता हैं। जीवित हैं और वोट देने के योग्य हैं। नियम था कि हर मामले को अलग-अलग सुना जाए। लेकिन मतदान से पहले केवल कुछ सौ मामलों का समाधान हुआ था।'</p>
<p>उन्होंने आगे कहा, 'आज भी, लगभग 31-32 लाख लोगों के मामले लंबित हैं। संभव है कि आने वाले समय में उन्हें सही मतदाता माना जाए, लेकिन उन्होंने इस चुनाव में मतदान करने का मौका खो दिया है।'</p>
<p>इसके बाद शशि थरूर ने सबसे बड़ा सवाल उठाया। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत के मार्जिन और लंबित अपीलों की संख्या की तुलना की। उन्होंने कहा, 'बंगाल में BJP लगभग 30 लाख वोटों के मार्जिन से जीती। अब मुझे बताइए, क्या यह पूरी तरह न्यायसंगत और लोकतांत्रिक है? यही सवाल मैं पूछ रहा हूं।'</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/561.webp" alt="561" width="1280" height="720"/>
jagran.com

<p>थरूर ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें नकली मतदाताओं के नाम हटाने पर कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा, 'मुझे नकली, मृतक या स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं के नाम हटाने में कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन अगर असली मतदाताओं को ही वोट डालने से रोका जाए तो सवाल उठेंगे।' पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए गए थे। BJP ने 294 सीटों वाली विधानसभा में 207 सीटें जीतकर भारी जीत हासिल की थी। जबकि ममता बनर्जी की पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (TMC) केवल 80 सीटों पर सिमट गई थी। एक सीट फलता पर 21 मई को दोबारा चुनाव कराया जाएगा।</p>
<p>केरल विधानसभा चुनाव में, कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने भारी जीत हासिल की थी और 140 में से 102 सीटें जीती थीं। CPI-M के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) ने 35 सीटें जीती थीं, जबकि BJP को केवल 3 सीटें मिली थीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 20:35:55 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मांजरेकर की MI को सलाह: पंड्या को हटाओ और बुमराह को कप्तान बनाओ</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज़ और जाने-माने कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने मुंबई इंडियंस से एक बड़ा फैसला लेने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि टीम को अब हार्दिक पंड्या को कप्तानी से हटा देना चाहिए और उनकी जगह स्टार तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह को कप्तान नियुक्त करना चाहिए।</p>
<p>इस सीज़न में मुंबई इंडियंस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है। टीम अब तक खेले गए मैचों में सिर्फ तीन में ही जीत हासिल कर सकी है। हार्दिक पंड्या की कप्तानी पर केवल फैंस ही नहीं, बल्कि क्रिकेट विशेषज्ञ भी सवाल उठा रहे हैं। ‘स्पोर्टस्टार’ से बातचीत में मांजरेकर ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/sports/manjrekars-advice-to-mi-is-to-remove-pandya-and-make/article-2225"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/048.webp" alt=""></a><br /><p>भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज़ और जाने-माने कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने मुंबई इंडियंस से एक बड़ा फैसला लेने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि टीम को अब हार्दिक पंड्या को कप्तानी से हटा देना चाहिए और उनकी जगह स्टार तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह को कप्तान नियुक्त करना चाहिए।</p>
<p>इस सीज़न में मुंबई इंडियंस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है। टीम अब तक खेले गए मैचों में सिर्फ तीन में ही जीत हासिल कर सकी है। हार्दिक पंड्या की कप्तानी पर केवल फैंस ही नहीं, बल्कि क्रिकेट विशेषज्ञ भी सवाल उठा रहे हैं। ‘स्पोर्टस्टार’ से बातचीत में मांजरेकर ने कहा कि फ्रेंचाइज़ी को अब नेतृत्व को लेकर गंभीरता से सोचने की ज़रूरत है और बुमराह जैसे अनुभवी खिलाड़ी को टीम की कमान सौंपनी चाहिए।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/0114.webp" alt="0114" width="1280" height="720"/></p>
<p>मांजरेकर ने एक दिलचस्प बात उठाते हुए सुझाव दिया कि जब मुंबई इंडियंस ने हार्दिक पंड्या को गुजरात टाइटंस (GT) से ट्रेड किया था, तब उन्हें आशीष नेहरा को भी अपने साथ लाना चाहिए था। गौरतलब है कि गुजरात टाइटंस को आईपीएल चैंपियन बनाने में हार्दिक और कोच नेहरा की जोड़ी का बड़ा योगदान रहा था। मांजरेकर के अनुसार, हार्दिक के लिए नेहरा का मार्गदर्शन होना ज़रूरी था।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/0215.webp" alt="0215" width="1280" height="720"/></p>
<ul>
<li><strong>प्लेऑफ से बाहर</strong>: RCB के खिलाफ हार के साथ ही MI की प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदें खत्म हो गई हैं।  </li>
<li><strong>या नेतृत्व: </strong>मांजरेकर ने जसप्रीत बुमराह को कप्तान बनाने पर ज़ोर दिया है।  </li>
<li><strong>खराब फॉर्म: </strong>इस सीज़न में मुंबई सिर्फ 3 मैच जीत पाई है।  </li>
</ul>
<p>अब देखना यह होगा कि अगले सीज़न के लिए मुंबई इंडियंस मैनेजमेंट मांजरेकर की इस सलाह पर विचार करता है या नहीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category> खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 17:43:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
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                <title>पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में 'कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स' के कारण प्रतीक यादव का निधन, शरीर पर...</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। अब इस पूरे मामले में कई नई जानकारियां सामने आ रही हैं, जो दर्शाती हैं कि प्रतीक यादव की तबीयत रात में भी बिगड़ी थी और उन्हें कुछ ही घंटों में दो बार अस्पताल ले जाया गया था।</p>
<p>प्रतीक यादव के जिम मित्र सर्वेश पांडे ने बताया कि मंगलवार देर रात 11 से 12 बजे के आसपास उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें सिविल अस्पताल लाया गया था। सर्वेश के अनुसार, अस्पताल में इलाज के बाद उनकी हालत में थोड़ा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/-draft--add-your-title/article-2224"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/128.webp" alt=""></a><br /><p>अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। अब इस पूरे मामले में कई नई जानकारियां सामने आ रही हैं, जो दर्शाती हैं कि प्रतीक यादव की तबीयत रात में भी बिगड़ी थी और उन्हें कुछ ही घंटों में दो बार अस्पताल ले जाया गया था।</p>
<p>प्रतीक यादव के जिम मित्र सर्वेश पांडे ने बताया कि मंगलवार देर रात 11 से 12 बजे के आसपास उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें सिविल अस्पताल लाया गया था। सर्वेश के अनुसार, अस्पताल में इलाज के बाद उनकी हालत में थोड़ा सुधार हुआ था, जिसके कारण उन्हें वापस घर ले जाया गया था। लेकिन सुबह फिर अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। सर्वेश ने आगे कहा, सुबह क्या हुआ इसकी मुझे पूरी जानकारी नहीं है, क्योंकि मैं उस समय वहां पहुंच नहीं सका था, लेकिन रात में उन्हें अस्पताल जरूर लाया गया था। इस खुलासे के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि रात में अस्पताल से घर जाने के बाद सुबह ऐसी कौन-सी स्थिति बनी कि उन्हें फिर से अस्पताल ले जाना पड़ा।</p>
<p><strong>सुबह अस्पताल पहुंचने पर शरीर में कोई हलचल नहीं थी</strong></p>
<p>सिविल अस्पताल के डायरेक्टर जी.पी. गुप्ता ने बताया कि बुधवार सुबह लगभग साढ़े पांच बजे प्रतीक यादव का ड्राइवर अस्पताल पहुंचा था। ड्राइवर ने आते ही कहा, भैया की तबीयत खराब है, जल्दी चलिए। अस्पताल प्रशासन ने तुरंत इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर को घटनास्थल पर भेजा। जब अस्पताल की टीम वहां पहुंची तो स्थिति बेहद गंभीर थी। डायरेक्टर ने बताया कि उस समय शरीर में कोई हलचल या जीवन के लक्षण दिखाई नहीं दे रहे थे। इसके बाद उन्हें अस्पताल लाया गया था। शुरुआत में परिवार पार्थिव शरीर को घर ले जाने की तैयारी में था, लेकिन बाद में पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू की गई।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/118.webp" alt="118" width="1280" height="720"/></p>
<p>प्रतीक यादव की मृत्यु के बाद सोशल मीडिया पर 'संदिग्ध जहर' (Suspected Poison) होने के दावे शुरू हो गए थे। हालांकि, अस्पताल के डायरेक्टर जी.पी. गुप्ता ने स्पष्ट किया कि उनकी ओर से ऐसी कोई बात नहीं कही गई है। उन्होंने कहा कि मौत का असली कारण पोस्टमॉर्टम और मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा, तब तक अटकलों से बचना चाहिए।</p>
<p>प्रतीक यादव की मृत्यु के बाद जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जांच शुरू कर दी थी। DCP सेंट्रल विक्रांत वीर अपर्णा यादव के घर पहुंचे थे और वहां मौजूद लोगों से घटनाक्रम की जानकारी ली थी। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि बुधवार सुबह घर के अंदर क्या हुआ था और तबीयत अचानक कैसे बिगड़ी।</p>
<p><strong>प्रतीक यादव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट: मृत्यु का सटीक कारण क्या?</strong></p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, 38 वर्षीय प्रतीक यादव की मृत्यु 'कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स' (Cardiorespiratory Collapse) के कारण हुई है। डॉक्टरों ने बताया कि यह स्थिति उत्पन्न होने का मुख्य कारण 'पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म' (Pulmonary Thromboembolism) था।</p>
<p><strong>क्या होती है यह मेडिकल स्थिति?</strong></p>
<p>खून का थक्का जमना: इस स्थिति में फेफड़ों की नसों में खून का बड़ा थक्का जम जाता है।<br />असर: इस खून के थक्के के कारण हृदय और फेफड़ों के बीच रक्त प्रवाह बाधित हो जाता है, जिससे हृदय काम करना बंद कर देता है और सांस अचानक रुक जाती है।<br />पोस्टमॉर्टम में केवल मृत्यु का कारण ही नहीं, बल्कि आगे की जांच के लिए डेटा भी एकत्र किया गया है। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने आगे की जांच के लिए पूरा हृदय (Heart) और पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिक सामग्री को फॉर्मेलिन में सुरक्षित रखा है। इन नमूनों की हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच की जाएगी। रासायनिक विश्लेषण के लिए विसरा सैंपल पुलिस को सौंप दिए गए हैं, ताकि मृत्यु के पीछे कोई अन्य कारण है या नहीं इसकी गहन जांच की जा सके। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि शरीर पर दिखाई देने वाले चोट के सभी निशान मृत्यु से पहले के (Ante-mortem) थे।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/137.webp" alt="137" width="1280" height="720"/></p>
<p>परिवार के करीबी बिजनेसमैन मुकेश बहादुर सिंह ने दावा किया है कि बुधवार सुबह प्रतीक यादव अचानक घर की किचन में बेहोश होकर गिर पड़े थे। इसके बाद घर में अफरा-तफरी मच गई थी और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया था। मुकेश सिंह ने सोशल मीडिया की बातों को खारिज करते हुए कहा कि मैंने शरीर को करीब से देखा है, उस पर कोई चोट के निशान नहीं थे और न ही शरीर नीला पड़ा था।</p>
<p><strong>अखिलेश यादव के बयान से चर्चा</strong></p>
<p>सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचकर मीडिया से बातचीत की थी। उन्होंने कहा कि प्रतीक अपनी हेल्थ को लेकर बहुत जागरूक थे और बिजनेस में व्यस्त रहते थे। उन्होंने आगे कहा कि कई बार बिजनेस में नुकसान होने पर व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान हो जाता है। इस बयान के बाद लोगों में चर्चा शुरू हो गई है कि क्या प्रतीक यादव किसी आर्थिक दबाव या बिजनेस की समस्याओं का सामना कर रहे थे?</p>
<p>राजनीति से दूर रहने वाले प्रतीक यादव ने फिटनेस की दुनिया में नाम बनाया था। उन्होंने लखनऊ में 'द फिटनेस प्लानेट' और 'आयरन कोर फिट' जैसे हाई-एंड जिम शुरू किए थे। इसके अलावा रियल एस्टेट सेक्टर में भी उनका बड़ा कारोबार था।</p>
<p>फिलहाल यादव परिवार गहरे शोक में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत भाजपा और सपा नेताओं ने संवेदना व्यक्त की है। अब सभी की नजर पोस्टमॉर्टम और विसरा रिपोर्ट पर टिकी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 16:16:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'या राजनीति छोड़ूंगा या 100 सीटें लाऊंगा'; कसम पूरी कर केरल के 'किंग' बने वीडी सतीशन, जानें वकील से सीएम बनने का सफर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>तिरुवनंतपुरम।</strong> केरल की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। कांग्रेस आलाकमान ने तमाम कयासों और 10 दिनों तक चले मन्थन के बाद वीडी सतीशन के नाम पर मुहर लगा दी है। वे केरल के अगले मुख्यमंत्री होंगे। वीडी सतीशन का मुख्यमंत्री चुना जाना न केवल कांग्रेस के लिए एक बड़ा बदलाव है, बल्कि यह एक ऐसे नेता की जीत है जिसने अपनी राजनीति को दांव पर लगा दिया था।</p>
<p><strong>100 सीटों की कसम और ऐतिहासिक जीत</strong></p>
<p>2026 के विधानसभा चुनाव सतीशन के लिए महज एक चुनाव नहीं, बल्कि उनकी साख की परीक्षा थी। चुनाव अभियान के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/politics/-draft--add-your-title/article-2227"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/25.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>तिरुवनंतपुरम।</strong> केरल की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। कांग्रेस आलाकमान ने तमाम कयासों और 10 दिनों तक चले मन्थन के बाद वीडी सतीशन के नाम पर मुहर लगा दी है। वे केरल के अगले मुख्यमंत्री होंगे। वीडी सतीशन का मुख्यमंत्री चुना जाना न केवल कांग्रेस के लिए एक बड़ा बदलाव है, बल्कि यह एक ऐसे नेता की जीत है जिसने अपनी राजनीति को दांव पर लगा दिया था।</p>
<p><strong>100 सीटों की कसम और ऐतिहासिक जीत</strong></p>
<p>2026 के विधानसभा चुनाव सतीशन के लिए महज एक चुनाव नहीं, बल्कि उनकी साख की परीक्षा थी। चुनाव अभियान के दौरान उन्होंने एक साहसी और जोखिम भरी घोषणा की थी। 'अगर कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF को 140 में से 100 से कम सीटें मिलीं, तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।' परिणाम आए तो सतीशन का यह मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ। यूडीएफ ने 102 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया और सतीशन ने खुद अपने गढ़ 'परवूर' से लगातार छठी बार 20,600 मतों के भारी अंतर से जीत दर्ज की। इसी जीत ने उनके लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी का रास्ता साफ कर दिया।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/17.jpg" alt="1" width="1280" height="720"/>
amarujala.com

<p><strong>कितने पढ़े-लिखे हैं वीडी सतीशन?</strong></p>
<p>वीडी. सतीशन जिनका पूरा नाम वदस्सेरी दामोदरन सतीशन का जन्म 31 मई 1964 को केरल के कोच्चि स्थित नेट्टूर में एक नायर परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम के. दामोदरा मेनन और मां का नाम वी. विलासिनी अम्मा है। सतीशन पढ़ने में बहुत अच्छे थे। उनकी प्रारंभिक शिक्षा पनांगड हाईस्कूल से हुई, जो कि क्षेत्र का नामी स्कूल है। इसके बाद उन्होंने सैक्रेड हार्ट कॉलेज, थेवारा से स्नातक की पढ़ाई की। सतीशन ने राजगिरी कॉलेज ऑफ सोशल साइंसेज, कोच्चि से मास्टर ऑफ सोशल वर्क की डिग्री हासिल की। </p>
<p>राजनीति में आने से पहले उन्होंने कानून की गहरी पढ़ाई की। उन्होंने केरल लॉ एकेडमी लॉ कॉलेज से एलएलबी की और गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, तिरुवनंतपुरम से मास्टर ऑफ लॉ (एलएलएम) की डिग्री भी हासिल की। वीडी सतीशन को जानने वाले उन्हें एक किताबी कीड़ा (बुकवर्म) नेता मानते हैं, जिनकी अध्ययन में बहुत गहरी रुचि है। </p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/32.jpg" alt="3" width="1280" height="720"/>
awazthevoice.in

<p><strong>छात्र राजनीति से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक</strong></p>
<p>सतीशन का राजनीतिक सफर केरल स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) से शुरू हुआ। वे महात्मा गांधी विश्वविद्यालय संघ के अध्यक्ष और एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव रहे। चुनावी राजनीति में उनकी शुरुआत 1996 में हार के साथ हुई थी, लेकिन 2001 में पहली बार विधायक बनने के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वे परवूर सीट से लगातार 6 बार विधायक चुने गए हैं। उन्होंने पन्नियन रवींद्रन जैसे वामपंथी दिग्गजों को धूल चटाई। 2021 में जब वे विपक्ष के नेता बने, तो उन्होंने पिनरई विजयन की सरकार को सदन में अपने तर्कों और आक्रामकता से कई बार बैकफुट पर धकेला।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/41.jpg" alt="4" width="1280" height="720"/>
amarujala.com

<p><strong>बागी तेवर और साफ-सुथरी छवि</strong></p>
<p>सतीशन को पार्टी के भीतर एक 'बागी' और 'ईमानदार' आवाज के रूप में जाना जाता है। उन्होंने हमेशा 'हरित राजनीति' का समर्थन किया और जातिगत समीकरणों के आगे झुकने के बजाय योग्यता के आधार पर टिकट बांटने की वकालत की। उनके पास भले ही पूर्व में कोई मंत्री पद नहीं रहा, लेकिन बतौर विपक्ष के नेता उनके शानदार प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि वे राज्य चलाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 14:11:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> पश्चिम बंगाल : क्या है ममता का 'अंतिम दांव'? SIR को लेकर बंगाल की वो 'अनंत कथा' जो नतीजों के बाद भी थमने का नाम नहीं ले रही!</title>
                                    <description><![CDATA[<p>2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव पूरे हो चुके हैं। नतीजे आ चुके हैं। BJP पहली बार सत्ता में आई है। CM सुवेंदु अधिकारी ने शपथ ले ली है, और तृणमूल कांग्रेस को 15 साल बाद विपक्ष में बैठने की मजबूरी झेलनी पड़ी है। लेकिन चुनाव खत्म हो जाने के बाद भी, एक सवाल का जवाब अब तक नहीं मिला है, क्या मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) ने चुनाव परिणामों को प्रभावित किया था?</p>
<p>यह सवाल अब कोर्ट, चुनाव आयोग और तृणमूल कांग्रेस के बीच सबसे बड़ा विवाद बन गया है। तृणमूल का आरोप है कि लाखों मतदाताओं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/politics/what-is-mamatas-last-bet-sir-that-endless-story-of/article-2226"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/mamata-banerjee5.webp" alt=""></a><br /><p>2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव पूरे हो चुके हैं। नतीजे आ चुके हैं। BJP पहली बार सत्ता में आई है। CM सुवेंदु अधिकारी ने शपथ ले ली है, और तृणमूल कांग्रेस को 15 साल बाद विपक्ष में बैठने की मजबूरी झेलनी पड़ी है। लेकिन चुनाव खत्म हो जाने के बाद भी, एक सवाल का जवाब अब तक नहीं मिला है, क्या मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) ने चुनाव परिणामों को प्रभावित किया था?</p>
<p>यह सवाल अब कोर्ट, चुनाव आयोग और तृणमूल कांग्रेस के बीच सबसे बड़ा विवाद बन गया है। तृणमूल का आरोप है कि लाखों मतदाताओं को मतदाता सूची से हटा दिया गया था, और कई सीटों पर हटाए गए मतदाताओं की संख्या जीत के अंतर से ज्यादा थी। दूसरी ओर, चुनाव आयोग और BJP इसे 'सिस्टम को साफ करने' और 'फर्जी मतदाताओं की पहचान करने' की प्रक्रिया बता रहे हैं। यानी चुनाव खत्म हो चुके हैं, लेकिन कोर्ट, आंकड़ों और राजनीति के बीच SIR की कहानी अब भी जारी है।</p>
<p>यह लड़ाई तृणमूल कांग्रेस के लिए अस्तित्व की जंग बन चुकी है। क्योंकि राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेता उनकी हार के बाद उन्हें सांत्वना देने के लिए अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे होंगे, लेकिन चुनाव प्रचार के दौरान यही राहुल गांधी ममता बनर्जी के सत्ता से बाहर होने की भविष्यवाणी कर रहे थे, TMC के ध्रुवीकरण और कुशासन की आलोचना कर रहे थे। ममता जानती हैं कि अपने बयान को मजबूती देने के लिए उन्हें कोर्ट की लड़ाई जीतनी ही होगी। कोर्ट ही उनकी डूबती हुई नाव को किनारे लगाएगा।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/mamata-banerjee.webp" alt="mamata-banerjee" width="1280" height="720"/>
sandhyasamaynews.co.in

<p>चुनाव से पहले बंगाल SIR विवाद पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। ममता बनर्जी खुद अपना केस लड़ने के लिए सुप्रीम कोर्ट में पेश हो चुकी हैं। सोमवार की सुनवाई के दौरान, TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने, अपनी पार्टी के वकील के रूप में, दलील दी थी कि कई विधानसभा सीटों पर हटाए गए मतदाताओं की संख्या जीत के अंतर से ज्यादा थी।</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने पहले कहा था कि जब तक 'बहुत बड़ी संख्या में' मतदाताओं को हटाए जाने का प्रमाण न मिले, तब तक चुनाव परिणामों में हस्तक्षेप करना मुश्किल होगा। हालांकि, कोर्ट ने अब स्पष्ट किया है कि यदि चुनाव परिणामों पर प्रभाव का मुद्दा उठाना है, तो एक अलग याचिका दाखिल करना आवश्यक होगा।</p>
<p>सुनवाई के दौरान, न्यायाधीश बागची ने कहा कि चुनाव परिणाम और मतदाताओं को हटाने से जुड़े सवाल 'स्वतंत्र IA' यानी अलग आवेदन का विषय हैं। इसका स्पष्ट मतलब यह है कि कोर्ट ने अभी तक SIR को अवैध घोषित नहीं किया है, लेकिन यदि पर्याप्त डेटा उपलब्ध हो तो उसने अलग सुनवाई का रास्ता भी बंद नहीं किया है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/mamata-banerjee4.webp" alt="mamata-banerjee4" width="1280" height="720"/>
livehindustan.com

<p>चुनाव आयोग ने कोर्ट में कहा था कि यदि कोई उम्मीदवार या पार्टी मानती है कि मतदाताओं को हटाने से चुनाव प्रभावित हुआ है, तो उनके पास केवल एक ही रास्ता है, 'चुनाव याचिका'। पूरी चुनाव प्रक्रिया को सीधे चुनौती नहीं दी जा सकती।</p>
<p>आयोग का तर्क है कि SIR प्रक्रिया कानून के अनुसार की गई थी। जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए थे, उन्हें नोटिस और अपील का अवसर दिया गया था। इसका मतलब यह है कि आयोग यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि यह कोई अचानक की गई राजनीतिक कार्रवाई नहीं थी, बल्कि एक प्रशासनिक प्रक्रिया थी।</p>
<p>BJP ने भी लगातार यही रुख अपनाया है। पार्टी नेताओं का दावा है कि बंगाल में वर्षों से 'फर्जी मतदान नेटवर्क' मौजूद था, और SIR ने उसे खत्म कर दिया। BJP प्रवक्ताओं ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि SIR पर चुनाव हार का आरोप लगाना TMC की राजनीतिक रणनीति है।</p>
<p>यहीं से असली लड़ाई शुरू होती है। क्योंकि राजनीति में आंकड़े आरोपों से ज्यादा असर डालते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में चुनाव आयोग के डेटा का विश्लेषण सामने आया है। उन्होंने कई सीटों पर मतदाताओं को हटाने और जीत के अंतर की तुलना की। कुछ सीटों पर हटाए गए मतदाताओं की संख्या जीत के अंतर से कई गुना ज्यादा थी। यही TMC का सबसे बड़ा हथियार बन गया।</p>
<p>मीडिया सूत्रों की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 50 विधानसभा सीटों पर 'अयोग्य' या विवादित मतदाताओं की संख्या जीत के अंतर से ज्यादा थी। इनमें से लगभग 25 सीटें BJP को मिलीं।</p>
<p>एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट में कहा गया है कि 123 सीटों के जीत के अंतर का विश्लेषण किया गया, जिसमें 49 सीटों पर विशेष ध्यान दिया गया क्योंकि मुकाबले बेहद करीबी थे। इसका मतलब यह है कि सवाल सिर्फ यह नहीं है कि मतदाताओं को हटाया गया था या नहीं। सवाल यह है कि क्या हटाए गए वोट इतने महत्वपूर्ण थे कि उनके कारण परिणाम बदल सकता था?</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/mamata-banerjee3.webp" alt="mamata-banerjee3" width="1280" height="720"/>
hindi.news18.com

<p>यहीं मामला जटिल हो जाता है। मान लीजिए किसी सीट पर जीत का अंतर 5,000 वोट था और 8,000 मतदाताओं को हटा दिया गया था। इससे अपने आप यह साबित नहीं होता कि चुनाव परिणाम बदल गया होता। क्योंकि यह पता नहीं है कि हटाए गए मतदाता किस पार्टी को वोट देने वाले थे।</p>
<p>उनका कहना है कि हटाए गए वोटों को सीधे किसी पार्टी के वोट बैंक से जोड़ना सांख्यिकीय रूप से गलत है। हालांकि, TMC का जवाब भी उतना ही राजनीतिक है। पार्टी का कहना है कि मुस्लिम, दलित और बंगाली भाषी गरीब आबादी वाले इलाकों में बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए थे। इसलिए यह सिर्फ एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं थी।</p>
<p>SIR विवाद सबसे ज्यादा सीमावर्ती जिलों और मुस्लिम बहुल इलाकों पर केंद्रित था। TMC लगातार आरोप लगाती रही कि 'घुसपैठियों' और 'फर्जी मतदाताओं' के नाम पर असली मतदाताओं को हटाया गया। दूसरी ओर, BJP ने अपने चुनाव प्रचार में इस मुद्दे का इस्तेमाल किया। इसका मतलब यह हुआ कि SIR सिर्फ चुनाव आयोग की तकनीकी प्रक्रिया नहीं रह गई। यह हिंदुत्व, नागरिकता, बांग्लादेश सीमा और पहचान की राजनीति से सीधे जुड़ गई।</p>
<p>एक अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि लगभग 27 लाख मतदाताओं को हटाया गया था, और इसका असर अल्पसंख्यक इलाकों में सबसे ज्यादा महसूस किया गया। हालांकि, चुनाव आयोग ने औपचारिक रूप से इस दावे को स्वीकार नहीं किया है।</p>
<p>यह शायद सबसे बड़ा सवाल है। राजनीतिक विश्लेषकों का एक बड़ा वर्ग मानता है कि हार का पूरा श्रेय केवल SIR को देना अधूरा विश्लेषण होगा।</p>
<p>BJP लंबे समय से बंगाल में अपना संगठन खड़ा कर रही थी। उसे केंद्र सरकार की योजनाओं, हिंदुत्व के माहौल, महिला मतदाताओं में पैठ और TMC के खिलाफ सत्ता विरोधी भावना का फायदा मिला।</p>
<p>एक समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, BJP ने 294 में से 207 से ज्यादा सीटें जीतकर प्रचंड विजय हासिल की। TMC केवल 80 सीटों तक सिमट गई। इतनी बड़ी हार सिर्फ मतदाताओं के नाम हटाने से हुई है, यह समझाना मुश्किल है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/mamata-banerjee2.webp" alt="mamata-banerjee2" width="1280" height="720"/>
aajtak.in

<p>लेकिन दूसरी तरफ, यह भी सच है कि यदि मतदाताओं को हटाने की प्रक्रिया 20-30 करीबी सीटों पर निर्णायक साबित हुई हो, तो उसने सत्ता परिवर्तन को तेज जरूर किया होगा। इसका मतलब यह है कि SIR शायद पूरी कहानी न हो, लेकिन यह निश्चित रूप से कहानी का एक महत्वपूर्ण अध्याय बन चुका है।</p>
<p>यह लड़ाई अब तीन क्षेत्रों में आगे बढ़ेगी- कोर्ट, राजनीति और डेटा विश्लेषण। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल अलग-अलग याचिकाएं दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसका मतलब यह है कि आने वाले दिनों में एक-एक सीट को चुनौती दी जा सकती है।</p>
<p>यदि TMC कुछ सीटों पर यह दिखा सके कि हटाए गए मतदाताओं की संख्या और चुनाव परिणामों के बीच सीधा संबंध था, तो मामला और गंभीर हो सकता है।</p>
<p>दूसरी ओर, चुनाव आयोग के सामने भी एक चुनौती है। उसे केवल कानूनी ही नहीं बल्कि नैतिक विश्वास भी बहाल करना होगा। क्योंकि लोकतंत्र में यदि मतदाता सूचियों पर भरोसा टूटता है, तो चुनाव परिणाम विवादास्पद हो जाते हैं।</p>
<p>2026 के बंगाल चुनाव की राजनीति में, SIR अब सिर्फ एक प्रशासनिक शब्द नहीं रह गया है। यह एक नए युग का प्रतीक बन चुका है जहां चुनाव सिर्फ रैलियों और वोटिंग मशीनों से नहीं लड़े जाते, बल्कि डेटा, दस्तावेज, पहचान और मतदाता सूचियों से भी तय होते हैं।</p>
<p>TMC इसे मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने की कार्रवाई बता रही है। BJP इसे 'लोकतांत्रिक सफाई' कह रही है। कोर्ट फिलहाल दोनों पक्षों की दलीलें सुन रही है।</p>
<p>लेकिन एक बात साफ है, बंगाल के चुनाव खत्म होने के बाद भी, SIR की 'अनंत कथा' अब तक खत्म नहीं हुई है। असल में, असली लड़ाई शायद अब शुरू हुई है। जो TMC के लिए अस्तित्व की लड़ाई भी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 13:07:22 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ईरान में जन्मी अभिनेत्री मंदाना करीमी 16 साल बाद छोड़ा भारत, हमेशा के लिए कहा अलविदा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रियलिटी शो ‘लॉकअप’ और नेटफ्लिक्स फिल्म ‘थार’ में नजर आ चुकीं मशहूर अभिनेत्री मंदाना करीमी ने आखिरकार भारत छोड़ दिया है। 16 साल तक भारत में रहने के बाद उन्होंने एक इमोशनल वीडियो शेयर कर देश को अलविदा कहा। मंदाना ने अपने इंस्टाग्राम पर ‘Ask Me Anything’ (AMA) सेशन के दौरान फैंस के साथ इस मुश्किल फैसले की जानकारी साझा की।</p>
<p>जब एक फैन ने पूछा कि क्या उन्होंने मुंबई हमेशा के लिए छोड़ दिया है और क्या वह इस शहर को मिस करेंगी? तब मंदाना ने एयरपोर्ट से एक वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने कहा, मैंने कभी कल्पना नहीं की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/entertainment/iran-born-actress-mandana-karimi-will-leave-india-after-16/article-2223"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/093.webp" alt=""></a><br /><p>रियलिटी शो ‘लॉकअप’ और नेटफ्लिक्स फिल्म ‘थार’ में नजर आ चुकीं मशहूर अभिनेत्री मंदाना करीमी ने आखिरकार भारत छोड़ दिया है। 16 साल तक भारत में रहने के बाद उन्होंने एक इमोशनल वीडियो शेयर कर देश को अलविदा कहा। मंदाना ने अपने इंस्टाग्राम पर ‘Ask Me Anything’ (AMA) सेशन के दौरान फैंस के साथ इस मुश्किल फैसले की जानकारी साझा की।</p>
<p>जब एक फैन ने पूछा कि क्या उन्होंने मुंबई हमेशा के लिए छोड़ दिया है और क्या वह इस शहर को मिस करेंगी? तब मंदाना ने एयरपोर्ट से एक वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने कहा, मैंने कभी कल्पना नहीं की थी कि मैं ऐसा कह पाऊंगी, लेकिन गुडबाय इंडिया। उन्होंने आगे कहा कि, यह बहुत मुश्किल है। भारत में लगभग 16 साल रहने के बाद आखिरकार मैं अपने दूसरे घर को पीछे छोड़ रही हूं। अब एक नए देश में, नए घर के साथ नई शुरुआत होगी।</p>
<p><strong><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/106.webp" alt="106" width="1280" height="720"/></strong></p>
<p><strong>भारत क्यों छोड़ना पड़ा? सुरक्षा कारणों का खुलासा</strong></p>
<p>मंदाना ने पहले एक इंटरव्यू में स्वीकार किया था कि वह सुरक्षा कारणों से भारत छोड़ने के बारे में सोच रही हैं। जब उनसे गंभीरता से पूछा गया तो उन्होंने कहा था कि, हां, मैं सुरक्षा कारणों से जा रही हूं। जब तक मैं यहां से बाहर नहीं निकल जाती, तब तक मैं ज्यादा जानकारी साझा नहीं कर सकती।</p>
<p>भारत छोड़ने के पीछे के कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत में रहते हुए वह ईरान में चल रही परिस्थितियों और वास्तविकता के बारे में लगातार आवाज उठाती रही हैं। उन्होंने ईरानी अधिकारियों की गलतियों को सार्वजनिक रूप से चुनौती दी थी और वह कभी हार मानने के लिए तैयार नहीं थीं। मंदाना ने कहा कि वह वर्षों से भारत में रहकर यह लड़ाई लड़ रही थीं, लेकिन अब उन्हें यहां रहने का कोई मतलब नजर नहीं आता।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/166.webp" alt="166" width="1280" height="720"/></p>
<p>मंदाना ने एक चौंकाने वाला खुलासा भी किया था कि उन्हें भारत में लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। जब उनसे पूछा गया कि क्या इस दौरान उन्हें किसी का समर्थन मिला? तो उन्होंने निराशा के साथ जवाब दिया, नहीं, किसी का नहीं। न दोस्तों का, न सरकार का और न ही मीडिया का। इसलिए अब यहां घर जैसा महसूस नहीं होता। यह बहुत कठिन रहा है, लेकिन मैंने जो कुछ भी किया, वह ईरान और अपने लोगों के लिए किया। अगर मुझे कोई समर्थन न मिले, तब भी मैं यह सब दोबारा करूंगी।</p>
<p>मंदाना करीमी लंबे समय से भारतीय मनोरंजन जगत का हिस्सा रही हैं। वह आखिरी बार नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘थार’ में नजर आई थीं। इसके अलावा वह ‘बिग बॉस’ और ‘लॉकअप’ जैसे लोकप्रिय शोज के जरिए घर-घर में मशहूर हुई थीं। उनके इस अचानक फैसले से उनके फैंस हैरान और दुखी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 12:13:19 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>क्या मुंबई इंडियंस पंड्या से कप्तानी छीनेगी? 'पैकेज डील' से IPL में हंगामा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस IPL 2026 सीजन से बाहर हो गई है। मुंबई इंडियंस ने KKR को हराकर इस सीजन की शानदार शुरुआत की थी, लेकिन टीम अब तक कुल 3 मैच ही जीत सकी है। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ आखिरी गेंद पर हार के बाद मुंबई इंडियंस प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई। ऐसे में एक्सपर्ट और फैंस दोनों ही हार्दिक पंड्या की कप्तानी की जमकर आलोचना कर रहे हैं।</p>
<p>भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने तो यहां तक ​​कह दिया कि मुंबई इंडियंस फ्रेंचाइजी को हार्दिक पंड्या को हटाकर जसप्रीत बुमराह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/sports/%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%88-%E0%A4%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%82%E0%A4%B8-%E0%A4%AA%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%9B%E0%A5%80%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A5%80---%E0%A4%AA%E0%A5%88%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%9C-%E0%A4%A1%E0%A5%80%E0%A4%B2--%E0%A4%B8%E0%A5%87-ipl-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BE/article-2221"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/vijay31.webp" alt=""></a><br /><p>पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस IPL 2026 सीजन से बाहर हो गई है। मुंबई इंडियंस ने KKR को हराकर इस सीजन की शानदार शुरुआत की थी, लेकिन टीम अब तक कुल 3 मैच ही जीत सकी है। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ आखिरी गेंद पर हार के बाद मुंबई इंडियंस प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई। ऐसे में एक्सपर्ट और फैंस दोनों ही हार्दिक पंड्या की कप्तानी की जमकर आलोचना कर रहे हैं।</p>
<p>भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने तो यहां तक ​​कह दिया कि मुंबई इंडियंस फ्रेंचाइजी को हार्दिक पंड्या को हटाकर जसप्रीत बुमराह को कप्तान बना देना चाहिए। मांजरेकर ने कहा कि फ्रेंचाइजी को अपने लीडरशिप स्ट्रक्चर पर फिर से सोचने और स्टार तेज गेंदबाज बुमराह को टीम की कप्तानी का मौका देने की जरूरत है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/hardik1.webp" alt="hardik1" width="1280" height="720"/>
BCCI

<p>उन्होंने कहा, “मैं बुमराह को इंडिया की कप्तानी करते देखना चाहूंगा क्योंकि मुझे नहीं लगता कि उनसे बेहतर कोई गेम को समझता है। उनकी बॉलिंग में सिर्फ़ एक्शन ही नहीं बल्कि अंदाज़ा लगाना, बैट्समैन को पढ़ना, सिचुएशन को समझना और पिच को जानना भी शामिल है। मैं थोड़ा निराश हूं कि उन्होंने इंग्लैंड में कप्तानी करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। जब शुभमन गिल को कप्तान बनाया गया था तब बुमराह ने कप्तानी नहीं की थी; हालांकि, मुझे उम्मीद है कि उन्हें कम से कम इंडियन प्रीमियर लीग में यह मौका तो मिलेगा।” मांजरेकर ने आगे सुझाव दिया कि जब MI ने हार्दिक के लिए एक शानदार डील की, तो उन्हें आशीष नेहरा को भी साइन करना चाहिए था। हार्दिक और नेहरा ने एक सफल पार्टनरशिप बनाई और गुजरात टाइटन्स को IPL टाइटल जिताया।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/sanjay-manjrekar.webp" alt="sanjay-manjrekar" width="1280" height="720"/>
royalchallengers.com

<p>उन्होंने कहा, “आपने मेरी बात सही समझी क्योंकि मुझे लगता है कि उन्हें सिर्फ़ हार्दिक पांड्या के अलावा दूसरे ऑप्शन पर भी विचार करने की ज़रूरत है। हां, क्योंकि यह कदम असरदार नहीं रहा है। हार्दिक के साथ भी गलत व्यवहार हुआ है। यह एक तरह से 'पैकेज डील' है। आप जानते हैं, अगर हार्दिक मुंबई आ रहे थे, तो उन्हें आशीष नेहरा को अपने साथ लाना चाहिए था; लेकिन आशीष उनके साथ नहीं होंगे।” संजय मांजरेकर का कहना है कि टेस्ट कप्तान बनने की तुलना में जसप्रीत बुमराह के लिए IPL में कप्तानी करना काफी आसान होगा। संजय के अनुसार, यहां उतना बोझ नहीं है, जहां उन्हें हर टेस्ट मैच के लिए फिट और तैयार रहना होता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category> खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 21:31:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राहुल गांधी ने नए CBI डायरेक्टर के सिलेक्शन प्रोसेस पर एतराज़ जताया, कहा- 'विपक्षी पार्टी का नेता रबर स्टैम्प नहीं होता'</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मंगलवार को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) के नए डायरेक्टर को अपॉइंट करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑफिशियल घर 7 लोक कल्याण मार्ग पर सिलेक्शन कमिटी की मीटिंग हुई। इस कमिटी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया (CJI) और लोकसभा में विपक्ष के नेता शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, CJI सूर्यकांत और LOP राहुल गांधी की कमिटी ने नए CBI डायरेक्टर के नाम पर चर्चा की।</p>
<p>सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने सिलेक्शन प्रोसेस से अपनी असहमति जताई। मीटिंग के बाद उन्होंने असहमति का लेटर सौंपा। राहुल गांधी ने अपने X हैंडल से एक पोस्ट में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/politics/rahul-gandhi-expressed-objection-to-the-selection-process-of-the/article-2220"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/rahul.webp" alt=""></a><br /><p>मंगलवार को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) के नए डायरेक्टर को अपॉइंट करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑफिशियल घर 7 लोक कल्याण मार्ग पर सिलेक्शन कमिटी की मीटिंग हुई। इस कमिटी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया (CJI) और लोकसभा में विपक्ष के नेता शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, CJI सूर्यकांत और LOP राहुल गांधी की कमिटी ने नए CBI डायरेक्टर के नाम पर चर्चा की।</p>
<p>सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने सिलेक्शन प्रोसेस से अपनी असहमति जताई। मीटिंग के बाद उन्होंने असहमति का लेटर सौंपा। राहुल गांधी ने अपने X हैंडल से एक पोस्ट में लिखा, 'मैंने प्रधानमंत्री को एक लेटर लिखकर CBI डायरेक्टर के सिलेक्शन प्रोसेस से अपनी असहमति जताई है। मैं एकतरफ़ा प्रोसेस में हिस्सा लेकर अपने संवैधानिक कर्तव्य का उल्लंघन नहीं कर सकता। विपक्ष का नेता रबर स्टैम्प नहीं होता।'</p>
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<p>नए CBI डायरेक्टर के लिए करीब 6 सीनियर IPS अधिकारियों के नामों पर विचार किया जा रहा है। CBI के मौजूदा डायरेक्टर प्रवीण सूद का कार्यकाल 25 मई, 2026 को खत्म हो रहा है। केंद्र सरकार ने उन्हें 2025 में एक साल का एक्सटेंशन दिया था। हरियाणा कैडर के 1990 बैच के IPS ऑफिसर शत्रुजीत सिंह कपूर को CBI डायरेक्टर पद की रेस में सबसे आगे माना जा रहा है। वे हरियाणा के DGP रह चुके हैं और अभी इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) के डायरेक्टर हैं।</p>
<p>इसके अलावा, रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) के मौजूदा हेड पराग जैन के नाम पर भी चर्चा हो रही है। वे पंजाब कैडर के 1989 बैच के IPS ऑफिसर हैं। मध्य प्रदेश कैडर के 1989 बैच के IPS ऑफिसर अजय कुमार शर्मा भी नए CBI डायरेक्टर के संभावित दावेदार हैं। वे अभी मध्य प्रदेश पुलिस हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के चेयरमैन हैं। इससे पहले, वे इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) के DG और इंदौर जोन के ADG जैसे अहम पदों पर रह चुके हैं।</p>
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facebook.com/rahulgandhi

<p>महाराष्ट्र के मौजूदा डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (DGP) और 1990 बैच के IPS ऑफिसर सदानंद वसंत दाते भी CBI डायरेक्टर पोस्ट की रेस में हैं। दाते पहले नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) के हेड थे और 26/11 के मुंबई टेरर अटैक के दौरान उनके काम की बहुत तारीफ़ हुई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                    

                <link>https://hindi.khabarchhe.com/politics/rahul-gandhi-expressed-objection-to-the-selection-process-of-the/article-2220</link>
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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 19:35:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>PM मोदी की अपील का असर, डिप्टी CM हर्ष सांघवी ने रद्द किया अमेरिका दौरा, 2 मंत्री पायलट वाली कार इस्तेमाल नहीं करेंगे, गवर्नर...</title>
                                    <description><![CDATA[<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्क फ्रॉम होम (WFH) और पेट्रोल-डीज़ल की खपत पर बयान के बाद गुजरात के बड़े नेताओं और अधिकारियों ने बड़े फैसले लिए हैं। हर्ष सांघवी ने अपनी अमेरिका दौरा कैंसिल कर दी है, जबकि पाटिल और पैनसेरिया पायलट वाली कार इस्तेमाल नहीं करेंगे। आइए आगे जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद दूसरे बड़े नेताओं या अधिकारियों ने क्या फैसले लिए हैं।</p>
<p>इस महीने के आखिरी हफ्ते में, डिप्टी चीफ मिनिस्टर हर्ष सांघवी को फेडरेशन ऑफ गुजराती एसोसिएशन्स ऑफ USA (FOGAUSA) द्वारा आयोजित दूसरे गुजराती कन्वेंशन में शामिल होना था। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/politics/pm-modis-appeal-affected-deputy-cm-harsh-sanghvi-canceled-america/article-2219"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/bjp-leaders.webp" alt=""></a><br /><p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्क फ्रॉम होम (WFH) और पेट्रोल-डीज़ल की खपत पर बयान के बाद गुजरात के बड़े नेताओं और अधिकारियों ने बड़े फैसले लिए हैं। हर्ष सांघवी ने अपनी अमेरिका दौरा कैंसिल कर दी है, जबकि पाटिल और पैनसेरिया पायलट वाली कार इस्तेमाल नहीं करेंगे। आइए आगे जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद दूसरे बड़े नेताओं या अधिकारियों ने क्या फैसले लिए हैं।</p>
<p>इस महीने के आखिरी हफ्ते में, डिप्टी चीफ मिनिस्टर हर्ष सांघवी को फेडरेशन ऑफ गुजराती एसोसिएशन्स ऑफ USA (FOGAUSA) द्वारा आयोजित दूसरे गुजराती कन्वेंशन में शामिल होना था। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक साल के लिए विदेश यात्राओं को टालने की अपील के बाद उन्होंने यह दौरा रद्द कर दी है। हर्ष सांघवी ने कहा कि गुजरात के नागरिकों को देश की आर्थिक सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभी अपीलों में सहयोग करना चाहिए।</p>
<p>गुजरात के गवर्नर आचार्य देवव्रत ने पर्यावरण को बचाने और फ्यूल बचाने के लिए हेलीकॉप्टर या प्लेन सर्विस के बजाय ST बस और ट्रेन से यात्रा करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्यूल बचाने की अपील पर गवर्नर ने भी अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम करने का फैसला किया है। इसके साथ ही, उन्होंने लोगों से खास तौर पर रिक्वेस्ट की है कि वे प्रदूषण कम करने के लिए साइकिल और इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) का ज़्यादा से ज़्यादा इस्तेमाल करें।</p>
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facebook.com/acharydevvrat

<p>राज्य के हेल्थ मिनिस्टर प्रफुल्ल पंसेरिया ने पायलटिंग कार का इस्तेमाल न करने का फैसला किया है। मोरबी से MLA और लेबर, स्किल डेवलपमेंट और एम्प्लॉयमेंट राज्य मंत्री कांति अमृतिया ने अब पायलटिंग सर्विस का इस्तेमाल न करने का फैसला किया है। उन्होंने यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल और डीज़ल बचाने की अपील के बाद उठाया है।</p>
<p>इसके अलावा, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री पाटिल ने भी पायलटिंग कार का इस्तेमाल न करने का फैसला किया है। पाटिल ने कहा कि जब तक पेट्रोल की कीमत स्थिर नहीं हो जाती, वह अपनी सिक्योरिटी के लिए दी गई 'पायलटिंग कार' का इस्तेमाल नहीं करेंगे। आमतौर पर, केंद्रीय मंत्रियों को सिक्योरिटी प्रोटोकॉल के तहत गाड़ियों को पायलट करने की सुविधा मिलती है, लेकिन बढ़ती कीमतों और फ्यूल की खपत को कम करने के नेक इरादे से उन्होंने यह सुविधा छोड़ने का फैसला किया है।</p>
<p>गुजरात यूनिवर्सिटी ने कारों को पूल करने का फैसला किया है। इस फैसले से फ्यूल बचेगा। गुजरात यूनिवर्सिटी में अभी वर्क फ्रॉम होम की कोई व्यवस्था नहीं है। लेकिन कारों को पूल करने का फैसला है, इस बारे में एक ऑफिशियल सर्कुलर भी जारी किया गया है।</p>
<p>इस बारे में गुजरात यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर नीरजा गुप्ता ने कहा कि जो भी कर्मचारी या अधिकारी कार लेकर आते हैं, वे अपने साथ आस-पास या पास में रहने वाले किसी कर्मचारी या अधिकारी को लाएं, जिससे गाड़ियों की खपत कम होगी, जिससे फ्यूल की भी बचत होगी। गुजरात यूनिवर्सिटी में वर्क फ्रॉम होम पर फिलहाल कोई फैसला नहीं हुआ है क्योंकि टीचिंग स्टाफ अभी छुट्टी पर है। यूनिवर्सिटी के फाइनल एग्जाम चल रहे हैं, जिसकी वजह से नॉन-टीचिंग स्टाफ को वर्क फ्रॉम होम नहीं दिया जा सकता है। वर्क फ्रॉम होम पर फैसला एग्जाम के बाद की स्थिति को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।</p>
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moneycontrol.com

<p>गौरतलब है कि 11 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वडोदरा में पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण पैदा हुए ग्लोबल संकट पर बात की थी और देशवासियों से पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल कम करने और सोना न खरीदने की अपील की थी। सरदार धाम-3 के उद्घाटन कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था, 'पहले कोरोना संकट, फिर ग्लोबल आर्थिक चुनौतियां और अब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने दुनिया को प्रभावित किया है। भारत भी इससे अलग नहीं है। कोरोना महामारी इस सदी का सबसे बड़ा संकट था। इसलिए पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति इस दशक के सबसे बड़े संकटों में से एक है। जब हम मिलकर कोरोना का सामना करेंगे, तो हम इस संकट से भी उबर जाएंगे।’</p>
<p>भारत के इम्पोर्ट का एक बड़ा हिस्सा क्रूड ऑयल है। जिस क्षेत्र से दुनिया को क्रूड ऑयल मिलता है, वह अभी युद्ध की स्थिति में है। इसलिए, जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, हम सभी को मिलकर छोटे-छोटे संकल्प लेने होंगे। मैं अपने देश के हर नागरिक से अपील करता हूं कि जहां तक ​​हो सके पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल कम करें। मेट्रो, इलेक्ट्रिक बसों, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। जिनके पास कार है, वे दूसरों को भी साथ ले जाएं। यह ज़रूरी है कि सरकारी और प्राइवेट ऑफिस में वर्चुअल मीटिंग और वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता दी जाए। मैं स्कूलों से भी आग्रह करता हूं कि वे कुछ समय के लिए ऑनलाइन क्लास का इंतज़ाम करें।’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                    

                <link>https://hindi.khabarchhe.com/politics/pm-modis-appeal-affected-deputy-cm-harsh-sanghvi-canceled-america/article-2219</link>
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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 17:30:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूर्या मिधा... 22 साल की उम्र में अरबपति बने, कंपनी शुरू कर 20000 करोड़ जुटाए, जुकरबर्ग को पीछे छोड़ा!</title>
                                    <description><![CDATA[<p>22 साल की उम्र में ज़्यादातर लड़के कॉलेज पूरा करने के बाद अपनी पहली नौकरी ढूंढने या अपना करियर बनाने में बिज़ी रहते हैं। लेकिन भारतीय मूल के सूर्या मिधा ने वो कर दिखाया है जो मार्क ज़करबर्ग ने किया था। फ़र्क सिर्फ़ इतना है कि उन्होंने ज़करबर्ग से कम उम्र में यह कामयाबी हासिल करके एक अलग रिकॉर्ड बनाया है। फ़ोर्ब्स 2026 अरबपतियों की लिस्ट में सूर्या मिधा को दुनिया के सबसे कम उम्र के सेल्फ़-मेड अरबपतियों में शामिल किया गया है। उनकी कुल दौलत लगभग 2.2 बिलियन डॉलर या लगभग 18,000 करोड़ रुपये आंकी गई है।</p>
<p>सबसे दिलचस्प</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/tech/surya-midha-became-a-billionaire-at-the-age-of-22/article-2222"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/surya-midha.webp" alt=""></a><br /><p>22 साल की उम्र में ज़्यादातर लड़के कॉलेज पूरा करने के बाद अपनी पहली नौकरी ढूंढने या अपना करियर बनाने में बिज़ी रहते हैं। लेकिन भारतीय मूल के सूर्या मिधा ने वो कर दिखाया है जो मार्क ज़करबर्ग ने किया था। फ़र्क सिर्फ़ इतना है कि उन्होंने ज़करबर्ग से कम उम्र में यह कामयाबी हासिल करके एक अलग रिकॉर्ड बनाया है। फ़ोर्ब्स 2026 अरबपतियों की लिस्ट में सूर्या मिधा को दुनिया के सबसे कम उम्र के सेल्फ़-मेड अरबपतियों में शामिल किया गया है। उनकी कुल दौलत लगभग 2.2 बिलियन डॉलर या लगभग 18,000 करोड़ रुपये आंकी गई है।</p>
<p>सबसे दिलचस्प बात यह है कि उन्हें यह दौलत किसी फ़ैमिली बिज़नेस या विरासत से नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में बनाई गई अपनी कंपनी से मिली है। सूर्य मिधा की कहानी सिलिकॉन वैली में एक नए दौर को दिखाती है, जहाँ AI सिर्फ़ एक टेक्नोलॉजी नहीं बल्कि एक नई अरबों डॉलर की मशीन बन गई है। अलेक्जेंडर वोंग भी इसका एक उदाहरण हैं। 29 साल की उम्र में उनकी नेट वर्थ करीब 30,000 करोड़ रुपये है, और यह सिर्फ AI की वजह से मुमकिन हो पाया है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/surya-midha1.webp" alt="surya-midha1" width="1280" height="720"/>
news18.com

<p>सूर्या मिधा ने अपने दोस्तों ब्रेंडन फूडी और आदर्श हिरेमथ के साथ मिलकर मर्कोर नाम की एक कंपनी शुरू की। यह कंपनी किसी आम रिक्रूटमेंट एजेंसी की तरह काम नहीं करती। इसका पूरा सिस्टम AI पर चलता है। सीधे शब्दों में कहें तो, मर्कोर उन कंपनियों के लिए लोग ढूंढती है जहां वे AI मॉडल को ट्रेन कर सकें, रिसर्च कर सकें या टेक्निकल काम कर सकें। बड़ी AI लैब और टेक कंपनियां अब इस तरह के टैलेंट की तलाश में हैं।</p>
<p>AI बूम के बाद, दुनिया भर की हजारों कंपनियों को अचानक ऐसे लोगों की ज़रूरत पड़ी जो मशीन लर्निंग, डेटा ट्रेनिंग और AI सिस्टम को समझते हों। मर्कोर ने इस ज़रूरत को एक बिज़नेस में बदल दिया। कंपनी खुद लोगों का इंटरव्यू लेने, उनकी स्किल्स को टेस्ट करने और फिर उन्हें सही कंपनियों से मैच करने के लिए AI का इस्तेमाल करती है। यह मॉडल इतनी तेज़ी से बढ़ा कि कुछ ही सालों में कंपनी की वैल्यू $10 बिलियन तक पहुंच गई।</p>
<p>फोर्ब्स के मुताबिक, मर्कोर का सालाना रेवेन्यू भी बहुत तेज़ी से बढ़ा। मार्च 2025 में कंपनी का सालाना रेवेन्यू करीब $100 मिलियन था, लेकिन सितंबर तक यह आंकड़ा $500 मिलियन तक पहुंच गया था। AI इंडस्ट्री में बहुत कम कंपनियों ने इतनी तेजी से ग्रोथ हासिल की है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/surya-midha3.webp" alt="surya-midha3" width="1280" height="720"/>
hindi.news24online.com

<p>यही वजह है कि इन्वेस्टर्स ने इस कंपनी में भारी इन्वेस्ट किया। बेंचमार्क, फेलिस और जनरल कैटालिस्ट जैसे बड़े इन्वेस्टर्स ने मर्कोर में इन्वेस्ट किया। उसके बाद कंपनी की वैल्यू आसमान छूने लगी और तीनों दोस्त अरबपति बन गए।</p>
<p>सूर्या मिधा की कहानी इसलिए भी खास मानी जाती है क्योंकि उन्होंने मार्क जुकरबर्ग का रिकॉर्ड तोड़ा। जुकरबर्ग 23 साल की उम्र में अरबपति बन गए थे, लेकिन सूर्या सिर्फ 22 साल की उम्र में इस क्लब में पहुंचे। फोर्ब्स ने उन्हें सबसे कम उम्र का सेल्फ-मेड अरबपति बताया है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/surya-midha2.webp" alt="surya-midha2" width="1280" height="720"/>
ndtv.in

<p>दिलचस्प बात यह है कि सूर्या और उनके को-फाउंडर्स ट्रेडिशनल कॉर्पोरेट बैकग्राउंड से नहीं आए थे। वे एक डिबेट टीम के दोस्त थे और उन्होंने कॉलेज ड्रॉपआउट का रास्ता चुना। यह सिलिकॉन वैली में एक नया ट्रेंड बन रहा है, जहां युवा फाउंडर्स AI स्टार्टअप बना रहे हैं और कुछ ही सालों में बड़ी कंपनियों को चुनौती दे रहे हैं।</p>
<p>आज, AI सिर्फ़ ChatGPT या फ़ोटो एडिटिंग तक सीमित नहीं है। इसका इस्तेमाल रिक्रूटमेंट, कोडिंग, हेल्थकेयर, फ़ाइनेंस और एजुकेशन जैसे एरिया में तेज़ी से बढ़ रहा है। इसी लहर पर सवार होकर, Mercor जैसी कंपनियाँ मल्टी-बिलियन डॉलर की बड़ी कंपनियां बन रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक और ऑटाे</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 15:46:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>38 की उम्र, फिटनेस के प्रति जागरूक और जिम का जुनून... फिर भी कैसे हार गए प्रतीक यादव? जानें कैसे और क्यों हुई मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>समाजवादी पार्टी के संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और भाजपा नेत्री अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का 38 वर्ष की आयु में निधन हो गया। फिटनेस के प्रति बेहद जागरूक रहने वाले प्रतीक यादव का इस तरह अचानक चले जाना न केवल यादव परिवार, बल्कि पूरे राजनीतिक गलियारे को शोक में डुबो दिया है।  मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह प्रतीक यादव की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें अचानक सांस लेने में भारी तकलीफ महसूस हुई और उनका ऑक्सीजन लेवल तेजी से गिरने लगा। परिवार के सदस्य उन्हें तुरंत लखनऊ के सिविल अस्पताल लेकर गए, जहां</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/at-the-age-of-38-fitness-conscious-and-passionate-about/article-2218"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/31.jpg" alt=""></a><br /><p>समाजवादी पार्टी के संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और भाजपा नेत्री अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का 38 वर्ष की आयु में निधन हो गया। फिटनेस के प्रति बेहद जागरूक रहने वाले प्रतीक यादव का इस तरह अचानक चले जाना न केवल यादव परिवार, बल्कि पूरे राजनीतिक गलियारे को शोक में डुबो दिया है।  मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह प्रतीक यादव की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें अचानक सांस लेने में भारी तकलीफ महसूस हुई और उनका ऑक्सीजन लेवल तेजी से गिरने लगा। परिवार के सदस्य उन्हें तुरंत लखनऊ के सिविल अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने इमरजेंसी में भर्ती कर उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उनकी पल्स और धड़कनें पहले ही थम चुकी थीं। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें अस्पताल लाने से पहले ही उनकी सांसें थम गई थीं।</p>
<p><strong>चार महीने पहले शुरू हुई थी यह बीमारी</strong></p>
<p>प्रतीक यादव की मौत कोई आकस्मिक घटना नहीं थी, बल्कि इसकी जड़ें पिछले चार महीनों से चल रही फेफड़ों की एक गंभीर बीमारी में छिपी थीं। उनकी करीबी मित्र रीना सिंह के अनुसार, करीब चार महीने पहले प्रतीक को फेफड़ों (Lungs) में एक गंभीर इंफेक्शन हुआ था। संक्रमण इतना गहरा था कि डॉक्टरों को उनके फेफड़ों का ऑपरेशन तक करना पड़ा था। </p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/16.jpg" alt="1" width="1280" height="720"/>
amarujala.com

<p>ऑपरेशन के बाद प्रतीक को लखनऊ के एक बड़े निजी अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया था। वे लंबे समय तक जीवन और मौत के बीच संघर्ष करते रहे। हालांकि, वे धीरे-धीरे रिकवर हो रहे थे, हालांकि, प्रतीक यादव अपना आवश्यक इलाज पूरा होने से पहले ही अस्पताल से घर चले गए।</p>
<p><strong>पल्मोनरी एम्बोलिज्म से ग्रसित थे प्रतीक</strong></p>
<p>कुछ दिनों पहले गंभीर हालत में लखनऊ के निजी अस्पताल में भर्ती किए गए थे। इस बीमारी में होता यह है कि शरीर की किसी नस में खून का थक्का जम जाता है। वह थक्का रक्त प्रवाह के साथ तैरते हुए फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं तक पहुंच जाता है और वहां जाकर फंस जाता है। जैसे ही यह थक्का फेफड़ों की नस को ब्लॉक करता है, शरीर में रक्त का संचार और ऑक्सीजन की सप्लाई पूरी तरह ठप हो जाती है। इसके लक्षणों में अचानक सीने में तेज दर्द होना, सांस फूलना और ऑक्सीजन का स्तर गिरना शामिल है। प्रतीक यादव के साथ भी बुधवार की सुबह यही हुआ। उनके फेफड़ों में फंसे थक्के ने उन्हें संभलने का मौका भी नहीं दिया।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/24.jpg" alt="2" width="1280" height="720"/>
.jansatta.com

<p>प्रतीक यादव की मौत की खबर मिलते ही उनकी पत्नी अपर्णा यादव और परिवार के अन्य सदस्य बेसुध हो गए। उनकी सहेली रीना सिंह, जो पोस्टमार्टम हाउस पहुंची थीं, उन्होंने बताया कि प्रतीक के लंग्स इंफेक्शन के ऑपरेशन के बाद सब कुछ ठीक लग रहा था, लेकिन अचानक आई इस खबर ने सबको सन्न कर दिया है। प्रतीक यादव भले ही राजनीति से दूर रहे, लेकिन अपनी फिटनेस और मिलनसार स्वभाव के कारण वे हमेशा चर्चा में रहे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 14:09:26 +0530</pubDate>
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