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                <title>टेक और ऑटाे - Khabarchhe Hindi</title>
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                <title>व्हाट्सएप का यूजरनेम फीचर: सरकार को नए फीचर से किस बात का डर सता रहा है, क्या इससे साइबर फ्रॉड बढ़ जाएगा?</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> भारत में व्हाट्सएप का नया यूजरनेम फीचर फिलहाल लॉन्च नहीं होगा। केंद्र सरकार ने मेटा को निर्देश दिया है कि जब तक इस फीचर से जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा और जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक इसे देश में लागू न किया जाए। इसके साथ ही सरकार ने कंपनी को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब भी मांगा है। दरअसल, सरकार की मुख्य चिंता यह है कि इस फीचर के जरिए मोबाइल नंबर छिपाकर फर्जी पहचान बनाना आसान हो सकता है, जिससे साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी के मामले बढ़ने की आशंका है। बहरहाल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/tech/whatsapps-username-feature-what-is-the-government-afraid-of-with/article-2493"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-07/11.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> भारत में व्हाट्सएप का नया यूजरनेम फीचर फिलहाल लॉन्च नहीं होगा। केंद्र सरकार ने मेटा को निर्देश दिया है कि जब तक इस फीचर से जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा और जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक इसे देश में लागू न किया जाए। इसके साथ ही सरकार ने कंपनी को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब भी मांगा है। दरअसल, सरकार की मुख्य चिंता यह है कि इस फीचर के जरिए मोबाइल नंबर छिपाकर फर्जी पहचान बनाना आसान हो सकता है, जिससे साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी के मामले बढ़ने की आशंका है। बहरहाल सरकार इस फीचर के सुरक्षा मानकों और इसके संभावित दुरुपयोग की विस्तृत जांच करना चाहती है। </p>
<p>बता दें कि WhatsApp ने 29 जून से दुनियाभर में यूजरनेम रजिस्ट्रेशन की शुरुआत की है। यह सुविधा एक साथ सभी यूजर्स को नहीं मिलेगी, बल्कि आने वाले कुछ महीनों में चरणबद्ध तरीके से अलग-अलग देशों में रोलआउट की जाएगी। जिस क्षेत्र में यह फीचर उपलब्ध होगा, वहां यूजर्स को WhatsApp के भीतर नोटिफिकेशन मिलेगा।<br />वहीं, WhatsApp के हेड कुणाल शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस फीचर की घोषणा करते हुए लिखा था कि सही समय बहुत महत्वपूर्ण है। दुनिया भर में फीचर उपलब्ध होने से पहले अपना यूजरनेम सुरक्षित कर लें। जल्द ही लोगों से जुड़ने का एक अधिक निजी तरीका WhatsApp पर उपलब्ध होगा।</p>
<p><strong>आखिर भारत सरकार को क्यों है चिंता</strong></p>
<p>दरअसल, सरकार का मानना है कि यूजरनेम फीचर लागू होने के बाद कई स्थितियों में लोगों का मोबाइल नंबर सामने नहीं आएगा। ऐसे में कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे के नाम से मिलता-जुलता यूजरनेम बनाकर लोगों को गुमराह कर सकता है। इससे फर्जी प्रोफाइल के जरिए ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराध की आशंका बढ़ सकती है।<br />भारत WhatsApp का सबसे बड़ा बाजार है। भारत में करीब 50 करोड़ से अधिक यूजर्स हैं। इतने बड़े यूजर बेस को देखते हुए सरकार सुरक्षा व्यवस्था और फेक प्रोफाइल से जुड़े जोखिमों का आकलन करना चाहती है।</p>
<p><strong>क्या है WhatsApp का यूजरनेम फीचर</strong></p>
<p>मेटा ने WhatsApp में ऐसा फीचर पेश किया है, जिसकी मदद से लोग मोबाइल नंबर साझा किए बिना भी किसी नए व्यक्ति से बातचीत कर सकेंगे। इसके लिए केवल यूजरनेम का इस्तेमाल होगा। यह सुविधा खासतौर पर उन लोगों के लिए लाई गई है, जो अपनी निजी जानकारी साझा किए बिना नए संपर्कों से जुड़ना चाहते हैं।</p>
<p><strong>WhatsApp यह फीचर क्यों ला रहा है?</strong></p>
<p>कंपनी का कहना है कि कई बार लोग किसी नए व्यक्ति से संपर्क करना चाहते हैं, लेकिन अपना मोबाइल नंबर साझा नहीं करना चाहते। जैसे किसी नेटवर्किंग इवेंट में मिले व्यक्ति, नए क्लासमेट, पड़ोसी या बच्चों के स्कूल अथवा स्पोर्ट्स ग्रुप के अन्य अभिभावकों से बातचीत के दौरान प्राइवेसी बनाए रखना जरूरी होता है। ऐसे मामलों में अब मोबाइल नंबर की जगह केवल यूजरनेम साझा किया जा सकेगा।</p>
<p><strong>क्या यूजरनेम बनाना जरूरी होगा या वैकल्पिक होगा</strong></p>
<p>WhatsApp ने स्पष्ट किया है कि यूजरनेम पूरी तरह वैकल्पिक सुविधा है। यूजर चाहें तो अपना यूजरनेम बना सकते हैं और चाहें तो बिना यूजरनेम के भी पहले की तरह WhatsApp का इस्तेमाल कर सकते हैं। यानी किसी पर भी यूजरनेम बनाने की बाध्यता नहीं होगी।</p>
<p><strong>अपने पसंद का यूजरनेम चाहिए तो क्या करें</strong></p>
<p>दुनियाभर में करोड़ों लोग इस फीचर का इस्तेमाल करेंगे। ऐसे में एक जैसे या मिलते-जुलते नामों की मांग अधिक रहने की संभावना है। इसलिए जो यूजर पहले अपना यूजरनेम रिजर्व करेंगे, उन्हें अपनी पसंद का नाम मिलने की संभावना भी ज्यादा रहेगी।</p>
<p><strong>मोबाइल नंबर तभी दिखेगा जब आप साझा करना चाहेंगे</strong></p>
<p>यूजरनेम फीचर लागू होने के बाद कुछ परिस्थितियों में मोबाइल नंबर अपने-आप सामने नहीं आएगा। यानी जब किसी बड़े ग्रुप चैट में आपको जोड़ा जाएगा अथवा जब आप पहली बार किसी नए व्यक्ति से बातचीत शुरू करेंगे। ऐसी स्थिति में सामने वाले व्यक्ति को आपका यूजरनेम दिखाई देगा, जबकि मोबाइल नंबर तभी दिखाई देगा जब आप स्वयं उसे साझा करना चाहेंगे।</p>
<p><strong>तो क्या मोबाइल नंबर पूरी तरह गायब रहेगा</strong></p>
<p>इसका जवाब है नहीं। अगर आपने यूजरनेम बनाया है तो केवल नए व्यक्ति को आपका नंबर दिखाई नहीं देगा। हालांकि WhatsApp अकाउंट बनाने और उसे चलाने के लिए मोबाइल नंबर पहले की तरह अनिवार्य रहेगा। जिन लोगों के पास पहले से आपका नंबर सेव है, वे पहले की तरह ही आपसे चैट कर सकेंगे।</p>
<p><strong>जरूरी बात: अपराधी</strong><strong> इस फीचर का फायदा न उठाए, यह ध्यान रखना होगा</strong></p>
<p>साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ लंबे समय से यह मानते रहे हैं कि किसी भी ऐसे फीचर, जिसमें वास्तविक पहचान सीमित दिखाई देती हो, उसके साथ मजबूत वेरिफिकेशन और रिपोर्टिंग सिस्टम भी जरूरी होता है। WhatsApp पहले से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, टू-स्टेप वेरिफिकेशन, अकाउंट रिपोर्टिंग और स्पैम डिटेक्शन जैसे सुरक्षा फीचर उपलब्ध कराता है। अब सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि यूजरनेम फीचर भी इन्हीं सुरक्षा मानकों के अनुरूप हो और इसके जरिए साइबर अपराधियों को किसी तरह का अतिरिक्त फायदा न मिले।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक और ऑटाे</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 13:12:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
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                <title>राजकोट के ग्राहक का दावा: नई OLA शोरूम से निकलते ही उसे सर्विस सेंटर ले जाना पड़ा, 2 महीने से...</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ओला के स्कूटर और उनकी खराब सर्विस के बारे में कोई भी टिप्पणी करना समय की बर्बादी है, क्योंकि कंपनी के कई दावों के बावजूद, उसकी सर्विस बदतर होती गई है। लेकिन अब तो बिल्कुल नए स्कूटर भी खराब होने लगे हैं। वे शोरूम से निकलकर कुछ ही मीटर तक चलते हैं। एक बार बंद हो जाएं, तो फिर महीनों तक शुरू नहीं होते। बेचारे ग्राहकों को शोरूम और सर्विस सेंटर के बीच लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।</p>
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rushlane.com

<p>गुजरात के राजकोट से ओला स्कूटर में खराबी का एक नया वीडियो सामने आया है। एक ग्राहक ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/tech/rajkot-customer-claims-he-had-to-take-the-new-ola/article-2463"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-06/1313.webp" alt=""></a><br /><p>ओला के स्कूटर और उनकी खराब सर्विस के बारे में कोई भी टिप्पणी करना समय की बर्बादी है, क्योंकि कंपनी के कई दावों के बावजूद, उसकी सर्विस बदतर होती गई है। लेकिन अब तो बिल्कुल नए स्कूटर भी खराब होने लगे हैं। वे शोरूम से निकलकर कुछ ही मीटर तक चलते हैं। एक बार बंद हो जाएं, तो फिर महीनों तक शुरू नहीं होते। बेचारे ग्राहकों को शोरूम और सर्विस सेंटर के बीच लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-06/1121.webp" alt="1121" width="1280" height="720"></img>
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<p>गुजरात के राजकोट से ओला स्कूटर में खराबी का एक नया वीडियो सामने आया है। एक ग्राहक ने शोरूम से नई EV बाहर निकाली और वह सिर्फ एक किलोमीटर चलने के बाद ही बंद हो गई। शोरूम के कर्मचारी ने ग्राहक से कहा कि यह सिर्फ सॉफ्टवेयर अपडेट का मामला है, एक-दो घंटे का काम है, सर्विस सेंटर चले जाइए, वहां ठीक हो जाएगी।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-06/1215.webp" alt="1215" width="1280" height="720"></img>
rushlane.com

<p>जब बेचारा ग्राहक सर्विस सेंटर पहुंचा, तो स्कूटर तो शुरू नहीं हुआ, बल्कि एक के बाद एक नई समस्याएं सामने आने लगीं। ग्राहक के अनुसार, सर्विस सेंटर ने कहा कि सॉफ्टवेयर अपडेट में समय लगेगा और स्कूटर को यहीं सर्विस सेंटर पर रखना होगा। जब ग्राहक 7 दिन बाद फिर सर्विस सेंटर पहुंचा, तो उसे पता चला कि नए स्कूटर की मोटर में खराबी है। सर्विस सेंटर के स्टाफ ने कहा, 'स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध नहीं हैं, तो हम भी क्या कर सकते हैं? दो महीने बीत चुके हैं, और स्कूटर अभी भी बेकार हालत में पड़ा हुआ है।'</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-06/912.webp" alt="912" width="1280" height="720"></img>
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<p>वीडियो में साफ तौर पर 500 से अधिक स्कूटर कबाड़ की तरह पड़े हुए दिखाई दे रहे हैं। यह कोई पहला वीडियो नहीं है। पिछले अगस्त में, जमशेदपुर का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें असंख्य स्कूटरों पर धूल जमी हुई थी। वीडियो में एक व्यक्ति कहता है, 'भाविश अग्रवाल दुनिया की सबसे बड़ी फैक्ट्री बना रहे हैं। लेकिन यह तो स्कूटरों का कब्रिस्तान है।'</p>
<p>एक दूसरा व्यक्ति कहता है, 'ओला ने अपना नाम बहुत समझदारी से रखा है, क्योंकि यह लोगों को सिर्फ गोल-गोल घुमा रही है। सर्विस सेंटर पर 300-400 स्कूटर ऐसे ही पड़े हुए हैं।'</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-06/1019.webp" alt="1019" width="1280" height="720"></img>
rushlane.com

<p>ऐसा ही एक और वीडियो कुछ महीने पहले सूरत से सामने आया था। यदि आप ऑनलाइन 'ओला सर्विस' लिखकर खोजेंगे, तो आपकी स्क्रीन ऐसी खबरों से भर जाएगी। ओला अपने ग्राहकों को सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह भटकाने का काम कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक और ऑटाे</category>
                                    

                <link>https://hindi.khabarchhe.com/tech/rajkot-customer-claims-he-had-to-take-the-new-ola/article-2463</link>
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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 16:30:23 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>BYD ने शक्तिशाली EV कार डॉल्फिन लॉन्च की; 1000 किमी रेंज और पेट्रोल से भी चलेगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>इलेक्ट्रिक कारों को लेकर लोगों की एक बड़ी चिंता उनकी रेंज को लेकर होती है। अब, BYD ने इस रेंज की चिंता को दूर करने का फैसला किया है। कंपनी प्लग-इन हाइब्रिड तकनीक पर आधारित कार पेश कर रही है, जो 1000 किमी तक की रेंज प्रदान करेगी। कंपनी ने यूरोप के लिए ऐसी ही एक कार की घोषणा की है। आइए इसकी जानकारी जानते हैं।</p>
<p>BYD की नई तकनीक, DM-i, इन दिनों काफी चर्चा में है। कंपनी को उम्मीद है कि इस तकनीक की मदद से रेंज की चिंता दूर हो जाएगी। कंपनी भारत में भी इस तकनीक पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/tech/byd-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B6%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%80-ev-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%A1%E0%A5%89%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%AB%E0%A4%BF%E0%A4%A8-%E0%A4%B2%E0%A5%89%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%9A-%E0%A4%95%E0%A5%80--1000-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%9C-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%9A%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A5%80/article-2452"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-06/16141.webp" alt=""></a><br /><p>इलेक्ट्रिक कारों को लेकर लोगों की एक बड़ी चिंता उनकी रेंज को लेकर होती है। अब, BYD ने इस रेंज की चिंता को दूर करने का फैसला किया है। कंपनी प्लग-इन हाइब्रिड तकनीक पर आधारित कार पेश कर रही है, जो 1000 किमी तक की रेंज प्रदान करेगी। कंपनी ने यूरोप के लिए ऐसी ही एक कार की घोषणा की है। आइए इसकी जानकारी जानते हैं।</p>
<p>BYD की नई तकनीक, DM-i, इन दिनों काफी चर्चा में है। कंपनी को उम्मीद है कि इस तकनीक की मदद से रेंज की चिंता दूर हो जाएगी। कंपनी भारत में भी इस तकनीक पर आधारित कार लॉन्च करने की योजना बना रही है। फिलहाल, कंपनी ने Dolphin G DM-i प्लग-इन हाइब्रिड का अनावरण किया है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-06/17141.webp" alt="1714" width="1280" height="720"></img></p>
<p>यह हैचबैक यूरोपीय बाजार के लिए डिज़ाइन की गई है। BYD ने यूरोपीय बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस कार को डिज़ाइन किया है। कंपनी ने भारत के लिए भी इस तकनीक का उल्लेख किया है। इसका मतलब है कि BYD जल्द ही भारतीय बाजार में अपनी पहली हाइब्रिड कार लॉन्च कर सकती है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-06/15191.webp" alt="1519" width="1200" height="675"></img></p>
<p>Dolphin G DM-i की बात करें तो यह कार 4160 मिमी लंबी है। यह कार यूरोप में फॉक्सवैगन पोलो, रेनो क्लियो और टोयोटा यारिस के साथ सीधी प्रतिस्पर्धा करेगी। जहां अन्य प्रतिस्पर्धी माइल्ड हाइब्रिड या स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड सिस्टम प्रदान करते हैं, वहीं Dolphin G प्लग-इन हाइब्रिड सेटअप के साथ आएगी। जो EV जैसी ड्राइविंग चाहते हैं, लेकिन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना चाहते। इस कार की डिलीवरी 2026 के अंत तक यूरोप में शुरू होने की उम्मीद है। कार की कीमतों की अभी तक घोषणा नहीं की गई है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-06/2091.webp" alt="209" width="1280" height="720"></img></p>
<p>कंपनी 1000 किलोमीटर (621 मील) की रेंज का दावा करती है। यह यूरोप में उपलब्ध अधिकांश हैचबैक इलेक्ट्रिक कारों की तुलना में अधिक रेंज है। हालांकि, BYD ने अभी तक इस कार की सभी जानकारियां सार्वजनिक नहीं की हैं।</p>
<p>ब्रांड ने बताया है कि DM-i सिस्टम इलेक्ट्रिक ड्राइविंग को प्राथमिकता देता है, जिसमें पेट्रोल इंजन रेंज एक्सटेंडर के रूप में काम करता है, जिससे लंबी दूरी की यात्रा आसान हो जाती है। कंपनी Dolphin G DM-i में इसी सेटअप का उपयोग कर सकती है, जो 1.5-लीटर पेट्रोल इंजन द्वारा संचालित हो सकती है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-06/21111.webp" alt="2111" width="1280" height="720"></img></p>
<p>यह कार फ्रंट-माउंटेड इलेक्ट्रिक मोटर और BYD ब्लेड बैटरी तकनीक के साथ आएगी। कंपनी यह तकनीक Atto 2 DM-i में प्रदान करती है, जो विभिन्न वेरिएंट में 164 PS और 212 Nm पावर देती है। यदि रिपोर्टों पर विश्वास किया जाए, तो कंपनी इस कार का उत्पादन यूरोप में ही कर सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 19:01:07 +0530</pubDate>
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                <title>अब iPhone खरीदने के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ेंगे, Apple के CEO ने बताया कारण</title>
                                    <description><![CDATA[<p>टेक्नोलॉजी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Apple आने वाले समय में अपने उत्पादों की कीमतें बढ़ाने की योजना बना रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की अचानक बढ़ी मांग के कारण डिवाइसों में इस्तेमाल होने वाली मेमोरी चिप्स की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिसके चलते कंपनी के लिए यह फैसला लेना अनिवार्य हो गया है।</p>
<p>Apple के आउटगोइंग चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) टिम कुक ने 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' (WSJ) को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि मेमोरी चिप्स की मौजूदा स्थिति अब “असहनीय” हो गई है और कीमतों में बढ़ोतरी अब “अनिवार्य” है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/tech/now-you-will-have-to-pay-more-money-to-buy/article-2429"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-06/096.webp" alt=""></a><br /><p>टेक्नोलॉजी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Apple आने वाले समय में अपने उत्पादों की कीमतें बढ़ाने की योजना बना रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की अचानक बढ़ी मांग के कारण डिवाइसों में इस्तेमाल होने वाली मेमोरी चिप्स की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिसके चलते कंपनी के लिए यह फैसला लेना अनिवार्य हो गया है।</p>
<p>Apple के आउटगोइंग चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) टिम कुक ने 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' (WSJ) को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि मेमोरी चिप्स की मौजूदा स्थिति अब “असहनीय” हो गई है और कीमतों में बढ़ोतरी अब “अनिवार्य” है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह मूल्य वृद्धि कब से लागू होगी या किन उत्पादों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। सितंबर में लॉन्च होने वाले संभावित iPhone 18 पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा, यह भी अभी स्पष्ट नहीं है।</p>
<p>कुक ने आगे कहा, हम पर पड़ रहे इस भारी लागत बोझ को कम करने और ग्राहकों को उससे बचाने के लिए हमने भरपूर प्रयास किए, लेकिन अब स्थिति नियंत्रण से बाहर है। एक तरफ ग्राहकों को अधिक डिवाइस चाहिए और दूसरी तरफ सप्लाई कम है, जिसके कारण मेमोरी बनाने वाली कंपनियां भारी मूल्य वृद्धि कर रही हैं। उपभोक्ता उत्पादों के लिए मेमोरी की कीमतें और सप्लाई का फिर से सामान्य स्तर पर आना बेहद जरूरी है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-06/1013.webp" alt="1013" width="1280" height="720"></img></p>
<p>गौरतलब है कि Apple में 15 वर्षों तक CEO पद संभालने के बाद टिम कुक अगले सितंबर में सेवानिवृत्त हो रहे हैं और उनकी जगह जॉन टर्नस लेंगे।</p>
<p>AI की बढ़ती मांग: स्मार्टफोन और अन्य डिवाइसों के लिए मेमोरी चिप्स एक प्रमुख घटक हैं। AI फीचर्स को सपोर्ट करने के लिए अधिक शक्तिशाली चिप्स की आवश्यकता होती है, जिससे उनकी मांग और कीमत दोनों बढ़ गई हैं। अक्टूबर 2025 से अब तक RAM की कीमतें दोगुने से भी अधिक हो चुकी हैं।</p>
<p>ईरान युद्ध का प्रभाव: ईरान में चल रहे युद्ध के कारण सेमीकंडक्टर चिप्स बनाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हीलियम गैस की वैश्विक सप्लाई को बड़ा झटका लगा है, जिससे उत्पादन लागत भी बढ़ गई है।</p>
<p>रिसर्च फर्म 'Omdia' के स्मार्टफोन मार्केट विश्लेषक च्यू ले झुआन ने कहा कि Apple के नए फोन (iPhone 18) की कीमत iPhone 17 की तुलना में 150 डॉलर (लगभग ₹12,500 से ₹13,000) अधिक हो सकती है, क्योंकि कंपनी उसमें नए AI फीचर्स देने के लिए स्पेसिफिकेशन अपग्रेड करेगी।</p>
<p>Omdia की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 में वैश्विक स्तर पर स्मार्टफोन की औसत बिक्री कीमत में 20% तक की वृद्धि हो सकती है, जो अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा होगा। प्रॉफिट मार्जिन बचाने के लिए अधिकांश ब्रांड्स ने अभी से कीमतें बढ़ा दी हैं या ऑफर और डिस्काउंट कम कर दिए हैं।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-06/1211.webp" alt="1211" width="1280" height="720"></img></p>
<p>चिप निर्माण उद्योग में चल रहे इस संकट का असर अन्य दिग्गज कंपनियों पर भी पड़ रहा है:</p>
<p>TSMC: Apple, Nvidia और AMD जैसी कंपनियों के लिए सबसे उन्नत चिप्स बनाने वाली ताइवान की कंपनी TSMC ने भी बढ़ती महंगाई के कारण कीमतें बढ़ाने के संकेत दिए हैं।</p>
<p>Samsung ने भी साल की शुरुआत में चेतावनी दी थी कि मेमोरी चिप्स की कमी के कारण इलेक्ट्रॉनिक उपकरण महंगे होंगे।</p>
<p>Sony ने वैश्विक आर्थिक दबाव के कारण यूके और अमेरिका में अपने PlayStation 5 कंसोल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी की है। वहीं Nintendo ने भी बाजार की स्थिति का हवाला देते हुए सितंबर से अपने Switch 2 की कीमतें बढ़ाने की घोषणा की है।</p>
<p>पिछले सितंबर में लॉन्च हुई iPhone 17 सीरीज़ ग्राहकों के बीच बेहद लोकप्रिय रही है। चीन में मजबूत मांग के कारण 2026 के पहले तीन महीनों में Apple डिवाइसों की बिक्री में साल-दर-साल 17% की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि, लागत को संतुलित करने के लिए कंपनी ने इस साल की शुरुआत में अपने Mac mini कंप्यूटर के एंट्री-लेवल वेरिएंट को बंद करके उसकी शुरुआती कीमत में लगभग 200 डॉलर की बढ़ोतरी कर दी थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक और ऑटाे</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 18:22:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सबसे बड़ा दावा- AI नौकरियां नहीं छीनेगा, बल्कि नए रोजगार आएंगे और वर्कर्स की कमी हो जाएगी; इस दावे के पीछे क्या है वजह?</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>पेरिस। </strong>आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर दुनिया भर में एक बड़ी बहस चल रही है। कई लोगों को डर है कि आने वाले वर्षों में AI इंसानों की जगह ले लेगा और लाखों नौकरियां खत्म हो जाएंगी। लेकिन दुनिया के सबसे सफल उद्यमियों में शामिल अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस इस सोच से सहमत नहीं हैं। उनका मानना है कि AI रोजगार कम नहीं करेगा, बल्कि नई संभावनाएं पैदा करेगा और भविष्य में काम करने वालों की कमी यानी "लेबर शॉर्टेज" जैसी स्थिति भी बन सकती है।</p>
<p>पेरिस में आयोजित विवाटेक 2026 सम्मेलन में बोलते हुए बेजोस ने कहा कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/tech/the-biggest-claim-ai-will-not-take-away-jobs/article-2431"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-06/115.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पेरिस। </strong>आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर दुनिया भर में एक बड़ी बहस चल रही है। कई लोगों को डर है कि आने वाले वर्षों में AI इंसानों की जगह ले लेगा और लाखों नौकरियां खत्म हो जाएंगी। लेकिन दुनिया के सबसे सफल उद्यमियों में शामिल अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस इस सोच से सहमत नहीं हैं। उनका मानना है कि AI रोजगार कम नहीं करेगा, बल्कि नई संभावनाएं पैदा करेगा और भविष्य में काम करने वालों की कमी यानी "लेबर शॉर्टेज" जैसी स्थिति भी बन सकती है।</p>
<p>पेरिस में आयोजित विवाटेक 2026 सम्मेलन में बोलते हुए बेजोस ने कहा कि AI इंसानों की क्रिएटिविटी को बढ़ाने वाला एक शक्तिशाली उपकरण साबित होगा। इससे नई समस्याओं की पहचान करना और उनके समाधान ढूंढना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो जाएगा। उनका मानना है कि जब लोग ज्यादा समस्याओं को पहचान पाएंगे, तो उन्हें हल करने के लिए नए उत्पाद, नई सेवाएं और नए व्यवसाय भी सामने आएंगे। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और कुशल लोगों की मांग भी बढ़ेगी।</p>
<p><strong>जिन कामों में पहले काफी मेहनत लगती थी, AI उन्हें असान कर देगा</strong></p>
<p>बेजोस के मुताबिक AI उन कामों को आसान बना देगा जिनमें पहले काफी समय, संसाधन और मेहनत लगती थी। किसी नए बिजनेस की शुरुआत करना, नए उत्पाद विकसित करना या किसी नई तकनीक पर काम करना पहले से आसान हो जाएगा। इससे अधिक लोग उद्यमिता की ओर बढ़ेंगे और नए उद्योगों का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि हर बड़ी तकनीकी क्रांति के बाद रोजगार के नए क्षेत्र सामने आए हैं। औद्योगिक क्रांति के दौरान मशीनों ने कई काम बदले, लेकिन इसके साथ ही नए उद्योग और लाखों नौकरियां भी पैदा हुईं। इसी तरह इंटरनेट के आने से कई पारंपरिक काम प्रभावित हुए, लेकिन डिजिटल अर्थव्यवस्था ने नए रोजगार के दरवाजे खोल दिए। बेजोस का मानना है कि AI भी इसी दिशा में काम करेगा।</p>
<p><strong>फिर दुनियाभर में नौकरी जाने की चिंता क्यों बढ़ रही है?</strong></p>
<p>हालांकि बेजोस का नजरिया सकारात्मक है, लेकिन AI को लेकर चिंताएं भी कम नहीं हैं। पिछले कुछ महीनों में दुनिया की कई बड़ी कंपनियों ने ऑटोमेशन और AI आधारित सिस्टम अपनाने के बाद कर्मचारियों की संख्या घटाई है। कई रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि कुछ क्षेत्रों में AI इंसानी श्रम की जरूरत को कम कर सकता है। इसी वजह से दुनिया भर में कर्मचारी, सरकारें और विशेषज्ञ AI के रोजगार पर प्रभाव को लेकर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि बेजोस का कहना है कि शुरुआती बदलावों से कुछ चुनौतियां जरूर पैदा हो सकती हैं, लेकिन लंबी अवधि में AI आर्थिक विकास को गति देगा और रोजगार के नए अवसर तैयार करेगा।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-06/26.jpg" alt="2" width="1280" height="720"></img>
cnbc.com

<p><strong>'प्रोमेथियस' किस तरह से जटिल समस्याओं को हल करेगा</strong></p>
<p>सम्मेलन के दौरान बेजोस ने अपने नए AI स्टार्टअप "प्रोमेथियस" का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस वेंचर का उद्देश्य एक "आर्टिफिशियल जनरल इंजीनियर" विकसित करना है, जो जटिल तकनीकी समस्याओं को हल करने में मदद कर सके। बेजोस का मानना है कि ऐसी तकनीक इनोवेशन की गति को कई गुना बढ़ा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि सोचने और बनाने की प्रक्रिया को तेज किया जा सके, तो ऐसे विचारों को भी हकीकत में बदला जा सकेगा जिन्हें आज असंभव माना जाता है। उनके अनुसार, भविष्य में इंसानों की सबसे बड़ी सीमा उनकी तकनीकी क्षमता नहीं बल्कि उनकी कल्पनाशक्ति होगी।</p>
<p><strong>लेकिन AI के विस्तार से पानी और बिजली की चुनौती सामने आएगी</strong></p>
<p>AI की बढ़ती ताकत के साथ उसके इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतें भी तेजी से बढ़ रही हैं। बेजोस ने इस मुद्दे पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि AI सिस्टम को चलाने वाले बड़े डेटा सेंटर्स को भारी मात्रा में बिजली और कूलिंग संसाधनों की जरूरत होती है। उनके मुताबिक, यदि दुनिया AI की पूरी क्षमता का लाभ उठाना चाहती है तो उसे इन संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि पानी और कूलिंग सुविधाओं की कमी भविष्य में AI के विकास की गति को प्रभावित कर सकती है। बेजोस ने यह भी तर्क दिया कि उन्नत AI भविष्य में संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और कई वैश्विक समस्याओं के समाधान में मदद कर सकता है। </p>
<p><strong>AI और रोजगार पर क्या कहते हैं विशेषज्ञ?</strong></p>
<ul>
<li>AI दोहराव वाले और नियमित कामों को ऑटोमेट कर सकता है।</li>
<li>नई तकनीक के साथ डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी, AI डेवलपमेंट और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में नौकरियों की मांग बढ़ रही है।</li>
<li>कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का मानना है कि भविष्य में लोगों को नई स्किल्स सीखने की जरूरत पड़ेगी।</li>
<li>विशेषज्ञों के अनुसार AI का प्रभाव अलग-अलग उद्योगों में अलग हो सकता है।</li>
</ul>
<p><strong>चांद पर बसावट का सपना भी दोहराया</strong></p>
<p>AI के अलावा बेजोस ने अंतरिक्ष को लेकर अपनी दीर्घकालिक योजना भी साझा की। उन्होंने कहा कि इंसानों का भविष्य केवल पृथ्वी तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उनके अनुसार चंद्रमा पर स्थायी मानव बस्तियां बसाना अंतरिक्ष विस्तार की दिशा में पहला बड़ा कदम होगा। <br />उन्होंने कहा कि चंद्रमा पर मौजूद संसाधन और वहां से कम लागत में लॉन्चिंग की संभावना भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों को नई दिशा दे सकती है। बेजोस का मानना है कि चंद्रमा पर होने वाले शोध और विकास कार्य आगे चलकर मंगल ग्रह और अन्य स्थानों पर मानव बस्तियां बसाने का रास्ता भी तैयार करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक और ऑटाे</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 12:52:22 +0530</pubDate>
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                <title> क्या E20 पेट्रोल की वजह से टंकी पर चींटियां? वायरल वीडियो पर BPCL ने दी सफाई, बताया पूरा सच</title>
                                    <description><![CDATA[<p>E20 पेट्रोल से संबंधित एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें दावा किया गया है कि इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल के कारण चींटियां वाहनों के पेट्रोल भरने वाले ढक्कन के आसपास इकट्ठी हो जाती हैं। यह खबर तेजी से हजारों लोगों तक पहुंच गई और कई वाहन मालिकों के मन में सवाल भी उठने लगे। लेकिन क्या वास्तव में E20 पेट्रोल में ऐसा कुछ है जो चींटियों को आकर्षित करता है? या फिर यह सिर्फ एक और वायरल अफवाह है? BPCL ने अब इस मुद्दे पर वैज्ञानिक तथ्यों के साथ प्रतिक्रिया दी है और स्पष्ट रूप</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/tech/%C2%A0%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE-e20-%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B5%E0%A4%9C%E0%A4%B9-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%9F%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%9A%E0%A5%80%E0%A4%82%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82--%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%B0%E0%A4%B2-%E0%A4%B5%E0%A5%80%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-bpcl-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%88--%E0%A4%AC%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%9A/article-2415"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-06/e20-petrol-ants.webp" alt=""></a><br /><p>E20 पेट्रोल से संबंधित एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें दावा किया गया है कि इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल के कारण चींटियां वाहनों के पेट्रोल भरने वाले ढक्कन के आसपास इकट्ठी हो जाती हैं। यह खबर तेजी से हजारों लोगों तक पहुंच गई और कई वाहन मालिकों के मन में सवाल भी उठने लगे। लेकिन क्या वास्तव में E20 पेट्रोल में ऐसा कुछ है जो चींटियों को आकर्षित करता है? या फिर यह सिर्फ एक और वायरल अफवाह है? BPCL ने अब इस मुद्दे पर वैज्ञानिक तथ्यों के साथ प्रतिक्रिया दी है और स्पष्ट रूप से कहा है कि E20 पेट्रोल को चींटियों से जोड़ने वाले दावों का कोई आधार नहीं है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-06/e20-petrol-ants1.webp" alt="e20-petrol-ants1" width="1280" height="720"></img>
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<p>हाल ही में, E100 ईंधन को कानूनी मंजूरी मिलने के बाद सोशल मीडिया पर इथेनॉल मिश्रण को लेकर विभिन्न पोस्ट दिखाई देने लगीं। ऐसे ही एक वीडियो में दावा किया गया था कि इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल या E20 ईंधन के उपयोग के कारण चींटियां पेट्रोल भरने वाले ढक्कन के आसपास इकट्ठी हो रही हैं। लोगों के ऐसा मानने का कारण यह था कि वे सोचते हैं कि इथेनॉल गन्ने से बनाया जाता है। देखते ही देखते यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया।</p>
<p>ऐसा कहा जा रहा है कि जिन वाहनों में E20 पेट्रोल का उपयोग किया जाता है, उनके पेट्रोल भरने वाले ढक्कन के आसपास चींटियां इकट्ठी हो रही हैं। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने अब इस दावे का जवाब दिया है और इसे पूरी तरह से गलत बताया है।</p>
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<p>BPCL ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर फैल रहे दावों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। BPCL के अनुसार, पेट्रोल में मिलाया जाने वाला फ्यूल-ग्रेड इथेनॉल एक विशेष प्रक्रिया के माध्यम से तैयार किया जाता है। इसे किण्वन (फर्मेंटेशन) और डिस्टिलेशन तकनीक का उपयोग करके बनाया जाता है, जिसके कारण अंतिम उत्पाद में किसी भी प्रकार की चीनी नहीं बचती।</p>
<p>कंपनी ने बताया कि फ्यूल इथेनॉल में डिनैचुरेंट्स मिलाए जाते हैं, जो कीटों और जीव-जंतुओं को दूर रखने का काम करते हैं। इसलिए, इथेनॉल में ऐसे कोई तत्व नहीं होते जो चींटियों को आकर्षित कर सकें। BPCL के अनुसार, जब इथेनॉल को पेट्रोल के साथ मिलाया जाता है, तो पेट्रोल की हाइड्रोकार्बन आधारित गंध प्रमुख रहती है। इथेनॉल की कोई अलग गंध चींटियों या अन्य कीटों को आकर्षित करने के लिए इतनी तीव्र नहीं होती।</p>
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<p>कंपनी ने यह भी कहा कि इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल पारंपरिक पेट्रोल की तुलना में कम ईंधन वाष्प उत्पन्न करता है। इसलिए, चींटियों के वाहन के पेट्रोल भरने वाले ढक्कन के आसपास इकट्ठा होने का कोई कारण नहीं है। BPCL ने स्पष्ट रूप से कहा है कि E20 पेट्रोल और चींटियों के बीच किसी संबंध को साबित करने वाला कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। कंपनी का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैल रहे ऐसे दावे पूरी तरह से निराधार हैं और लोगों को उन पर विश्वास नहीं करना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक और ऑटाे</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 12:17:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ओला के साथ आखिर क्या हुआ? ₹53,000 करोड़ की कंपनी का वैल्यूएशन 99% तक लुढ़का</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अब ओला के लिए समय कठिन है। कंपनी ईवी स्कूटर बिक्री में TVS, Bajaj और Ather से काफी पीछे जा चुकी है। कई वादों के बावजूद उसके सर्विस सेंटर सूरत से लेकर जमशेदपुर तक स्कूटरों के कब्रिस्तान बन गए हैं। लेकिन अब कंपनी के मूल्यांकन में भी भारी गिरावट देखने को मिली है। उसका बाजार मूल्य 99 प्रतिशत घट गया है। कुछ साल पहले $7.3 बिलियन के मूल्यांकन के साथ देश के सबसे मूल्यवान स्टार्टअप्स में से एक रही कंपनी का मूल्य अब घटकर $70 मिलियन रह गया है।</p>
<p>अमेरिका स्थित एसेट मैनेजमेंट फर्म वैनगार्ड ने यूएस सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/tech/what-happened-to-ola-the-valuation-of-the-%E2%82%B953000-crore/article-2404"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-06/ola.webp" alt=""></a><br /><p>अब ओला के लिए समय कठिन है। कंपनी ईवी स्कूटर बिक्री में TVS, Bajaj और Ather से काफी पीछे जा चुकी है। कई वादों के बावजूद उसके सर्विस सेंटर सूरत से लेकर जमशेदपुर तक स्कूटरों के कब्रिस्तान बन गए हैं। लेकिन अब कंपनी के मूल्यांकन में भी भारी गिरावट देखने को मिली है। उसका बाजार मूल्य 99 प्रतिशत घट गया है। कुछ साल पहले $7.3 बिलियन के मूल्यांकन के साथ देश के सबसे मूल्यवान स्टार्टअप्स में से एक रही कंपनी का मूल्य अब घटकर $70 मिलियन रह गया है।</p>
<p>अमेरिका स्थित एसेट मैनेजमेंट फर्म वैनगार्ड ने यूएस सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) में दाखिल रिपोर्ट में खुलासा किया है कि उसने राइड-हेलिंग कंपनी ओला कंज्यूमर का मूल्यांकन घटाकर लगभग $70.3 मिलियन कर दिया है। यह मूल्यांकन ओला में वैनगार्ड की लगभग $728,000 की हिस्सेदारी पर आधारित है। वैनगार्ड ने 2015 में कंपनी में लगभग $51.7 मिलियन का निवेश किया था, जब ओला का मूल्य लगभग $5 बिलियन था। उसकी हिस्सेदारी के नवीनतम मूल्यांकन के आधार पर, ओला का मूल्य उस स्तर से लगभग 99 प्रतिशत गिर गया है जिस पर वैनगार्ड ने प्रारंभ में निवेश किया था।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-06/ola1.webp" alt="ola1" width="1280" height="720"></img>
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<p>यह पहली बार नहीं है जब वैनगार्ड ने एक समय भारत के एलन मस्क कहे जाने वाले भाविश अग्रवाल की कंपनी का मूल्यांकन घटाया हो। एंट्रेकर की रिपोर्ट के अनुसार, मैनेजमेंट फर्म ने पहले 2024 में मूल्यांकन घटाकर $1.88 बिलियन और 2025 में $1.25 बिलियन कर दिया था। जैसा कि हमने पहले बताया, 2021 में जब ओला पूरी रफ्तार में थी, तब उसका मूल्यांकन लगभग $7.3 बिलियन यानी ₹53,000 करोड़ था। आज की तारीख के हिसाब से यह आंकड़ा ₹670 करोड़ रह गया है।</p>
<p>हालांकि, यहां एक बात ध्यान में रखना जरूरी है। म्यूचुअल फंड और एसेट मैनेजमेंट कंपनियों द्वारा अपनी निजी संपत्तियों को दिए गए मूल्यांकन किसी कंपनी के वास्तविक बाजार मूल्य को पूरी तरह नहीं दर्शाते। ऐसे मूल्यांकन आंतरिक पद्धतियों, लिक्विडिटी डिस्काउंट, बाजार की स्थितियों और अन्य मान्यताओं से प्रभावित हो सकते हैं। ओला ने एंट्रेकर की रिपोर्ट पर कोई बयान जारी नहीं किया है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-06/ola2.webp" alt="ola2" width="1280" height="720"></img>
olaelectric.com

<p>मूल्यांकन में यह गिरावट ऐसे समय हुई है जब कंपनी अपना IPO लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी की परिचालन आय 42 प्रतिशत घटकर ₹1,171 करोड़ रह गई, जो पिछले वित्त वर्ष में ₹2,012 करोड़ थी। उसका शुद्ध घाटा भी ₹329 करोड़ से बढ़कर ₹662 करोड़ हो गया है। कंपनी को सड़क पर उबर और रैपिडो जैसे प्रतिस्पर्धियों से कड़ी चुनौती मिल रही है। विनफास्ट जैसी इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों ने भी टैक्सी कारोबार में प्रवेश कर लिया है। ओला के लिए आगे का रास्ता धुंधला नजर आ रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक और ऑटाे</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 20:32:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हीरो ने लॉन्च की नई सुपर स्प्लेंडर XTEC 2.0, कंपनी ने कहा- 72 kmpl का माइलेज देगी, कीमत भी कम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हीरो मोटोकॉर्प ने अपनी लंबे समय से लोकप्रिय 125cc प्रीमियम कम्यूटर मोटरसाइकिल का नया अपडेटेड वर्जन Super Splendor XTEC 2.0 भारतीय बाजार में लॉन्च किया है। दिल्ली में इसकी एक्स-शोरूम कीमत ₹86,500 तय की गई है। इस नए अपडेट में ब्लूटूथ कनेक्टिविटी के साथ नया डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, यूएसबी टाइप-सी चार्जिंग पोर्ट, हेजार्ड लाइट्स (Hazard Lights) और पहले से ज्यादा माइलेज का दावा किया गया है।</p>
<p><strong>पावरफुल इंजन और शानदार माइलेज</strong></p>
<p>इस मोटरसाइकिल में पहले जैसा ही भरोसेमंद 124.7cc सिंगल-सिलेंडर इंजन दिया गया है, जो 7,500 rpm पर 10.7 bhp की पावर और 6,000 rpm पर 10.6 Nm का टॉर्क</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/tech/6a17ec1747a5b/article-2304"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/1314.webp" alt=""></a><br /><p>हीरो मोटोकॉर्प ने अपनी लंबे समय से लोकप्रिय 125cc प्रीमियम कम्यूटर मोटरसाइकिल का नया अपडेटेड वर्जन Super Splendor XTEC 2.0 भारतीय बाजार में लॉन्च किया है। दिल्ली में इसकी एक्स-शोरूम कीमत ₹86,500 तय की गई है। इस नए अपडेट में ब्लूटूथ कनेक्टिविटी के साथ नया डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, यूएसबी टाइप-सी चार्जिंग पोर्ट, हेजार्ड लाइट्स (Hazard Lights) और पहले से ज्यादा माइलेज का दावा किया गया है।</p>
<p><strong>पावरफुल इंजन और शानदार माइलेज</strong></p>
<p>इस मोटरसाइकिल में पहले जैसा ही भरोसेमंद 124.7cc सिंगल-सिलेंडर इंजन दिया गया है, जो 7,500 rpm पर 10.7 bhp की पावर और 6,000 rpm पर 10.6 Nm का टॉर्क जनरेट करता है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/1216.webp" alt="1216" width="1280" height="720"></img></p>
<p>XTEC 2.0 की सबसे बड़ी खासियत इसका माइलेज है। कंपनी का दावा है कि यह बाइक 72 किलोमीटर प्रति लीटर (kmpl) का शानदार माइलेज देती है। इसके लिए बाइक में एडवांस्ड प्रोग्राम्ड फ्यूल इंजेक्शन (APFI) टेक्नोलॉजी और हीरो की प्रसिद्ध i3s (आइडल-स्टार्ट-स्टॉप) सिस्टम दी गई है, जो ट्रैफिक में इंजन को अपने आप बंद और चालू करके पेट्रोल बचाती है।</p>
<p><strong>आधुनिक फीचर्स से लैस</strong></p>
<p>इस बाइक में इंटीग्रेटेड स्टार्टर जनरेटर (ISG) सिस्टम दिया गया है, जिससे इंजन बिना किसी आवाज़ (साइलेंट) के स्टार्ट होता है और ट्रैफिक में भी बाइक स्मूदली चल पड़ती है।</p>
<p>टेक्नोलॉजी की बात करें तो, इसमें फुल डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर के साथ ब्लूटूथ कनेक्टिविटी मिलती है। इस फीचर की मदद से राइडर को डिस्प्ले पर ही कॉल और एसएमएस अलर्ट, कॉलर आईडी (फोन करने वाले का नाम) और फोन की बैटरी की जानकारी मिल जाएगी। इसके अलावा, स्क्रीन पर रियल-टाइम माइलेज (बाइक चलते समय कितना माइलेज दे रही है) और लो-फ्यूल वार्निंग (पेट्रोल कम होने की चेतावनी) भी देखी जा सकेगी। यात्रा के दौरान स्मार्टफोन चार्ज करने और नेविगेशन इस्तेमाल करने के लिए इसमें 2A USB टाइप-सी चार्जिंग पोर्ट भी दिया गया है।</p>
<p><strong>सुरक्षा में बढ़ोतरी</strong></p>
<p>सुपर स्प्लेंडर सीरीज में पहली बार XTEC 2.0 वेरिएंट में हेजार्ड लाइट्स (Hazard Lights) दी गई हैं, जो आपात स्थिति या खराब मौसम में बाइक की विजिबिलिटी (दृश्यता) बढ़ाती हैं। सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए इस बाइक में स्टैंडर्ड फ्रंट डिस्क ब्रेक और हैंडलबार पर ही इंजन किल स्विच दिया गया है।</p>
<p><strong><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/1116.webp" alt="1116" width="1280" height="720"></img></strong></p>
<p><strong>नया लुक और आकर्षक कलर्स</strong></p>
<p>लुक की बात करें तो, XTEC 2.0 में कई कॉस्मेटिक बदलाव किए गए हैं। बाइक को नया लुक देने के लिए नई बैजिंग, ड्यूल-टोन ग्राफिक्स, 3D एम्बलम (लोगो), स्टिच्ड ड्यूल-टेक्सचर सीट (आकर्षक सिलाई वाली सीट) और व्हील्स पर रिम टेप दिया गया है।</p>
<p><strong>ग्राहकों के लिए यह मोटरसाइकिल 5 कलर ऑप्शंस में उपलब्ध होगी:</strong></p>
<p>ग्लॉसी ब्लैक (Glossy Black)</p>
<p>कैंडी ब्लेजिंग रेड (Candy Blazing Red)</p>
<p>मैट एक्सिस ग्रे (Matt Axis Grey)</p>
<p>मैट नेक्सस ब्लू (Matt Nexus Blue)</p>
<p>मैट चेस्टनट ब्राउन (Matt Chestnut Brown)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक और ऑटाे</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 20:29:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्या वाकई में अब एआई से नौकरियों पर खतरा नहीं, टेक लीडर्स अपनी ही बातों से पलटे, बोले- AI इंसानों की जगह नहीं ले सकता</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर लंबे समय से यह आशंका जताई जा रही थी कि आने वाले वर्षों में यह तकनीक बड़ी संख्या में नौकरियां खत्म कर देगी। हालांकि ओपन एआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन का कहना है कि फिलहाल ऐसी कोई संभावना नहीं दिख रही है। उनका मानना है कि एआई काम करने के तरीके जरूर बदल रहा है, लेकिन रोजगार में इंसानी भूमिका को पूरी तरह खत्म करना संभव नहीं है।<br />दरअसल, सिडनी में आयोजित कॉमनवेल्थ बैंक ऑफ अमेरिका (CBA) की एक कॉन्फ्रेंस में वर्चुअली शामिल हुए ऑल्टमैन ने कहा कि शुरुआती दौर में उन्हें डर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/tech/is-ai-really-no-longer-a-threat-to-jobs-tech/article-2299"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/116.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर लंबे समय से यह आशंका जताई जा रही थी कि आने वाले वर्षों में यह तकनीक बड़ी संख्या में नौकरियां खत्म कर देगी। हालांकि ओपन एआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन का कहना है कि फिलहाल ऐसी कोई संभावना नहीं दिख रही है। उनका मानना है कि एआई काम करने के तरीके जरूर बदल रहा है, लेकिन रोजगार में इंसानी भूमिका को पूरी तरह खत्म करना संभव नहीं है।<br />दरअसल, सिडनी में आयोजित कॉमनवेल्थ बैंक ऑफ अमेरिका (CBA) की एक कॉन्फ्रेंस में वर्चुअली शामिल हुए ऑल्टमैन ने कहा कि शुरुआती दौर में उन्हें डर था कि एआई सबसे पहले एंट्री-लेवल व्हाइट कॉलर नौकरियों को प्रभावित करेगा, लेकिन अब तक बड़े पैमाने पर ऐसा देखने को नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि इस मामले में गलत साबित होने पर उन्हें खुशी है। </p>
<p><strong>सोशल और आर्थिक असर को लेकर हमारी भविष्यवाणी गलत रही</strong></p>
<p>अपने इंटरव्यू में ऑल्टमैन ने कहा कि जब 2022 में OpenAI ने ChatGPT लॉन्च किया था, तब कंपनी ने तकनीकी प्रगति को लेकर कई अनुमान लगाए थे। उनके मुताबिक, तकनीकी भविष्यवाणियां काफी हद तक सही साबित हुईं, लेकिन एआई के सामाजिक और आर्थिक प्रभावों को लेकर उनकी सोच पूरी तरह सही नहीं निकली। ऑल्टमैन ने कहा, ‘मुझे लगा था कि अब तक एंट्री-लेवल व्हाइट कॉलर जॉब्स बड़े पैमाने पर खत्म हो चुकी होंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब मैं बेहतर तरीके से समझ पा रहा हूं कि ऐसा क्यों नहीं हुआ और मैं इसके लिए आभारी हूं।’</p>
<p><strong>…लेकिन भविष्य में खतरा बरकरार रहेगा</strong></p>
<p>उन्होंने माना कि उस समय एआई से रोजगार पर असर का खतरा उन्हें वास्तविक लगा था, इसलिए उस पर सार्वजनिक रूप से चर्चा करना जरूरी था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में यह जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। बता दें कि दुनिया की कई बड़ी कंपनियां पहले ही एआई आधारित ऑटोमेशन को अपनाने लगी हैं। दुनिया के दिग्गज बैंक और बड़ी कपंनियां यह घोषणा कर चुकी हैं कि कुछ भूमिकाओं में एआई का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है। इसके बावजूद ऑल्टमैन का कहना है कि नौकरियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ऐसा है, जिसमें इंसानी संवाद, भरोसा और व्यक्तिगत जुड़ाव जरूरी होता है। इसे एआई पूरी तरह रिप्लेस नहीं कर सकता।</p>
<p>उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ समय तक वे ईमेल मैसेज का जवाब देने के लिए एआई का इस्तेमाल कर रहे थे। उस दौरान जवाब में ‘यह सैम का AI है’ लिखा होता था। बाद में उन्होंने महसूस किया कि लोग सीधे इंसान से संवाद को अधिक महत्व देते हैं, इसलिए वे खुद जवाब देने लगे। ऑल्टमैन</p>
<p>ने कहा कि लोगों के साथ बातचीत करना उनके काम और समय का बड़ा हिस्सा है और वे भविष्य में इसे एआई को पूरी तरह सौंपने की कल्पना भी नहीं कर सकते।</p>
<p><strong>एआई रोजगार के स्वरूप को जरूर बदल देगा</strong></p>
<p>ऑल्टमैन के मुताबिक एआई आने वाले समय में रोजगार के स्वरूप को जरूर बदलेगा, लेकिन इसका असर पारंपरिक आशंकाओं से अलग होगा। उन्होंने कहा कि सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही तरह से यह स्पष्ट है कि भविष्य की नौकरियां आज की कल्पना से काफी अलग होंगी। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि दुनिया में ऐसा कोई बड़ा रोजगार संकट आएगा, जैसा कुछ टेक कंपनियां दावा करती रही हैं।</p>
<p><strong>ओपन एआई आईपीओ लाने की तैयारी में</strong></p>
<p>एक रिपोर्ट के अनुसार, ओपनएआई आने वाले हफ्तों में अमेरिका में आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी 1 ट्रिलियन डॉलर तक की वैल्यूएशन का लक्ष्य रख सकती है और कम से कम 60 बिलियन डॉलर जुटाने की योजना बना सकती है। हालांकि कंपनी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।</p>
<p><strong>तो क्या दुनिया से गंभीर आर्थिक संकट टल गया है?</strong></p>
<p> ‘जॉब्स एपोकैलिप्स’ उस आशंका को कहा जाता है, जिसके तहत माना जा रहा था कि एआई और ऑटोमेशन के कारण दुनिया भर में बड़े पैमाने पर इंसानी नौकरियां खत्म हो जाएंगी और गंभीर आर्थिक संकट पैदा होगा। हालांकि अब कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि एआई नौकरियां पूरी तरह खत्म करने के बजाय काम करने के तरीकों और स्किल्स की जरूरत को बदल रहा है। नई तकनीक के साथ नई भूमिकाएं और नई तरह की नौकरियां भी सामने आ रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक और ऑटाे</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 13:56:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूर्या मिधा... 22 साल की उम्र में अरबपति बने, कंपनी शुरू कर 20000 करोड़ जुटाए, जुकरबर्ग को पीछे छोड़ा!</title>
                                    <description><![CDATA[<p>22 साल की उम्र में ज़्यादातर लड़के कॉलेज पूरा करने के बाद अपनी पहली नौकरी ढूंढने या अपना करियर बनाने में बिज़ी रहते हैं। लेकिन भारतीय मूल के सूर्या मिधा ने वो कर दिखाया है जो मार्क ज़करबर्ग ने किया था। फ़र्क सिर्फ़ इतना है कि उन्होंने ज़करबर्ग से कम उम्र में यह कामयाबी हासिल करके एक अलग रिकॉर्ड बनाया है। फ़ोर्ब्स 2026 अरबपतियों की लिस्ट में सूर्या मिधा को दुनिया के सबसे कम उम्र के सेल्फ़-मेड अरबपतियों में शामिल किया गया है। उनकी कुल दौलत लगभग 2.2 बिलियन डॉलर या लगभग 18,000 करोड़ रुपये आंकी गई है।</p>
<p>सबसे दिलचस्प</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/tech/surya-midha-became-a-billionaire-at-the-age-of-22/article-2222"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/surya-midha.webp" alt=""></a><br /><p>22 साल की उम्र में ज़्यादातर लड़के कॉलेज पूरा करने के बाद अपनी पहली नौकरी ढूंढने या अपना करियर बनाने में बिज़ी रहते हैं। लेकिन भारतीय मूल के सूर्या मिधा ने वो कर दिखाया है जो मार्क ज़करबर्ग ने किया था। फ़र्क सिर्फ़ इतना है कि उन्होंने ज़करबर्ग से कम उम्र में यह कामयाबी हासिल करके एक अलग रिकॉर्ड बनाया है। फ़ोर्ब्स 2026 अरबपतियों की लिस्ट में सूर्या मिधा को दुनिया के सबसे कम उम्र के सेल्फ़-मेड अरबपतियों में शामिल किया गया है। उनकी कुल दौलत लगभग 2.2 बिलियन डॉलर या लगभग 18,000 करोड़ रुपये आंकी गई है।</p>
<p>सबसे दिलचस्प बात यह है कि उन्हें यह दौलत किसी फ़ैमिली बिज़नेस या विरासत से नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में बनाई गई अपनी कंपनी से मिली है। सूर्य मिधा की कहानी सिलिकॉन वैली में एक नए दौर को दिखाती है, जहाँ AI सिर्फ़ एक टेक्नोलॉजी नहीं बल्कि एक नई अरबों डॉलर की मशीन बन गई है। अलेक्जेंडर वोंग भी इसका एक उदाहरण हैं। 29 साल की उम्र में उनकी नेट वर्थ करीब 30,000 करोड़ रुपये है, और यह सिर्फ AI की वजह से मुमकिन हो पाया है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/surya-midha1.webp" alt="surya-midha1" width="1280" height="720"></img>
news18.com

<p>सूर्या मिधा ने अपने दोस्तों ब्रेंडन फूडी और आदर्श हिरेमथ के साथ मिलकर मर्कोर नाम की एक कंपनी शुरू की। यह कंपनी किसी आम रिक्रूटमेंट एजेंसी की तरह काम नहीं करती। इसका पूरा सिस्टम AI पर चलता है। सीधे शब्दों में कहें तो, मर्कोर उन कंपनियों के लिए लोग ढूंढती है जहां वे AI मॉडल को ट्रेन कर सकें, रिसर्च कर सकें या टेक्निकल काम कर सकें। बड़ी AI लैब और टेक कंपनियां अब इस तरह के टैलेंट की तलाश में हैं।</p>
<p>AI बूम के बाद, दुनिया भर की हजारों कंपनियों को अचानक ऐसे लोगों की ज़रूरत पड़ी जो मशीन लर्निंग, डेटा ट्रेनिंग और AI सिस्टम को समझते हों। मर्कोर ने इस ज़रूरत को एक बिज़नेस में बदल दिया। कंपनी खुद लोगों का इंटरव्यू लेने, उनकी स्किल्स को टेस्ट करने और फिर उन्हें सही कंपनियों से मैच करने के लिए AI का इस्तेमाल करती है। यह मॉडल इतनी तेज़ी से बढ़ा कि कुछ ही सालों में कंपनी की वैल्यू $10 बिलियन तक पहुंच गई।</p>
<p>फोर्ब्स के मुताबिक, मर्कोर का सालाना रेवेन्यू भी बहुत तेज़ी से बढ़ा। मार्च 2025 में कंपनी का सालाना रेवेन्यू करीब $100 मिलियन था, लेकिन सितंबर तक यह आंकड़ा $500 मिलियन तक पहुंच गया था। AI इंडस्ट्री में बहुत कम कंपनियों ने इतनी तेजी से ग्रोथ हासिल की है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/surya-midha3.webp" alt="surya-midha3" width="1280" height="720"></img>
hindi.news24online.com

<p>यही वजह है कि इन्वेस्टर्स ने इस कंपनी में भारी इन्वेस्ट किया। बेंचमार्क, फेलिस और जनरल कैटालिस्ट जैसे बड़े इन्वेस्टर्स ने मर्कोर में इन्वेस्ट किया। उसके बाद कंपनी की वैल्यू आसमान छूने लगी और तीनों दोस्त अरबपति बन गए।</p>
<p>सूर्या मिधा की कहानी इसलिए भी खास मानी जाती है क्योंकि उन्होंने मार्क जुकरबर्ग का रिकॉर्ड तोड़ा। जुकरबर्ग 23 साल की उम्र में अरबपति बन गए थे, लेकिन सूर्या सिर्फ 22 साल की उम्र में इस क्लब में पहुंचे। फोर्ब्स ने उन्हें सबसे कम उम्र का सेल्फ-मेड अरबपति बताया है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/surya-midha2.webp" alt="surya-midha2" width="1280" height="720"></img>
ndtv.in

<p>दिलचस्प बात यह है कि सूर्या और उनके को-फाउंडर्स ट्रेडिशनल कॉर्पोरेट बैकग्राउंड से नहीं आए थे। वे एक डिबेट टीम के दोस्त थे और उन्होंने कॉलेज ड्रॉपआउट का रास्ता चुना। यह सिलिकॉन वैली में एक नया ट्रेंड बन रहा है, जहां युवा फाउंडर्स AI स्टार्टअप बना रहे हैं और कुछ ही सालों में बड़ी कंपनियों को चुनौती दे रहे हैं।</p>
<p>आज, AI सिर्फ़ ChatGPT या फ़ोटो एडिटिंग तक सीमित नहीं है। इसका इस्तेमाल रिक्रूटमेंट, कोडिंग, हेल्थकेयर, फ़ाइनेंस और एजुकेशन जैसे एरिया में तेज़ी से बढ़ रहा है। इसी लहर पर सवार होकर, Mercor जैसी कंपनियाँ मल्टी-बिलियन डॉलर की बड़ी कंपनियां बन रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक और ऑटाे</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 15:46:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>₹7999 में मिलिट्री-ग्रेड मजबूती वाला नया फोन पेश; 5000mAh बैटरी और 90Hz डिस्प्ले जैसे प्रीमियम फीचर्स से है भरपूर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>क्या आप भी बजट सेगमेंट में नया फोन खरीदने का सोच रहे हैं? अगर हां, तो Itel ने आपके लिए एक नया स्मार्टफोन पेश किया है, जिसका नाम है ‘Itel A100C New’। कंपनी का दावा है कि यह फोन भारत में उपलब्ध सबसे सस्ते स्मार्टफोन्स में से एक है। इस फोन में आकर्षक डिजाइन, शानदार बिल्ड क्वालिटी और बड़ी डिस्प्ले के साथ कई खास फीचर्स मिलते हैं।</p>
<p>यह फोन खासतौर पर उन यूजर्स को ध्यान में रखकर लॉन्च किया गया है जो कम कीमत में भरोसेमंद स्मार्टफोन तलाश रहे हैं। खास बात यह है कि कंपनी ने इस डिवाइस की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/tech/-draft--add-your-title/article-2191"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/itel.webp" alt=""></a><br /><p>क्या आप भी बजट सेगमेंट में नया फोन खरीदने का सोच रहे हैं? अगर हां, तो Itel ने आपके लिए एक नया स्मार्टफोन पेश किया है, जिसका नाम है ‘Itel A100C New’। कंपनी का दावा है कि यह फोन भारत में उपलब्ध सबसे सस्ते स्मार्टफोन्स में से एक है। इस फोन में आकर्षक डिजाइन, शानदार बिल्ड क्वालिटी और बड़ी डिस्प्ले के साथ कई खास फीचर्स मिलते हैं।</p>
<p>यह फोन खासतौर पर उन यूजर्स को ध्यान में रखकर लॉन्च किया गया है जो कम कीमत में भरोसेमंद स्मार्टफोन तलाश रहे हैं। खास बात यह है कि कंपनी ने इस डिवाइस की कीमत सिर्फ 7,999 रुपये रखी है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/itel1.webp" alt="itel1" width="1280" height="720"></img>
itel-india.com

<p><strong>Itel A100C New के स्पेसिफिकेशन्स</strong></p>
<p>स्पेसिफिकेशन्स की बात करें तो, इस स्मार्टफोन में 6.6-इंच की HD+ डिस्प्ले मिल रही है। साथ ही यह फोन 90Hz तक के रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। इस डिवाइस में स्क्रोलिंग और वीडियो देखने का बेहद स्मूद अनुभव मिलेगा। बेहतर ऑडियो अनुभव के लिए फोन में DTS-पावर्ड साउंड टेक्नोलॉजी भी दी गई है।</p>
<p>इसके साथ ही, फोन में डायनेमिक बार फीचर भी देखने को मिलता है, जो बैटरी स्टेटस, कॉल्स और नोटिफिकेशन जैसी जरूरी जानकारियां आसानी से देखने में मदद करता है। इसके अलावा, फोन में मिलिट्री ग्रेड सर्टिफिकेशन मिलता है, जो इसे ज्यादा मजबूत और टिकाऊ बनाता है। फोन में 2GB RAM के साथ 4GB वर्चुअल RAM का सपोर्ट और 64GB स्टोरेज भी मिलता है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/itel3.webp" alt="itel3" width="1280" height="720"></img>
itel-india.com

<p>फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए नए Itel A100C New में 8-मेगापिक्सल का रियर कैमरा मिलता है। कंपनी का कहना है कि यह कैमरा एडवांस इमेज प्रोसेसिंग के जरिए अच्छे और रंगीन फोटोग्राफ्स कैप्चर करने में मदद करता है। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में अच्छा फ्रंट कैमरा दिया गया है।</p>
<p>परफॉर्मेंस के लिए स्मार्टफोन में ऑक्टा-कोर यूनिसोक T7100 प्रोसेसर है और इसमें एंड्रॉयड 15 गो एडिशन देखने को मिलता है। डिवाइस में मल्टीटास्किंग, वीडियो कॉलिंग और सामान्य गेमिंग की जा सकती है। फेस लॉक और साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर सपोर्ट के साथ फोन में 5000mAh की बड़ी बैटरी मिल रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक और ऑटाे</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 19:50:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>फ्यूल सिस्टम में बड़े बदलाव की तैयारी: अब पेट्रोल-डीज़ल से गाड़ियां नहीं चलेंगी, गडकरी ने ऑटो कंपनियों को दी चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>इंजन की आवाज़ से लेकर पेट्रोल और डीज़ल की महक तक सब कुछ धीरे-धीरे इतिहास बनने की ओर जा रहा है। और यह बात हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने खुद स्पष्ट किया है कि निकट भविष्य में पेट्रोल और डीज़ल वाहनों का कोई भविष्य नहीं है। इसका मतलब है कि पूरी खेल अब पूरीतरह बदलने वाली है। देश में पेट्रोल और डीज़ल वाहनों का युग धीरे-धीरे समाप्त होने की ओर बढ़ रहा है।</p>
<p>नई दिल्ली में आयोजित बसवर्ल्ड कॉन्क्लेव 2026 में बोलते हुए, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/tech/preparation-for-major-changes-in-the-fuel-system-now-vehicles/article-2158"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-05/0161-(1).webp" alt=""></a><br /><p>इंजन की आवाज़ से लेकर पेट्रोल और डीज़ल की महक तक सब कुछ धीरे-धीरे इतिहास बनने की ओर जा रहा है। और यह बात हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने खुद स्पष्ट किया है कि निकट भविष्य में पेट्रोल और डीज़ल वाहनों का कोई भविष्य नहीं है। इसका मतलब है कि पूरी खेल अब पूरीतरह बदलने वाली है। देश में पेट्रोल और डीज़ल वाहनों का युग धीरे-धीरे समाप्त होने की ओर बढ़ रहा है।</p>
<p>नई दिल्ली में आयोजित बसवर्ल्ड कॉन्क्लेव 2026 में बोलते हुए, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, 'इन पारंपरिक पेट्रोल और डीज़ल पर चलने वाले वाहनों का निकट भविष्य में कोई भविष्य नहीं है।' उन्होंने ऑटो उद्योग को स्पष्ट संदेश दिया कि अब तेजी से स्वच्छ और सस्ते ईंधन की ओर बढ़ने का समय आ गया है।</p>
<p>नितिन गडकरी ने ऑटोमेकर्स से जितनी जल्दी हो सके बायोफ्यूल और अन्य वैकल्पिक ईंधनों की ओर रुख करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीज़ल न केवल महंगे हैं बल्कि देश के लिए एक गंभीर समस्या भी बन रहे हैं। गडकरी ने कहा कि भारत हर साल बड़ी मात्रा में जीवाश्म ईंधन का आयात करता है, जो देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव डालता है। इसके अलावा, प्रदूषण भी तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने इसे अर्थव्यवस्था और पर्यावरण दोनों के लिए एक बड़ा चुनौती बताया।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/0354.webp" alt="0354" width="1280" height="720"></img></p>
<p>केंद्रीय मंत्री के अनुसार, परिवहन क्षेत्र में अब सस्ता, प्रदूषण-मुक्त और स्वदेशी समाधान अपनाने होंगे। उन्होंने कहा कि हाईवे और शहरों में गतिशीलता में तेजी से वृद्धि के साथ, एक मजबूत और प्रभावी सार्वजनिक परिवहन प्रणाली आवश्यक है। गडकरी ने हाइड्रोजन को भविष्य का ईंधन बताया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में अनुसंधान महत्वपूर्ण है, और इस दिशा में काम भी शुरू हो चुका है। देश में कई मार्गों पर हाइड्रोजन संचालित ट्रक और बसों का परीक्षण किया जा रहा है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-05/0257.webp" alt="0257" width="1280" height="720"></img></p>
<p>गडकरी ने बसों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यात्रियों की अपेक्षाएं अब बदल रही हैं और वे अधिक आराम और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। इसलिए, बस डिजाइन और निर्माण को वैश्विक मानकों को पूरा करना चाहिए। उनका कहना है कि वर्तमान में देश में प्रति 1,000 लोगों पर केवल दो बसें हैं, जबकि वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा 8 बसों का है।</p>
<p>गडकरी के अनुसार, यह असमानता स्पष्ट रूप से भारत में बसों की गंभीर कमी को दर्शाती है, और इस क्षेत्र में काफी अधिक विकास की संभावना है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में देश में सालाना लगभग 70,000 बसों का उत्पादन होता है। यह उद्योग लगभग 35,000 करोड़ रुपये के टर्नओवर का व्यवसाय करता है। नितिन गडकरी ने कहा कि आने वाले 3 वर्षों में केवल इलेक्ट्रिक बसों की मांग 150,000 यूनिट तक पहुंच सकती है। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि EV बस सेगमेंट तेजी से विकास के लिए तैयार है, जो कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक और ऑटाे</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 May 2026 12:13:36 +0530</pubDate>
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