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                <title>राष्ट्रीय  - Khabarchhe Hindi</title>
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                <title>चांदखेड़ा डोसा बैटर केस में 3 वर्षीय मिस्टी की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, बच्ची के शरीर में...</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अप्रैल महीने में अहमदाबाद के चांदखेड़ा इलाके की एक दुकान से बैटर लाकर डोसा बनाया गया था। उसे खाने के बाद प्रजापति परिवार के सदस्यों की तबीयत बिगड़ गई थी। जिसमें परिवार की ढाई महीने की राहा और 3 साल की मिस्टी नाम की बच्चियों की मौत हो गई थी। बच्चियों के माता-पिता की भी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि, इस मामले में इतने दिन बीत जाने के बाद भी बच्चियों की मौत का सटीक कारण सामने नहीं आया है। इस मामले में शनिवार को मिस्टी की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पुलिस को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/in-the-chandkheda-dosa-batter-case-the-postmortem-report-of/article-2247"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/ahmedabad-dosa-case.webp" alt=""></a><br /><p>अप्रैल महीने में अहमदाबाद के चांदखेड़ा इलाके की एक दुकान से बैटर लाकर डोसा बनाया गया था। उसे खाने के बाद प्रजापति परिवार के सदस्यों की तबीयत बिगड़ गई थी। जिसमें परिवार की ढाई महीने की राहा और 3 साल की मिस्टी नाम की बच्चियों की मौत हो गई थी। बच्चियों के माता-पिता की भी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि, इस मामले में इतने दिन बीत जाने के बाद भी बच्चियों की मौत का सटीक कारण सामने नहीं आया है। इस मामले में शनिवार को मिस्टी की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पुलिस को मिली थी।</p>
<p>पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मिस्टी के शरीर में ‘एशिनोबैक्टर बौमानी’ नाम का खतरनाक बैक्टीरिया पाया गया था। इस बैक्टीरिया के कारण बच्ची के शरीर में गंभीर संक्रमण फैल गया था। रिपोर्ट में लिखा गया है कि, मिस्टी डी/ओ विमलकुमार प्रजापति, महिला, उम्र लगभग 03 वर्ष की पोस्टमॉर्टम नोट में मौत का कारण ‘CARDIORESPIRATORY FAILURE DUE TO SEPTICEMIA BY BACTERIA ACINOBACTER BAUMANII FOUND IN BODY. LUNG EDEMA FOUND.' बताया गया है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/ahmedabad-dosa-case1.webp" alt="ahmedabad-dosa-case1" width="1280" height="720"></img>
gujarati.news18.com

<p>इस बारे में डॉक्टरों ने पुलिस को बताया कि जब संक्रमण पूरे शरीर में फैल जाता है और शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर गंभीर असर करता है, तब उसे ‘सेप्टिसीमिया’ कहा जाता है। बच्ची के मामले में भी गंभीर संक्रमण के कारण हृदय और श्वसन प्रणाली ने काम करना बंद करना शुरू कर दिया था। चिकित्सा भाषा में इस स्थिति को ‘कार्डियोरेस्पिरेटरी फेल्योर’ कहा जाता है। इसके अलावा बच्ची के फेफड़ों में पानी भरने और सूजन की स्थिति भी देखी गई थी। जिसके कारण उसे सांस लेने में भारी परेशानी हो रही थी। आखिरकार गंभीर संक्रमण और श्वसन प्रणाली में आई खराबी के कारण बच्ची की मौत हुई, ऐसा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया है।</p>
<p>इस मामले में परिवार का सिर्फ एक ही कहना है कि बैटर से बने डोसे खाने के बाद ही बच्चियों और माता-पिता की तबीयत बिगड़ी थी। जबकि पुलिस का जवाब यही रहा है कि बाहर से लाए गए बैटर को खाने के बाद मौत होने के कोई सबूत नहीं मिल रहे हैं। गौरतलब है कि चांदखेड़ा में राहा और मिस्टी प्रजापति नाम की दो बच्चियों की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस इतने दिनों बाद भी जांच कर रही है।</p>
<p>पुलिस ने इस मामले में बच्चियों के माता-पिता, दादा-दादी सहित परिवार के लोगों से पूछताछ की थी। हालांकि, सभी लोगों के बयानों में एक ही बात सामने आई है कि बाहर से लाए गए बैटर से डोसा बनाने के बाद ही परिवार की तबीयत बिगड़ी थी। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस अब माता-पिता का लाई-डिटेक्शन टेस्ट कराने पर विचार कर सकती है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/ahmedabad-dosa-case3.webp" alt="ahmedabad-dosa-case3" width="1280" height="720"></img>
gujarati.news18.com

<p><strong>एसिनेटोबैक्टर बौमानी क्या है?</strong></p>
<p>डॉक्टर एसिनेटोबैक्टर बौमानी को बेहद खतरनाक बैक्टीरिया मानते हैं। यह आमतौर पर अस्पतालों में, खासकर ICU, वेंटिलेटर और कैथेटर से जुड़े मरीजों में पाया जाता है। यह जीवाणु कई सामान्य एंटीबायोटिक्स पर असर न होने के लिए जाना जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि इसके इलाज के लिए टार्गेटेड एंटीबायोटिक्स, इंटेंसिव केयर सपोर्ट और गंभीर मामलों में वेंटिलेटर की जरूरत पड़ती है।</p>
<p><strong>यह अंगों को संक्रमित कर सकता है</strong></p>
<p>फेफड़े</p>
<p>खून का प्रवाह</p>
<p>सर्जरी के घाव</p>
<p>मूत्र मार्ग</p>
<p>जब यह बैक्टीरिया खून के प्रवाह में प्रवेश कर पूरे शरीर में फैल जाता है, तब यह सेप्टिसीमिया या सेप्सिस का कारण बन सकता है।</p>
<p><strong>सामान्य लक्षण</strong></p>
<p>तेज बुखार आना</p>
<p>सांस लेने में परेशानी होना</p>
<p>ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) कम हो जाना</p>
<p>घबराहट महसूस होना या बेहोश हो जाना</p>
<p>पेशाब की मात्रा कम हो जाना।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 20:47:38 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कानपुर: शादी से पहले उबलते तेल से झुलसी दुल्हन, दूल्हे ने अस्पताल के बर्न वार्ड में ही रचाई शादी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बॉलीवुड फिल्म ‘विवाह’ का वह भावुक क्लाइमैक्स सीन शायद ही कोई भूल पाया होगा, जिसमें शादी समारोह से पहले आग की घटना में दुल्हन गंभीर रूप से झुलस जाती है और उसे अस्पताल में भर्ती करना पड़ता है। इस मुश्किल घड़ी में दूल्हा अस्पताल के वार्ड में ही उसकी मांग भरकर उसे अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार करता है। रुपहले पर्दे की यह काल्पनिक कहानी अब कानपुर में हकीकत बन गई है। यहां दूल्हे ने शादी से पहले हुई आग की घटना में गंभीर रूप से झुलसी अपनी होने वाली पत्नी का साथ नहीं छोड़ा, बल्कि अस्पताल के बर्न</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/kanpur-the-bride-got-burnt-by-boiling-oil-before-the/article-2246"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/marriage1.webp" alt=""></a><br /><p>बॉलीवुड फिल्म ‘विवाह’ का वह भावुक क्लाइमैक्स सीन शायद ही कोई भूल पाया होगा, जिसमें शादी समारोह से पहले आग की घटना में दुल्हन गंभीर रूप से झुलस जाती है और उसे अस्पताल में भर्ती करना पड़ता है। इस मुश्किल घड़ी में दूल्हा अस्पताल के वार्ड में ही उसकी मांग भरकर उसे अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार करता है। रुपहले पर्दे की यह काल्पनिक कहानी अब कानपुर में हकीकत बन गई है। यहां दूल्हे ने शादी से पहले हुई आग की घटना में गंभीर रूप से झुलसी अपनी होने वाली पत्नी का साथ नहीं छोड़ा, बल्कि अस्पताल के बर्न वार्ड को ही शादी का मंडप बनाकर उसके साथ सात जन्मों की कसमें खाईं।</p>
<p>यह पूरी घटना कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र स्थित जगन्नाथपुर गांव की है। स्थानीय निवासी जगदीश सिंह की 23 वर्षीय बेटी गरिमा सिंह (उर्फ श्वेता) की शादी कानपुर के तात्या टोपे नगर निवासी 27 वर्षीय विकास सिंह से तय हुई थी। गुरुवार को बारात आने वाली थी और बुधवार 13 मई को दुल्हन के घर मेहंदी का कार्यक्रम चल रहा था। घर रिश्तेदारों और मेहमानों से भरा हुआ था, तभी अचानक सिलेंडर पाइप से गैस लीक होने लगी और कुछ ही देर में भीषण आग भड़क उठी।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/marriage.webp" alt="marriage" width="1280" height="720"></img>
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<p>चीख-पुकार सुनकर लोग आग बुझाने दौड़े, लेकिन इसी दौरान चूल्हे पर रखी उबलते तेल से भरी कढ़ाई पलट गई। इस दुखद हादसे में दुल्हन श्वेता, उसके पिता जगदीश, फोटोग्राफर शिवा और कई महिला रिश्तेदारों सहित कुल 12 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। सभी घायलों को तुरंत घाटमपुर कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC) ले जाया गया, जहां से उनकी हालत गंभीर होने के कारण उन्हें कानपुर रेफर कर दिया गया।</p>
<p>जैसे ही हादसे की खबर दूल्हे विकास और उसके परिवार को मिली, वे तुरंत कानपुर के उर्सुला अस्पताल पहुंचे और फिर जाजमऊ स्थित निजी मिशिका अस्पताल पहुंचे, जहां श्वेता भर्ती थी। दुल्हन की गंभीर हालत देखकर कुछ रिश्तेदारों ने शादी कुछ समय के लिए टालने का सुझाव दिया, लेकिन विकास ने साफ इनकार कर दिया। विकास ने दृढ़ता से कहा कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, वह अपने वचन का पालन करेगा और हर कदम पर श्वेता के साथ रहेगा।</p>
<p>विकास का यह अटूट प्रेम और समर्पण देखकर दोनों परिवार भावुक हो गए। इसके बाद अस्पताल प्रशासन से वार्ड के अंदर ही शादी समारोह आयोजित करने की अनुमति मांगी गई। बेहद संवेदनशीलता दिखाते हुए मिशिका अस्पताल के MD डॉ. सुरेंद्र पटेल और उनकी टीम ने तुरंत इसकी अनुमति दे दी। शुक्रवार रात अस्पताल का बर्न वार्ड शादी के मंडप में बदल गया। अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने दोनों परिवारों के सदस्यों के साथ मिलकर वार्ड को फूलों से सजाया। सफेद शर्ट और काली पैंट पहनकर दूल्हा विकास अस्पताल के उस बिस्तर के पास पहुंचा जहां उसकी दुल्हन पट्टियों में लिपटी हुई थी। विकास ने वहीं श्वेता की मांग में सिंदूर भरा और उसे अपनी जीवनसंगिनी के रूप में स्वीकार किया। इस असाधारण और भावुक पल को देखकर कमरे में मौजूद डॉक्टरों, नर्सों और रिश्तेदारों की आंखें नम हो गईं।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/marriage2.webp" alt="marriage2" width="1280" height="720"></img>
ndtv.in

<p>मिशिका अस्पताल के MD डॉ. सुरेंद्र पटेल ने कहा कि अस्पताल परिसर में हुआ यह विवाह बेहद हृदयस्पर्शी था। दुल्हन श्वेता अब तेजी से स्वस्थ हो रही है, हालांकि उसे पूरी तरह ठीक होने और छुट्टी मिलने में अभी 8 से 10 दिन लग सकते हैं। हादसे में घायल अन्य लोगों का इलाज भी जारी है। दूल्हे विकास ने बताया कि वह एक प्राइवेट नौकरी करता है। उसने तय किया था कि वह परिस्थितियों के आगे नहीं झुकेगा और शादी पहले से तय तारीख और शुभ मुहूर्त पर ही करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 17:05:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>धार: भोजशाला में अयोध्या 2.0... क्या इस कानूनी फैसले से अब काशी और मथुरा का भी रास्ता होगा साफ?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद धार स्थित भोजशाला एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में आ गई है। ASI की सर्वे रिपोर्ट और ऐतिहासिक साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने भोजशाला परिसर को हिंदू मंदिर माना है। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि मुस्लिम पक्ष चाहे तो मस्जिद निर्माण के लिए सरकार से अलग भूमि की मांग कर सकता है। इस फैसले के बाद अब अयोध्या की तरह काशी, मथुरा और देशभर के अन्य मंदिर-मस्जिद विवादों को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।</p>
<p>हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि 98 दिनों तक चले</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/ayodhya-20-in-madhya-pradesh-bhojshala-will-this-legal-decision/article-2245"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/bhojshala21.webp" alt=""></a><br /><p>मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद धार स्थित भोजशाला एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में आ गई है। ASI की सर्वे रिपोर्ट और ऐतिहासिक साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने भोजशाला परिसर को हिंदू मंदिर माना है। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि मुस्लिम पक्ष चाहे तो मस्जिद निर्माण के लिए सरकार से अलग भूमि की मांग कर सकता है। इस फैसले के बाद अब अयोध्या की तरह काशी, मथुरा और देशभर के अन्य मंदिर-मस्जिद विवादों को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।</p>
<p>हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि 98 दिनों तक चले ASI सर्वेक्षण में अनेक ऐसे प्रमाण मिले हैं जो साबित करते हैं कि भोजशाला देवी वाग्देवी अर्थात माता सरस्वती की पूजा और संस्कृत शिक्षा का प्रमुख केंद्र था। कोर्ट ने 2003 के ASI के उस आदेश को भी रद्द कर दिया जिसमें हिंदू पक्ष को पूजा से रोका गया था, जबकि मुस्लिम पक्ष को नमाज की अनुमति दी गई थी।</p>
<p>कोर्ट ने अपने फैसले में अयोध्या केस के निर्णय का भी उल्लेख किया और कहा कि अदालत आस्था नहीं बल्कि साक्ष्यों के आधार पर निर्णय देती है। फैसले में कहा गया कि उपलब्ध ऐतिहासिक दस्तावेज, शिलालेख, मूर्तिकला, स्तंभ और ASI की रिपोर्ट संकेत देती है कि यहां मस्जिद से पहले प्राचीन मंदिर था।</p>
<p>अब इस फैसले के बाद यह सवाल उठ रहे हैं कि भारत पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। अयोध्या और भोजशाला के बाद क्या अब काशी और मथुरा के मंदिरों पर भी फैसला आएगा? क्या अब मुस्लिम पक्ष को देशभर के उन 299 स्थलों से जुड़े मामलों में कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, जहां दावा किया जाता है कि मंदिर तोड़कर मस्जिदें बनाई गई थीं? मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के जवाब में मुस्लिम पक्ष ने कहा है कि वह इस निर्णय को स्वीकार नहीं करता और इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगा।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/bhojshala31.webp" alt="bhojshala3" width="1280" height="720"></img></p>
<p>गौरतलब है कि भोजशाला मामला अयोध्या विवाद की तरह बेहद संवेदनशील रहा है, जिसमें दो से अधिक बार हिंदुओं और मुसलमानों के बीच सांप्रदायिक दंगे हो चुके हैं। इन दंगों का मुख्य कारण परस्पर विरोधी दावे रहे हैं। मुस्लिम पक्ष दावा करता है कि भोजशाला परिसर एक मस्जिद है, जबकि हिंदू पक्ष इसे देवी वाग्देवी का मंदिर मानता है। और ऐतिहासिक साक्ष्य, दस्तावेज, पुस्तकें तथा शिलालेख इस दावे का समर्थन करते हैं।</p>
<p>दरअसल, मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला का नाम राजा भोज के नाम पर रखा गया था, जो देवी सरस्वती के परम भक्त थे। हिंदू धर्म में देवी सरस्वती को विद्या, बुद्धि और ज्ञान की देवी माना जाता है। ऐतिहासिक रिकॉर्ड बताते हैं कि 1034 में राजा भोज ने यहां नालंदा और तक्षशिला जैसी प्रसिद्ध संस्थाओं की तर्ज पर एक संस्कृत कॉलेज की स्थापना की थी, जिसे बाद में भोजशाला कहा जाने लगा। चूंकि इस भोजशाला में देवी सरस्वती की प्रतिमा स्थापित थी, इसलिए हिंदू लंबे समय से इस स्थान को देवी को समर्पित पवित्र मंदिर मानते रहे हैं।</p>
<p>हालांकि, जिस प्रकार बख्तियार खिलजी ने 12वीं सदी में नालंदा विश्वविद्यालय पर हमला करवाया था, उसी प्रकार अलाउद्दीन खिलजी ने 1305 में भारत की प्राचीन सनातन संस्कृति को समाप्त करने के प्रयास में भोजशाला को ध्वस्त करने का आदेश दिया था। इसके बाद 1401 में दिलावर खान गौरी ने भोजशाला परिसर के एक हिस्से में एक मस्जिद बनवाई, जिसे कमाल मौला मस्जिद कहा गया। जबकि 1514 में महमूद शाह खिलजी ने यहां दूसरी मस्जिद का निर्माण करवाया, जिसे लाट मस्जिद कहा गया।</p>
<p>इन निर्माणों में कमाल मौला मस्जिद मालवा क्षेत्र के सूफी संत कमाल मौला को समर्पित थी। लेकिन विभिन्न ऐतिहासिक कालों में किए गए सर्वेक्षणों में लगातार यह उल्लेख मिलता रहा है कि यह मस्जिद उसी स्थान पर बनाई गई थी जहां कभी प्राचीन मंदिर और भोजशाला कॉलेज था। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की 123 वर्ष पुरानी रिपोर्ट भी बताती है कि मस्जिद के भीतर मिले अनेक प्रतीक और शिलालेख यह संकेत देते हैं कि यह संरचना हिंदू मंदिर के अवशेषों पर बनाई गई थी, और मंदिर के ध्वंस से प्राप्त मलबे तथा अवशेषों का उपयोग निर्माण सामग्री के रूप में किया गया था।</p>
<p>इसी रिपोर्ट में लिखा गया था कि मस्जिद के उस कक्ष में, जहां मुसलमान नमाज पढ़ते थे, वहां दो स्तंभों पर संस्कृत अक्षर और हिंदू प्रतीक मिले थे तथा कुछ दीवारों पर संस्कृत शिलालेख पाए गए थे। ये प्रमाण इस दावे का समर्थन करते हैं कि जहां मस्जिद का निर्माण हुआ था, वहां पहले मंदिर था। यह रिपोर्ट भाजपा या मोदी सरकार के कार्यकाल में सामने नहीं आई थी। यह रिपोर्ट 123 वर्ष पुरानी है। अंग्रेजों ने स्वयं दस्तावेजीकरण किया था कि जब उन्होंने भोजशाला में सर्वेक्षण हेतु खुदाई करवाई थी, तब वहां उन्हें देवी सरस्वती की प्रतिमा मिली थी। बाद में वे इस प्रतिमा को लंदन ले गए, जहां वह आज भी ब्रिटिश म्यूजियम में रखी हुई है, और इस प्रतिमा को जैन धर्म से जुड़ा हुआ भी माना जाता है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/bhojshala4.webp" alt="bhojshala" width="1280" height="720"></img></p>
<p>2024 में भी कोर्ट के आदेश पर ASI ने भोजशाला का सर्वे किया था। इस सर्वेक्षण के दौरान 31 सिक्के मिले थे, जिनमें से कई 10वीं और 11वीं सदी के थे। उस समय भारत में कहीं भी एक भी मस्जिद का निर्माण नहीं हुआ था। अब इन्हीं प्रमाणों के आधार पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने धार स्थित भोजशाला को मंदिर के रूप में मान्यता दी है। अयोध्या फैसले के बाद यह दूसरा मामला है जिसमें कोर्ट ने हिंदू पक्ष के दावों को सही माना है। इस फैसले के बाद अब बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या अन्य लंबित मामलों में भी इसी प्रकार के निर्णय दिए जाएंगे?</p>
<p>इस समय मंदिर-मस्जिद से जुड़े 10 मामले अदालतों में पहुंच चुके हैं। जिन राज्यों में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं, वहां 6 मामले हैं। इनमें सबसे अधिक 6 मामले उत्तर प्रदेश में हैं और इसके बाद मध्य प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान तथा कर्नाटक में 1-1 मामला है, जहां हिंदू पक्ष दावा करता है कि वर्तमान मस्जिदें और दरगाहें प्राचीन मंदिरों को तोड़कर बनाई गई हैं।</p>
<p>एक पुस्तक है ‘Hindu Temples: What Happened To Them’, जिसमें दावा किया गया है कि देशभर में तोड़े गए मंदिरों के स्थानों पर 1,800 से अधिक मस्जिदें और इस्लामी ढांचे बनाए गए हैं। इनमें से उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 299 मस्जिदों के नीचे मंदिर होने का दावा किया जाता है। इसी प्रकार कर्नाटक में 192, तमिलनाडु में 175, गुजरात में 170, राजस्थान में 170 और मध्य प्रदेश में 153 ऐसे मस्जिद और इस्लामी ढांचे बताए जाते हैं, जिनके बारे में दावा है कि वे प्राचीन मंदिरों को तोड़कर तथा उनके मलबे का उपयोग करके बनाए गए हैं।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/bhojshala11.webp" alt="bhojshala1" width="1280" height="720"></img></p>
<p>अब यह बात हाल ही में सामने नहीं आई है, बल्कि कई वर्षों से उठती रही है। इसे ध्यान में रखते हुए कांग्रेस सरकार 1991 में वर्शिप एक्ट लेकर आई थी। इस कानून ने अयोध्या विवाद को छोड़कर बाकी सभी धार्मिक स्थलों पर 15 अगस्त 1947 की यथास्थिति लागू कर दी, जिससे हिंदू पक्ष के लिए अपने प्राचीन मंदिरों पर दावा करने का कानूनी अधिकार सीमित हो गया। जब यह कानून बनाया गया था, तब भाजपा ने काशी और मथुरा के मामलों को अयोध्या की तरह अपवादों की सूची में शामिल करने की मांग की थी।</p>
<p>लेकिन जब कांग्रेस सरकार ने ऐसा करने से इनकार कर दिया, तब विपक्ष में रही भाजपा ने इस कानून का तीव्र विरोध किया था; मतदान प्रक्रिया के दौरान उसके सांसदों ने वॉकआउट भी किया था। इससे यह सवाल भी उठता है कि उस समय इस कानून का विरोध करने वाली भाजपा क्या अब काशी और मथुरा जैसे मामलों को आसान बनाने के लिए इसे रद्द करेगी? और क्या इस कदम से हिंदू पक्ष के लिए कानूनी रास्ता खुलेगा?</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 14:38:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>प्रतीक यादव की वसीयत में चौंकाने वाला खुलासा: बेटियों के नाम पूरी जायदाद, लेकिन पत्नी अपर्णा यादव का जिक्र तक नहीं!</title>
                                    <description><![CDATA[<p>प्रतीक यादव के निधन के बाद यादव परिवार से जुड़ी एक बड़ी और चौंकाने वाली चर्चा सामने आ रही है। कहा जा रहा है कि प्रतीक यादव ने अपनी सारी संपत्ति को लेकर पहले ही एक वसीयत तैयार करवा ली थी, जिसमें पूरी संपत्ति उनकी दोनों बेटियों के नाम कर दी गई है। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह सामने आई है कि इस कथित वसीयत में उनकी पत्नी अपर्णा यादव के नाम किसी भी प्रकार की संपत्ति का उल्लेख नहीं किया गया है। इसी कारण इस खबर ने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक एक नई बहस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/shocking-revelation-in-prateek-yadavs-will-entire-property-in-the/article-2244"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/0120.webp" alt=""></a><br /><p>प्रतीक यादव के निधन के बाद यादव परिवार से जुड़ी एक बड़ी और चौंकाने वाली चर्चा सामने आ रही है। कहा जा रहा है कि प्रतीक यादव ने अपनी सारी संपत्ति को लेकर पहले ही एक वसीयत तैयार करवा ली थी, जिसमें पूरी संपत्ति उनकी दोनों बेटियों के नाम कर दी गई है। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह सामने आई है कि इस कथित वसीयत में उनकी पत्नी अपर्णा यादव के नाम किसी भी प्रकार की संपत्ति का उल्लेख नहीं किया गया है। इसी कारण इस खबर ने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक एक नई बहस छेड़ दी है। लोग यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियाँ बनीं कि प्रीतिक यादव को इतना बड़ा फैसला लेना पड़ा। खास बात यह भी है कि इस कथित वसीयत में बेटियों की उम्र को लेकर भी कुछ शर्तें रखी गई हैं, जिनके तहत एक निश्चित उम्र पार करने के बाद ही संपत्ति बेचने या उस पर पूर्ण अधिकार मिलने की बात कही गई है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/0221.webp" alt="0221" width="1280" height="720"></img></p>
<p>सूत्रों के अनुसार, प्रतीक यादव की वसीयत में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि उनकी संपत्ति उनकी दोनों बेटियों को ही मिलेगी। इतना ही नहीं, उसमें एक महत्वपूर्ण शर्त भी रखी गई बताई जा रही है। दावा किया जा रहा है कि बड़ी बेटी 25 से 27 वर्ष की उम्र पूरी करने के बाद ही संपत्ति बेच सकेगी या अपनी इच्छा के अनुसार उसका उपयोग करने का अधिकार प्राप्त कर सकेगी। तब तक इस संपत्ति का उपयोग तो किया जा सकेगा, लेकिन उसे बेचा नहीं जा सकेगा।</p>
<p>इस कथित वसीयत की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर प्रीतिक यादव ने यह वसीयत इतनी जल्दी क्यों तैयार करवाई थी? क्या उन्हें किसी अनहोनी की आशंका थी या फिर इसके पीछे पारिवारिक परिस्थितियांं जिम्मेदार थीं? फिलहाल इन सवालों का कोई आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है, लेकिन चर्चाएं लगातार जारी हैं।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/0319.webp" alt="0319" width="1280" height="720"></img></p>
<p>इस साल की शुरुआत में प्रतीक यादव और अपर्णा यादव के संबंधों को लेकर भी काफी चर्चाएं सामने आई थीं। सोशल मीडिया पर प्रतीक यादव की ओर से कुछ ऐसी टिप्पणियां की गई थीं, जिसके बाद दोनों के बीच मतभेद होने की अटकलें तेज हो गई थीं। इतना ही नहीं, एक पोस्ट में अपर्णा यादव को ‘फैमिली डेस्ट्रॉयर’ तक कह दिया गया था। इसके बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं।</p>
<p>हालांकि, बाद में जनवरी के अंतिम दिनों में प्रतीक यादव ने एक वीडियो जारी कर कहा था कि दोनों के बीच थोड़ी बहस जरूर हुई थी, लेकिन अब सब कुछ सामान्य है। इस बयान के बाद लोगों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन सूत्रों का दावा है कि अंदरूनी तौर पर स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं थी। अब जब इस कथित वसीयत की बातें सामने आ रही हैं, तो इसे उसी पुराने विवाद से जोड़कर भी देखा जा रहा है। लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि आखिर ऐसे कौन-से हालात बने कि प्रतीक यादव ने अपनी पूरी संपत्ति बेटियों के नाम कर दी और पत्नी अपर्णा यादव का उल्लेख तक नहीं किया।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/0411.webp" alt="0411" width="1280" height="720"></img></p>
<p>हालांकि, इस पूरे मामले में अब तक परिवार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और वसीयत को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई पुष्टि भी नहीं की गई है। लेकिन सूत्रों के हवाले से सामने आई इस जानकारी ने यादव परिवार और उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया गर्म माहौल पैदा कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 13:23:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाराष्ट्र: ओला, उबर और रैपिडो की बाइक टैक्सी पर हंगामा; महाराष्ट्र सरकार ने लिया बड़ा फैसला, FIR का दिया आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र सरकार ने कथित रूप से अनधिकृत बाइक टैक्सी संचालन को लेकर ओला, उबर और रैपिडो के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। 16 मई को राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने साइबर क्राइम विभाग को इन तीनों कंपनियों के संस्थापकों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया।</p>
<p>सरकार ने कहा है कि ये कंपनियां राज्य में बिना अनुमति बाइक टैक्सी सेवाएं चला रही हैं। यह नियमों के खिलाफ है। इसके परिणामस्वरूप, साइबर क्राइम विभाग को कानूनी कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है।</p>
<p>हालांकि, इस पूरे मामले पर महाराष्ट्र सरकार ने यह भी स्पष्ट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/6a096158d6e20/article-2243"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/1411.webp" alt=""></a><br /><p>महाराष्ट्र सरकार ने कथित रूप से अनधिकृत बाइक टैक्सी संचालन को लेकर ओला, उबर और रैपिडो के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। 16 मई को राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने साइबर क्राइम विभाग को इन तीनों कंपनियों के संस्थापकों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया।</p>
<p>सरकार ने कहा है कि ये कंपनियां राज्य में बिना अनुमति बाइक टैक्सी सेवाएं चला रही हैं। यह नियमों के खिलाफ है। इसके परिणामस्वरूप, साइबर क्राइम विभाग को कानूनी कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है।</p>
<p>हालांकि, इस पूरे मामले पर महाराष्ट्र सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि ओला, उबर और रैपिडो सेवाओं पर पूर्ण प्रतिबंध या बंद किए जाने की खबरें गलत और भ्रामक हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये प्लेटफॉर्म राज्य में अपनी सेवाएं जारी रखे हुए हैं। हालांकि, केवल अनधिकृत बाइक टैक्सी संचालन के खिलाफ ही कार्रवाई की जा रही है, जिसका मतलब है कि कंपनियों पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं है, बल्कि सरकार केवल नियमों का उल्लंघन करने वाले हिस्से पर कार्रवाई कर रही है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/1511.webp" alt="1511" width="1280" height="720"></img></p>
<p>यहां आपको बता दें कि मुंबई में महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने ग्राहक बनकर बिना अनुमति चल रही रैपिडो बाइक टैक्सी को पकड़ा। यह घटना राज्य सरकार की नई E-बाइक टैक्सी नीति से जुड़ी है, जिसमें कहा गया है कि केवल इलेक्ट्रिक बाइक और नियमों का पालन करने वाले लोगों को ही बाइक टैक्सी चलाने की अनुमति दी जाएगी।</p>
<p>मंत्री प्रताप सरनाइक ने रैपिडो ऐप के जरिए दूसरे नाम से राइड बुक की थी। केवल 10 मिनट में मंत्रालय के शहीद बाबू गेनू चौक पर उन्हें लेने के लिए एक बाइक पहुंच गई। इस तरह मंत्री ने खुद साबित किया कि विभाग के इनकार के बावजूद निजी कंपनियां मुंबई में बिना अनुमति बाइक टैक्सी चला रही हैं।</p>
<p>मंत्री ने मौके पर ही ड्राइवर को किराए के रूप में 500 रुपये दिए और कहा कि ऐसे गरीब ड्राइवरों के खिलाफ कार्रवाई करने से कुछ हासिल नहीं होगा, बल्कि उनके पीछे मौजूद बड़ी कंपनियों और ताकतवर लोगों को सजा मिलनी चाहिए। यही हमारा उद्देश्य है। अब बड़ा सवाल यह है कि मंत्री को गलत जानकारी देने वाले अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी? क्या राज्य सरकार अब इन अनधिकृत ऐप-आधारित सेवाओं पर सख्त कार्रवाई करेगी?</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/168.webp" alt="168" width="1280" height="720"></img></p>
<p>विभाग ने कहा कि परिवहन विभाग ने केवल अवैध बाइक टैक्सी संचालन के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने साइबर क्राइम विभाग को पत्र लिखकर ओला, उबर और रैपिडो द्वारा संचालित अनधिकृत बाइक टैक्सी ऐप सेवाओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने विभाग से इन कंपनियों के खिलाफ FIR दर्ज करने को भी कहा था।</p>
<p>इससे पहले भी महाराष्ट्र में बाइक टैक्सी सेवाएं वैधता, लाइसेंसिंग और परिवहन नियमों के पालन को लेकर चिंताओं के कारण नियामकीय जांच के दायरे में आ चुकी हैं। टू-व्हीलर टैक्सी सेवाएं देने वाले ऐप-आधारित मोबिलिटी प्लेटफॉर्म को भी राज्य में नीति और कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 12:14:25 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>NEET मामले में NTA की एक्सपर्ट टीचर हुई गिरफ्तार, किया पेपर लीक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Central Bureau of Investigation को NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में एक बड़ी कामयाबी मिली है। एजेंसी ने पुणे की सीनियर बॉटनी टीचर मनीषा गुरुनाथ मंडारे को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। उन पर NEET-UG 2026 के बायोलॉजी पेपर लीक का कथित मास्टरमाइंड होने का आरोप है।</p>
<p>मनीषा मंडारे पुणे के मॉडर्न कॉलेज ऑफ़ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स में बॉटनी लेक्चरर हैं। कॉलेज सूत्रों के अनुसार, वह पिछले 5-6 वर्षों से NTA के लिए NEET परीक्षा के प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़ी रही थीं</p>
<p>CBI के अनुसार, NTA ने मनीषा गुरुनाथ मंडारे को NEET-UG 2026 परीक्षा प्रक्रिया में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/ntas-expert-teacher-arrested-in-neet-case-paper-leaked/article-2242"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/manisha-bhandare.jpg" alt=""></a><br /><p>Central Bureau of Investigation को NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में एक बड़ी कामयाबी मिली है। एजेंसी ने पुणे की सीनियर बॉटनी टीचर मनीषा गुरुनाथ मंडारे को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। उन पर NEET-UG 2026 के बायोलॉजी पेपर लीक का कथित मास्टरमाइंड होने का आरोप है।</p>
<p>मनीषा मंडारे पुणे के मॉडर्न कॉलेज ऑफ़ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स में बॉटनी लेक्चरर हैं। कॉलेज सूत्रों के अनुसार, वह पिछले 5-6 वर्षों से NTA के लिए NEET परीक्षा के प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़ी रही थीं</p>
<p>CBI के अनुसार, NTA ने मनीषा गुरुनाथ मंडारे को NEET-UG 2026 परीक्षा प्रक्रिया में एक्सपर्ट के तौर पर नियुक्त किया था। बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्नपत्रों तक उनकी पूरी पहुंच थी।</p>
<p>जांच में सामने आया कि अप्रैल 2026 में मनीषा मंडारे ने पुणे की मनीषा वाघमरे के जरिए कुछ NEET अभ्यर्थियों को अपने घर बुलाकर एक खास कोचिंग क्लास चलाई। इस दौरान उन्होंने छात्रों को बॉटनी और जूलॉजी के कई सवाल समझाए, उन्हें नोटबुक में लिखवाया और किताबों में मार्क भी करवाया</p>
<p>CBI का दावा है कि इन सवालों में से ज्यादातर 3 मई 2026 को हुई NEET-UG परीक्षा के असली प्रश्नपत्र से मेल खाते थे। एजेंसी ने पिछले 24 घंटों में देशभर के 6 ठिकानों पर छापेमारी भी की, जहां से कई अहम दस्तावेज, लैपटॉप, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल फोन बरामद किए गए।</p>
<p>सीबीआई के मुताबिक, जब्त किए गए सामान की विस्तृत जांच जारी है। वहीं National Testing Agency ने पेपर लीक के आरोपों के बाद 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा रद्द कर दी थी</p>
<p><strong>NEET-UG पेपर लीक मामले में अब तक 9 गिरफ्तारियां </strong></p>
<p>NEET-UG पेपर लीक मामले में CBI अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। एजेंसी ने 12 मई 2026 को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत पर FIR दर्ज की थी। इसके बाद स्पेशल टीमें बनाकर देशभर में कई ठिकानों पर छापेमारी की गई और संदिग्धों से पूछताछ हुई।</p>
<p>दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से अब तक 9 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें से 5 आरोपियों को अदालत ने 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। वहीं, हाल ही में गिरफ्तार दो आरोपियों को पुणे कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया, जहां उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा।</p>
<p>सीबीआई के मुताबिक, जांच में केमिस्ट्री और बायोलॉजी पेपर लीक के मुख्य आरोपियों के साथ-साथ उन बिचौलियों की भी पहचान हुई है, जिन्होंने लाखों रुपये लेकर छात्रों को इन खास क्लासों तक पहुंचाया था। एजेंसी ने महाराष्ट्र के लातूर निवासी केमिस्ट्री टीचर पीवी कुलकर्णी को भी गिरफ्तार किया है।</p>
<p>रिपोर्ट्स के अनुसार, पीवी कुलकर्णी को इस पेपर लीक मामले का कथित मास्टरमाइंड माना जा रहा है। वह कई वर्षों तक मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़े अकादमिक कार्यों में शामिल रहे और हाल के समय में National Testing Agency के साथ कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर केमिस्ट्री एक्सपर्ट के रूप में काम कर रहे थे। बताया जा रहा है कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े होने के कारण उन्हें NEET-UG 2026 के केमिस्ट्री पेपर तक पहुंच हासिल थी।</p>
<p>वह पहले एक कॉलेज में केमिस्ट्री प्रोफेसर और प्रिंसिपल भी रह चुके हैं। रिटायरमेंट के बाद वह पुणे में कोचिंग और निजी अकादमिक गतिविधियों से जुड़े हुए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 18:51:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कटिहार: 60 साल के बुजुर्ग पर आया 22 साल की लड़की का दिल; ग्रामीणों ने मंदिर में कराई शादी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बिहार के कटिहार में, 22 वर्षीय लड़की और 60 वर्षीय पुरुष की प्रेम कहानी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। गांव वालों ने इस जोड़े को एकांत जगह पर पकड़ लिया था। लेकिन विरोध करने के बजाय, उन्हें मंदिर ले जाया गया और शादी करवा दी गई। यह जोड़ा पिछले दो वर्षों से प्रेम संबंध में था। इस प्रेम संबंध का अंजाम जल्द ही शादी में बदल गया। इस कहानी का एक वीडियो फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।</p>
<p>यह कहानी कटिहार जिले के मनिहारी ब्लॉक स्थित बाघमारा पंचायत की है। यहां, गांव के निवासी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/a-22-year-old-girl-fell-in-love-with-a/article-2237"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/1510.webp" alt=""></a><br /><p>बिहार के कटिहार में, 22 वर्षीय लड़की और 60 वर्षीय पुरुष की प्रेम कहानी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। गांव वालों ने इस जोड़े को एकांत जगह पर पकड़ लिया था। लेकिन विरोध करने के बजाय, उन्हें मंदिर ले जाया गया और शादी करवा दी गई। यह जोड़ा पिछले दो वर्षों से प्रेम संबंध में था। इस प्रेम संबंध का अंजाम जल्द ही शादी में बदल गया। इस कहानी का एक वीडियो फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।</p>
<p>यह कहानी कटिहार जिले के मनिहारी ब्लॉक स्थित बाघमारा पंचायत की है। यहां, गांव के निवासी 60 वर्षीय सुग्रीम पासवान का 22 वर्षीय महिला के साथ अफेयर था। यह महिला पड़ोसी बोलिया पंचायत की निवासी है। यह जोड़ा लगभग दो वर्षों से रिश्ते में था। लगभग 38 साल का अंतर होने के बावजूद दोनों एक-दूसरे के करीब आ गए थे।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/129.webp" alt="129" width="1280" height="720"></img>
aajtak.in

<p>ग्रामीणों के अनुसार, दोनों अक्सर मिलते थे, हालांकि उनके परिवार और बाकी गांव वाले इस रिश्ते से अनजान थे। बुधवार को जब कुछ गांव वालों ने दोनों को एकांत स्थान पर साथ देखा, तब इस अफेयर का खुलासा हुआ। शुरुआत में ग्रामीण यह देखकर हैरान रह गए कि इतनी कम उम्र की युवती गांव के 60 वर्षीय पुरुष से कैसे प्रेम कर सकती है। हालांकि, जब ग्रामीणों ने दोनों से पूछताछ की, तो कहानी और भी दिलचस्प हो गई।</p>
<p>ग्रामीण इस जोड़े को पंचायत के सामने ले आए। वहां महिला और सुग्रीम पासवान से अलग-अलग पूछा गया कि क्या वे अपनी मर्जी से साथ रहना चाहते हैं। बिना किसी हिचकिचाहट के दोनों ने कहा कि वे एक-दूसरे से प्रेम करते हैं और शादी करना चाहते हैं। इसके बाद ग्रामीणों ने फैसला किया कि चूंकि दोनों अपनी मर्जी से साथ रहना चाहते हैं, इसलिए उनकी शादी करवा दी जाए।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/1410.webp" alt="1410" width="1280" height="720"></img>
aajtak.in

<p>कुछ ही देर में गांव के मंदिर में तैयारियां शुरू हो गईं। एक पुजारी को बुलाया गया, और मंत्रोच्चार के साथ विवाह की रस्में पूरी की गईं। फिलहाल वायरल हो रहे वीडियो में महिला को सुग्रीम पासवान से अपनी मांग में सिंदूर भरवाते देखा जा सकता है। इसके बाद उसने अपने माथे पर चंदन लगाया और हाथ जोड़कर मंदिर में देवता के सामने प्रणाम किया। शादी के बाद दोनों ने मंदिर में आशीर्वाद लिया और एक-दूसरे के कंधे पर हाथ रखकर साथ बाहर निकले।</p>
<p>शादी के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। कुछ लोगों ने अपने मोबाइल फोन में वीडियो रिकॉर्ड किए, जबकि अन्य ने तस्वीरें लीं। थोड़ी ही देर में वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। युवती ने कहा, “मैंने अपनी इच्छा से यह शादी की है। हमारा प्रेम संबंध दो साल से अधिक समय से चल रहा है। हमारे परिवार वालों को कोई आपत्ति नहीं है।” सुग्रीव ने भी यही बात कही। युवती ने आगे कहा कि वह पिछले दो वर्षों से सुग्रीव पासवान से प्रेम करती थी। दोनों एक-दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं और अब शादी के बाद उन्हें कोई चिंता नहीं है। सुग्रीव पासवान ने भी कहा कि आखिरकार उन्हें अपने प्रेम का फल मिल गया है; अब दोनों साथ रहेंगे।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/138.webp" alt="138" width="1280" height="720"></img>
aajtak.in

<p>यह अनोखी शादी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है। सोशल मीडिया पर लोग इस घटना को लेकर अलग-अलग तरह की बातें कर रहे हैं। जहां कुछ लोग इसे प्रेम का उदाहरण मान रहे हैं, वहीं कुछ इसे हैरान करने वाला फैसला बता रहे हैं। गांव में भी निवासी इस शादी को लेकर अलग-अलग राय व्यक्त कर रहे हैं। कुछ का कहना है कि प्रेम उम्र नहीं देखता, जबकि कुछ इसे किस्मत का खेल बता रहे हैं।</p>
<p>गांव के चौराहे से लेकर शहर की चाय की दुकानों तक चर्चा हो रही है कि प्रेम की कोई उम्र नहीं होती। इस शादी ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या प्रेम वास्तव में उम्र, शारीरिक रूप और सामाजिक मानदंडों की सीमाओं को पार कर सकता है। वायरल वीडियो ने इस प्रेम कहानी को दूर-दूर तक पहुंचा दिया है। कटिहार की यह शादी सोशल मीडिया पर लोगों के लिए चर्चा और हैरानी का विषय बनी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 18:38:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयपुर: अपनी ही सैलरी के लिए रिश्वत? नगर निगम का स्वास्थ्य निरीक्षक रंगे हाथ गिरफ्तार, कर्मचारियों से मांग रहा था पैसे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जयपुर में ACB ने बड़ी कार्रवाई करते हुए म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के एक स्वास्थ्य निरीक्षक और एक निजी व्यक्ति को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह मामला जयपुर म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के वार्ड नंबर 99 का है, जहां शिकायतकर्ता का वेतन जारी करने के लिए हर महीने रिश्वत मांगी जा रही थी।</p>
<p>ACB मुख्यालय के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए, ACB जयपुर शहर-II यूनिट ने गुरुवार को जाल बिछाकर कार्रवाई की और स्वास्थ्य निरीक्षक दिनेश कुमार तथा निजी व्यक्ति प्रकाश चंद को ₹5,000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि दोनों ने शिकायतकर्ता का मार्च 2026</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/jaipur-municipal-corporations-health-inspector-was-arrested-red-handed-for/article-2238"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/bribe11.webp" alt=""></a><br /><p>जयपुर में ACB ने बड़ी कार्रवाई करते हुए म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के एक स्वास्थ्य निरीक्षक और एक निजी व्यक्ति को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह मामला जयपुर म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के वार्ड नंबर 99 का है, जहां शिकायतकर्ता का वेतन जारी करने के लिए हर महीने रिश्वत मांगी जा रही थी।</p>
<p>ACB मुख्यालय के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए, ACB जयपुर शहर-II यूनिट ने गुरुवार को जाल बिछाकर कार्रवाई की और स्वास्थ्य निरीक्षक दिनेश कुमार तथा निजी व्यक्ति प्रकाश चंद को ₹5,000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि दोनों ने शिकायतकर्ता का मार्च 2026 का वेतन जारी करने के लिए हर महीने ₹5,000 की रिश्वत मांगी थी।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/19.jpg" alt="1" width="1280" height="720"></img>
indianexpress.com

<p>शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले का सत्यापन किया। जांच के दौरान रिश्वत लेने के आरोप सही पाए गए। इसके बाद उप पुलिस महानिरीक्षक (द्वितीय) ओमप्रकाश मीणा के मार्गदर्शन में कार्रवाई की योजना बनाई गई।</p>
<p>ACB की टीम ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भूपेन्द्र के नेतृत्व में और उप पुलिस अधीक्षक अभिषेक पारिक की मौजूदगी में जाल बिछाकर कार्रवाई को अंजाम दिया। कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य निरीक्षक दिनेश कुमार और प्रकाश चंद शिकायतकर्ता से ₹5,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए।</p>
<p>यह भी पता चला कि प्रकाश चंद रेलवे स्टेशन के पास स्थित वार्ड कार्यालय के निकट एक दुकान चलाता है और रिश्वत की रकम के लेन-देन में बिचौलिए की भूमिका निभा रहा था। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और फिलहाल उनसे पूछताछ की जा रही है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/27.jpg" alt="2" width="1280" height="720"></img>
facebook.com/thevoiceofsikkim

<p>ACB अधिकारियों के अनुसार, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि रिश्वत का यह नेटवर्क कितना बड़ा था और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल थे।</p>
<p>इस कार्रवाई के बाद म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सरकारी कर्मचारियों के वेतन भुगतान जैसे नियमित प्रशासनिक कार्यों के लिए रिश्वत मांगे जाने की इस घटना ने प्रशासनिक तंत्र की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 16:28:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पटना: विधायक के भाई से दिनदहाड़े सोने की चेन छीनकर बाइक सवार फरार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पटना के पॉश इलाके कंकड़बाग में जहानाबाद के विधायक राहुल कुमार के भाई रोहित कुमार के साथ चेन स्नैचिंग की घटना हुई है। दो बाइक सवार अपराधियों ने उनके निवास स्थान से मात्र 100 मीटर दूर इस घटना को अंजाम दिया। यह घटना सुबह 7:46 बजे हुई, जब रोहित कुमार मॉर्निंग वॉक के लिए बाहर निकले थे। इस घटना के बाद पीड़ित रोहित कुमार ने पुलिस पेट्रोलिंग और राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए हैं।</p>
<p>रोहित कुमार ने बताया कि वह अपने रोज़ाना के नियम के अनुसार मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। वह लोहिया नगर पार्क से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/bike-rider-absconds-after-snatching-gold-chain-from-patna-mlas/article-2240"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/chain-snatching.webp" alt=""></a><br /><p>पटना के पॉश इलाके कंकड़बाग में जहानाबाद के विधायक राहुल कुमार के भाई रोहित कुमार के साथ चेन स्नैचिंग की घटना हुई है। दो बाइक सवार अपराधियों ने उनके निवास स्थान से मात्र 100 मीटर दूर इस घटना को अंजाम दिया। यह घटना सुबह 7:46 बजे हुई, जब रोहित कुमार मॉर्निंग वॉक के लिए बाहर निकले थे। इस घटना के बाद पीड़ित रोहित कुमार ने पुलिस पेट्रोलिंग और राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए हैं।</p>
<p>रोहित कुमार ने बताया कि वह अपने रोज़ाना के नियम के अनुसार मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। वह लोहिया नगर पार्क से पंचमंदिर की ओर जा रहे थे, जहां उनके निवास स्थान के पीछे एक मंदिर स्थित है। जब वह वापस घर लौट रहे थे, तभी दो बाइक सवार अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाया। वे अचानक आए और उनके गले से सोने की चेन छीनकर मौके से फरार हो गए। यह घटना इतनी तेजी से हुई कि आसपास के लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही अपराधी भाग चुके थे।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/chain-snatching2.webp" alt="chain-snatching2" width="1280" height="720"></img>
udayavani.com

<p>चोरी हुई सोने की चेन की कीमत लगभग ₹3 लाख बताई जा रही है। छीना-झपटी के दौरान रोहित के गले पर खरोंच भी आई, जिससे खून निकल आया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय निवासी मौके पर जमा हो गए और पुलिस को सूचना दी। पास की एक दुकान में लगे CCTV फुटेज में पूरी घटना कैद हो गई। फुटेज में साफ तौर पर दो हेलमेट पहने बाइक सवार अपराधी घटना को अंजाम देते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस अब CCTV फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर अपराधियों की तलाश कर रही है।</p>
<p>रोहित कुमार मूल रूप से जहानाबाद के निवासी हैं। वह जहानाबाद के वर्तमान विधायक राहुल कुमार के भाई और JDU के पूर्व सांसद जगदीश शर्मा के पुत्र हैं। ऐसे में दिनदहाड़े हुई यह घटना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है। घटना के बाद रोहित कुमार ने पुलिस बल की कार्यप्रणाली और कार्यक्षमता पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यदि चुने हुए प्रतिनिधियों के परिवार के सदस्य भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। रोहित का आरोप है कि नियमित पुलिस पेट्रोलिंग के अभाव में इलाके में अपराधियों का मनोबल बढ़ रहा है। सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकलने वाले लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। अपराधियों में पुलिस का डर कम होता जा रहा है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/chain-snatching1.webp" alt="chain-snatching1" width="1280" height="720"></img>
bhaskar.com

<p>इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में भय का माहौल देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि राजधानी में स्नैचिंग, चोरी और लूट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, फिर भी पुलिस अपराध रोकने में विफल साबित हो रही है। आरोप है कि सुबह जल्दी और देर रात के समय कई इलाकों में पुलिस पेट्रोलिंग साफ तौर पर नदारद रहती है। अपराधी इस स्थिति का फायदा उठा रहे हैं। निवासियों ने इलाके में पेट्रोलिंग बढ़ाने और अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।</p>
<p>पुलिस ने कहा है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। CCTV फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर पटना पुलिस की सक्रियता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

                <link>https://hindi.khabarchhe.com/national/bike-rider-absconds-after-snatching-gold-chain-from-patna-mlas/article-2240</link>
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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 15:07:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरेली: सादे कपड़ों में पुलिस स्टेशन पहुंची थीं IPS अंशिका वर्मा, पहचान नहीं पाया सिपाही; 'जय हिंद' न कहने पर मिली सजा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बरेली में पुलिस अनुशासन से जुड़ा एक मामला इन दिनों व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। आंवला पुलिस स्टेशन में वार्षिक निरीक्षण के दौरान, गेट पर तैनात एक नए भर्ती हुए कांस्टेबल को आईपीएस अधिकारी (एसपी दक्षिण) अंशिका वर्मा को सलाम करते समय ‘जय हिंद’ न कहने पर 15 दिनों के लिए रिजर्व पुलिस लाइंस भेज दिया गया है। हालांकि, पुलिस विभाग का कहना है कि यह कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि अतिरिक्त प्रशिक्षण का हिस्सा है।</p>
<p>रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस विभाग हर साल विभिन्न पुलिस स्टेशनों का वार्षिक निरीक्षण करता है। इसी क्रम में, एसपी दक्षिण अंशिका वर्मा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/6a081f2d2d8c6/article-2239"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/anshika-verma.webp" alt=""></a><br /><p>बरेली में पुलिस अनुशासन से जुड़ा एक मामला इन दिनों व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। आंवला पुलिस स्टेशन में वार्षिक निरीक्षण के दौरान, गेट पर तैनात एक नए भर्ती हुए कांस्टेबल को आईपीएस अधिकारी (एसपी दक्षिण) अंशिका वर्मा को सलाम करते समय ‘जय हिंद’ न कहने पर 15 दिनों के लिए रिजर्व पुलिस लाइंस भेज दिया गया है। हालांकि, पुलिस विभाग का कहना है कि यह कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि अतिरिक्त प्रशिक्षण का हिस्सा है।</p>
<p>रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस विभाग हर साल विभिन्न पुलिस स्टेशनों का वार्षिक निरीक्षण करता है। इसी क्रम में, एसपी दक्षिण अंशिका वर्मा फिलहाल अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले पुलिस स्टेशनों का निरीक्षण कर रही हैं।</p>
<p>वे आंवला पुलिस स्टेशन पहुंचीं, जहां आंवला के सीओ (सर्कल ऑफिसर) नितिन कुमार, कोतवाल बीनू चौधरी और अन्य पुलिसकर्मी निरीक्षण की तैयारियों में लगे हुए थे। हाल ही में भर्ती हुए कांस्टेबल परमवीर सिंह स्टेशन गेट पर ड्यूटी पर तैनात थे। पुलिस विभाग में, वरिष्ठ अधिकारियों को सलाम करते समय ‘जय हिंद’ बोलना सामान्य और अनिवार्य शिष्टाचार माना जाता है।</p>
<p>आरोप है कि परमवीर सिंह ने न तो एसपी को ठीक से सलाम किया और न ही ‘जय हिंद’ कहा। इस गलती पर नाराजगी जताते हुए एसपी अंशिका वर्मा ने कहा कि भर्ती कांस्टेबल का प्रशिक्षण अभी भी त्रुटिपूर्ण है। उन्होंने पुलिस स्टेशन प्रभारी से यह भी कहा कि जवानों को अधिकारियों के अभिवादन और अनुशासन बनाए रखने के प्रोटोकॉल की जानकारी दी जानी चाहिए। इसके बाद, एसपी ने आदेश दिया कि कांस्टेबल परमवीर सिंह को 15 दिनों के लिए रिजर्व पुलिस लाइंस भेजा जाए ताकि उन्हें ड्रिल और अनुशासन से जुड़ा अतिरिक्त प्रशिक्षण दिया जा सके। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह कदम कांस्टेबल के व्यवहार और प्रशिक्षण के मानकों में सुधार लाने के उद्देश्य से उठाया गया था।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/anshika-verma2.webp" alt="anshika-verma2" width="1280" height="720"></img>
the420.in

<p>निरीक्षण के दौरान ली गई एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस घटना ने और अधिक ध्यान आकर्षित किया। तस्वीर में एसपी अंशिका वर्मा अपने आधिकारिक वर्दी में नहीं, बल्कि सादे कपड़ों में दिखाई दे रही हैं। कुछ पुलिसकर्मियों का कहना है कि परमवीर हाल ही में अपनी बुनियादी ट्रेनिंग पूरी करके आया था, इसलिए वह एसपी को पहचान नहीं पाया क्योंकि वे सादे कपड़ों में थीं। इसी वजह से वह औपचारिक अभिवादन नहीं कर सका। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विभागीय अनुशासन पुलिस सेवा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, और सभी कर्मचारियों के लिए इसका पालन करना अनिवार्य है।</p>
<p><strong>आईपीएस अंशिका वर्मा कौन हैं?</strong></p>
<p>अंशिका वर्मा 2021 बैच की उत्तर प्रदेश कैडर की आईपीएस अधिकारी हैं। उन्हें ‘लेडी सिंघम’ के नाम से भी जाना जाता है। वे मूल रूप से प्रयागराज की रहने वाली हैं। मार्च 2026 में, उनकी शादी आईपीएस कृष्ण कुमार बिश्नोई के साथ हुई थी। यह शादी काफी चर्चा में रही थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 13:26:15 +0530</pubDate>
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                <title>शराब घोटाला केस: केजरीवाल के केस से हटीं जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा, लेकिन 'आप' नेताओं को अवमानना मामले में घेरा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने लिकर पॉलिसी (आबकारी नीति) मामले की सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के अन्य पांच नेताओं के खिलाफ उन्होंने स्वयं ही आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू की है, इसलिए वे इन नेताओं को बरी करने के खिलाफ CBI की याचिका पर आगे सुनवाई नहीं कर सकतीं।</p>
<p>जस्टिस शर्मा ने स्पष्ट किया कि कानून के अनुसार, जो जज अवमानना की कार्रवाई शुरू करता है, वह मुख्य मामले की सुनवाई नहीं कर सकता। इसलिए अब यह मामला चीफ जस्टिस के आदेश के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/justice-swarn-kanta-sharma-removed-from-kejriwals-liquor-scam-case/article-2233"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/photo-(2)18.webp" alt=""></a><br /><p>दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने लिकर पॉलिसी (आबकारी नीति) मामले की सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के अन्य पांच नेताओं के खिलाफ उन्होंने स्वयं ही आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू की है, इसलिए वे इन नेताओं को बरी करने के खिलाफ CBI की याचिका पर आगे सुनवाई नहीं कर सकतीं।</p>
<p>जस्टिस शर्मा ने स्पष्ट किया कि कानून के अनुसार, जो जज अवमानना की कार्रवाई शुरू करता है, वह मुख्य मामले की सुनवाई नहीं कर सकता। इसलिए अब यह मामला चीफ जस्टिस के आदेश के अधीन किसी अन्य बेंच को ट्रांसफर किया जाएगा।</p>
<p>सुनवाई के दौरान जस्टिस शर्मा ने जोर देकर कहा कि AAP नेताओं द्वारा दायर की गई ‘रिक्यूजल’ (जज को केस से हटने के लिए) याचिकाओं को खारिज करने के अपने फैसले पर वे आज भी कायम हैं।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/413.webp" alt="413" width="1280" height="720"></img></p>
<p>उन्होंने कोर्ट में कहा कि मैं केस से हटने के अपने आदेश पर कायम हूं। मैं उसमें एक भी शब्द नहीं बदलूंगी... मैं इस संस्था (न्यायपालिका) के लिए और अपने आत्मसम्मान के लिए खड़ी हूं। लेकिन, कानून की सीमाओं के तहत, जो जज अवमानना की कार्रवाई शुरू करता है वह मुख्य केस नहीं सुन सकता... इसलिए रिक्यूजल का आदेश यथावत रहेगा, लेकिन मैं यह केस दूसरी कोर्ट को भेज रही हूं। मैं इस मामले को चीफ जस्टिस के समक्ष सूचीबद्ध करूंगी ताकि कोई अन्य जज इस केस की सुनवाई कर सके।</p>
<p>अरविंद केजरीवाल के अलावा जस्टिस शर्मा ने AAP नेताओं मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक, संजय सिंह, विनय मिश्रा और सौरभ भारद्वाज के खिलाफ कोर्ट की अवमानना की कार्रवाई शुरू की है।</p>
<p>अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस शर्मा पर ‘हितों के टकराव’ का आरोप लगाया था और तर्क दिया था कि जज के बच्चे केंद्र सरकार के पैनल के वकील हैं। इस पर जज ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ये आरोप केवल कोर्टरूम तक सीमित नहीं रहे, बल्कि सोशल मीडिया पर उनके परिवार को भी घसीटा गया।</p>
<p>इस मामले में केंद्र सरकार की ओर से उपस्थित सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने AAP नेताओं के रवैये की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कई युवा वकील हैं, जो जजों के बेटे-बेटियां हैं और उनकी ऑफिस से जुड़े हुए हैं।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/002.webp" alt="002" width="1280" height="720"></img></p>
<p>तुषार मेहता ने कहा कि मैं कभी भी ऐसी कोर्ट में कोई केस स्वीकार नहीं करता जहां मेरे साथ प्रैक्टिस करने वाला कोई वकील पेश होने वाला हो। आपके (जस्टिस शर्मा के) बच्चे मेरी ऑफिस में काम नहीं करते। यहां एक खास नैरेटिव खड़ा करने की कोशिश की जा रही है... हर जज को ऐसा संदेश दिया जा रहा है कि हम आपको बदनाम करेंगे। लेकिन यह न्यायपालिका इतनी मजबूत है कि हम अपनी गरिमा खो नहीं सकते।</p>
<p>सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया कि ऐसे याचिकाकर्ताओं से निपटने के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार किया जाएगा और इसके लिए कुछ गाइडलाइंस होना जरूरी है।</p>
<p>मेहता ने जस्टिस शर्मा से इस केस की सुनवाई जारी रखने का अनुरोध किया था, लेकिन जज ने कहा कि न्यायिक अनुशासन (Judicial Discipline) की मांग है कि यह मामला दूसरी बेंच को ट्रांसफर किया जाए। इसके बाद, तुषार मेहता ने विश्वास जताया कि यह मामला किसी भी कोर्ट में जाए, लेकिन (निचली अदालत का) आरोपियों को बरी करने का आदेश टिक नहीं पाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 21:40:30 +0530</pubDate>
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                <title>NEET की एग्जाम सिस्टम में कैंसर फैल गया है, शिक्षा मंत्री ने पहली बार गड़बड़ियों की बात स्वीकार की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>NEET पेपरलीक के बाद केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर जमकर सवाल उठ रहे थे। वे मीडिया को जवाब देने के बजाय हंसते हुए निकल जाते थे। हालांकि, वे शुक्रवार को अचानक मीडिया के सामने आए। उन्होंने स्वीकार किया कि सिस्टम में कैंसर फैल गया है। शिक्षामंत्री का यह स्वीकार कई सवाल खड़े करता है। </p>
<p>धर्मेंद्र प्रधान को एक अच्छा मंत्री माना जाता है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में जो कहा, वह वास्तव में बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने 'व्याधि' शब्द का कई बार उपयोग किया। उन्होंने कहा कि NEET की पूरी सिस्टम में व्याधि फैल गई है। सिस्टम को कैंसर हो</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/cancer-has-spread-in-the-neet-exam-system-education-minister/article-2232"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/0115.webp" alt=""></a><br /><p>NEET पेपरलीक के बाद केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर जमकर सवाल उठ रहे थे। वे मीडिया को जवाब देने के बजाय हंसते हुए निकल जाते थे। हालांकि, वे शुक्रवार को अचानक मीडिया के सामने आए। उन्होंने स्वीकार किया कि सिस्टम में कैंसर फैल गया है। शिक्षामंत्री का यह स्वीकार कई सवाल खड़े करता है। </p>
<p>धर्मेंद्र प्रधान को एक अच्छा मंत्री माना जाता है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में जो कहा, वह वास्तव में बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने 'व्याधि' शब्द का कई बार उपयोग किया। उन्होंने कहा कि NEET की पूरी सिस्टम में व्याधि फैल गई है। सिस्टम को कैंसर हो गया है। लेकिन जब उनसे पूछा गया कि वे इस बारे में क्या कदम उठाने वाले हैं, तो उन्होंने लगातार यही दोहराया कि एजेंसियां काम कर रही हैं। एजेंसियां सब कुछ बाहर लाएंगी। जो भी जिम्मेदार होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। </p>
<p>जब मीडिया ने पूछा कि वर्ष 2024 में भी पेपर लीक हुए थे। फिर 2026 में ऐसी घटना दोबारा कैसे हुई। दोबारा ऐसा न हो, इसके लिए राधाकृष्णन समिति ने कई सुझाव भी दिए थे। उनका क्या हुआ। तो शिक्षामंत्री ने जवाब दिया कि वर्तमान में जो परीक्षा आयोजित की जाती है, वह नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) का गठन सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर किया गया था। इसके अलावा राधाकृष्णन समिति ने जो भी सुझाव दिए थे, उन सभी को हमने लागू किया है। जिस दिन परीक्षा थी, उस दिन देश के 5400 परीक्षा केंद्रों पर निगरानी रखने के लिए कलेक्टरों और एसपी को आदेश दिए गए थे। </p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/0216.webp" alt="0216" width="1280" height="720"></img></p>
<p>मीडिया ने सवाल किया कि आपने सब कुछ अच्छा किया। सारी व्यवस्थाएं कीं। लेकिन फिर भी पेपर लीक हो गए, यह एक सच्चाई है। ऐसा क्यों हुआ। तब शिक्षामंत्री को अंततः स्वीकार करना पड़ा कि पूरी सिस्टम में सड़ांध फैल गई है। सिस्टम को कैंसर हो गया है। इसलिए एजेंसियां जांच करेंगी, उसके बाद जो भी कदम उठाने होंगे, वे उठाए जाएंगे। </p>
<p>लेकिन सवाल यह उठता है कि सिस्टम में सड़ांध आई कैसे। पेपर लीक पहली बार नहीं हुए हैं। ऐसा कई बार हो चुका है। जाने-माने शिक्षाविद जैसे खान सर और अलख पांडे कह चुके हैं कि जब भी पेपर लीक होते हैं, तब सरकार बड़ी-बड़ी बातें करती है। कहती है कि जिम्मेदारों को छोड़ा नहीं जाएगा। लेकिन अंत में कुछ नहीं होता। अलख पांडे ने कहा कि उन्होंने एक भी पेपर लीक कराने वाले को जेल जाते नहीं देखा। इसके पीछे कारण है पैसा। पूरी सिस्टम पैसे पर चल रही है। पेपर लीक कराने वाले पैसे देकर किसी को भी खरीद लेते हैं। सरकार इसके सामने लाचार हो गई है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/0315.webp" alt="0315" width="1280" height="720"></img></p>
<p>जब उनसे कहा गया कि इस मामले पर संसदीय समिति ने भी रिपोर्ट दी है। राहुल गांधी ने भी सवाल उठाए हैं। तब शिक्षामंत्री ने कहा कि वे इस समय कोई राजनीतिक बात नहीं करना चाहते। शिक्षामंत्री का यह रुख एक तरह से सही है कि वे कोई राजनीतिक बात नहीं करना चाहते। लेकिन शिक्षामंत्री को यह भी देखना चाहिए कि वे स्वयं एक राजनेता हैं। इस देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के कारण ही वे चुने जाकर मंत्री बने हैं। वे संसदीय समिति की रिपोर्ट को भी राजनीति कहें, यह कितना उचित है। चलिए राजनीति को एक तरफ रख देते हैं, लेकिन क्या शिक्षामंत्री देश के लाखों छात्रों और अभिभावकों को भरोसा दिला पाएंगे कि आने वाली परीक्षाओं में कोई पेपरलीक नहीं होगा। इसका जवाब शायद हमें बहुत जल्द मिल जाए, ऐसी आशा रखते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 17:28:45 +0530</pubDate>
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