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                <title>राष्ट्रीय  - Khabarchhe Hindi</title>
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                <description>राष्ट्रीय  RSS Feed</description>
                
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                <title>बारिश ने फिर प्रशासन की पोल खोल दी, सूरत के डिंडोली में सड़क धंस गई, द्वारका में हाई अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>गुजरात में बारिश को लेकर जून का महीना सूखा रहने के बाद जुलाई में मेघराजा ने जोरदार दस्तक दी है। पिछले 24 घंटों में राज्य के 107 तालुकों में बारिश दर्ज की गई है, जिसमें सबसे अधिक सूरत के पलसाणा में 7.99 इंच वर्षा हुई है। जूनागढ़, नवसारी, राजकोट, अमरेली सहित कई जिलों में मूसलाधार बारिश के कारण अनेक स्थानों पर जलभराव के दृश्य देखने को मिले। राजुला की रायडी नदी में बाढ़ आने से 35 बकरियां और कुछ महिलाएँ बह गई थीं। हालांकि, स्थानीय लोगों ने महिलाओं को सुरक्षित बचा लिया।</p>
<p>दिव्य भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, आज सुबह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/6a460ed04fd63/article-2492"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-07/photo-(2)3.webp" alt=""></a><br /><p>गुजरात में बारिश को लेकर जून का महीना सूखा रहने के बाद जुलाई में मेघराजा ने जोरदार दस्तक दी है। पिछले 24 घंटों में राज्य के 107 तालुकों में बारिश दर्ज की गई है, जिसमें सबसे अधिक सूरत के पलसाणा में 7.99 इंच वर्षा हुई है। जूनागढ़, नवसारी, राजकोट, अमरेली सहित कई जिलों में मूसलाधार बारिश के कारण अनेक स्थानों पर जलभराव के दृश्य देखने को मिले। राजुला की रायडी नदी में बाढ़ आने से 35 बकरियां और कुछ महिलाएँ बह गई थीं। हालांकि, स्थानीय लोगों ने महिलाओं को सुरक्षित बचा लिया।</p>
<p>दिव्य भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, आज सुबह 6:00 से 8:00 बजे तक 34 तालुकों में बारिश दर्ज की गई, जिसमें गिर सोमनाथ के सूत्रापाड़ा में सबसे अधिक 2.36 इंच बारिश हुई। विश्वप्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर के दिग्विजय द्वार के पास घुटनों तक बारिश का पानी भर जाने से श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, सूरत में आज भी सड़क धंसने की घटनाओं के कारण सड़कों पर मौत के कुएँ जैसे गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों में नगर निगम की कार्यप्रणाली के प्रति रोष देखा जा रहा है।</p>
<p>गिर सोमनाथ जिले में एक बार फिर मेघराजा ने जोरदार बारिश शुरू कर दी है। वेरावल और सूत्रापाड़ा क्षेत्र में बारिश तेज होने से कई इलाकों में वर्षा का माहौल छा गया है। सूत्रापाड़ा फाटक क्षेत्र बारिश के पानी से पूरी तरह जलमग्न हो गया है। भारी बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर जाने से वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। निचले इलाकों में जलभराव के दृश्य सामने आ रहे हैं।</p>
<p>गिर सोमनाथ के विश्वप्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर के दिग्विजय द्वार के पास बारिश का पानी भर जाने से श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रभास पाटन को जोड़ने वाले मार्ग पर बारिश के पानी के साथ नाले का पानी भी मिल जाने से दुर्गंध फैल गई है। स्थानीय लोगों ने मंदिर ट्रस्ट और नगर पालिका पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। नगर पालिका के कर्मचारियों के अनुसार, बारिश के पानी की निकासी में बाधा आने के कारण बार-बार ऐसी स्थिति बनती है, लेकिन कई शिकायतों के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है।</p>
<p>वेरावल शहर में भी बारिश की जोरदार शुरुआत होने से मुख्य सड़कों पर पानी भरने लगा है। जिले में आने वाले घंटों में भी बारिश जारी रहने की संभावना के बीच स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/rain.webp" alt="rain" width="1280" height="720"></img>
divyabhaskar.co.in

<p>सूरत शहर में देर रात से हल्की बारिश हो रही है। सुबह भी बारिश जारी रहने के कारण लोगों को रेनकोट और छाता लेकर कार्यालय तथा स्कूल जाना पड़ा। वहीं, सूरत के डिंडोली क्षेत्र में जी-नाइन सर्कल पर लगभग 40 मीटर सड़क धँस गई है। घटना की जानकारी मिलते ही डिप्टी मेयर सुधाकर चौधरी मौके पर पहुँचे, लेकिन वे इस संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। उन्होंने गोलमोल जवाब देते हुए केवल इतना कहा कि जिम्मेदार अधिकारी और एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>इतना ही नहीं, सड़क धँसने के बाद क्षेत्राधिकार को लेकर भी कर्मचारियों के बीच विवाद खड़ा हो गया। नगर निगम के कर्मचारी इस क्षेत्र को SUDA का बता रहे थे, जबकि SUDA के अधिकारी इसे नगर निगम का क्षेत्र बता रहे थे। इस संबंध में सुधाकर चौधरी ने कहा कि आधा क्षेत्र SUDA का और आधा नगर निगम का है, फिर भी यहाँ मरम्मत का कार्य नगर निगम द्वारा किया जा रहा है।</p>
<p>सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सुधाकर चौधरी ने स्वीकार किया है कि सूरत में गड्ढे भी पड़ रहे हैं और सड़कें भी धँस रही हैं। लेकिन इसमें भ्रष्टाचार है या नहीं, इस बारे में कुछ कहने में उन्हें कठिनाई होती दिखाई दी। उन्होंने केवल कार्रवाई किए जाने की बात कही।</p>
<p>सूरत में उधना साउथ ज़ोन के पास नाले की सफाई के दौरान कल सुबह से नाले में फँसी पोकलेन मशीन को भारी मशक्कत के बाद देर रात दूसरी क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया। बाहर निकाली गई इस पोकलेन मशीन में नाले का पानी और कचरा बड़ी मात्रा में जमा हो गया था। उल्लेखनीय बात यह है कि नाले की सफाई के दौरान हुई इस घटना के समय मौके पर SMC का कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं था।</p>
<p>मौसम विभाग ने 5 जुलाई तक राज्य में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना के साथ अलर्ट जारी किया है। आज चार जिलों में रेड अलर्ट और पाँच जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है और बिजली गिरने की भी आशंका है। कल की तरह आज भी अहमदाबाद में एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।</p>
<p>मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है। इसके बाद पूरे क्षेत्र में तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। वर्तमान में राज्य में ट्रफ, अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और लो प्रेशर एरिया बनने के कारण बारिश की गतिविधि बढ़ गई है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/rain1.webp" alt="rain1" width="1280" height="720"></img>
gujaratsamachar.com

<p>अहमदाबाद में आज सामान्यतः आसमान बादलों से घिरा रहने की संभावना है। एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान लगभग 39 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।</p>
<p>आज दक्षिण गुजरात के जिलों सूरत, डांग, नवसारी, वलसाड तथा दमन, दादरा और नगर हवेली में भारी से अत्यधिक भारी बारिश तथा कुछ स्थानों पर रेड अलर्ट के साथ अत्यंत भारी वर्षा होने की प्रबल संभावना है। दक्षिण गुजरात के नर्मदा, भरूच और तापी जिलों तथा सौराष्ट्र के अमरेली और भावनगर जिलों में कुछ स्थानों पर ऑरेंज अलर्ट के साथ भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण गुजरात के वडोदरा और छोटाउदेपुर जिलों तथा सौराष्ट्र के राजकोट, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, बोटाद और दीव में कुछ स्थानों पर येलो अलर्ट के साथ भारी बारिश की संभावना है।</p>
<p>3 जुलाई को दक्षिण गुजरात के डांग, तापी, नवसारी और वलसाड जिलों तथा दमन, दादरा और नगर हवेली में भारी से अत्यधिक भारी बारिश तथा कुछ स्थानों पर रेड अलर्ट के साथ अत्यंत भारी वर्षा होने की प्रबल संभावना है।</p>
<p>दक्षिण गुजरात के नर्मदा, भरूच और सूरत जिलों तथा सौराष्ट्र के अमरेली और भावनगर जिलों में कुछ स्थानों पर ऑरेंज अलर्ट के साथ भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। गुजरात के आनंद, पंचमहल, दाहोद, वडोदरा और छोटाउदेपुर जिलों तथा सौराष्ट्र के राजकोट, पोरबंदर, जूनागढ़, गिर सोमनाथ और दीव में कुछ स्थानों पर येलो अलर्ट के साथ भारी बारिश की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 16:40:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजा रघुवंशी केस: पति को खाई में फेंकने की आरोपी सोनम को मिली जमानत, जानिए किस कानून के तहत मिली राहत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पिछले एक हफ्ते से सबकी नजर पुणे के केतन अग्रवाल हत्या मामले और आरोपी सिया पर थी। हर कोई सिया और उसके रहस्य की कहानी में खोया हुआ था। इसी दौरान, चुपचाप मेघालय से एक ऐसी खबर आई, जिस पर किसी का ध्यान ही नहीं गया। यह खबर इंदौर की सोनम के बारे में थी, जिसकी कहानी की नकल पुणे की सिया ने की थी। सिया फिलहाल पुणे पुलिस की हिरासत में है, जबकि सोनम जमानत पर रिहा हो चुकी है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/6.webp" alt="6" width="1200" height="720" /></p>
<p>हत्या जैसे गंभीर अपराध में 11 महीने के भीतर आरोपी हत्यारे को जमानत मिल जाना बहुत ही दुर्लभ होता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%98%E0%A5%81%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%B8--%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AB%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%AA%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%A4--%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%82%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A4%E0%A4%B9%E0%A4%A4-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%A4/article-2491"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-07/5.webp" alt=""></a><br /><p>पिछले एक हफ्ते से सबकी नजर पुणे के केतन अग्रवाल हत्या मामले और आरोपी सिया पर थी। हर कोई सिया और उसके रहस्य की कहानी में खोया हुआ था। इसी दौरान, चुपचाप मेघालय से एक ऐसी खबर आई, जिस पर किसी का ध्यान ही नहीं गया। यह खबर इंदौर की सोनम के बारे में थी, जिसकी कहानी की नकल पुणे की सिया ने की थी। सिया फिलहाल पुणे पुलिस की हिरासत में है, जबकि सोनम जमानत पर रिहा हो चुकी है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/6.webp" alt="6" width="1280" height="720"></img></p>
<p>हत्या जैसे गंभीर अपराध में 11 महीने के भीतर आरोपी हत्यारे को जमानत मिल जाना बहुत ही दुर्लभ होता है। लेकिन यहां लोग इस बात पर विश्वास ही नहीं कर पा रहे हैं कि सोनम ने जो किया, उसके बावजूद भी उसे इतनी आसानी से और इतनी जल्दी जमानत मिल सकती है। हैरानी की बात तो यह है कि अदालत भी सोनम को निर्दोष नहीं मानती। फिर भी अदालत ने सोनम को जमानत पर क्यों रिहा किया? जब आप इसका जवाब जानेंगे तो हैरान रह जाएंगे।</p>
<p>शायद यह देश का पहला मामला है, जहां कानून की गलत धारा और मेघालय पुलिस की एक छोटी-सी गलती के कारण सोनम जेल से बाहर आ गई। दरअसल, मेघालय पुलिस ने हत्या के मामले में गिरफ्तारी के बाद सोनम पर नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) की जो धारा लगाई थी, वह कानून की किताबों में तो है ही नहीं, बल्कि किसी भी अदालत या पुलिस थाने के रिकॉर्ड में भी मौजूद नहीं है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/3.webp" alt="3" width="1280" height="720"></img></p>
<p>इसका मतलब यह हुआ कि राजा रघुवंशी हत्या मामले में मेघालय पुलिस ने सोनम पर जो धारा लगाई, वह अस्तित्व में ही नहीं है। अब जब यह धारा अस्तित्व में ही नहीं है, तो अदालत को कैसे पता चलेगा कि पुलिस ने सोनम को किस अपराध में गिरफ्तार किया था? और जब पुलिस खुद ही नहीं जानती, तो वह सोनम को कैसे बताएगी कि उसे किस अपराध में गिरफ्तार किया गया है? ये शब्द मेघालय हाईकोर्ट के हैं, जिसने सोनम को जमानत दी थी। अगर आपको अभी भी पूरी कहानी समझ में नहीं आ रही है, तो आइए इसे आसान शब्दों में समझते हैं।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/4.webp" alt="4" width="1280" height="720"></img></p>
<p>पिछले साल मई महीने में राजा रघुवंशी की हत्या के बाद मेघालय पुलिस ने सोनम सहित 5 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें 3 सुपारी किलर थे और एक सोनम का प्रेमी था। इसके बाद मेघालय पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल की, जिसमें सोनम को अपने ही पति की हत्या का मुख्य आरोपी बनाया गया। चार्जशीट दाखिल होने के बाद मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई। सुनवाई शुरू होते ही सोनम ने शिलांग की निचली अदालत में जमानत के लिए आवेदन किया। यहीं से पूरा मामला बदल गया।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/7.webp" alt="7" width="1280" height="720"></img></p>
<p>दरअसल, 1 जुलाई 2024 से ब्रिटिश काल से चले आ रहे CrPC और IPC में बड़े बदलाव किए गए। सिर्फ उनके नाम ही नहीं बदले गए, बल्कि कई धाराएं भी हटाई गईं या उन्हें मिलाकर नई धाराएं बनाई गईं। भारतीय दंड संहिता (IPC) की जगह अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू कर दी गई। इस BNS के तहत देश में होने वाले सभी अपराधों को कुल 358 धाराओं में शामिल किया गया।</p>
<p>BNS के तहत देश में होने वाले हर प्रकार के अपराध के लिए कुल 358 धाराएं ही हैं। अब यह साफ है कि आजादी के बाद से चली आ रही IPC की धाराओं की जगह BNS और उसकी नई धाराओं ने ले ली है। ऐसे में सिर्फ आम लोगों को ही नहीं, बल्कि पुलिस और कानून लागू करने वाली एजेंसियों को भी इन्हें समझने और याद रखने में दिक्कत हो रही है। उदाहरण के तौर पर पहले IPC की धारा 300 का मतलब हत्या और धारा 302 का मतलब हत्या की सजा होता था। BNS में धारा 300 की जगह धारा 101 आ गई है। अब 101 का मतलब हत्या है। जबकि BNS में 302 की जगह नई धारा 103 बनाई गई है। धारा 103 हत्या की सजा का प्रावधान बताती है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/8.webp" alt="8" width="1280" height="720"></img></p>
<p>सोनम के मामले में गलती यह हुई कि मेघालय पुलिस ने BNS की धारा 103 की जगह धारा 403 लिख दी, जिसे हत्या की धारा बताया गया। जबकि BNS तो धारा 358 पर ही समाप्त हो जाती है, इसलिए यह साफ है कि कानून की किताब में धारा 403 का कोई अस्तित्व ही नहीं है। शिलांग की निचली अदालत ने इसी एक गलती को पकड़ लिया। अदालत ने कहा कि अगर धारा 403 अस्तित्व में ही नहीं है, तो वह कैसे जान सकती है कि सोनम को किस अपराध में गिरफ्तार किया गया था? इसका मतलब यह भी हुआ कि पुलिस ने सोनम को उसके अपराध की जानकारी भी नहीं दी होगी। इसलिए निचली अदालत ने इसी साल 27 अप्रैल को सोनम को जमानत दे दी।</p>
<p>स्वाभाविक रूप से, सोनम को जमानत मिलना सभी के लिए हैरानी की बात थी। मेघालय पुलिस भी चौंक गई। इसके बाद मेघालय पुलिस ने सोनम को जमानत देने के निचली अदालत के फैसले को मेघालय हाईकोर्ट में चुनौती दी। मेघालय हाईकोर्ट में लंबी बहस चली। उम्मीद की जा रही थी कि हाईकोर्ट निचली अदालत का फैसला पलट देगा और सोनम की जमानत रद्द कर देगा। लेकिन मेघालय हाईकोर्ट ने भी सभी को चौंका दिया।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/9.webp" alt="9" width="1280" height="720"></img></p>
<p>मेघालय हाईकोर्ट ने भी सोनम के मामले में BNS की उसी धारा 403 वाली गलती को पकड़ लिया, जिसका कोई अस्तित्व ही नहीं है। हाईकोर्ट ने कहा कि BNS की धारा 403, जो अस्तित्व में ही नहीं है, वह यह स्पष्ट नहीं करती कि सोनम के खिलाफ आरोप क्या हैं। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि गलत धारा लगाए जाने से ऐसा प्रतीत होता है कि शायद सोनम खुद भी नहीं जानती होगी, या फिर पुलिस ने भी उसे यह नहीं बताया होगा कि उसे किस अपराध के तहत गिरफ्तार किया गया है।</p>
<p>इसलिए निचली अदालत का फैसला सही है और सोनम जमानत पाने की हकदार है। 29 जून को मेघालय हाईकोर्ट ने इसी आधार पर सोनम की जमानत रद्द करने की मेघालय पुलिस की याचिका खारिज कर दी। अब सोचिए कि एक छोटी-सी कानूनी गलती ने सोनम को वह आजादी दे दी, जो शायद उसे वर्षों तक नहीं मिल पाती। जमानत पर रिहा होने के बाद सोनम शिलांग में रह रही है। सोनम को जमानत मिलने के बाद राजा रघुवंशी के माता-पिता भी हैरान हैं।</p>
<p>हालांकि, मेघालय पुलिस ने घोषणा की है कि वह अब देश की सर्वोच्च अदालत, सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करेगी। मेघालय पुलिस ने यह भी कहा है कि उनसे धारा लिखने में गलती हुई थी और बाद में उन्होंने अदालत के सामने इस गलती को स्वीकार भी कर लिया था। लेकिन मेघालय पुलिस का मानना है कि केवल इस एक गलती के कारण सोनम को जमानत मिल जाना उचित नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 12:14:39 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पिता का सपना था कि बेटा IAS बने, लेकिन बेटा फॉर्म भरना ही भूल गया; फिर उसने ऐसा क्या किया कि जेल पहुंच गया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>उदयपुर में एक युवक को UPSC परीक्षा देने के लिए नकली आईडी कार्ड का इस्तेमाल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। आरोपी, जयेश जाट, को परीक्षा केंद्र में प्रवेश करते समय पुलिस ने पकड़ लिया। शहर के सूरजपोल पुलिस थाने में उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। हैरानी की बात यह है कि आरोपी किसी दूसरे उम्मीदवार की जगह परीक्षा देने नहीं आया था। यह डमी उम्मीदवार का मामला नहीं था, बल्कि पुलिस जांच में कुछ और ही सामने आया।</p>
<p>सूरजपोल पुलिस थाने के अधिकारी रतन सिंह ने बताया कि दूसरी शिफ्ट दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/the-fathers-dream-was-that-his-son-should-become-an/article-2489"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-07/248.webp" alt=""></a><br /><p>उदयपुर में एक युवक को UPSC परीक्षा देने के लिए नकली आईडी कार्ड का इस्तेमाल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। आरोपी, जयेश जाट, को परीक्षा केंद्र में प्रवेश करते समय पुलिस ने पकड़ लिया। शहर के सूरजपोल पुलिस थाने में उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। हैरानी की बात यह है कि आरोपी किसी दूसरे उम्मीदवार की जगह परीक्षा देने नहीं आया था। यह डमी उम्मीदवार का मामला नहीं था, बल्कि पुलिस जांच में कुछ और ही सामने आया।</p>
<p>सूरजपोल पुलिस थाने के अधिकारी रतन सिंह ने बताया कि दूसरी शिफ्ट दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक आयोजित की गई थी। जयेश भी शहर के फतेह उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। उसके प्रवेश पत्र पर मौजूद बारकोड स्कैन नहीं हो पाया, जिसके बाद वह पकड़ा गया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर तलाशी ली। अधिकारी ने यह भी बताया कि आरोपी नशे का आदी है। तलाशी के दौरान उसकी जेब से एक ग्राम अफीम बरामद हुई।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/2510.webp" alt="2510" width="1280" height="720"></img>
bhaskar.com

<p>शुरुआत में शक था कि उम्मीदवार किसी दूसरे युवक की जगह डमी उम्मीदवार बनकर परीक्षा देने आया था। हालांकि, यह संदेह जल्द ही दूर हो गया। पुलिस पूछताछ के दौरान युवक ने खुलासा किया कि इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी करने के बाद उसने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की थी। वह UPSC आवेदन फॉर्म भरना भूल गया था क्योंकि अंतिम तिथि निकल चुकी थी। लेकिन डर के कारण उसने अपने पिता को इस बारे में नहीं बताया। उसने झूठ बोल दिया कि उसका परीक्षा केंद्र उदयपुर में आया है और वह परीक्षा देने वहां पहुंच गया।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/2611.webp" alt="2611" width="1280" height="720"></img>
bhaskar.com

<p>जब उसके पिता भी उसके साथ जाने पर अड़ गए, तब स्थिति और बिगड़ गई। अपने झूठ को छिपाने के लिए जयेश ने अपने मोबाइल फोन की मदद से नकली प्रवेश पत्र तैयार किया और अपने पिता के साथ परीक्षा देने पहुंच गया। पहली पाली में वह अपने पिता से बचने में सफल रहा, लेकिन दूसरी पाली में उसके पिता उसके ठीक पीछे खड़े रहे। यहीं वह पकड़ा गया, क्योंकि अपने झूठ को सच साबित करने के लिए वह परीक्षा केंद्र तक पहुंच गया था। केंद्र में प्रवेश करते ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 21:07:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
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                <title>नागपुर: 'टोल वसूलने के बावजूद खराब सड़क देना 'सेवा में कमी' है...' NHAI को फटकार; कार मालिक को मिलेगा मुआवज़ा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के नागपुर स्थित उपभोक्ता आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि टोल वसूलने के बावजूद खराब गुणवत्ता वाली सड़क उपलब्ध कराना 'सेवा में कमी' माना जाएगा। आयोग ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) को निर्देश दिया है कि सड़क पर गड्ढों के कारण वाहन चालक को हुए नुकसान का मुआवज़ा दिया जाए।</p>
<p>नागपुर उपभोक्ता आयोग ने इस महीने की शुरुआत में जारी एक आदेश में कहा था कि टोल वसूलने के साथ सुरक्षित और चलने योग्य सड़क उपलब्ध कराना टोल वसूलने वाली कंपनी या प्राधिकरण की जिम्मेदारी है। टोल वसूलने के बाद खराब सड़क उपलब्ध कराना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/nhai-reprimanded-for-providing-bad-roads-despite-collecting-toll-lack/article-2482"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-06/nhai1.webp" alt=""></a><br /><p>महाराष्ट्र के नागपुर स्थित उपभोक्ता आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि टोल वसूलने के बावजूद खराब गुणवत्ता वाली सड़क उपलब्ध कराना 'सेवा में कमी' माना जाएगा। आयोग ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) को निर्देश दिया है कि सड़क पर गड्ढों के कारण वाहन चालक को हुए नुकसान का मुआवज़ा दिया जाए।</p>
<p>नागपुर उपभोक्ता आयोग ने इस महीने की शुरुआत में जारी एक आदेश में कहा था कि टोल वसूलने के साथ सुरक्षित और चलने योग्य सड़क उपलब्ध कराना टोल वसूलने वाली कंपनी या प्राधिकरण की जिम्मेदारी है। टोल वसूलने के बाद खराब सड़क उपलब्ध कराना सेवा में कमी है। आयोग ने NHAI की छिंदवाड़ा परियोजना कार्यान्वयन इकाई को शिकायतकर्ता को वाहन मरम्मत और टोल रिफंड के लिए ₹1,030 का भुगतान करने का आदेश दिया।</p>
<p>इसके अलावा, उपभोक्ता आयोग ने शिकायतकर्ता को हुई मानसिक और शारीरिक पीड़ा के लिए ₹10,000 तथा मुकदमे के खर्च के लिए ₹5,000 देने का भी आदेश दिया। शिकायतकर्ता के अनुसार, वह 2 अक्टूबर, 2020 को नागपुर से मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जा रहा था और उसने निर्धारित टोल शुल्क का भुगतान किया था। यात्रा के दौरान उसकी कार एक गहरे और तेज गड्ढे से टकरा गई, जिससे स्टील व्हील रिम पूरी तरह मुड़ गई और टायर फट गया।</p>
<p>शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे स्पेयर टायर के सहारे यात्रा पूरी करनी पड़ी और कार की मरम्मत कराने के लिए एक अतिरिक्त दिन रुकना पड़ा। उसने यह भी आरोप लगाया कि वापसी के दौरान टोल प्लाज़ा के कर्मचारियों ने शिकायत पुस्तिका देने से इनकार कर दिया और कहा कि संबंधित अधिकारी उपलब्ध नहीं हैं। शिकायतकर्ता ने शुरुआत में NHAI को केवल वाहन मरम्मत के खर्च का मुआवज़ा मांगते हुए नोटिस भेजा था, लेकिन उसका आरोप था कि अधिकारियों ने लोगों की शिकायतों को नज़रअंदाज़ करने की अपनी आदत के चलते उसकी शिकायत पर भी ध्यान नहीं दिया।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-06/nhai.webp" alt="nhai" width="1280" height="720"></img>
news18.com

<p>इसके बाद उसने उपभोक्ता आयोग का रुख किया और NHAI पर सेवा में कमी का आरोप लगाते हुए मुआवज़े की मांग की। जवाब में NHAI की छिंदवाड़ा इकाई ने सड़क पर गड्ढे होने की बात स्वीकार की, लेकिन कहा कि भारी बारिश और अधिक यातायात के दबाव के कारण गड्ढे बने थे। प्राधिकरण ने यह भी बताया कि उस समय मरम्मत का कार्य चल रहा था। हालांकि, NHAI ने यह दलील भी दी कि शिकायतकर्ता ने वाहन के नियमित रखरखाव का कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया है, इसलिए शिकायत खारिज कर दी जानी चाहिए।</p>
<p>उपभोक्ता आयोग ने NHAI की इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत उपभोक्ता के लिए वाहन के नियमित रखरखाव का रिकॉर्ड प्रस्तुत करना कानूनी रूप से आवश्यक नहीं है। गड्ढों के कारण वाहन को नुकसान हुआ, यही पर्याप्त है। आयोग ने NHAI की छिंदवाड़ा परियोजना इकाई को सड़क के लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया और NHAI तथा उसके नागपुर कार्यालय के खिलाफ शिकायत को खारिज कर दिया।</p>
<p>उपभोक्ता आयोग ने कहा कि टोल वसूली और सड़क के रखरखाव की प्राथमिक जिम्मेदारी NHAI की छिंदवाड़ा इकाई की है; इसलिए मुआवज़ा देने की जिम्मेदारी भी उसी की है। वसूले गए टोल के बदले सुरक्षित और अच्छी तरह से रखरखाव की गई सड़क उपलब्ध कराना संबंधित प्राधिकरण की जिम्मेदारी है। सड़क की खराब स्थिति के कारण वाहन को हुआ नुकसान सेवा में कमी है। आयोग ने NHAI को 45 दिनों के भीतर मुआवज़े की राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 20:28:54 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>'मैं 48 लाख कमाता हूं, वह 8 लाख... फिर भी मेरी गर्लफ्रेंड तेवर दिखाती है!' माइक्रोसॉफ्ट के इंजीनियर का छलका दर्द</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कहा जाता है कि प्यार में अमीरी-गरीबी या पैसों का कोई महत्व नहीं होता; लेकिन जब व्यावहारिक जीवन और लिव-इन रिश्तों की बात आती है, तो हकीकत बिल्कुल अलग कहानी दिखाती है। माइक्रोसॉफ्ट के एक इंजीनियर का दर्द इन दिनों सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'ग्रेपवाइन' पर वायरल हो रहा है। इस टेक इंजीनियर का दावा है कि उसके और उसकी गर्लफ्रेंड की सैलरी में जमीन-आसमान का अंतर है, जो अब उनके खुशहाल रिश्ते को धीरे-धीरे दीमक की तरह खा रहा है। पैसों की वजह से होने वाले रोज़ के झगड़ों ने उनके प्यार को खत्म कर दिया है।</p>
<p>माइक्रोसॉफ्ट में सीनियर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/i-earn-48-lakhs-she-earns-8-lakhs-yet-my/article-2478"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-06/11.webp" alt=""></a><br /><p>कहा जाता है कि प्यार में अमीरी-गरीबी या पैसों का कोई महत्व नहीं होता; लेकिन जब व्यावहारिक जीवन और लिव-इन रिश्तों की बात आती है, तो हकीकत बिल्कुल अलग कहानी दिखाती है। माइक्रोसॉफ्ट के एक इंजीनियर का दर्द इन दिनों सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'ग्रेपवाइन' पर वायरल हो रहा है। इस टेक इंजीनियर का दावा है कि उसके और उसकी गर्लफ्रेंड की सैलरी में जमीन-आसमान का अंतर है, जो अब उनके खुशहाल रिश्ते को धीरे-धीरे दीमक की तरह खा रहा है। पैसों की वजह से होने वाले रोज़ के झगड़ों ने उनके प्यार को खत्म कर दिया है।</p>
<p>माइक्रोसॉफ्ट में सीनियर प्रोडक्ट डिज़ाइनर के रूप में काम करने वाले एक शख्स ने 'गूफीपांडा' नाम से ऑनलाइन पर अपनी कहानी साझा की है। उसने बताया कि इस साल की शुरुआत में उसने और उसकी गर्लफ्रेंड ने साथ रहने का फैसला किया। शुरुआत में सब कुछ बहुत परिपक्व और व्यवस्थित लग रहा था। दोनों ने मिलकर अपने ऑफिस के पास एक सुंदर फ्लैट किराए पर लिया और खुशी-खुशी साथ रहने लगे। लेकिन यह हनीमून पीरियड ज़्यादा समय तक टिक नहीं पाया।</p>
<p>टेक इंजीनियर ने बताया कि जब फ्लैट का किराया, भारी सिक्योरिटी डिपॉज़िट और किराने के असली बिल आने लगे, तब उसे आर्थिक असमानता का एहसास हुआ। टेक प्रोफेशनल की वार्षिक सैलरी ₹48 लाख (₹48 LPA) है, जबकि उसकी गर्लफ्रेंड की सैलरी केवल ₹8 लाख (₹8 LPA) है। इस बड़े अंतर को संभालने के लिए इंजीनियर ने अपने वरिष्ठ सहकर्मियों से सलाह भी ली और एक संयुक्त बैंक खाता खुलवाया। उसने ज़िम्मेदारी दिखाते हुए घर के कुल खर्च का 85 प्रतिशत हिस्सा खुद उठाना शुरू कर दिया, ताकि उसकी गर्लफ्रेंड पर बोझ न पड़े।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-06/10.webp" alt="10" width="1280" height="720"></img>
facebook.com/DKShivakumar.official

<p>इंजीनियर का कहना है कि वह किराए से लेकर जीवनशैली से जुड़े बड़े खर्चों तक सब कुछ संभाल रहा था, लेकिन हाल ही में आई एक परेशानी ने सब कुछ बदल दिया। इस हफ्ते उसकी कार खराब हो गई, जिसके मरम्मत का बिल बहुत ज़्यादा आया। जब उसने इस खर्च को साझा करने की बात कही, तो उसकी गर्लफ्रेंड नाराज़ हो गई और तुरंत रक्षात्मक रवैया अपना लिया। बात करने के बजाय उसने इस मुद्दे से बचना ही बेहतर समझा। इंजीनियर ने लिखा कि पैसों को लेकर होने वाली हर छोटी लड़ाई मेरे दिल में उसके लिए बची हुई भावनाओं को भी खत्म करती जा रही है।</p>
<p>यह पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया उपयोगकर्ता दो हिस्सों में बंट गए हैं। कुछ लोगों का कहना है कि अगर इंजीनियर उस युवती को अपना जीवनसाथी मानता है, तो उसे खुशी-खुशी खर्च का बड़ा हिस्सा उठाना चाहिए और लड़की के करियर के विकास में भी मदद करनी चाहिए। दूसरी ओर, कई उपयोगकर्ताओं का मानना है कि महिला का रवैया गलत है। अगर वह वास्तव में इस रिश्ते को लेकर गंभीर होती, तो पैसों की बात पर इस तरह मुंह नहीं छिपाती; बल्कि अपनी क्षमता के अनुसार जितना संभव हो, उतना योगदान देने की कोशिश करती।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

                <link>https://hindi.khabarchhe.com/national/i-earn-48-lakhs-she-earns-8-lakhs-yet-my/article-2478</link>
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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 17:47:12 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>'अयोध्या में जो हुआ वह शर्मनाक', राम मंदिर दान चोरी विवाद के बीच VHP ने चंपत राय से बनाई दूरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अयोध्या में राम मंदिर में दान की चोरी को लेकर बढ़ते सवालों के बीच विश्व हिन्दू परिषद (VHP) ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रमुख चंपत राय से खुद को अलग कर लिया है। VHP ने अब चोरी की घटना की पूरी जांच की मांग की है। इंडिया टुडे को दिए गए इंटरव्यू में, VHP के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट के हालिया फैसलों के लिए संगठन कोई जिम्मेदारी नहीं लेता। उन्होंने स्पष्ट किया कि राम जन्मभूमि आंदोलन में VHP की भूमिका उसी समय समाप्त हो गई थी, जब उस स्थान पर मंदिर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/what-happened-in-ayodhya-was-shameful-vhp-distanced-itself-from/article-2480"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-06/champat-rai.webp" alt=""></a><br /><p>अयोध्या में राम मंदिर में दान की चोरी को लेकर बढ़ते सवालों के बीच विश्व हिन्दू परिषद (VHP) ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रमुख चंपत राय से खुद को अलग कर लिया है। VHP ने अब चोरी की घटना की पूरी जांच की मांग की है। इंडिया टुडे को दिए गए इंटरव्यू में, VHP के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट के हालिया फैसलों के लिए संगठन कोई जिम्मेदारी नहीं लेता। उन्होंने स्पष्ट किया कि राम जन्मभूमि आंदोलन में VHP की भूमिका उसी समय समाप्त हो गई थी, जब उस स्थान पर मंदिर बनाने का उद्देश्य पूरा हो गया था।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-06/vhp.webp" alt="vhp" width="1280" height="720"></img>
deccanherald.com

<p>आलोक कुमार ने कहा, हमारी भूमिका समाप्त हो गई है। देश में कहीं भी मंदिरों का निर्माण करना या उनका संचालन करना VHP का काम नहीं है। ट्रस्ट ही उसका संचालन करेगा, और ट्रस्ट में जो कुछ भी होगा, उसकी जिम्मेदारी भी ट्रस्ट की ही होगी। इन मामलों के लिए RSS या सरकार को जिम्मेदार ठहराना गलत होगा। उन्होंने आगे कहा, ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव के रूप में मैं चंपत राय के कार्यों से स्वयं को अलग कर रहा हूँ।’ यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश के सबसे महत्वपूर्ण स्थलों में से एक की देखरेख करने वाले ट्रस्ट के कामकाज और श्रद्धालुओं के दान के उपयोग को लेकर जांच तेज हो गई है।</p>
<p>श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव बनने से पहले लंबे समय तक VHP से जुड़े रहे चंपत राय ने वित्तीय अनियमितताओं के बढ़ते आरोपों के बीच नैतिक आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उल्लेखनीय है कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) द्वारा की गई प्रारंभिक जांच से बने दबाव के चलते ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने भी इस्तीफा दे दिया है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-06/champat-rai2.webp" alt="champat-rai2" width="1280" height="720"></img>
dailypioneer.com

<p>संगठन के साथ चंपत राय के लंबे समय के जुड़ाव को लेकर उठे सवालों के बीच, आलोक कुमार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा मंदिर निर्माण का रास्ता साफ किए जाने के बाद से ट्रस्ट स्वतंत्र रूप से काम कर रहा है। अयोध्या में जो हुआ वह वास्तव में शर्मनाक और अपमानजनक है। दुनिया भर के हिन्दू, खासकर दान देने वाले कारसेवक और उनके परिवार इस घटना से बेहद दुखी हैं।</p>
<p>कुमार ने तर्क दिया कि मंदिर के प्रशासन की जिम्मेदारी ट्रस्ट की है, VHP की नहीं। राम जन्मभूमि पर फैसले के बाद संगठन के रुख को याद करते हुए उन्होंने कहा कि संगठन ने स्पष्ट रूप से कहा था कि वह न तो मंदिर का निर्माण करेगा और न ही उसका संचालन करेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 13:42:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपी ने बनवाया ₹25 लाख का मकान, लेकिन आय सिर्फ ₹12,000</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="isSelectedEnd">जैसे-जैसे अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की जांच आगे बढ़ रही है, गिरफ्तार आरोपियों में शामिल लवकुश मिश्रा की संपत्तियों को लेकर नए खुलासे हो रहे हैं। जांच में सामने आया है कि मंदिर ट्रस्ट में नौकरी मिलने के कुछ ही समय बाद उसने लाखों रुपये की जमीन खरीदी और उस पर मकान बनवाना शुरू कर दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">दस्तावेजों के अनुसार, यह जमीन लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम पर खरीदी गई थी। बताया जा रहा है कि लवकुश करीब एक साल पहले राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े थे।</p>
<p>यह प्लॉट अयोध्या-लखनऊ हाईवे के पास</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/accused-of-theft-of-ram-temple-offering-built-a-house/article-2476"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-06/luv-kush-mishra.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">जैसे-जैसे अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की जांच आगे बढ़ रही है, गिरफ्तार आरोपियों में शामिल लवकुश मिश्रा की संपत्तियों को लेकर नए खुलासे हो रहे हैं। जांच में सामने आया है कि मंदिर ट्रस्ट में नौकरी मिलने के कुछ ही समय बाद उसने लाखों रुपये की जमीन खरीदी और उस पर मकान बनवाना शुरू कर दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">दस्तावेजों के अनुसार, यह जमीन लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम पर खरीदी गई थी। बताया जा रहा है कि लवकुश करीब एक साल पहले राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े थे।</p>
<p>यह प्लॉट अयोध्या-लखनऊ हाईवे के पास सहादतगंज-बनबीरपुर इलाके में स्थित है। रजिस्ट्री में इसकी कीमत 8.8 लाख रुपये दर्ज है, जबकि मौजूदा बाजार मूल्य और निर्माणाधीन मकान की कुल कीमत करीब 25 लाख रुपये आंकी जा रही है। जांच एजेंसियां अब लवकुश मिश्रा के वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की पड़ताल कर रही हैं, क्योंकि ये उनकी आय के मुकाबले असामान्य मानी जा रही हैं l</p>
<p>करीब <strong>1,000 वर्गफुट</strong> के इस प्लॉट पर <strong>दो मंजिला मकान</strong> बनाया जा रहा है। मकान का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और फिलहाल उसमें <strong>बिजली फिटिंग (इलेक्ट्रिफिकेशन)</strong> का काम चल रहा है</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-06/pxmloddjg-qjxvzz.jpg" alt="pxmlodDJg-QJxvzZ" width="1200" height="675"></img></p>
<p>इलाके के स्थानीय लोगों ने <strong>इंडिया टुडे</strong> को बताया कि मकान का निर्माण <strong>पिछले साल फरवरी</strong> में शुरू हुआ था। उनका कहना है कि निर्माण के शुरुआती दिनों में लवकुश मिश्रा और उनके परिवार के सदस्य अक्सर निर्माण स्थल पर आते थे। काम शुरू होने से पहले आयोजित <strong>भूमि पूजन</strong> में भी पूरा परिवार शामिल हुआ था।</p>
<p class="isSelectedEnd">पड़ोसी राजकुमार पांडेय ने बताया कि यह मकान लवकुश मिश्रा के परिवार का है। उन्होंने कहा, "निर्माण कार्य पिछले साल फरवरी के आसपास शुरू हुआ था। लवकुश यहां अक्सर आया करते थे और समय-समय पर उनसे मुलाकात भी हो जाती थी।"</p>
<p class="isSelectedEnd">स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुछ दिन पहले तक यहां मजदूर काम कर रहे थे। लेकिन जैसे ही राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला सामने आया और लवकुश मिश्रा की गिरफ्तारी की खबर फैली, निर्माण कार्य अचानक बंद हो गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">एक स्थानीय निवासी ने बताया, "दो-तीन दिन पहले तक मजदूर यहां काम कर रहे थे, लेकिन रविवार के बाद से न तो कोई मजदूर दिखा और न ही परिवार का कोई सदस्य।"</p>
<p class="isSelectedEnd">इस पूरे मामले ने इलाके में चर्चा का विषय बना दिया है। लोगों का कहना है कि राम मंदिर ट्रस्ट में काम करने के दौरान लवकुश मिश्रा की मासिक सैलरी सिर्फ 12 से 15 हजार रुपये बताई जाती थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">पड़ोसियों के अनुसार, लवकुश और उनका परिवार बेहद साधारण जीवन जीता था। वे आमतौर पर मोटरसाइकिल से आते-जाते थे और उनके रहन-सहन से कभी नहीं लगा कि उनके पास इतनी बड़ी संपत्ति हो सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा, "उनकी जीवनशैली देखकर कभी नहीं लगा कि उनके पास इतना पैसा होगा। इतना बड़ा मकान कैसे बन गया, इसका जवाब वही दे सकते हैं।"</p>
<p class="isSelectedEnd"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-06/luv-kush-3.jpg" alt="LUV kush 3" width="1280" height="720"></img></p>
<p class="isSelectedEnd">27 वर्षीय लवकुश मिश्रा राम मंदिर में चढ़ावे और नकदी की गिनती करने वाली टीम का हिस्सा था। पुलिस इस मामले में उसे और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। हाल ही में उसके घर पर छापेमारी के दौरान करीब 12 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए थे।</p>
<p>हाल ही में अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे के गबन का मामला सामने आया है। आरोप है कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नकद और आभूषणों में कम से कम 7 करोड़ रुपये के गबन की आशंका है, जबकि कुछ दावों में यह रकम इससे भी अधिक बताई जा रही है। मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। अब तक इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और करीब 80 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। इस विवाद के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में भी बड़े बदलाव हुए हैं। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 21:30:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जमीन बेचकर राम मंदिर को दिया ₹1 करोड़ का चंदा, अब हो रहा अफ़सोस</title>
                                    <description><![CDATA[<p>उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के निवासी सियाराम उमरवैश्य ने 2018 में राम मंदिर के निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये का चंदा दिया था, इससे पहले वो 2018 में चर्चा में आये थे, जब उन्होंने मंदिर निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये दान करने का एलान किया था. अब चढ़ावा चोरी के आरोपों के बिच सोशल मीडिया पर उनका एक बयान वायरल हो रहा है. उनका कहना है की राम मंदिर का निर्माण हो रहा है, इसी उम्मीद से उन्होंने अपनी जमीन बेची और चंदा दिया, लेकिन चढ़ावा चोरी की खबर सामने आने के बाद उन्हें पछतावा हो रहा है</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/donated-%E2%82%B91-crore-to-ram-temple-by-selling-land-now/article-2474"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-06/siyaram-case.jpg" alt=""></a><br /><p>उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के निवासी सियाराम उमरवैश्य ने 2018 में राम मंदिर के निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये का चंदा दिया था, इससे पहले वो 2018 में चर्चा में आये थे, जब उन्होंने मंदिर निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये दान करने का एलान किया था. अब चढ़ावा चोरी के आरोपों के बिच सोशल मीडिया पर उनका एक बयान वायरल हो रहा है. उनका कहना है की राम मंदिर का निर्माण हो रहा है, इसी उम्मीद से उन्होंने अपनी जमीन बेची और चंदा दिया, लेकिन चढ़ावा चोरी की खबर सामने आने के बाद उन्हें पछतावा हो रहा है </p>
<p>उमरवैश्य का कहना है की 'मैंने तो यही सोचकर अपनी जमीन बेची कि वह भगवान राम के काम आए। जिंदगी का कोई भरोसा नहीं, इसलिए जीते-जी कुछ अच्छा कर जाना चाहता था l</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-06/siyaram-case-2-image.jpg" alt="Siyaram case 2 image" width="1280" height="720"></img>
msn.com

<p><strong>अब फैसले पर जता रहे हैं पछतावा</strong></p>
<p>कुछ समय पहले तक सियाराम कहते थे कि राम मंदिर का निर्माण देखना उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना था। लेकिन हाल में चढ़ावे की चोरी जैसी खबरों के बाद उनका नजरिया बदल गया है। उनका कहना है कि अब उन्हें अपनी जमीन दान करने के फैसले पर अफसोस हो रहा है। हालांकि, उन्होंने इसके पीछे कोई स्पष्ट वजह नहीं बताई।</p>
<p>सियाराम ने यह भी बताया कि 2018 में कई लोगों ने उन्हें आगाह किया था कि अगर सुप्रीम कोर्ट का फैसला मंदिर के पक्ष में नहीं आया, तो उनका दान व्यर्थ हो जाएगा। इसके बावजूद उन्हें पूरा विश्वास था कि फैसला राम मंदिर के पक्ष में आएगा और मंदिर का निर्माण जरूर होगाl </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 18:32:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>CBSE ने त्रि-भाषा नीति के लिए जारी किए नए दिशानिर्देश: कक्षा 6 से 10 तक के छात्रों के लिए बड़े बदलाव</title>
                                    <description><![CDATA[<p>केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से त्रि-भाषा नीति (Three-Language Policy) को लागू करने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं।</p>
<p>इस नई नीति के तहत अब छात्रों को तीन भाषाओं का अध्ययन करना होगा, जिनमें से कम से कम दो भारतीय भाषाएं (भारतीय भाषाएं) होनी अनिवार्य हैं। वहीं तीसरी भाषा के रूप में कोई अन्य भारतीय भाषा या फिर अंग्रेजी, फ्रेंच, जर्मन, स्पैनिश या अरबी जैसी विदेशी भाषा को चुना जा सकता है।<br />विभिन्न कक्षाओं के छात्रों पर इस नीति का क्या असर होगा, इसकी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/cbse-issues-new-guidelines-for-three-language-policy-major-changes-for/article-2473"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-06/6201715953049997658.jpg" alt=""></a><br /><p>केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से त्रि-भाषा नीति (Three-Language Policy) को लागू करने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं।</p>
<p>इस नई नीति के तहत अब छात्रों को तीन भाषाओं का अध्ययन करना होगा, जिनमें से कम से कम दो भारतीय भाषाएं (भारतीय भाषाएं) होनी अनिवार्य हैं। वहीं तीसरी भाषा के रूप में कोई अन्य भारतीय भाषा या फिर अंग्रेजी, फ्रेंच, जर्मन, स्पैनिश या अरबी जैसी विदेशी भाषा को चुना जा सकता है।<br />विभिन्न कक्षाओं के छात्रों पर इस नीति का क्या असर होगा, इसकी विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है:</p>
<p><strong>कक्षा-वार बदलावों का पूरा विवरण</strong></p>
<p><strong>कक्षा 10 (2026–27):</strong> वर्तमान में कक्षा 10वीं में पढ़ रहे छात्रों के लिए नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वे मौजूदा द्वि-भाषा (दो भाषा) प्रणाली के तहत ही अपनी पढ़ाई जारी रखेंगे और उन्हें कोई तीसरी भाषा पढ़ने की आवश्यकता नहीं होगी।</p>
<p><strong>कक्षा 9 (2026–27):</strong> इस शैक्षणिक सत्र में कक्षा 9वीं में पढ़ने वाले छात्र तीन भाषाओं का अध्ययन करेंगे, जिनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं होंगी। जो छात्र पहले से ही दो विदेशी भाषाएं पढ़ रहे हैं, वे उन्हें जारी रख सकते हैं, लेकिन उन्हें अनिवार्य रूप से एक भारतीय भाषा को शामिल करना होगा। इस बैच के लिए, तीसरी भाषा का मूल्यांकन केवल स्कूल स्तर पर ही किया जाएगा और कक्षा 10 में इसके लिए कोई CBSE बोर्ड परीक्षा नहीं होगी।</p>
<p><strong>कक्षा 7 और 8 (2026–27):</strong> वर्तमान में कक्षा 7वीं और 8वीं में पढ़ने वाले छात्रों पर भी यही संरचना लागू होगी जब वे अगली उच्च कक्षाओं में प्रवेश करेंगे। यदि वे पहले से ही दो विदेशी भाषाएं पढ़ रहे हैं, तो उन्हें भी एक भारतीय भाषा जोड़नी होगी, और इस तीसरी भाषा के लिए कोई बोर्ड परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-06/cbse-2.jpg" alt="CBSE 2" width="1280" height="720"></img>
tribuneindia.com

<p><strong>कक्षा 6 (2026–27):</strong> शैक्षणिक वर्ष 2026-27 में कक्षा 6वीं में प्रवेश करने वाले छात्र इस नई व्यवस्था के तहत आने वाले पहले पूर्ण बैच (Full Batch) होंगे। ये छात्र तीन भाषाओं का अध्ययन करेंगे (जिसमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं होंगी)। जब यह बैच कक्षा 10वीं में पहुंचेंगे, तो इन्हें तीसरी भाषा के लिए बोर्ड परीक्षा देनी होगी। बोर्ड परीक्षा का यह नियम इस बैच और इसके बाद आने वाले सभी आगामी बैचों पर अनिवार्य रूप से लागू होगा।</p>
<p><strong>इन श्रेणियों को मिलेगी छूट</strong></p>
<p>बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कुछ विशिष्ट श्रेणियों को इस नीति से छूट दी गई है:</p>
<p>विशेष आवश्यकता वाले बच्चे (Children with Special Needs), भारत से बाहर स्थित CBSE स्कूल और भारत लौटने वाले विदेशी छात्रों को इस नियम से छूट मिलेगी।</p>
<p>एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने वाले (State Shift करने वाले) छात्र अपनी मौजूदा भाषा विकल्पों को जारी रख सकते हैं। स्कूलों को ऐसे छात्रों को आवश्यक सहायता प्रदान करनी होगी।</p>
<p><strong>शिक्षकों की कमी को पूरा करने के उपाय</strong></p>
<p>CBSE के अनुसार, इस नीति को सुचारू रूप से लागू करने के लिए स्कूल अपने मौजूदा शिक्षकों, सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) शिक्षकों, स्नातकोत्तर शिक्षकों (PGTs) का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा, स्कूलों के समूहों (Clusters) और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से साझा शिक्षण मॉडल (Shared teaching models) की मदद भी ली जा सकती है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-06/35.jpg" alt="3" width="1280" height="720"></img>
acer.org

<p><strong>नीति की पृष्ठभूमि और स्कूलों की चिंताएं</strong></p>
<p>इससे पहले 2 अप्रैल को, CBSE ने शैक्षणिक वर्ष 2026-27 में कक्षा 6 से चरणबद्ध तरीके से इस त्रि-भाषा फॉर्मूले को शुरू करने का प्रस्ताव दिया था, जिसे 2030-31 तक कक्षा 10 तक पूरी तरह लागू करने की योजना थी। यह एक क्रमिक बदलाव का संकेत था।</p>
<p>इसके बाद, 15 मई को एक सर्कुलर जारी कर स्कूलों को निर्देश दिया गया कि वे 1 जुलाई से कक्षा 9वीं के छात्रों के लिए तीन भाषाएं (R1, R2 और R3) अनिवार्य करें, जिसमें कम से कम दो भाषाएं भारतीय होनी चाहिए। इस सर्कुलर में अंतरिम व्यवस्था के तौर पर स्कूलों को कक्षा 6 की R3 पाठ्यपुस्तकों का उपयोग करने की सलाह दी गई थी, क्योंकि मिडिल और सेकेंडरी स्टेज के बीच भाषाई क्षमताओं में 75-80% तक की समानता होती है।</p>
<p>हालांकि, मई के इस निर्देश के बाद स्कूलों के भीतर अपनी तैयारियों और शैक्षणिक लॉजिस्टिक्स को लेकर चिंताएं बढ़ गईं। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि यह कदम उन उम्मीदों से पहले उठा लिया गया था, जिसमें माना जा रहा था कि इसे समर्पित NCERT पाठ्यपुस्तकों के आने और अधिक सुव्यवस्थित बुनियादी ढांचे के तैयार होने के बाद ही लागू किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

                <link>https://hindi.khabarchhe.com/national/cbse-issues-new-guidelines-for-three-language-policy-major-changes-for/article-2473</link>
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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 17:44:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक माइक्रोसॉफ्ट इंजीनियर ने UPSC पास करने के लिए 45 लाख रुपये की माइक्रोसॉफ्ट की नौकरी छोड़ दी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>45 लाख रुपये का वार्षिक पैकेज, मनचाही नौकरी और माइक्रोसॉफ्ट में अच्छा पद कई लोगों के लिए यह एक बड़ी करियर उपलब्धि है। लेकिन बहुत से लोगों के लिए यह सिर्फ एक सपना है, जिसे वे हासिल करना चाहते हैं। इस युवा इंजीनियर के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उसने नौकरी छोड़कर UPSC की तैयारी करने का फैसला किया। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या केवल पैसा ही वास्तविक करियर संतुष्टि देता है। यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है, जहां लोग सफलता की परिभाषा पर अपने-अपने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/a-microsoft-engineer-left-his-rs-45-lakh-microsoft-job/article-2470"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-06/microsoft-engineer.webp" alt=""></a><br /><p>45 लाख रुपये का वार्षिक पैकेज, मनचाही नौकरी और माइक्रोसॉफ्ट में अच्छा पद कई लोगों के लिए यह एक बड़ी करियर उपलब्धि है। लेकिन बहुत से लोगों के लिए यह सिर्फ एक सपना है, जिसे वे हासिल करना चाहते हैं। इस युवा इंजीनियर के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उसने नौकरी छोड़कर UPSC की तैयारी करने का फैसला किया। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या केवल पैसा ही वास्तविक करियर संतुष्टि देता है। यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है, जहां लोग सफलता की परिभाषा पर अपने-अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं।</p>
<p>यूज़र विकास अल्विस की पोस्ट के अनुसार, उनकी एक दोस्त ने 12वीं कक्षा के बाद JEE Main परीक्षा पास की और NIT वारंगल की ECE शाखा में प्रवेश लिया। उसने 2023 में B.Tech पूरा किया और 45 लाख रुपये के वार्षिक पैकेज के साथ माइक्रोसॉफ्ट में नौकरी हासिल की। वह पढ़ाई में बहुत अच्छी थी, लेकिन हाल ही में उसने UPSC की तैयारी पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करने के लिए नौकरी छोड़ दी।</p>
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aajtak.in

<p>यह जानकारी साझा करते हुए यूज़र ने लिखा, 'मेरी स्कूल की दोस्त, जिसने 12वीं कक्षा के बाद JEE Main परीक्षा पास की, उसने NIT वारंगल में ECE विभाग में प्रवेश लिया। उसने 2023 में B.Tech की डिग्री प्राप्त की और 45 लाख रुपये वार्षिक वेतन वाली नौकरी हासिल की। वह हमेशा पढ़ाई में बहुत अच्छी रही है।'</p>
<p>हालांकि, उसने हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट में अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जहां उसे सालाना 45 लाख रुपये का वेतन मिलता था, और अब उसने UPSC की तैयारी शुरू कर दी है। पोस्ट के अंत में उन्होंने सवाल किया कि अगर सालाना 45 लाख रुपये का वेतन और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनी में नौकरी भी किसी को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है, तो लोगों को वास्तव में शांति और संतोष कहां से मिलता है। यह फैसला मानो सोने के पिंजरे से निकलकर खुले आसमान में उड़ने जैसा है। इससे कई लोग हैरान हुए, लेकिन उसके साहस की भी व्यापक सराहना हुई।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-06/microsoft-engineer2.webp" alt="microsoft-engineer2" width="1280" height="720"></img>
aajtak.in

<p>पोस्ट वायरल होने के बाद कई यूज़र्स अपने-अपने विचार साझा कर रहे हैं। एक यूज़र ने लिखा कि ऐसे फैसले व्यक्ति-व्यक्ति पर निर्भर करते हैं, और पोस्ट करने वाला भी इस बात से सहमत है कि अच्छी नौकरी छोड़ना साहस का काम है। एक अन्य यूज़र का कहना है कि यह फैसला केवल पैसों का नहीं, बल्कि परवरिश का भी है। उनके अनुसार, बचपन से ही माता-पिता और समाज सरकारी नौकरियों को प्राथमिकता देते हैं, जिसके कारण कई लोग अच्छी निजी नौकरी होने के बावजूद सरकारी सेवा को चुनते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 17:30:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्या कैंसर से पीड़ित बेटे की आखिरी इच्छा पूरी करने के लिए परिवार ने डांसर बुलाकर खर्च किए ₹7 लाख? जानिए क्या है सच्चाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सोशल मीडिया पर एक शादी समारोह की तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें एक आदमी पलंग पर लेटा हुआ है और उसके चारों ओर कई लोग खड़े हैं। उनमें महिलाएं भी हैं, जिन पर पलंग पर लेटा व्यक्ति पैसे लुटाता हुआ दिखाई दे रहा है। अब इस तस्वीर को साझा करते हुए दावा किया जा रहा है कि वह व्यक्ति बिहार का रहने वाला है और कैंसर से पीड़ित है। उसका कैंसर अंतिम चरण में है और उसने अपनी आखिरी इच्छा के रूप में ऑर्केस्ट्रा परफॉर्मेंस करवाने की इच्छा जताई थी। दावा किया जा रहा है कि 7 लाख रुपये</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/did-the-family-spend-%E2%82%B97-lakh-by-calling-a-dancer/article-2469"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-06/viral-posts.webp" alt=""></a><br /><p>सोशल मीडिया पर एक शादी समारोह की तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें एक आदमी पलंग पर लेटा हुआ है और उसके चारों ओर कई लोग खड़े हैं। उनमें महिलाएं भी हैं, जिन पर पलंग पर लेटा व्यक्ति पैसे लुटाता हुआ दिखाई दे रहा है। अब इस तस्वीर को साझा करते हुए दावा किया जा रहा है कि वह व्यक्ति बिहार का रहने वाला है और कैंसर से पीड़ित है। उसका कैंसर अंतिम चरण में है और उसने अपनी आखिरी इच्छा के रूप में ऑर्केस्ट्रा परफॉर्मेंस करवाने की इच्छा जताई थी। दावा किया जा रहा है कि 7 लाख रुपये में सात डांसरों को बुलाया गया; वे नाचती रहीं और युवक उन पर पैसे लुटाता रहा।</p>
<p>रंजन सिंह नाम के एक यूज़र ने X पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा था, 'यह लड़का बिहार का है। इसे कैंसर है और यह अंतिम स्टेज में है; इसका बचना असंभव है। इसके परिवार और दोस्तों ने इसकी आखिरी इच्छा पूछी। लड़के ने कहा कि उसकी आखिरी इच्छा ऑर्केस्ट्रा करवाने की है, जिसमें बहुत-सी युवतियां हों, वे नाचें और वह उन पर पैसे लुटाए। उसके दोस्तों और परिवार ने यह इच्छा पूरी की। 7 लाख रुपये में सात ऑर्केस्ट्रा डांसरों को बुलाया गया। महिलाएं नाच रही हैं, ऑर्केस्ट्रा बज रहा है और लड़का उन पर पैसे लुटा रहा है।'</p>
<p>अन्य यूज़र्स ने भी इसी तरह के दावे किए हैं। अब इस मामले की सच्चाई जानने के लिए जांच करना ज़रूरी था। द लल्लनटॉप की रिपोर्ट के अनुसार, सच जानने के लिए वायरल पोस्टों के कैप्शन की जाँच की गई। इसमें आयुष यादव नाम के एक यूज़र की टिप्पणी मिली। आयुष ने वायरल दावे का खंडन किया। उसने बताया कि यह घटना उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की है और तस्वीर में दिख रहे युवक को कैंसर नहीं है; बल्कि, यह दृश्य उसकी बहन की शादी का है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-06/viral-post1.webp" alt="viral-post1" width="1280" height="720"></img>
viral post

<p>इस सुराग के आधार पर हमने आयुष से संपर्क किया। उसने बताया कि वायरल तस्वीर में पलंग पर लेटे व्यक्ति का नाम अमन पासवान है और वह गोरखपुर के जानीपुर गाँव का रहने वाला है। यह तस्वीर उसकी बहन की शादी की है और इसे भ्रामक कहानी के साथ साझा किया जा रहा है। उसके माध्यम से हमें पासवान का संपर्क नंबर मिला। हमें उसके इंस्टाग्राम पेज पर 22 जून, 2026 को अपलोड किया गया शादी का एक वीडियो भी मिला। इसी वीडियो का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है।</p>
<p>अमन पासवान ने बताया कि वायरल दावा पूरी तरह से झूठा है। उसे कैंसर या ऐसी कोई बीमारी नहीं है। उसने कहा, “मेरी बहन की शादी 21 जून को थी। हालांकि, उससे लगभग 20 दिन पहले, 31 मई को मेरा एक्सीडेंट हो गया था। मेरे पैर और कमर में गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद डॉक्टर ने मुझे आराम करने की सलाह दी थी। लेकिन तब तक शादी की तैयारियाँ पूरी हो चुकी थीं, जिनमें ऑर्केस्ट्रा की व्यवस्था भी शामिल थी। वायरल तस्वीर वास्तव में मेरी बहन की शादी की है, लेकिन इसे भ्रामक तरीके से साझा किया जा रहा है।” अमन के इंस्टाग्राम पेज पर उसकी बहन की शादी की कई तस्वीरें और वीडियो भी मिले। कुल मिलाकर जाँच में पता चला कि गोरखपुर में हुई एक शादी की तस्वीर को भ्रामक तरीके से साझा किया जा रहा है और झूठा दावा किया जा रहा है कि वह व्यक्ति बिहार का रहने वाला है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 16:13:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंबालाल पटेल की भविष्यवाणी... जानिए गुजरात में कब से शुरू होगी झमाझम बारिश?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ऐसा लगता है कि इस बार मेघराजा नाराज़ हैं। एल नीनो के कारण किसान अब भी बारिश का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। राज्य में काफी उमस है, लेकिन अब तक बारिश का नामोनिशान नहीं है। मानसून के राज्य में प्रवेश के बाद भी अधिकांश जिले अब तक सूखे पड़े हैं। इसी बीच अंबालाल पटेल ने अपने पूर्वानुमान में बताया है कि राज्य में कब से व्यापक वर्षा दर्ज होगी। उनके पूर्वानुमान पर बात करने से पहले, आइए एक नज़र डालते हैं कि विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं।</p>
<p>ABP अस्मिता की रिपोर्ट के अनुसार, मौसम विशेषज्ञों का कहना है</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/sports/%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%AA%E0%A4%9F%E0%A5%87%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A3%E0%A5%80----%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%9C%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A4-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%AC-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%82-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%9D%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%9D%E0%A4%AE-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B6/article-2467"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-06/ambalal-patel1.webp" alt=""></a><br /><p>ऐसा लगता है कि इस बार मेघराजा नाराज़ हैं। एल नीनो के कारण किसान अब भी बारिश का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। राज्य में काफी उमस है, लेकिन अब तक बारिश का नामोनिशान नहीं है। मानसून के राज्य में प्रवेश के बाद भी अधिकांश जिले अब तक सूखे पड़े हैं। इसी बीच अंबालाल पटेल ने अपने पूर्वानुमान में बताया है कि राज्य में कब से व्यापक वर्षा दर्ज होगी। उनके पूर्वानुमान पर बात करने से पहले, आइए एक नज़र डालते हैं कि विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं।</p>
<p>ABP अस्मिता की रिपोर्ट के अनुसार, मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अरब सागर में कोई मजबूत लो-प्रेशर सिस्टम सक्रिय न होने के कारण मानसून की गति धीमी पड़ गई है। साथ ही, मानसून ट्रफ के उत्तर की ओर खिसक जाने से गुजरात की ओर आने वाली नमी वाली हवाओं का प्रवाह भी कमजोर पड़ गया है। इसके कारण राज्य में बारिश का माहौल बनने में देरी हो रही है। मानसून की धीमी गति ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है।</p>
<p>इन सबके बीच मौसम विशेषज्ञ अंबालाल पटेल ने राहत भरे संकेत दिए हैं। उन्होंने जून के अंतिम दिनों में अच्छी बारिश की संभावना जताई है। उनके अनुसार, 28 जून से राज्य में व्यापक और अच्छी वर्षा हो सकती है। 28 जून के बाद दक्षिण गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में भारी बारिश की संभावना है, जबकि पूर्व गुजरात, उत्तर गुजरात और मध्य गुजरात में भी जुलाई के पहले सप्ताह में अच्छी वर्षा हो सकती है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-06/rain3.webp" alt="rain3" width="1280" height="720"></img>
english.deshabhimani.com

<p>पूर्वानुमानकर्ता अंबालाल पटेल ने 16 जुलाई के बाद बारिश के एक और दौर की संभावना भी जताई है। इस दौरान अच्छी वर्षा के कारण नर्मदा नदी के जलस्तर में भी वृद्धि होने की संभावना है। इसके बाद 2 अगस्त के बाद राज्य में फिर से अच्छी बारिश का एक और दौर आने की संभावना व्यक्त की गई है।</p>
<p>गुजरात में मानसून की शुरुआत के बाद वर्षा गतिविधियों में बड़ी गिरावट देखी जा रही है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, राज्य में रुका हुआ मानसून अगले 3 दिनों में फिर से सक्रिय होकर आगे बढ़ सकता है। हालांकि, अगले पाँच दिनों के दौरान राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में केवल हल्की से मध्यम बारिश की ही संभावना जताई गई है।</p>
<p>राज्य में वर्षा के आँकड़े भी चिंताजनक स्थिति दर्शा रहे हैं। 26 जून तक गुजरात में औसतन केवल 2.85 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई है, जो पिछले 10 वर्षों में सबसे कम मानी जा रही है। अब तक राज्य में केवल 1.03 इंच वर्षा हुई है। जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में राज्य में 26.24 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई थी।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-06/ambalal-patel.webp" alt="ambalal-patel" width="1200" height="675"></img>
chitralekha.com

<p>बारिश की कमी के कारण किसानों की चिंता भी बढ़ रही है। कई क्षेत्रों में किसान बुवाई के लिए बारिश का इंतज़ार कर रहे हैं। राज्य के किसी भी तालुका में अब तक 10 इंच तक वर्षा दर्ज नहीं हुई है, जो वर्षा की कमी का स्पष्ट संकेत है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में मानसून फिर से रफ्तार पकड़ सकता है। यदि अरब सागर में अनुकूल प्रणाली विकसित होती है, तो राज्य में वर्षा की तीव्रता बढ़ सकती है। अब यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में बारिश कैसी रहती है। क्या इस बार किसानों को फिर से रोना पड़ेगा? यदि अच्छी बारिश नहीं होती है, तो निश्चित रूप से किसानों के लिए मुश्किलें बढ़ेंगी, क्योंकि तेज धूप और उमस के कारण कई जगहों पर जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category> खेल</category>
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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 21:08:23 +0530</pubDate>
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