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                <title>ओपिनियन - Khabarchhe Hindi</title>
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                <title>गुजरात में पाटीदार समाज और भाजपा: अटल विश्वास की गाथा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>(उत्कर्ष पटेल)</strong></p>
<p>गुजरात की राजनीतिक निरंतरता में पाटीदार समाज एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली तत्व के रूप में भूमिका निभाता है। इस समाज ने धूप-छांव में भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का साथ दिया है। समाज के लोगों ने हमेशा भाजपा को चुनावों में भरपूर वोट देकर समर्थन दिया है और लगातार विश्वास जताया है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/21.webp" alt="2" width="1200" height="720" /></p>
<p>पाटीदार समाज, जिसे पटेल के नाम से भी जाना जाता है, गुजरात के किसान और व्यापारी वर्ग का प्रतिनिधित्व करता है। यह समाज मुख्य रूप से सौराष्ट्र, उत्तर गुजरात, मध्य गुजरात और दक्षिण गुजरात में सूरत शहर में निवास करता है और राज्य की अर्थव्यवस्था तथा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/opinion/the-story-of-patidar-community-and-bjps-steadfast-faith-in/article-2201"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/1.webp" alt=""></a><br /><p><strong>(उत्कर्ष पटेल)</strong></p>
<p>गुजरात की राजनीतिक निरंतरता में पाटीदार समाज एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली तत्व के रूप में भूमिका निभाता है। इस समाज ने धूप-छांव में भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का साथ दिया है। समाज के लोगों ने हमेशा भाजपा को चुनावों में भरपूर वोट देकर समर्थन दिया है और लगातार विश्वास जताया है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/21.webp" alt="2" width="1280" height="720"></img></p>
<p>पाटीदार समाज, जिसे पटेल के नाम से भी जाना जाता है, गुजरात के किसान और व्यापारी वर्ग का प्रतिनिधित्व करता है। यह समाज मुख्य रूप से सौराष्ट्र, उत्तर गुजरात, मध्य गुजरात और दक्षिण गुजरात में सूरत शहर में निवास करता है और राज्य की अर्थव्यवस्था तथा सामाजिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 1980 के दशक में कांग्रेस के तत्कालीन मुख्यमंत्री माधवसिंह सोलंकी के ‘खाम’ (क्षत्रिय-हरिजन-आदिवासी-मुस्लिम) सूत्र ने पाटीदारों को अलग-थलग कर दिया। परिणामस्वरूप समाज ने कांग्रेस से मुंह मोड़ लिया और भाजपा के प्रति पाटीदार समाज की भावना बढ़ी। यह परिवर्तन गुजरात की राजनीति में एक बड़ा मोड़ था। 1995 के विधानसभा चुनाव में केशुभाई पटेल जैसे समाज को समर्पित और किसान हित की बात करने वाले पाटीदार नेता के नेतृत्व में भाजपा ने सरकार बनाई और पाटीदार समाज ने इसे अपनी जीत के रूप में स्वीकार किया। इसी समय से पाटीदार समाज और भाजपा के बीच अटल संबंधों की शुरुआत हुई। इसके बाद वर्षों तक पाटीदार समाज ने भाजपा को लगातार समर्थन दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्रभाई मोदी के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान गुजरात के विकास मॉडल ने पूर्णतः पाटीदार समाज को आकर्षित किया।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/31.webp" alt="3" width="1280" height="720"></img></p>
<p>पाटीदार समाज के किसान, उद्योगपति और युवाओं को भाजपा की नीतियों में हिंदुत्व के प्रति समर्पण, विकास और स्थिरता की आशा दिखाई दी। 2002, 2007 और 2012 के विधानसभा चुनावों में पाटीदार बहुल क्षेत्रों में भाजपा को अद्भुत समर्थन मिला। समाज ने पार्टी को केवल वोट ही नहीं दिए बल्कि कार्यकर्ता देकर संगठनात्मक कार्यों में भी पूरा सहयोग दिया। पाटीदार नेताओं ने भाजपा के विभिन्न छोटे-बड़े महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करके पार्टी को मजबूत बनाया।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/41.webp" alt="4" width="1280" height="720"></img></p>
<p>धूप-छांव में भी पाटीदार समाज का भाजपा को समर्थन अटल बना रहा। 2015 में पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान कुछ विरोध होने के बावजूद समाज के बड़े हिस्से ने भाजपा को वोट देकर विश्वास बनाए रखा। शहरी क्षेत्रों के पाटीदारों ने पार्टी को लगातार समर्थन दिया है। 2017 के विधानसभा चुनाव में कुछ क्षेत्रों में असर पड़ने के बावजूद भाजपा ने सरकार बनाई और पाटीदार समाज ने इसे स्वीकार कर आगे बढ़ने का रास्ता अपनाया तथा इस समय भी समाज ने भाजपा की विकासोन्मुख नीतियों पर विश्वास किया। 2021 में भूपेंद्रभाई पटेल को मुख्यमंत्री बनाए जाने से समाज में नए उत्साह की लहर आई और यह निर्णय पाटीदार समाज के विश्वास को और अधिक मजबूत करने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/5.webp" alt="5" width="1280" height="720"></img></p>
<p>2022 के विधानसभा चुनावों में इस विश्वास का परिणाम स्पष्ट रूप से देखने को मिला। भाजपा ने 48 पाटीदार उम्मीदवारों को टिकट दिया था और उनमें से 41 जीत गए। पाटीदार बहुल अधिकांश निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा ने विजय प्राप्त की। इस चुनाव में समाज ने एक बार फिर भाजपा को भरपूर समर्थन दिया और भाजपा की विकासोन्मुख कार्यशैली पर विश्वास जताया। 2024 के लोकसभा चुनावों में भी पाटीदार समाज के समर्थन से भाजपा ने गुजरात में अद्भुत परिणाम हासिल किए। वर्षों के चुनावी आंकड़े दर्शाते हैं कि पाटीदार समाज ने लगातार भाजपा को वोट देकर उसके प्रति अपनी प्रतिबद्धता साबित की है।</p>
<p><strong>पाटीदार समाज के इस समर्थन के पीछे अनेक कारण हैं</strong><br />पहला, भाजपा की हिंदुत्व और विकास की विचारधारा समाज के सांस्कृतिक और आर्थिक मूल्यों से जुड़ी हुई है।<br />दूसरा, पार्टी ने समाज के युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार और उद्योग विकास पर जोर दिया है।<br />तीसरा, भाजपा के नेतृत्व में गुजरात के समग्र विकास में पाटीदारों को लाभ मिला है। कृषि, डेयरी, गृह-लघु-मध्यम और बड़े उद्योग-व्यापार में वे आगे बढ़े हैं। समाज ने विकास को भाजपा की स्थिर सरकार का परिणाम मानकर स्वीकार किया है। विशेष रूप से स्थानीय स्तर पर पंचायत, नगरपालिकाओं तथा महानगरपालिकाओं के चुनावों में भी पाटीदारों ने भाजपा को लगातार वोट दिए, जिससे पार्टी का ग्रामीण और शहरी स्तर पर वर्चस्व कायम रहा है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/61.webp" alt="6" width="1280" height="720"></img></p>
<p>आज वर्ष 2026 तक भी यह समीकरण कायम है। भूपेंद्रभाई पटेल जैसे पाटीदार मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं शुरू की और चलाई हैं, जिनसे समाज के युवाओं और महिलाओं को लाभ मिला है। पाटीदार समाज ने इसे अपने विश्वास का परिणाम माना है। बहुसंख्यक समाज मानता है कि भाजपा ही समाज के हितों की रक्षा कर सकती है और गुजरात को विकसित राज्य बनाने में मदद कर सकती है।</p>
<p>निष्कर्ष रूप में निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि गुजरात में पाटीदार समाज ने भाजपा को हमेशा समर्थन दिया है और लगातार विश्वास जताया है। धूप-छांव में भी यह समर्थन निरंतर बना रहा है। यह संबंध केवल राजनीतिक नहीं बल्कि विकास, स्थिरता और सांस्कृतिक जुड़ाव का भावनात्मक समीकरण है।</p>
<p><strong>(लेखक एक प्रतिष्ठित उद्योगपति, समाजसेवक और khabarchhe.com के संस्थापक हैं।)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://hindi.khabarchhe.com/opinion/the-story-of-patidar-community-and-bjps-steadfast-faith-in/article-2201</link>
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                <pubDate>Sun, 10 May 2026 13:00:10 +0530</pubDate>
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                <title>प्रशांत कोराट को काम करते देखकर सवजीभाई कोराट की याद आती है</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>(उत्कर्ष पटेल)</strong></p>
<p>सवजीभाई कोराट सौराष्ट्र और गुजरात भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए कोई अनजाना नाम नहीं हैं। “सौराष्ट्र के छोटे सरदार” के नाम से प्रसिद्ध सवजीभाई कोराट का जीवन समाजसेवा को समर्पित रहा। उनका जन्म 6 अगस्त 1953 को जेतपुर क्षेत्र के जुनी सांकली गांव में एक किसान परिवार में हुआ था। बचपन से ही उनमें नेतृत्व और सेवा भाव के गुण दिखाई देते थे।</p>
<p>कॉलेज के दिनों में वे सामाजिक कार्यों और राजनीति में सक्रिय रहे तथा पी.डी. मालवीया कॉलेज के जनरल सेक्रेटरी (GS) बने। इसके बाद वे पहली बार जेतपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। वर्ष 1995 में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/opinion/seeing-prashant-korat-working-reminds-me-of-savjibhai-korat/article-2200"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/018.webp" alt=""></a><br /><p><strong>(उत्कर्ष पटेल)</strong></p>
<p>सवजीभाई कोराट सौराष्ट्र और गुजरात भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए कोई अनजाना नाम नहीं हैं। “सौराष्ट्र के छोटे सरदार” के नाम से प्रसिद्ध सवजीभाई कोराट का जीवन समाजसेवा को समर्पित रहा। उनका जन्म 6 अगस्त 1953 को जेतपुर क्षेत्र के जुनी सांकली गांव में एक किसान परिवार में हुआ था। बचपन से ही उनमें नेतृत्व और सेवा भाव के गुण दिखाई देते थे।</p>
<p>कॉलेज के दिनों में वे सामाजिक कार्यों और राजनीति में सक्रिय रहे तथा पी.डी. मालवीया कॉलेज के जनरल सेक्रेटरी (GS) बने। इसके बाद वे पहली बार जेतपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। वर्ष 1995 में दोबारा चुनाव जीतने के बाद उन्होंने केशुभाई पटेल और सुरेशभाई मेहता सरकार में सड़क एवं भवन तथा पंचायत राज्यमंत्री के रूप में भी कार्य किया। तीसरी बार विधायक बनने के बाद उन्होंने कैबिनेट मंत्री के तौर पर सड़क और भवन विभाग में उल्लेखनीय कार्य किए।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/029.webp" alt="029" width="1280" height="720"></img></p>
<p>सवजीभाई की कार्यशैली बेहद अलग थी। वे निडर, मेहनती और सेवाभावी व्यक्तित्व के धनी थे। किसान परिवार से आने के कारण वे आम लोगों की समस्याओं को आसानी से समझ लेते थे और उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास करते थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने सरकारी कार्यालयों, सर्किट हाउस और निर्माण स्थलों पर अचानक निरीक्षण कर भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। उनकी यह पहल पूरे गुजरात में चर्चा का विषय बनी रहती थी।</p>
<p>वे हमेशा कहते थे कि “कर्म महान होता है, पद नहीं।” इसी सोच के साथ वे विकास कार्यों में लगातार जुटे रहे। सड़क एवं भवन विभाग में कई पुलों, सड़कों और ग्राम पंचायत व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके सेवाभावी स्वभाव के कारण जेतपुर और सौराष्ट्र के लोग उन्हें “छोटे सरदार” कहकर संबोधित करते थे।</p>
<p>सवजीभाई जनसंपर्क को बहुत महत्व देते थे। वे गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुनते, समझते और उनके समाधान के लिए काम करते थे। उनकी सक्रियता और ईमानदारी युवाओं के लिए प्रेरणा बनी।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/052.webp" alt="052" width="1280" height="720"></img></p>
<p>26 नवंबर 1998 को मात्र 45 वर्ष की आयु में उनके निधन से पूरे सौराष्ट्र में शोक की लहर फैल गई थी। आज गुजरात में उनके नाम पर अस्पताल, पुल और सड़कें बनाई गई हैं। Narendra Modi ने उनकी प्रतिमा का अनावरण भी किया था। श्री सवजीभाई कोराट ट्रस्ट आज भी स्वास्थ्य शिविर, शिक्षा और समाजसेवा के कार्य कर रहा है।</p>
<p>ऐसे पिता के पुत्र Prashant Korat को आज उसी जोश और समर्पण के साथ काम करते देखकर लोगों को सवजीभाई की याद आना स्वाभाविक है। वर्तमान में प्रशांत कोराट गुजरात भाजपा के प्रदेश महामंत्री के रूप में कार्यरत हैं। वे भी अपने पिता की तरह सेवाभावी व्यक्तित्व रखते हैं।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/072.webp" alt="072" width="1280" height="720"></img></p>
<p>ट्रस्ट द्वारा आयोजित स्वास्थ्य शिविरों, जनसंपर्क अभियानों और संगठन के कार्यों में वे लगातार सक्रिय रहते हैं। अपने पिता की तरह वे भी निडर और मेहनती हैं। लोगों की समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास करते रहते हैं। उनकी कार्यशैली में भी सवजीभाई की तरह भ्रष्टाचार विरोधी और विकासवादी सोच दिखाई देती है।</p>
<p>सवजीभाई कोराट ने सेवा, निष्ठा, निडरता और जनसेवा का जो आदर्श स्थापित किया, उसी पर चलने की उम्मीद प्रशांत कोराट से भी की जाती है। वे अपने पिता के सपनों को आगे बढ़ाते हुए सौराष्ट्र और गुजरात के विकास में योगदान दे रहे हैं। उनके कार्यों में पिता की प्रेरणा साफ दिखाई देती है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/062.webp" alt="062" width="1280" height="720"></img></p>
<p>आज जब गुजरात को युवा नेतृत्व के रूप में Harsh Sanghavi जैसे नेता मिले हैं, वहीं भाजपा संगठन को प्रशांत कोराट जैसे सक्रिय महामंत्री मिले हैं, जिनकी कार्यशैली से गुजरात के युवाओं को प्रेरणा मिल रही है। सवजीभाई कोराट का जीवन यह संदेश देता है कि सच्ची सेवा ही सच्ची राजनीति है। प्रशांत कोराट जैसे युवा, जो अपने पिता के आदर्शों से प्रेरित होकर समाजसेवा को जीवन का उद्देश्य बना रहे हैं, वे गुजरात की पहचान और गौरव का जीवंत उदाहरण हैं।</p>
<p><strong>(लेखक एक प्रतिष्ठित उद्योगपति, समाजसेवी और khabarchhe.com के संस्थापक हैं।)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 15:27:35 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान के बीच सक्रिय मध्यस्थता न करने का भारत का निर्णय बिल्कुल सही है</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>(उत्कर्ष पटेल)</strong></p>
<p>अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसे तनावपूर्ण समीकरण के संदर्भ में भारत द्वारा सक्रिय मध्यस्थ की भूमिका न निभाने का निर्णय पूरी तरह से उचित और व्यावहारिक है। यह निर्णय भारत की विदेश नीति और कूटनीति के मूल सिद्धांतों के अनुरूप है, जो देश के आर्थिक हितों को सर्वोपरि मानता है। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में, जब भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तब अन्य देशों के विवादों में पड़ने के बजाय अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देना ही सही दृष्टिकोण है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-04/photo_2026-04-13_13-36-35.jpg" alt="photo_2026-04-13_13-36-35" width="1200" height="720" /></p>
<p>भारत की विदेश नीति का आधार ‘रणनीतिक स्वायत्तता’ और ‘मल्टी-अलाइनमेंट’ है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/opinion/indias-decision-not-to-actively-mediate-between-america-and-iran/article-2076"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-04/photo_2026-04-13_13-36-28.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>(उत्कर्ष पटेल)</strong></p>
<p>अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसे तनावपूर्ण समीकरण के संदर्भ में भारत द्वारा सक्रिय मध्यस्थ की भूमिका न निभाने का निर्णय पूरी तरह से उचित और व्यावहारिक है। यह निर्णय भारत की विदेश नीति और कूटनीति के मूल सिद्धांतों के अनुरूप है, जो देश के आर्थिक हितों को सर्वोपरि मानता है। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में, जब भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तब अन्य देशों के विवादों में पड़ने के बजाय अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देना ही सही दृष्टिकोण है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-04/photo_2026-04-13_13-36-35.jpg" alt="photo_2026-04-13_13-36-35" width="1280" height="720"></img></p>
<p>भारत की विदेश नीति का आधार ‘रणनीतिक स्वायत्तता’ और ‘मल्टी-अलाइनमेंट’ है। इस सिद्धांत के तहत भारत किसी एक शक्ति के प्रभाव में आए बिना सभी प्रमुख देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखता है। अमेरिका के साथ भारत के संबंध आज व्यापार, विशेषकर तकनीक और सुरक्षा के क्षेत्र में, अभूतपूर्व स्तर पर हैं। 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका के साथ भारत का व्यापार 190 अरब डॉलर से अधिक है, जिसमें IT सेवाओं, फार्मा और ऊर्जा क्षेत्र का बड़ा योगदान है। दूसरी ओर, ईरान के साथ भी ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण व्यापारिक संबंध हैं। चाबहार पोर्ट परियोजना के माध्यम से भारत को मध्य एशिया और अफगानिस्तान तक पहुंच का मार्ग मिलता है, जो आयात-निर्यात को आसान बनाता है। यदि भारत अमेरिका-ईरान विवाद में सक्रिय मध्यस्थता करता, तो इन दोनों संबंधों में दरार पड़ सकती थी। तटस्थ रहकर भारत ने अपनी आर्थिक और व्यापारिक स्थिरता बनाए रखी है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-04/photo_2026-04-13_13-36-32.jpg" alt="photo_2026-04-13_13-36-32" width="1280" height="720"></img></p>
<p>जब कोई देश प्रगति की दिशा में आगे बढ़ रहा हो, तब विदेशी विवादों में उलझना आत्मघाती कदम हो सकता है। वर्तमान सरकार के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। GDP वृद्धि दर 7 प्रतिशत से अधिक है, विदेशी निवेश (FDI) बढ़ रहा है और ‘मेक इन इंडिया’ के माध्यम से विनिर्माण क्षेत्र मजबूत हो रहा है। ऐसी स्थिति में अन्य देशों के राजनीतिक या युद्ध संबंधी विवादों में सक्रिय भागीदारी से देश के आर्थिक लक्ष्यों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। किसी एक पक्ष का समर्थन करने से तेल आयात प्रभावित हो सकता है, जिससे महंगाई बढ़ेगी और उद्योगों को नुकसान होगा। इसलिए ‘अपने हितों की रक्षा’ का दृष्टिकोण पूरी तरह सही है। इसी नीति के कारण भारत रूस-यूक्रेन संकट के दौरान भी तटस्थ रहा और सस्ते तेल आयात से अर्थव्यवस्था को लाभ मिला।</p>
<p>वैश्विक शांति और मानवता के हित में कार्य करना भारत की राष्ट्रीय नीति का अभिन्न हिस्सा है। यह नीति दीर्घकाल में देश के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। भारत ने ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के सिद्धांत का पालन करते हुए G20 में विकासशील देशों के हितों को प्रमुखता दी। इस नीति के कारण भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है और व्यापार एवं निवेश के नए अवसर खुले हैं। वैश्विक शांति के प्रयासों में सक्रिय रहना, लेकिन किसी विवाद का पक्षकार न बनना—यही संतुलित दृष्टिकोण भारत को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगा।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-04/photo_2026-04-13_13-36-37.jpg" alt="photo_2026-04-13_13-36-37" width="1280" height="720"></img></p>
<p>विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक नेताओं के बीच स्वीकार्यता इस समीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। विभिन्न विश्व नेताओं के साथ उनके व्यक्तिगत संबंधों के कारण भारत को QUAD, I2U2, IMEC जैसे रणनीतिक मंचों पर अग्रणी स्थान मिला है। अमेरिका के राष्ट्रपति के साथ संवाद से तकनीकी सहयोग और निवेश बढ़ा है, जबकि मध्य पूर्व देशों के साथ संबंधों ने ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में नई संभावनाएं खोली हैं। इस कूटनीति के कारण भारत आज किसी एक पक्ष का आश्रित नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र और मजबूत भागीदार है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-04/photo_2026-04-13_13-36-41.jpg" alt="photo_2026-04-13_13-36-41" width="1280" height="720"></img></p>
<p>यह स्पष्ट रूप से कहा जा सकता है कि अमेरिका-ईरान मुद्दे पर भारत की तटस्थता कोई कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी परिपक्व विदेश नीति का परिचायक है। यह नीति देश को आर्थिक प्रगति की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ाती है, वैश्विक शांति में योगदान देती है और मानवता के हितों की रक्षा करती है। जब भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है, तब ऐसी व्यावहारिक और हित-केंद्रित विदेश नीति ही उसे सफलता के शिखर तक पहुंचाएगी। यही दृष्टिकोण भारत को वैश्विक मंच पर सम्मान और आर्थिक समृद्धि दिलाएगा।</p>
<p>(लेखक एक प्रतिष्ठित उद्योगपति, समाजसेवी और khabarchhe.com के संस्थापक हैं।)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 12:03:51 +0530</pubDate>
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                <title>दक्षिण गुजरात के तटीय इलाकों के मतदाता राजाभाई पटेल की कमी महसूस कर रहे हैं</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>(उत्कर्ष पटेल)</strong></p>
<p>राजाभाई पटेल, जिन्हें आम तौर पर राजाभाई या राजा पटेल के नाम से जाना जाता था, का जन्म 1 जून, 1955 को सूरत ज़िले के सुल्तानबाद में हुआ था। उनका व्यक्तित्व बहुत ही सरल, विनम्र और व्यावहारिक था। उन्होंने राजनीति में ज़मीनी स्तर से प्रवेश किया और वे लोगों की समस्याओं से कभी अनजान नहीं रहे। उनकी बातचीत में हर किसी के प्रति स्नेह और विश्वास की भावना झलकती थी, जिसके कारण तटीय इलाके के लोग उन्हें अपना ही आदमी मानते थे। जब 5 अगस्त, 2015 को उनका निधन हुआ, तो पूरे तटीय इलाके में शोक की लहर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/opinion/voters-in-the-coastal-areas-of-south-gujarat-are-feeling-the-loss-of-rajabhai-patel/article-2060"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-04/123.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>(उत्कर्ष पटेल)</strong></p>
<p>राजाभाई पटेल, जिन्हें आम तौर पर राजाभाई या राजा पटेल के नाम से जाना जाता था, का जन्म 1 जून, 1955 को सूरत ज़िले के सुल्तानबाद में हुआ था। उनका व्यक्तित्व बहुत ही सरल, विनम्र और व्यावहारिक था। उन्होंने राजनीति में ज़मीनी स्तर से प्रवेश किया और वे लोगों की समस्याओं से कभी अनजान नहीं रहे। उनकी बातचीत में हर किसी के प्रति स्नेह और विश्वास की भावना झलकती थी, जिसके कारण तटीय इलाके के लोग उन्हें अपना ही आदमी मानते थे। जब 5 अगस्त, 2015 को उनका निधन हुआ, तो पूरे तटीय इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। उनकी मृत्यु से न केवल उनके परिवार को, बल्कि कोली समुदाय और तटीय इलाके के वोटरों को भी भारी क्षति महसूस हुई।</p>
<p>आज, दक्षिण गुजरात के तटीय इलाके के वोटर राजाभाई पटेल की अनुपस्थिति को शिद्दत से महसूस कर रहे हैं। चोर्यासी विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए, वे केवल एक नेता ही नहीं, बल्कि परिवार के एक सदस्य थे। उनके सरल व्यक्तित्व और अथक परिश्रम ने तटीय इलाके को एक नई पहचान दिलाई। आज भी, उनकी मृत्यु को लगभग एक दशक बीत जाने के बाद भी, उनके कार्यों का प्रभाव जीवित है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-04/218.jpg" alt="2" width="1280" height="720"></img></p>
<p>1990 से 2000 तक, उन्होंने सुल्तानबाद के सरपंच के रूप में कार्य किया और गाँव के विकास में अग्रणी भूमिका निभाई। वर्ष 2000 में, वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए और चोर्यासी तालुका पंचायत के सदस्य के रूप में सेवा की। उन्होंने 8 वर्षों तक तालुका पंचायत की कार्यकारी समिति के अध्यक्ष के रूप में और निर्माण समिति के अध्यक्ष के रूप में भी अमूल्य योगदान दिया। 2012 के विधानसभा चुनावों में, उन्होंने चोर्यासी विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की और विधायक बने। उनकी राजनीतिक यात्रा ग्राम पंचायत से लेकर विधानसभा तक की थी, जो सेवा और समर्पण का एक बेहतरीन उदाहरण है।</p>
<p>एक विधायक के रूप में उनका सक्रिय कार्य अद्भुत था। उन्होंने तटीय इलाके के विकास के लिए दिन-रात काम किया। उन्होंने सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर निरंतर प्रयास किए। वे लोगों की समस्याओं को अपनी समस्या मानते थे और उन्हें हल करने से कभी पीछे नहीं हटे। उनके काम के परिणामस्वरूप चोर्यासी और आस-पास के इलाकों में कई विकास कार्य पूरे हुए, जिन्हें आज भी लोग याद करते हैं।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-04/316.jpg" alt="3" width="1280" height="720"></img></p>
<p>कोली समुदाय के प्रति उनका समर्पण असाधारण था। तटीय क्षेत्र में कोली समुदाय के एक नेता के तौर पर, उन्होंने समुदाय के उत्थान के लिए लगातार काम किया। उन्होंने समुदाय के युवाओं को शिक्षा, रोज़गार और सामाजिक सुधार की दिशा में प्रेरित करने में अहम भूमिका निभाई। उनकी वजह से, कोली समुदाय ने राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में नई उपलब्धियाँ हासिल कीं। उन्होंने समुदाय के हर व्यक्ति से निजी संपर्क बनाए रखा और उनकी समस्याओं को सुलझाने की कोशिश की।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-04/411.jpg" alt="4" width="1280" height="720"></img></p>
<p>आज, उनकी बेटी झंखनाबेन पटेल अपने पिता की सेवा की विरासत को आगे बढ़ा रही हैं। वह अपने पिता के नेतृत्व और समर्पण की परंपरा को कायम रखते हुए, समाज सेवा में जुटी हुई हैं। 2016 के उपचुनाव में, वह चोर्यासी निर्वाचन क्षेत्र से विधायक चुनी गईं और तब से लगातार सेवा कार्यों में लगी हुई हैं। झंखनाबेन, अपने पिता की तरह ही, समुदाय के कल्याण के लिए काम कर रही हैं और तटीय क्षेत्र के लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं।</p>
<p>राजाभाई पटेल का जीवन सेवा, समर्पण और नेतृत्व का प्रतीक था। उनके निधन से तटीय क्षेत्र एक ऐसे नेता से वंचित हो गया है, जो लोगों की तकलीफ़ों को समझता था। राजाभाई जैसे नेताओं के काम करने का तरीका हमें यह याद दिलाता है कि सच्ची राजनीतिक सेवा लोगों के दिलों में बसती है।</p>
<p><strong>(लेखक एक प्रतिष्ठित उद्योगपति, समाजसेवी और khabarchhe.com के संस्थापक हैं।)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 15:52:14 +0530</pubDate>
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                <title>दिलीपभाई देशमुख युवाओं के लिए प्रेरणा का झरना</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">(उत्कर्ष पटेल)</span></strong></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">आज</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">के</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">युवाओं</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">के</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जीवन</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">में</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रेरणा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">की</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">भारी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जरूरत</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">है</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कोई</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">शख्सियत</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">चाहिए</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जो</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कहे</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कि</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सेवा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">करने</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">से</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">ही</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जीवन</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सार्थक</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">बनता</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">है</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">ही</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">एक</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रेरणादायी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">शख्सियत</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">हैं</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">दिलीपभाई</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">देशमुख</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">उनका</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जीवन</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">युवाओं</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">के</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">लिए</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">खुली</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">किताब</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">की</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">तरह</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">है</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सीखने</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">को</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">बहुत</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">है</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">और</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">अनुसरण</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">करने</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">को</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">और</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">भी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">ज्यादा</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">दिलीपभाई</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">की</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">यात्रा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">एक</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">साधारण</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वयंसेवक</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">के</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">रूप</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">में</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">शुरू</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">हुई</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">थी</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">राष्ट्रीय</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वयंसेवक</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">संघ</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">के</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रचारक</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">बनकर</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">अपना</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">पूरा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जीवन</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">समर्पित</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कर</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">दिया</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">घर</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">परिवार</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">और</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यक्तिगत</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सुख</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">को</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">पीछे</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">छोड़कर</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">वे</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">निरंतर</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/opinion/dilipbhai-deshmukh-is-a-fountain-of-inspiration-for-the-youth/article-2055"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-04/011.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">(उत्कर्ष पटेल)</span></strong></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">आज</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">के</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">युवाओं</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">के</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जीवन</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">में</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रेरणा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">की</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">भारी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जरूरत</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">है</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कोई</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">शख्सियत</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">चाहिए</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जो</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कहे</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कि</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सेवा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">करने</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">से</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">ही</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जीवन</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सार्थक</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">बनता</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">है</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">ही</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">एक</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रेरणादायी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">शख्सियत</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">हैं</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">दिलीपभाई</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">देशमुख</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">उनका</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जीवन</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">युवाओं</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">के</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">लिए</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">खुली</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">किताब</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">की</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">तरह</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">है</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सीखने</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">को</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">बहुत</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">है</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">और</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">अनुसरण</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">करने</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">को</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">और</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">भी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">ज्यादा</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">दिलीपभाई</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">की</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">यात्रा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">एक</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">साधारण</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वयंसेवक</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">के</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">रूप</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">में</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">शुरू</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">हुई</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">थी</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">राष्ट्रीय</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वयंसेवक</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">संघ</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">के</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रचारक</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">बनकर</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">अपना</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">पूरा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जीवन</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">समर्पित</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कर</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">दिया</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">घर</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">परिवार</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">और</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यक्तिगत</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सुख</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">को</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">पीछे</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">छोड़कर</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">वे</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">निरंतर</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">समाज</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सेवा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">में</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जुटे</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">रहे</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">यह</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">यात्रा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">आसान</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">नहीं</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">थी</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">इसमें</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">त्याग</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">संघर्ष</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">और</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">अटूट</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतिबद्धता</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">भरी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">थी</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कभी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">पीछे</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">मुड़कर</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">नहीं</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">देखा</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">उनके</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">इस</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कदम</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">ने</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">अनेक</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">युवाओं</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">को</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रभावित</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">किया</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">और</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">वे</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">भी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सेवा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">के</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">रास्ते</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">पर</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">आगे</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">बढ़े</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">आज</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">वे</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">विभिन्न</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">क्षेत्रों</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">में</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सफल</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">नेतृत्व</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कर</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">रहे</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">हैं</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span></p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-04/011.jpg" alt="01" width="1280" height="720"></img></p>
<p>2001 <span lang="hi" xml:lang="hi">के</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कच्छ</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">के</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">विनाशकारी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">भूकंप</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">के</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">समय</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">दिलीपभाई</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">का</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">योगदान</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कभी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">भुलाया</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">नहीं</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सकता</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जब</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">भूकंप</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रभावित</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">इलाका</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">दुख</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">और</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">अंधेरे</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">से</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">भर</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">गया</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">था</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">तब</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">वे</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सीधे</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">मैदान</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">में</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">पहुंच</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">गए</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">लोगों</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">की</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">मदद</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">करना</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">घायलों</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">को</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">अस्पताल</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">पहुंचाना</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">राहत</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सामग्री</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">बांटना</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">और</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">लोगों</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">में</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">आशा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">की</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">किरण</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जगाना</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">यह</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सब</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">बिना</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">थके</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">किया</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">उनके</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">इस</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कार्य</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">ने</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कच्छ</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">के</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">लोगों</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">के</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">दिल</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">में</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">उनके</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">लिए</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">स्थायी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जगह</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">बना</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">ली</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">इस</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">घटना</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">ने</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">एक</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">बात</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">साफ</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कर</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">दी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कि</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">संकट</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">के</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">समय</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सेवा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">ही</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सही</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">रास्ता</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">है</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-04/031.jpg" alt="03" width="1280" height="720"></img></span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">दिलीपभाई</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">नरेंद्रभाई</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">मोदी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">के</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">निकटवर्ती</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">भी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">रहे</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">यह</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">संबंध</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">केवल</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यक्तिगत</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">नहीं</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">विचार</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">और</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कर्म</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">का</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">संबंध</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">है</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">दोनों</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">के</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">बीच</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सेवा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">और</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">राष्ट्र</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">निर्माण</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">की</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">समान</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">भावना</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">रही</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">दिलीपभाई</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">की</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सबसे</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">बड़ी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">खासियत</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">युवाओं</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">को</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सेवा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">के</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">मार्ग</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">पर</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">ले</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जाने</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">की</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">है</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">वे</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कई</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">युवाओं</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">का</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">हाथ</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">थामकर</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सेवा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">की</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">दिशा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">में</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">मार्गदर्शन</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">देते</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">हैं</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">केवल</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">भाषण</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">देकर</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">नहीं</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">अपने</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जीवन</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">से</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">उदाहरण</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">पेश</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">करके</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">युवा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जब</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">उनके</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">पास</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">आते</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">हैं</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">तो</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">वे</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">समझाते</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">हैं</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कि</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सेवा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कोई</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">काम</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">नहीं</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">है</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जीवन</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">का</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">अभिन्न</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">अंग</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">है</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-04/07.jpg" alt="07" width="1280" height="720"></img></span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">एक</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">समय</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">उनके</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जीवन</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">में</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">भी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कठिन</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">दौर</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">आया</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">वर्ष</span> 2020 <span lang="hi" xml:lang="hi">के</span> 10 <span lang="hi" xml:lang="hi">जुलाई</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">को</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">अहमदाबाद</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">के</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">इंस्टीट्यूट</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">ऑफ</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">किडनी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">डिजीज</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">एंड</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">रिसर्च</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सेंटर</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">में</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">उनका</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">लीवर</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रांसप्लांट</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">हुआ</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">अंगदान</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">से</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">मिले</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">लीवर</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">से</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">उनकी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">तबीयत</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सुधरी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">और</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">नया</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जीवन</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">मिला</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सर्जरी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">के</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">बाद</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">वे</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">अंगदान</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जागरूकता</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">के</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">पूर्णकालिक</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सक्रिय</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सेवक</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">बन</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">गए</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">अंगदान</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">चैरिटेबल</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रस्ट</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">के</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जरिए</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">वे</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">पूरे</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">गुजरात</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">में</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जागरूकता</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">फैलाते</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">हैं</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">और</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">युवाओं</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">को</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">समझाते</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">हैं</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कि</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">मृत्यु</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">के</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">बाद</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">भी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">शरीर</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">के</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">अंग</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">दूसरे</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">लोगों</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">को</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जीवन</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">दे</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सकते</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">हैं</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">उनके</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">इस</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">अनुभव</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">ने</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">युवाओं</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">को</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सिखाया</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कि</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">संघर्ष</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">को</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">भी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सेवा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">में</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">बदला</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सकता</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">है</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">आज</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">वर्ष</span> 2026 <span lang="hi" xml:lang="hi">में</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">भी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">दिलीपभाई</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">का</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जीवन</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">निरंतर</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सेवा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">में</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">लगा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">हुआ</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">है</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कोई</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">विराम</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">नहीं</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कोई</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">अपेक्षा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">नहीं</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">केवल</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सेवा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">और</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सेवा</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">आज</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जब</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">युवा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">मोबाइल</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">धन</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">संपदा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">और</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यक्तिगत</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">महत्वाकांक्षाओं</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">में</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">खो</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जाते</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">हैं</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">तब</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">उनका</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जीवन</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">एक</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">ज्योतिपुंज</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">बनकर</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">रह</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जाता</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">है</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">वे</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कहते</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">हैं</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कि</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सेवा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">करने</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">से</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">ही</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">इंसान</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सच्चे</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">अर्थ</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">में</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जीता</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">है</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-04/06.jpg" alt="06" width="1280" height="720"></img></span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">दिलीपभाई</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">देशमुख</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">शख्सियत</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">हमें</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">याद</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">दिलाती</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">है</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कि</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जीवन</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">का</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सच्चा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">अर्थ</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सेवा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">में</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">है</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">युवाओं</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">के</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">लिए</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">वे</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रेरणा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">का</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">झरना</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">हैं</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कोई</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">भी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">उनके</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जीवन</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">को</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">करीब</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">से</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">देखेगा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">तो</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जान</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जाएगा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कि</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">आज</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">भी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">इस</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">देश</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">में</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सेवाभावी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">लोग</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">हैं</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनसे</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">हम</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">बहुत</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सीख</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सकते</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">हैं</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">दिलीपभाई</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">का</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जीवन</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">एक</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">ही</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">बात</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कहता</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">है</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सेवा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">करो</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सेवा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">करते</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">रहो</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">और</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जीवन</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">को</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सार्थक</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">बनाओ</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span></p>
<p><em><span lang="hi" xml:lang="hi">(लेखक एक प्रतिष्ठित उद्योगपति, समाजसेवी और khabarchhe.com के संस्थापक हैं।)</span></em></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://hindi.khabarchhe.com/opinion/dilipbhai-deshmukh-is-a-fountain-of-inspiration-for-the-youth/article-2055</link>
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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 12:45:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nilesh Parmar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वैश्विक अस्थिरता के बीच हमें चुनी हुई सरकार को समझने का समय आ गया है</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>(उत्कर्ष पटेल)</strong></p>
<p>वैश्विक युद्धों के अस्थिर समीकरणों और उस अस्थिरता के कारण व्यापार पर पड़ने वाले प्रभाव दुनिया के हर देश में अस्थिरता और अव्यवस्था ला रहे हैं, ऐसे में हमारा देश भारत भी इन अस्थिर समीकरणों से गुजर रहा है। देश के हर नागरिक के जीवन स्तर पर इसके प्रतिकूल प्रभाव भी पड़ रहे हैं।</p>
<p>अमेरिका-इज़रायल और ईरान के बीच के युद्ध का असर हमारे देश की अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। इन परिस्थितियों में हमें अपने देश की सरकार और नेतृत्व का सजगता से साथ देना चाहिए, क्योंकि आखिरकार हम ही वोट देकर सरकार बनाते हैं।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/opinion/amidst-global-instability-it-is-time-for-us-to-understand/article-2040"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-04/113.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>(उत्कर्ष पटेल)</strong></p>
<p>वैश्विक युद्धों के अस्थिर समीकरणों और उस अस्थिरता के कारण व्यापार पर पड़ने वाले प्रभाव दुनिया के हर देश में अस्थिरता और अव्यवस्था ला रहे हैं, ऐसे में हमारा देश भारत भी इन अस्थिर समीकरणों से गुजर रहा है। देश के हर नागरिक के जीवन स्तर पर इसके प्रतिकूल प्रभाव भी पड़ रहे हैं।</p>
<p>अमेरिका-इज़रायल और ईरान के बीच के युद्ध का असर हमारे देश की अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। इन परिस्थितियों में हमें अपने देश की सरकार और नेतृत्व का सजगता से साथ देना चाहिए, क्योंकि आखिरकार हम ही वोट देकर सरकार बनाते हैं। यह बात निश्चित रूप से कही जा सकती है कि वर्तमान वैश्विक अस्थिरता के समीकरणों में हमारे देश की सरकार अन्य देशों की सरकारों की तुलना में बेहतर काम कर रही है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-04/38.jpg" alt="3" width="1280" height="720"></img></p>
<p>यहाँ हम किसी की प्रशंसा या आलोचना की बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि वर्तमान वास्तविक परिस्थितियों के आधार पर देशहित की समझ विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-04/210.jpg" alt="2" width="1280" height="720"></img></p>
<p>हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्रभाई मोदी के विश्वभर के शीर्ष नेतृत्व के साथ मित्रतापूर्ण संबंधों का हमें लाभ मिल रहा है, जिसके कारण भारत सरकार वैश्विक व्यापार के समीकरणों का संतुलन बनाए रखने का पूरा प्रयास कर रही है और इसके परिणाम भी देशहित में मिल रहे हैं। साथ ही, कुछ विषयों में तुरंत अपेक्षित परिणाम प्राप्त करने में पूर्ण सफलता न मिलने पर सरकार आलोचना का शिकार भी बन रही है, यह पहलू भी है।</p>
<p>लोकतंत्र में नागरिकों की आवाज बुलंद होनी ही चाहिए। लेकिन जब वैश्विक स्थिति बिगड़ी हुई हो, तब हमें अपने देश की सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों का समर्थन करना चाहिए ताकि आंतरिक परिस्थितियाँ और समीकरण एकजुट रहें और सरकार वैश्विक व्यापार और संबंधों के समीकरणों पर ध्यान केंद्रित कर सके।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-04/46.jpg" alt="4" width="1280" height="720"></img></p>
<p>कठिन समय में देशहित का चिंतन यानी व्यक्तिगत और राजनीतिक पक्षों के निजी विचारों को कुछ समय के लिए अलग रखकर एकता को प्राथमिकता देना। वैश्विक युद्धों के प्रभाव से उत्पन्न हुई इस अनिश्चितता में भारत जैसे विकासशील देश को केवल मजबूत आंतरिक एकता के माध्यम से ही आगे बढ़ाया जा सकता है। यही एकता भारत को वैश्विक अस्थिर मंच पर अधिक आत्मविश्वास के साथ खड़ा रखेगी और हर नागरिक के जीवन में स्थिरता लाएगी।</p>
<p><strong>(लेखक एक प्रतिष्ठित उद्योगपति, समाजसेवक और khabarchhe.com के संस्थापक हैं)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://hindi.khabarchhe.com/opinion/amidst-global-instability-it-is-time-for-us-to-understand/article-2040</link>
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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 13:19:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेस के पास सत्ता, मजबूत संगठन और कार्यकर्ताओं का पूरा समर्थन नहीं है, लेकिन उसके पास लंबा राजनीतिक अनुभव जरूर है</title>
                                    <description><![CDATA[<p>एक समय था जब कांग्रेस सिर्फ एक राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि देश की विचारधारा का केंद्र थी। महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महान नेता इसी पार्टी से जुड़े थे। 1960 में गुजरात राज्य बनने के बाद कांग्रेस ने करीब 1995 तक लगातार सत्ता में अपना दबदबा बनाए रखा। मोरारजी देसाई और के. एम. मुंशी जैसे नेताओं ने राज्य के विकास में अहम भूमिका निभाई। इस दौरान कांग्रेस ने सामाजिक सुधार, कृषि और उद्योग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण काम किए।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-04/congress1.jpg" alt="congress1" width="1200" height="720" /></p>
<p>लेकिन 1995 में भारतीय जनता पार्टी के सत्ता में आने के बाद कांग्रेस का पतन शुरू हो गया। 1998</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/opinion/congress-does-not-have-power-a-strong-organization-and-full/article-2022"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-04/congress.jpg" alt=""></a><br /><p>एक समय था जब कांग्रेस सिर्फ एक राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि देश की विचारधारा का केंद्र थी। महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महान नेता इसी पार्टी से जुड़े थे। 1960 में गुजरात राज्य बनने के बाद कांग्रेस ने करीब 1995 तक लगातार सत्ता में अपना दबदबा बनाए रखा। मोरारजी देसाई और के. एम. मुंशी जैसे नेताओं ने राज्य के विकास में अहम भूमिका निभाई। इस दौरान कांग्रेस ने सामाजिक सुधार, कृषि और उद्योग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण काम किए।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-04/congress1.jpg" alt="congress1" width="1280" height="720"></img></p>
<p>लेकिन 1995 में भारतीय जनता पार्टी के सत्ता में आने के बाद कांग्रेस का पतन शुरू हो गया। 1998 के बाद भाजपा ने लगातार अपनी सत्ता मजबूत रखी। कांग्रेस के अंदरूनी विवाद, अधूरे वादे और बदलते राजनीतिक माहौल के साथ तालमेल न बैठा पाने के कारण पार्टी कमजोर होती गई। नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री कार्यकाल (2001–2014) में ‘गुजरात मॉडल’ ने भाजपा को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत किया। इसी दौरान कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता भाजपा में शामिल हो गए।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-04/congress2.jpg" alt="congress2" width="1280" height="720"></img></p>
<p>2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने कुछ सीटें बढ़ाईं, लेकिन 2022 में उसकी स्थिति काफी कमजोर हो गई और वह सिर्फ 17 सीटों तक सिमट गई, जबकि भाजपा ने 156 सीटें जीतीं। 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को सिर्फ बनासकांठा की एक सीट मिली। इस गिरावट के पीछे आंतरिक कलह, कार्यकर्ताओं की निराशा और जनसमर्थन की कमी मुख्य कारण रहे हैं।</p>
<p>2025 में अहमदाबाद में एआईसीसी का अधिवेशन 64 साल बाद आयोजित किया गया, जिसे पार्टी के पुनरुत्थान की कोशिश माना गया। गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा ने ‘जन आक्रोश यात्रा’ के जरिए भाजपा सरकार की नीतियों की आलोचना की। वहीं राहुल गांधी ने अपनी गुजरात यात्रा के दौरान कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं में दो वर्ग बन गए हैं—एक जनसेवा में लगे हैं और दूसरे भाजपा के साथ जुड़े हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि “आधे कार्यकर्ता भाजपा के लिए काम कर रहे हैं।”</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-04/congress3.jpg" alt="congress3" width="1280" height="720"></img></p>
<p>नेतृत्व की कमी, केंद्रीय नेतृत्व की अनुपस्थिति और मजबूत संगठन के अभाव के कारण कार्यकर्ताओं में निराशा बढ़ी है। जनसमर्थन भी धीरे-धीरे कांग्रेस से दूर होता गया है। हालांकि पार्टी के पास अभी भी कुछ अनुभवी वरिष्ठ नेता मौजूद हैं, लेकिन वे अपने पुराने अनुभव के सहारे ही टिके हुए हैं।</p>
<p>कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती नेतृत्व को मजबूत करना और जनता का भरोसा वापस पाना है। अगर पार्टी संगठन को मजबूत करे, कार्यकर्ताओं को सक्रिय बनाए और जनता से जुड़ाव बढ़ाए, तो वह फिर से उभर सकती है। अनुभव उसकी ताकत जरूर है, लेकिन उसे नई ऊर्जा और स्पष्ट नेतृत्व के साथ लागू करना जरूरी होगा।</p>
<p>आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस की सफलता की संभावना कम दिखती है, लेकिन अगर वह 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सही रणनीति के साथ मेहनत करे, तो वापसी की उम्मीद जरूर बन सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 14:39:43 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>चुनाव कभी भी घोषित हो, उम्मीदवार कोई भी हो, लेकिन हमारा वोट तो कमल के निशान पर ही जाएगा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>(उत्कर्ष पटेल)</strong></p>
<p>भाजपा के कार्यकर्ताओं की समर्पण भावना अनोखी मानी जाती है। वे सिर्फ सदस्य नहीं, बल्कि पार्टी की आत्मा के रूप में काम करते हैं। गांव से लेकर शहरों तक लाखों कार्यकर्ता अपने निजी काम, व्यवसाय और परिवार को पीछे छोड़कर पार्टी के कार्य में जुट जाते हैं। चुनाव के समय वे दिन-रात बूथ स्तर पर काम करते हैं, घर-घर जाकर मतदाताओं से मिलते हैं, उनकी समस्याएं सुनते हैं और समाधान की कोशिश करते हैं।</p>
<p>यह समर्पण केवल चुनाव तक सीमित नहीं रहता। कोविड-19 जैसे संकट, भूकंप, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के समय भी कार्यकर्ता सेवा कार्य में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/opinion/whenever-elections-are-declared-no-matter-who-the-candidate-is/article-2019"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-04/17.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>(उत्कर्ष पटेल)</strong></p>
<p>भाजपा के कार्यकर्ताओं की समर्पण भावना अनोखी मानी जाती है। वे सिर्फ सदस्य नहीं, बल्कि पार्टी की आत्मा के रूप में काम करते हैं। गांव से लेकर शहरों तक लाखों कार्यकर्ता अपने निजी काम, व्यवसाय और परिवार को पीछे छोड़कर पार्टी के कार्य में जुट जाते हैं। चुनाव के समय वे दिन-रात बूथ स्तर पर काम करते हैं, घर-घर जाकर मतदाताओं से मिलते हैं, उनकी समस्याएं सुनते हैं और समाधान की कोशिश करते हैं।</p>
<p>यह समर्पण केवल चुनाव तक सीमित नहीं रहता। कोविड-19 जैसे संकट, भूकंप, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के समय भी कार्यकर्ता सेवा कार्य में आगे रहते हैं। राहत सामग्री बांटना, लोगों की मदद करना और विश्वास बनाए रखना उनकी प्रमुख जिम्मेदारी बन जाती है। इसी वजह से ‘कमल’ का प्रतीक व्यक्ति से ऊपर उठकर एक विचारधारा और भरोसे का प्रतीक बन गया है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-04/25.jpg" alt="2" width="1280" height="720"></img></p>
<p>संगठन की बात करें तो भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी और मजबूत राजनीतिक पार्टियों में से एक है। इसका ढांचा बूथ, मंडल और जिला-राज्य स्तर तक फैला हुआ है। हर बूथ पर एक टीम तैयार रहती है, जो मतदाताओं की जानकारी और समस्याओं पर नजर रखती है। पार्टी ने आधुनिक तकनीक का भी उपयोग किया है। ‘नमो ऐप’ जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए कार्यकर्ताओं से सीधा संपर्क रखा जाता है। इस मजबूत संगठन के कारण उम्मीदवार बदलने पर भी पार्टी की वोट बैंक पर असर नहीं पड़ता।</p>
<p>भाजपा की लगातार चुनावी सफलता के पीछे यही समर्पण और संगठन शक्ति है। 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों के साथ-साथ कई राज्यों के विधानसभा चुनावों में इसका असर साफ दिखाई दिया है। कार्यकर्ताओं की मेहनत और टीमवर्क से पार्टी का आधार घर-घर तक पहुंच चुका है। गुजरात जैसे राज्यों में तो हर छोटे-बड़े कार्यक्रम में हजारों कार्यकर्ता खुद ही जुड़ जाते हैं।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-04/35.jpg" alt="3" width="1280" height="720"></img></p>
<p>तटस्थ रूप से देखा जाए तो इस सफलता के पीछे कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण, समर्पण और निरंतर मार्गदर्शन अहम भूमिका निभाता है। पार्टी उन्हें विचारधारा और कार्यशैली का प्रशिक्षण देती है, जिससे वे सक्रिय और ईमानदारी से काम करते हैं। यह केवल एक पार्टी की ताकत नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की एकता का भी प्रतीक है। भाजपा के कार्यकर्ताओं का यह उत्साह अन्य दलों के लिए भी प्रेरणादायक है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-04/44.jpg" alt="4" width="1280" height="720"></img></p>
<p>अंत में कहा जा सकता है कि भाजपा कार्यकर्ताओं की समर्पण भावना और संगठन शक्ति उन्हें खास बनाती है। उनकी कार्यशैली न केवल चुनावी सफलता दिलाती है, बल्कि समाज सेवा में भी प्रेरणा देती है। ऐसे लाखों अनजान कार्यकर्ताओं की मेहनत से ही ‘कमल’ का प्रतीक आज करोड़ों लोगों के दिलों में बस गया है।</p>
<p><strong>(लेखक एक प्रतिष्ठित उद्योगपति, समाजसेवी और khabarchhe.com के संस्थापक हैं।)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://hindi.khabarchhe.com/opinion/whenever-elections-are-declared-no-matter-who-the-candidate-is/article-2019</link>
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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 12:45:32 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>‘बापूजी’ वल्लभभाई सवानी: एक ऐसा इंसान जो पूरे समाज के लिए पिता समान बन गया</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>(उत्कर्ष पटेल)</strong></p>
<p>जब कोई इंसान अपनी ज़िंदगी सिर्फ़ अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए जीना शुरू कर देता है, तो वह नाम सिर्फ़ एक इंसान का नाम नहीं रह जाता, बल्कि एक संस्था बन जाता है। ऐसे ही एक प्रेरणास्रोत हैं वल्लभभाई सवानी, जिन्हें सौराष्ट्र पाटीदार समुदाय प्यार से “बापूजी” कहकर बुलाता है।</p>
<p>उन्होंने हीरे और रियल एस्टेट के बिज़नेस में सफलता पाकर जो दौलत कमाई, उसका इस्तेमाल सिर्फ़ अपने परिवार के लिए नहीं, बल्कि समाज के भविष्य के लिए किया; और यहीं से शुरू होती है इंसानियत की सेवा की एक अनोखी कहानी।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-04/22.jpg" alt="2" width="1200" height="720" /></p>
<p>वल्लभभाई सवानी ने एक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/opinion/%E2%80%98bapuji%E2%80%99-vallabhbhai-savani-is-a-man-who-became-like-a/article-2009"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-04/13.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>(उत्कर्ष पटेल)</strong></p>
<p>जब कोई इंसान अपनी ज़िंदगी सिर्फ़ अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए जीना शुरू कर देता है, तो वह नाम सिर्फ़ एक इंसान का नाम नहीं रह जाता, बल्कि एक संस्था बन जाता है। ऐसे ही एक प्रेरणास्रोत हैं वल्लभभाई सवानी, जिन्हें सौराष्ट्र पाटीदार समुदाय प्यार से “बापूजी” कहकर बुलाता है।</p>
<p>उन्होंने हीरे और रियल एस्टेट के बिज़नेस में सफलता पाकर जो दौलत कमाई, उसका इस्तेमाल सिर्फ़ अपने परिवार के लिए नहीं, बल्कि समाज के भविष्य के लिए किया; और यहीं से शुरू होती है इंसानियत की सेवा की एक अनोखी कहानी।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-04/22.jpg" alt="2" width="1280" height="720"></img></p>
<p>वल्लभभाई सवानी ने एक बार कहा था कि उन्हें उच्च शिक्षा पाने का मौका नहीं मिला, लेकिन उन्होंने अपनी इस कमी को अपनी कमज़ोरी नहीं, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणा बना लिया। उस दौर में जब सूरत में कुछ ही स्कूलों का दबदबा था और उनमें दाखिला मिलना बहुत मुश्किल था, उन्होंने P.P. सवानी स्कूल की शुरुआत की।</p>
<p>आज वह छोटा-सा बीज एक विशाल बरगद का पेड़ बन चुका है। P.P. सवानी ग्रुप ऑफ़ स्कूल्स के तहत आज 9 स्कूल चल रहे हैं। साल 2017 में एक यूनिवर्सिटी भी शुरू की गई, जिसमें आज 14 विभाग हैं। अब तक इन सभी संस्थानों में लगभग 10 लाख छात्र पढ़ाई कर चुके हैं। आज भी यहाँ 10 से 15 हज़ार छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। ये आँकड़े सिर्फ़ संख्याएँ नहीं हैं, बल्कि हज़ारों परिवारों के बदलते भविष्य की कहानी हैं।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-04/32.jpg" alt="3" width="1280" height="720"></img></p>
<p>बापूजी का नज़रिया सिर्फ़ स्कूल या यूनिवर्सिटी तक ही सीमित नहीं है। यहाँ छात्रों को ज़िंदगी के लिए तैयार किया जाता है। पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी पाने में मदद करने के लिए, साल 2003 में GPSC और UPSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक ट्रेनिंग सेंटर शुरू किया गया; जहाँ से कई छात्र ट्रेनिंग लेकर SP, कलेक्टर, मामलातदार या अफ़सर बन चुके हैं।</p>
<p>बापूजी यह अच्छी तरह समझते थे कि शिक्षा की तरह ही सेहत भी उतनी ही ज़रूरी है। उन्होंने एक अस्पताल भी शुरू किया, जिससे अब तक अनुमानित तौर पर 20 लाख से ज़्यादा मरीज़ों को फ़ायदा पहुँच चुका है। ये आँकड़े इस बात का सबूत हैं कि ये सेवाएँ कितनी असरदार और बेहतरीन हैं।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-04/41.jpg" alt="4" width="1280" height="720"></img></p>
<p>एक पिता समान व्यक्तित्व होने के नाते, शिक्षा, सेहत और रोज़गार मुहैया कराने के बाद, शादी-ब्याह का काम भी बाकी रह जाता है। बापूजी ने इस काम की शुरुआत भी सामूहिक विवाह (ग्रुप मैरिज) के ज़रिए की। और वह भी उन बेटियों की शादी करवाकर, जिनके माता-पिता इस दुनिया में नहीं थे। उनकी प्रेरणा से ही, उनके बेटे महेश सवानी ने अब तक 5000 से ज़्यादा बेटियों की शादी करवाई है। कुछ लोगों के लिए वल्लभभाई की छवि एक 'बाहुबली' की है।एक ऐसा व्यक्ति जो, अगर सिस्टम के भीतर रहकर काम नहीं कर पाता, तो सिस्टम के बाहर जाकर काम करता है। लेकिन उनके सभी समाज-सेवा के कार्यों को देखते हुए, यह स्पष्ट है कि उन्होंने सिस्टम के बाहर रहकर जो भी काम किए हैं, उनका लाभ अंततः समाज तक ही पहुँचा है। उन्होंने केवल अपना घर ही नहीं भरा है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-04/5.jpg" alt="5" width="1280" height="720"></img></p>
<p>वल्लभभाई कहते हैं कि अगर सपने बढ़ते नहीं हैं, तो इसका मतलब है कि उन्हें बोया नहीं गया, बल्कि दफ़ना दिया गया है। उन्होंने न केवल अपने बोए हुए सपनों को विशाल बरगद के पेड़ों में बदल दिया है, बल्कि उनके साथ-साथ, उन्होंने लाखों लोगों के सपनों से एक ऐसा सुंदर बगीचा भी तैयार किया है—जिसमें खिलने वाले फूल अनंत काल तक अपनी महक बिखेरते रहेंगे।</p>
<p><strong>(लेखक एक प्रतिष्ठित उद्योगपति, समाजसेवी और khabarchhe.com के संस्थापक हैं।)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://hindi.khabarchhe.com/opinion/%E2%80%98bapuji%E2%80%99-vallabhbhai-savani-is-a-man-who-became-like-a/article-2009</link>
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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 14:01:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देश में नक्सलवाद का अंत: गृह मंत्री अमितभाई शाह ने जो कहा वह करके दिखाया!</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>(उत्कर्ष पटेल)</strong></p>
<p>केंद्रीय गृह मंत्री अमितभाई शाह ने लोकसभा में घोषणा की कि देश के विभिन्न क्षेत्रों से नक्सलवाद लगभग पूरी तरह समाप्त हो गया है। 31 मार्च 2026 की पूर्व निर्धारित तारीख से पहले ही इस विषय को समाप्त कर लिया गया है। देश के लिए यह कोई सामान्य उपलब्धि नहीं है, यह एक ऐतिहासिक विजय है!</p>
<p>देश के गृह मंत्री अमितभाई शाह ने बार-बार कहा था कि “नक्सलवाद का अंत करना ही है।” और उन्होंने यह वचन पूरा करके दिखाया। कांग्रेस के 60 वर्षों के शासन में आदिवासियों की उपेक्षा हुई, उनकी जमीन, पानी और विकास की अनदेखी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/opinion/the-end-of-naxalism-in-bastar-was-shown-by-doing/article-1997"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-03/156.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>(उत्कर्ष पटेल)</strong></p>
<p>केंद्रीय गृह मंत्री अमितभाई शाह ने लोकसभा में घोषणा की कि देश के विभिन्न क्षेत्रों से नक्सलवाद लगभग पूरी तरह समाप्त हो गया है। 31 मार्च 2026 की पूर्व निर्धारित तारीख से पहले ही इस विषय को समाप्त कर लिया गया है। देश के लिए यह कोई सामान्य उपलब्धि नहीं है, यह एक ऐतिहासिक विजय है!</p>
<p>देश के गृह मंत्री अमितभाई शाह ने बार-बार कहा था कि “नक्सलवाद का अंत करना ही है।” और उन्होंने यह वचन पूरा करके दिखाया। कांग्रेस के 60 वर्षों के शासन में आदिवासियों की उपेक्षा हुई, उनकी जमीन, पानी और विकास की अनदेखी की गई। नक्सलवाद ने इसका लाभ उठाकर विस्तार किया। लेकिन 2014 के बाद भाजपा सरकार ने सुरक्षा और विकास का संयुक्त मॉडल अपनाया। परिणाम? नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 125 से घटकर केवल 6 रह गई है। आज इन क्षेत्रों में शांति की हवा बह रही है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-03/244.jpg" alt="2" width="1280" height="720"></img></p>
<p>यह उपलब्धि केवल कहने भर की नहीं है, यह आदिवासी भाइयों-बहनों के जीवन की सुरक्षा की उपलब्धि है। जिन क्षेत्रों में कभी बंदूकों और बमों की आवाज गूंजती थी, वहां आज सड़कें, स्कूल, अस्पताल और विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। आदिवासियों को उनके अधिकार मिल रहे हैं और वे देश की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। यह एक ऐसी क्रांति है जिससे देश के सबसे पिछड़े क्षेत्र भी आत्मनिर्भर बन रहे हैं और देश अंत्योदय का अनुभव कर रहा है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-03/340.jpg" alt="3" width="1280" height="720"></img></p>
<p>देश के गृह मंत्री अमितभाई शाह के नेतृत्व में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जो सुरक्षा बलों की रणनीति और विकास कार्यक्रमों का समन्वय किया, उसके परिणाम आज स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। यह केवल एक राज्य की बात नहीं है, यह पूरे भारत की सुरक्षा की बात है। पीएम मोदी की सरकार ने देश से वादा किया था कि कोई भी आंतरिक खतरा भारत की प्रगति को रोक नहीं सकेगा और आज वह वादा भी पूरा हो रहा है।</p>
<p><strong>(लेखक एक प्रतिष्ठित उद्योगपति, समाजसेवक और khabarchhe.com के संस्थापक हैं।)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 13:50:40 +0530</pubDate>
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                <title>मनहरभाई सांसपरा: एक सफल उद्योगपति और उदार समाज-सेवक, जिन्होंने लगातार नए क्षेत्रों में कदम रखा है</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>(उत्कर्ष पटेल)</strong></p>
<p>भावनगर ज़िले की पालितानातालुका के बादलपार गांव में 7 अक्टूबर 1969 को जन्मे मनहरभाई ने H.S.C. तक की शिक्षा पूरी की है। साधारण शैक्षिक पृष्ठभूमि होने के बावजूद, उन्होंने अपने दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और लगातार सीखने की इच्छाशक्ति के बल पर उद्योग और समाज में एक विशेष स्थान हासिल किया है।</p>
<p>महज़ 18 साल की उम्र में, वर्ष 1986 में, वे अपने पैतृक गांव से सूरत आ गए। उन्होंने हीरे के व्यवसाय में कदम रखा। यहां उनकी तेज़ी से सीखने की क्षमता साफ़ दिखाई दी; उन्होंने महज़ एक साल के भीतर ही हीरे के व्यवसाय की बारीकियों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/opinion/manharbhai-sanspara-a-successful-industrialist-and-generous-social-worker-who/article-1982"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-03/148.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>(उत्कर्ष पटेल)</strong></p>
<p>भावनगर ज़िले की पालितानातालुका के बादलपार गांव में 7 अक्टूबर 1969 को जन्मे मनहरभाई ने H.S.C. तक की शिक्षा पूरी की है। साधारण शैक्षिक पृष्ठभूमि होने के बावजूद, उन्होंने अपने दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और लगातार सीखने की इच्छाशक्ति के बल पर उद्योग और समाज में एक विशेष स्थान हासिल किया है।</p>
<p>महज़ 18 साल की उम्र में, वर्ष 1986 में, वे अपने पैतृक गांव से सूरत आ गए। उन्होंने हीरे के व्यवसाय में कदम रखा। यहां उनकी तेज़ी से सीखने की क्षमता साफ़ दिखाई दी; उन्होंने महज़ एक साल के भीतर ही हीरे के व्यवसाय की बारीकियों को सीख लिया। बाद में, उन्होंने बेल्जियम से खरीद-बिक्री का काम शुरू किया। जब उनका व्यवसाय बढ़ गया, तो उन्होंने अपने भाइयों के साथ मिलकर सूरत और मुंबई में 'साहिल स्टार ग्रुप' की स्थापना की। अपनी कुशलता से, वे अपने परिवार को साथ लेकर आगे बढ़े और 'J.R. ग्रुप' की स्थापना की। आज, 'J.R. ग्रुप' का व्यवसाय भारत, बेल्जियम, हांगकांग, दुबई, ताइवान, थाईलैंड, अमेरिका, UK, जर्मनी, स्विट्जरलैंड, स्पेन, इटली आदि सहित 15 से अधिक देशों में फैल चुका है। अपने काम में गुणवत्ता के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता ने उन्हें वैश्विक स्तर पर सफलता दिलाई है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-03/239.jpg" alt="2" width="1280" height="720"></img></p>
<p>नवाचार (इनोवेशन) के प्रति मनहरभाई का दृष्टिकोण उन्हें हमेशा नए क्षेत्रों में आगे बढ़ाता है। वर्ष 2005 में, उन्होंने 'J.R. डेवलपर्स' की शुरुआत की और रियल एस्टेट क्षेत्र में प्रवेश किया। उन्होंने सूरत में कई वाणिज्यिक, आवासीय और टेक्सटाइल पार्क परियोजनाओं का विकास किया। लगातार विविधीकरण (diversification) और जोखिम उठाना उनका मूलमंत्र है; इसी क्रम में, वर्ष 2010 में उन्होंने अत्यधिक प्रतिस्पर्धी खाद्य उद्योग में प्रवेश किया और 'यूरो इंडिया फ्रेश फूड्स लिमिटेड' की स्थापना की। आज, 'यूरो' ब्रांड के उत्पाद भारत के अलावा यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और मध्य-पूर्व के कई देशों में निर्यात किए जाते हैं। अब उन्होंने वापी के पास देश का पहला हाई-टेक थीम-आधारित फ़ूड पार्क विकसित किया है, जहां पर्यटक जाकर खाद्य उद्योग का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकते हैं, ठीक वैसे ही जैसे विदेशों में होता है। इस पार्क की थीम भारतीय संस्कृति और राष्ट्रवाद पर आधारित है। वह यूरो उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर इतने सजग हैं कि एक बार तलने के बाद वह उस तेल का दोबारा इस्तेमाल नहीं करते। इस उद्योग में उनकी कुशलता और सफलता को देखते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर के संस्थान 'सरदार वल्लभभाई राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान' (Sardar Vallabhbhai National Institute of Technology) के बोर्ड ऑफ़ गवर्नेंस में नियुक्त किया।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-03/335.jpg" alt="3" width="1280" height="720"></img></p>
<p>व्यापार के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय होने के बावजूद, मनहरभाई सामाजिक सेवा के प्रति भी उतने ही समर्पित हैं। वह कई सामाजिक, शैक्षिक और स्वास्थ्य-संबंधी संस्थानों में ट्रस्टी के रूप में जुड़े हुए हैं। 'स्व. जीवनभाई राघवजीभाई संस्पारा चैरिटेबल ट्रस्ट' के अध्यक्ष के रूप में, वह सेवा कार्यों को आगे बढ़ाते हैं। इसके साथ ही, वह सरदार धाम (दक्षिण गुजरात ज़ोन), समस्त पाटीदार समाज ट्रस्ट, सौराष्ट्र पटेल सेवा समाज, पाटीदार आरोग्य ट्रस्ट (किरण अस्पताल), सूरत डायमंड अस्पताल और रामाबा कैंसर अस्पताल सहित कई संगठनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।</p>
<p>उनकी सेवा केवल उनके पद तक ही सीमित नहीं है। चाहे समाज में किसी को अस्पताल की ज़रूरत हो, शिक्षा के लिए सहायता चाहिए हो, या खेलों को बढ़ावा देना हो। लोग हर अवसर पर सीधे मनहरभाई से संपर्क करते हैं और वह निस्वार्थ भाव से उनकी मदद करते हैं। खास बात यह है कि वह अपने सेवा कार्यों का कभी प्रचार नहीं करते; शांतिपूर्वक और ईमानदारी से सेवा करना ही उनके जीवन का मूलमंत्र बन गया है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-03/421.jpg" alt="4" width="1280" height="720"></img></p>
<p>अपने पैतृक गांव के प्रति भी उनकी भावनाएं उतनी ही विशेष हैं। हर साल, वह गांव के स्कूल में छात्रों के लिए शैक्षिक सहायता गतिविधियों का आयोजन करके शिक्षा को बढ़ावा देते हैं। वह विभिन्न ट्रस्टों के माध्यम से छात्रों को स्कूल बैग, पाठ्यपुस्तकें और ज़रूरी सामग्री उपलब्ध कराकर भावी पीढ़ी को सशक्त बना रहे हैं।</p>
<p>मनहरभाई संस्पारा एक ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने उद्योग, परिवार और समाज इन तीनों क्षेत्रों में संतुलन बनाए रखते हुए जीवन में प्रगति की है। उनकी सादगी, समर्पण, नवाचार और गुणवत्ता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें दूसरों के लिए एक प्रेरणास्रोत बनाती है। वह यह साबित करते हैं कि सच्ची सफलता केवल व्यापार में ही नहीं, बल्कि समाज की निस्वार्थ सेवा और मूल्यों पर आधारित जीवन जीने में निहित है।</p>
<p><strong>(लेखक एक प्रतिष्ठित उद्योगपति, समाजसेवी और khabarchhe.com के संस्थापक हैं।)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://hindi.khabarchhe.com/opinion/manharbhai-sanspara-a-successful-industrialist-and-generous-social-worker-who/article-1982</link>
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                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 13:44:16 +0530</pubDate>
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                <title>जयप्रकाश अग्रवाल उद्योगपति हैं जिन्होंने सूरत शहर का ऋण उतारने में कोई कसर नहीं छोड़ी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>(उत्कर्ष पटेल)</strong></p>
<p>गुजरात के टेक्सटाइल जगत में सूरत का रचना ग्रुप अग्रणी नाम है। 1980 में सूरत में जयप्रकाश अग्रवाल (जेपी) द्वारा शुरू की गई मेहनत आज सफलता का रूप ले चुकी है। टेक्सटाइल उद्योग से जुड़ी उनकी कंपनियां आज करोड़ों के टर्नओवर के साथ तीस से अधिक देशों में निर्यात कर रही हैं तथा हजारों परिवारों को रोजगार प्रदान कर रही हैं। यह सब उनकी मेहनत दूरदृष्टि और गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है।</p>
<p>जयप्रकाश अग्रवाल का जीवन केवल व्यावसायिक उपलब्धियों से ही नहीं भरा है। उनका हृदय समाजसेवा के लिए भी धड़कता है। वे मानते हैं कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/opinion/jaiprakash-aggarwal-is-an-industrialist-who-left-no-stone-unturned/article-1957"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-03/137.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>(उत्कर्ष पटेल)</strong></p>
<p>गुजरात के टेक्सटाइल जगत में सूरत का रचना ग्रुप अग्रणी नाम है। 1980 में सूरत में जयप्रकाश अग्रवाल (जेपी) द्वारा शुरू की गई मेहनत आज सफलता का रूप ले चुकी है। टेक्सटाइल उद्योग से जुड़ी उनकी कंपनियां आज करोड़ों के टर्नओवर के साथ तीस से अधिक देशों में निर्यात कर रही हैं तथा हजारों परिवारों को रोजगार प्रदान कर रही हैं। यह सब उनकी मेहनत दूरदृष्टि और गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है।</p>
<p>जयप्रकाश अग्रवाल का जीवन केवल व्यावसायिक उपलब्धियों से ही नहीं भरा है। उनका हृदय समाजसेवा के लिए भी धड़कता है। वे मानते हैं कि सफलता तभी सार्थक होती है जब उसे समाज के साथ बांटा जा सके। वे इस भावना को अपने सामाजिक कार्यों से जीवंत रखते हैं।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-03/230.jpg" alt="2" width="1280" height="720"></img>
Jaiprakash Aggarwal

<p>शिक्षा स्वास्थ्य वृद्धाश्रम गौसेवा धार्मिक ट्रस्ट नारी सुरक्षा और वनवासी कल्याण जैसे क्षेत्रों में वे प्रमुख दाता हैं। ट्रस्टी के रूप में समय देकर सेवा भी करते हैं। सरकारी जनसेवा के किसी भी आह्वान पर वे सबसे पहले योगदान देते हैं। सूरत में पुलिस की सुरक्षा संबंधी गतिविधियों में भी वे तन मन धन से सहयोग करते हैं। टेक्सटाइल उद्योग की किसी समस्या पर वे विवाद से दूर रहकर सकारात्मक समाधान ढूंढने में हमेशा सक्रिय रहते हैं।</p>
<p>वे प्रधानमंत्री नरेंद्रभाई के प्रति विशेष लगाव रखते हैं और उनके आह्वान पर शुरू होने वाले हर सेवा कार्य में आगे रहते हैं।</p>
<p>जयप्रकाश अग्रवाल का जीवन युवाओं को संदेश देता है कि सच्ची सफलता मुनाफा कमाने में नहीं बल्कि समाज को कुछ लौटाने में है। सूरत शहर में सुख समृद्धि पाने के बाद उन्होंने शहर का ऋण चुकाने में कोई कमी नहीं रखी। वे सूरत के सच्चे नगरशेठ कहलाने योग्य हैं जिनकी दोनों हथेलियां हमेशा सेवा के लिए खुली रहती हैं।</p>
<p><strong>(लेखक एक प्रतिष्ठित उद्योगपति, समाजसेवी और khabarchhe.com के संस्थापक हैं।)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://hindi.khabarchhe.com/opinion/jaiprakash-aggarwal-is-an-industrialist-who-left-no-stone-unturned/article-1957</link>
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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 12:52:14 +0530</pubDate>
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