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                <title>Dr. Manish M. Mendpara - Khabarchhe Hindi</title>
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                <description>Dr. Manish M. Mendpara RSS Feed</description>
                
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                <title>मानसून में जोड़ों और शरीर का दर्द क्यों बढ़ जाता है? जानें वैज्ञानिक कारण और बचाव के उपाय</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मानसून आते ही कई लोग हमारे पास एक ही शिकायत लेकर आते हैं – "सर, बारिश शुरू होते ही घुटनों का दर्द बढ़ गया", "पूरा शरीर दुख रहा है", "कमर में असहनीय दर्द है।" विशेष रूप से बुजुर्गों, गठिया (आर्थराइटिस) के मरीजों और जिन्हें पुरानी चोट लगी हो, उन्हें यह दर्द अधिक परेशान करता है।</p>
<p>अब सवाल यह है कि क्या सच में बारिश और जोड़ों के दर्द के बीच कोई संबंध है? इसका जवाब है – हाँ, लेकिन इसका कारण सिर्फ बारिश नहीं, बल्कि मौसम में होने वाले बदलाव हैं।<br /><strong>  </strong><br /><strong>मानसून में दर्द होने का वैज्ञानिक कारण क्या है?</strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/charcha-patra/why-joint-and-body-pain-increases-in-monsoon-know-the/article-2502"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-07/6214993359114276258.jpg" alt=""></a><br /><p>मानसून आते ही कई लोग हमारे पास एक ही शिकायत लेकर आते हैं – "सर, बारिश शुरू होते ही घुटनों का दर्द बढ़ गया", "पूरा शरीर दुख रहा है", "कमर में असहनीय दर्द है।" विशेष रूप से बुजुर्गों, गठिया (आर्थराइटिस) के मरीजों और जिन्हें पुरानी चोट लगी हो, उन्हें यह दर्द अधिक परेशान करता है।</p>
<p>अब सवाल यह है कि क्या सच में बारिश और जोड़ों के दर्द के बीच कोई संबंध है? इसका जवाब है – हाँ, लेकिन इसका कारण सिर्फ बारिश नहीं, बल्कि मौसम में होने वाले बदलाव हैं।<br /><strong> </strong><br /><strong>मानसून में दर्द होने का वैज्ञानिक कारण क्या है?</strong></p>
<p>मानसून के समय हवा का दबाव (<strong>Atmospheric Pressure</strong>) कम हो जाता है। हमारे शरीर के जोड़ों के आसपास की मांसपेशियों और ऊतकों (टिश्यूज) पर इस दबाव का असर पड़ता है। जब बाहर का दबाव कम होता है, तो जोड़ों के आसपास के टिश्यूज में थोड़ी सूजन आ सकती है, जिसके कारण दर्द और जकड़न अधिक महसूस होती है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/6212850028699653515.jpg" alt="6212850028699653515" width="1280" height="720"></img><br /><strong> </strong><br /><strong>नमी (Humidity) बढ़ने से भी मांसपेशियों में जकड़न</strong></p>
<p>मानसून में हवा में नमी का स्तर सामान्य से बहुत बढ़ जाता है। इस बढ़ी हुई नमी के कारण मांसपेशियों और लिगामेंट्स में जकड़न महसूस होती है। सुबह उठने के बाद या लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहने से जोड़ अधिक कड़े (स्टिफ) लगने लगते हैं।<br /><strong> </strong><br /><strong>ठंडक और कम शारीरिक सक्रियता</strong></p>
<p>बारिश के मौसम में लोग बाहर निकलना भी कम कर देते हैं। चलना, व्यायाम करना और नियमित शारीरिक गतिविधियां तुलनात्मक रूप से घट जाती हैं। इसके परिणामस्वरूप मांसपेशियां कमजोर होती हैं और जोड़ अधिक कठोर हो जाते हैं। यह भी दर्द का एक महत्वपूर्ण कारण है।<br /><strong> </strong><br /><strong>पुरानी चोट का असर</strong></p>
<p>जिन लोगों को पहले कभी फ्रैक्चर हुआ हो, लिगामेंट फटा हो या जोड़ों का ऑपरेशन हुआ हो, उन्हें मानसून में उस जगह पर सामान्य से अधिक दर्द महसूस होता है। मौसम में बदलाव होने से पुरानी चोट वाले हिस्से अधिक संवेदनशील हो जाते हैं।<br /><strong> </strong><br /><strong>किन लोगों पर इसका अधिक असर होता है?</strong></p>
<p>घुटने के आर्थराइटिस के मरीज<br />कमर दर्द से पीड़ित लोग<br />गर्दन के दर्द वाले मरीज<br />50 वर्ष से अधिक उम्र के लोग<br />मोटापे से ग्रस्त लोग<br />डायबिटीज या विटामिन-D की कमी वाले लोग<br />जिन्हें पुरानी चोट लगी हो या जिनकी ऑर्थोपेडिक सर्जरी हुई हो</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/6212850028699653517.jpg" alt="6212850028699653517" width="592" height="900"></img><br /><strong> </strong><br /><strong>तो क्या करना चाहिए?</strong><br /><strong> </strong><br /><strong>पहले एक गलतफहमी दूर करें</strong></p>
<p>कई लोग मानते हैं कि मानसून में दर्द बढ़ने का मतलब है कि उनकी हड्डियां खराब हो रही हैं। वास्तव में हर मामले में ऐसा नहीं होता। ज्यादातर मौसम में होने वाले बदलावों के कारण पहले से मौजूद समस्या के लक्षण अधिक स्पष्ट हो जाते हैं। सही जांच, समय पर इलाज और नियमित व्यायाम से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।<br /> <br /><strong>1. रोजाना हल्का व्यायाम करें</strong></p>
<p>घुटने, कमर और कंधे के जोड़ों के लिए सरल व्यायाम मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं।</p>
<p><strong>2. लंबे समय तक एक ही जगह पर न बैठें</strong></p>
<p>हर 30-40 मिनट में थोड़ा टहलें या शरीर को हिलाएं-डुलाएं।</p>
<p><strong>3. शरीर को गर्म रखें</strong></p>
<p>जरूरत पड़ने पर गर्म पानी की थैली या हॉट फोमेंटेशन (सिकाई) का उपयोग किया जा सकता है।</p>
<p><strong>4. वजन नियंत्रण में रखें</strong></p>
<p>ज्यादा वजन का सीधा भार घुटने और कमर के जोड़ों पर पड़ता है।</p>
<p><strong>5. संतुलित आहार लें</strong></p>
<p>प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन-D से भरपूर भोजन लें। पर्याप्त पानी पीना भी उतना ही जरूरी है।</p>
<p><strong>6. घर में भी एक्टिव रहें</strong></p>
<p>बारिश के कारण बाहर न जा सकें तो कोई बात नहीं, घर के अंदर ही वॉकिंग, स्ट्रेचिंग या योग करें।<br /> <img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/6212850028699653518.jpg" alt="6212850028699653518" width="1280" height="720"></img></p>
<p><strong>डॉक्टर से संपर्क कब करें?</strong></p>
<p>यदि निम्नलिखित लक्षण दिखाई दें तो तुरंत ऑर्थोपेडिक सर्जन की सलाह लें:<br />जोड़ों में बहुत अधिक सूजन आ जाना<br />लालिमा (लाली) और गर्माहट महसूस होना<br />चलने में कठिनाई होना<br />तेज दर्द जो सामान्य दवा से भी कम न हो<br />बुखार के साथ जोड़ों में दर्द होना<br /> <br /><strong>अंत में</strong></p>
<p>मानसून प्रकृति की सबसे खूबसूरत ऋतु है, लेकिन अगर शरीर का सही ख्याल न रखा जाए तो यह जोड़ों के दर्द की ऋतु भी बन सकती है। दर्द को नजरअंदाज न करें, खुद से पेनकिलर (दर्द निवारक दवाएं) न लेते रहें और जरूरत पड़ने पर ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ की सलाह लें। सही जीवनशैली, नियमित व्यायाम और समय पर इलाज से मानसून का आनंद भी लिया जा सकता है और जोड़ों को भी स्वस्थ रखा जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>चर्चा पत्र</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 18:37:41 +0530</pubDate>
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