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                <title>Hindi Khabarchhe - Khabarchhe Hindi</title>
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                <title>यूट्यूब पर वीडियो देखकर घर पर ही करवा दी डिलीवरी, प्रसूता की बिगड़ी तबीयत, फिर…</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वीडियो प्लेटफ़ॉर्म यूट्यूब पर वीडियो देखकर डिलीवरी कराना एक महिला के लिए जानलेवा साबित हुआ। ऐसे वीडियो देखने के बाद उसके परिवार के सदस्यों ने घर पर ही उसकी डिलीवरी करा दी। डिलीवरी के बाद उसकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी। हालांकि, परिजन उसे मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और उसकी मौत हो गई।</p>
<p>यह घटना तमिलनाडु के तिरुप्पुर ज़िले की है। बताया जाता है कि तिरुप्पुर ज़िले के उथुकुली के पास थलावायपलयम की रहने वाली शशिकला गर्भवती थी। जब उसे प्रसव पीड़ा शुरू हुई, तो उसके परिवार ने उसे अस्पताल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/got-the-delivery-done-at-home-after-watching-the-video/article-2496"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-07/photo-(2)2.webp" alt=""></a><br /><p>वीडियो प्लेटफ़ॉर्म यूट्यूब पर वीडियो देखकर डिलीवरी कराना एक महिला के लिए जानलेवा साबित हुआ। ऐसे वीडियो देखने के बाद उसके परिवार के सदस्यों ने घर पर ही उसकी डिलीवरी करा दी। डिलीवरी के बाद उसकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी। हालांकि, परिजन उसे मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और उसकी मौत हो गई।</p>
<p>यह घटना तमिलनाडु के तिरुप्पुर ज़िले की है। बताया जाता है कि तिरुप्पुर ज़िले के उथुकुली के पास थलावायपलयम की रहने वाली शशिकला गर्भवती थी। जब उसे प्रसव पीड़ा शुरू हुई, तो उसके परिवार ने उसे अस्पताल ले जाने के बजाय घर पर ही डिलीवरी कराने की कोशिश शुरू कर दी। उन्होंने यूट्यूब वीडियो देखकर सफलतापूर्वक सामान्य प्रसव भी करा दिया, लेकिन इसके बाद शशिकला की तबीयत बिगड़ने लगी।</p>
<p>अधिक रक्तस्राव के कारण उसकी हालत और गंभीर हो गई, जिसके बाद परिजन उसे इलाज के लिए पेरुन्दुरई सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गए। वहां भी उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए कोयंबटूर रेफर कर दिया। कोयंबटूर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।</p>
<p>बताया जाता है कि यह घटना 24 जून को हुई थी। यूट्यूब वीडियो के जरिए डिलीवरी कराने का यह मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने अपनी जांच शुरू कर दी है और उथुकुली पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/pregnant-women2.webp" alt="pregnant-women2" width="1280" height="720"></img></p>
<p>जांच में पता चला कि शशिकला और उसके पति ने पहले से ही घर पर 'नेचुरल डिलीवरी' कराने की योजना बनाई थी। परिवार के अनुसार, वर्ष 2020 में पहली बेटी के जन्म के समय शशिकला का सी-सेक्शन हुआ था, जिसके बाद उसे लंबे समय तक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और मानसिक आघात का सामना करना पड़ा था। इसी अनुभव के कारण दंपति ने अपने दूसरे बच्चे की अस्पताल के बजाय प्राकृतिक तरीके से घर पर डिलीवरी कराने का फैसला किया। इस मामले में, कुन्नाथुर के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर की शिकायत पर उथुकुली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 के तहत कोलंदचामी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह धारा गैर-इरादतन हत्या से संबंधित है। हालांकि, मृतका के परिजनों ने इस संबंध में कोई शिकायत दर्ज कराने से इनकार किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 21:57:45 +0530</pubDate>
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                <title>हार्दिक को खरीदने के लिए CSK-KKR समेत 7 IPL टीमों ने दिखाई दिलचस्पी... जानिए कौन मारेगा बाज़ी?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई इंडियंस (MI) के कप्तान हार्दिक पंड्या IPL 2026 के लिए सबसे ज़्यादा चर्चा में रहने वाले खिलाड़ियों में से एक बन गए हैं। पाँच बार की चैंपियन टीम के IPL 2026 में निराशाजनक अभियान के बाद, उन्हें खरीदने की अटकलें तेज़ हो गई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, 7 IPL फ्रेंचाइज़ियाँ इस स्टार ऑलराउंडर को साइन करने में रुचि रखती हैं। फिलहाल, सबसे दिलचस्प मुकाबला चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के बीच माना जा रहा है। यहाँ सबसे बड़ा सवाल यह है कि हार्दिक पंड्या अगले सीज़न में किस टीम की ओर से खेलेंगे?</p>
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ndtv.in

<p>IPL</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/sports/7-ipl-teams-including-csk-kkr-showed-interest-in-buying-hardik/article-2494"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-07/hardik-pandya1.webp" alt=""></a><br /><p>मुंबई इंडियंस (MI) के कप्तान हार्दिक पंड्या IPL 2026 के लिए सबसे ज़्यादा चर्चा में रहने वाले खिलाड़ियों में से एक बन गए हैं। पाँच बार की चैंपियन टीम के IPL 2026 में निराशाजनक अभियान के बाद, उन्हें खरीदने की अटकलें तेज़ हो गई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, 7 IPL फ्रेंचाइज़ियाँ इस स्टार ऑलराउंडर को साइन करने में रुचि रखती हैं। फिलहाल, सबसे दिलचस्प मुकाबला चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के बीच माना जा रहा है। यहाँ सबसे बड़ा सवाल यह है कि हार्दिक पंड्या अगले सीज़न में किस टीम की ओर से खेलेंगे?</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/hardik-pandya2.webp" alt="hardik-pandya2" width="1280" height="720"></img>
ndtv.in

<p>IPL 2026 में मुंबई इंडियंस के खराब प्रदर्शन के बाद जब से हार्दिक पंड्या ने टीम छोड़ने का फैसला किया है, तब से वह सबसे ज़्यादा मांग वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। 32 वर्षीय खिलाड़ी को अपनी टीम में शामिल करने के लिए होड़ तेज़ हो गई है। मीडिया सूत्रों की रिपोर्ट के मुताबिक, 7 IPL फ्रेंचाइज़ियों ने इस ऑलराउंडर को अपने साथ जोड़ने में रुचि दिखाई है। केवल रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) इस दौड़ से बाहर हैं।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/hardik-pandya.webp" alt="hardik-pandya" width="1280" height="720"></img>
livehindustan.com

<p>चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने इस रेस में देर से एंट्री की थी, लेकिन अब कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के साथ रोमांचक मुकाबला शुरू हो गया है, जबकि राजस्थान रॉयल्स (RR) भी इस दौड़ में शामिल है। हार्दिक पंड्या CSK के लिए बिल्कुल उपयुक्त हैं, खासकर MS धोनी के बाद के दौर में, लेकिन इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि उन्हें कप्तानी दी जाएगी। वहीं, कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) भी कप्तान की तलाश में है, और राजस्थान रॉयल्स (RR) भी नेतृत्व के साथ-साथ लंबी अवधि की भूमिका देने के लिए तैयार है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि MI खुद को किस तरह पेश करता है, क्योंकि उनके कप्तान में कई टीमों की गहरी दिलचस्पी है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/csk.webp" alt="csk" width="1280" height="720"></img>
x.com

<p>मुंबई इंडियंस, चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच बातचीत चल रही है। हालांकि, तीनों पक्षों में से किसी ने भी अभी तक कोई पुष्टि नहीं की है, जबकि कई विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) किसे जाने देगी? क्या यह पूरी तरह नकद सौदा होगा? क्या KKR के पास ट्रेड करने का कोई ठोस कारण है? या फिर पिछले साल KL राहुल के मामले की तरह कोई अड़चन आएगी? हार्दिक पंड्या के ट्रांसफर को लेकर चर्चाएँ तेज़ हो गई हैं, और चेन्नई सुपर किंग्स धैर्यपूर्वक इस स्थिति पर नज़र बनाए हुए है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/hardik-pandya3.webp" alt="hardik-pandya3" width="1280" height="720"></img>
instagram.com

<p>मुंबई इंडियंस पिछले सीज़न में संजू सैमसन, रविंद्र जडेजा और सैम करन के साथ हुए बड़े सौदों के दौरान जिस तरह मैदान में उतरी थी, उसी तरह अब भी अपनी एंट्री की योजना बना रही है। चेन्नई सुपर किंग्स के पास फिलहाल हार्दिक पंड्या को साइन करने का अच्छा मौका है, लेकिन आख़िरी समय में कोई रुकावट आ सकती है, क्योंकि IPL में खिलाड़ियों की अदला-बदली करना एक कठिन काम है।</p>
<p>CSK टीम में एक प्रभावशाली व्यक्ति ही इस ट्रेड को आगे बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा सकता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि खिलाड़ी की सहमति होनी चाहिए। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या हार्दिक पंड्या कप्तानी के बिना दूसरी टीम में जाने के लिए तैयार होंगे या नहीं। दो बेहद सम्मानित पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने भी रुचि दिखाई है, जिनमें से एक ने कप्तानी की पेशकश भी की थी, लेकिन शुरुआती चर्चाओं का कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category> खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 20:08:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बारिश ने फिर प्रशासन की पोल खोल दी, सूरत के डिंडोली में सड़क धंस गई, द्वारका में हाई अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>गुजरात में बारिश को लेकर जून का महीना सूखा रहने के बाद जुलाई में मेघराजा ने जोरदार दस्तक दी है। पिछले 24 घंटों में राज्य के 107 तालुकों में बारिश दर्ज की गई है, जिसमें सबसे अधिक सूरत के पलसाणा में 7.99 इंच वर्षा हुई है। जूनागढ़, नवसारी, राजकोट, अमरेली सहित कई जिलों में मूसलाधार बारिश के कारण अनेक स्थानों पर जलभराव के दृश्य देखने को मिले। राजुला की रायडी नदी में बाढ़ आने से 35 बकरियां और कुछ महिलाएँ बह गई थीं। हालांकि, स्थानीय लोगों ने महिलाओं को सुरक्षित बचा लिया।</p>
<p>दिव्य भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, आज सुबह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/6a460ed04fd63/article-2492"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-07/photo-(2)3.webp" alt=""></a><br /><p>गुजरात में बारिश को लेकर जून का महीना सूखा रहने के बाद जुलाई में मेघराजा ने जोरदार दस्तक दी है। पिछले 24 घंटों में राज्य के 107 तालुकों में बारिश दर्ज की गई है, जिसमें सबसे अधिक सूरत के पलसाणा में 7.99 इंच वर्षा हुई है। जूनागढ़, नवसारी, राजकोट, अमरेली सहित कई जिलों में मूसलाधार बारिश के कारण अनेक स्थानों पर जलभराव के दृश्य देखने को मिले। राजुला की रायडी नदी में बाढ़ आने से 35 बकरियां और कुछ महिलाएँ बह गई थीं। हालांकि, स्थानीय लोगों ने महिलाओं को सुरक्षित बचा लिया।</p>
<p>दिव्य भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, आज सुबह 6:00 से 8:00 बजे तक 34 तालुकों में बारिश दर्ज की गई, जिसमें गिर सोमनाथ के सूत्रापाड़ा में सबसे अधिक 2.36 इंच बारिश हुई। विश्वप्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर के दिग्विजय द्वार के पास घुटनों तक बारिश का पानी भर जाने से श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, सूरत में आज भी सड़क धंसने की घटनाओं के कारण सड़कों पर मौत के कुएँ जैसे गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों में नगर निगम की कार्यप्रणाली के प्रति रोष देखा जा रहा है।</p>
<p>गिर सोमनाथ जिले में एक बार फिर मेघराजा ने जोरदार बारिश शुरू कर दी है। वेरावल और सूत्रापाड़ा क्षेत्र में बारिश तेज होने से कई इलाकों में वर्षा का माहौल छा गया है। सूत्रापाड़ा फाटक क्षेत्र बारिश के पानी से पूरी तरह जलमग्न हो गया है। भारी बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर जाने से वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। निचले इलाकों में जलभराव के दृश्य सामने आ रहे हैं।</p>
<p>गिर सोमनाथ के विश्वप्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर के दिग्विजय द्वार के पास बारिश का पानी भर जाने से श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रभास पाटन को जोड़ने वाले मार्ग पर बारिश के पानी के साथ नाले का पानी भी मिल जाने से दुर्गंध फैल गई है। स्थानीय लोगों ने मंदिर ट्रस्ट और नगर पालिका पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। नगर पालिका के कर्मचारियों के अनुसार, बारिश के पानी की निकासी में बाधा आने के कारण बार-बार ऐसी स्थिति बनती है, लेकिन कई शिकायतों के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है।</p>
<p>वेरावल शहर में भी बारिश की जोरदार शुरुआत होने से मुख्य सड़कों पर पानी भरने लगा है। जिले में आने वाले घंटों में भी बारिश जारी रहने की संभावना के बीच स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/rain.webp" alt="rain" width="1280" height="720"></img>
divyabhaskar.co.in

<p>सूरत शहर में देर रात से हल्की बारिश हो रही है। सुबह भी बारिश जारी रहने के कारण लोगों को रेनकोट और छाता लेकर कार्यालय तथा स्कूल जाना पड़ा। वहीं, सूरत के डिंडोली क्षेत्र में जी-नाइन सर्कल पर लगभग 40 मीटर सड़क धँस गई है। घटना की जानकारी मिलते ही डिप्टी मेयर सुधाकर चौधरी मौके पर पहुँचे, लेकिन वे इस संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। उन्होंने गोलमोल जवाब देते हुए केवल इतना कहा कि जिम्मेदार अधिकारी और एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>इतना ही नहीं, सड़क धँसने के बाद क्षेत्राधिकार को लेकर भी कर्मचारियों के बीच विवाद खड़ा हो गया। नगर निगम के कर्मचारी इस क्षेत्र को SUDA का बता रहे थे, जबकि SUDA के अधिकारी इसे नगर निगम का क्षेत्र बता रहे थे। इस संबंध में सुधाकर चौधरी ने कहा कि आधा क्षेत्र SUDA का और आधा नगर निगम का है, फिर भी यहाँ मरम्मत का कार्य नगर निगम द्वारा किया जा रहा है।</p>
<p>सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सुधाकर चौधरी ने स्वीकार किया है कि सूरत में गड्ढे भी पड़ रहे हैं और सड़कें भी धँस रही हैं। लेकिन इसमें भ्रष्टाचार है या नहीं, इस बारे में कुछ कहने में उन्हें कठिनाई होती दिखाई दी। उन्होंने केवल कार्रवाई किए जाने की बात कही।</p>
<p>सूरत में उधना साउथ ज़ोन के पास नाले की सफाई के दौरान कल सुबह से नाले में फँसी पोकलेन मशीन को भारी मशक्कत के बाद देर रात दूसरी क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया। बाहर निकाली गई इस पोकलेन मशीन में नाले का पानी और कचरा बड़ी मात्रा में जमा हो गया था। उल्लेखनीय बात यह है कि नाले की सफाई के दौरान हुई इस घटना के समय मौके पर SMC का कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं था।</p>
<p>मौसम विभाग ने 5 जुलाई तक राज्य में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना के साथ अलर्ट जारी किया है। आज चार जिलों में रेड अलर्ट और पाँच जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है और बिजली गिरने की भी आशंका है। कल की तरह आज भी अहमदाबाद में एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।</p>
<p>मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है। इसके बाद पूरे क्षेत्र में तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। वर्तमान में राज्य में ट्रफ, अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और लो प्रेशर एरिया बनने के कारण बारिश की गतिविधि बढ़ गई है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/rain1.webp" alt="rain1" width="1280" height="720"></img>
gujaratsamachar.com

<p>अहमदाबाद में आज सामान्यतः आसमान बादलों से घिरा रहने की संभावना है। एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान लगभग 39 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।</p>
<p>आज दक्षिण गुजरात के जिलों सूरत, डांग, नवसारी, वलसाड तथा दमन, दादरा और नगर हवेली में भारी से अत्यधिक भारी बारिश तथा कुछ स्थानों पर रेड अलर्ट के साथ अत्यंत भारी वर्षा होने की प्रबल संभावना है। दक्षिण गुजरात के नर्मदा, भरूच और तापी जिलों तथा सौराष्ट्र के अमरेली और भावनगर जिलों में कुछ स्थानों पर ऑरेंज अलर्ट के साथ भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण गुजरात के वडोदरा और छोटाउदेपुर जिलों तथा सौराष्ट्र के राजकोट, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, बोटाद और दीव में कुछ स्थानों पर येलो अलर्ट के साथ भारी बारिश की संभावना है।</p>
<p>3 जुलाई को दक्षिण गुजरात के डांग, तापी, नवसारी और वलसाड जिलों तथा दमन, दादरा और नगर हवेली में भारी से अत्यधिक भारी बारिश तथा कुछ स्थानों पर रेड अलर्ट के साथ अत्यंत भारी वर्षा होने की प्रबल संभावना है।</p>
<p>दक्षिण गुजरात के नर्मदा, भरूच और सूरत जिलों तथा सौराष्ट्र के अमरेली और भावनगर जिलों में कुछ स्थानों पर ऑरेंज अलर्ट के साथ भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। गुजरात के आनंद, पंचमहल, दाहोद, वडोदरा और छोटाउदेपुर जिलों तथा सौराष्ट्र के राजकोट, पोरबंदर, जूनागढ़, गिर सोमनाथ और दीव में कुछ स्थानों पर येलो अलर्ट के साथ भारी बारिश की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 16:40:08 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ग्वालियर में 5 माह से लापता लड्डू गोपाल को ढूंढेगी SIT, तीन थानों की पुलिस करेगी तलाश</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="isSelectedEnd">मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां 5 माह से लापता भगवान लड्डू गोपाल की मूर्ति को तलाशने के लिए पुलिस ने SIT का गठन किया है। ग्वालियर के आईजी के निर्देश पर बनाई गई इस टीम में तीन थानों की पुलिस को शामिल किया गया है, जो अब मूर्ति की तलाश करेंगे। यह मामला 29 जनवरी का है। अलकापुरी निवासी विजया शर्मा, जो हमेशा अपने साथ भगवान लड्डू गोपाल की छोटी मूर्ति रखती हैं, उस दिन खरीदारी करने माधवगंज बाजार गई थीं। शॉपिंग के दौरान उनकी लड्डू गोपाल की मूर्ति एक ठेले पर छूट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/religion-astrology/-draft--add-your-title/article-2497"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-07/12.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां 5 माह से लापता भगवान लड्डू गोपाल की मूर्ति को तलाशने के लिए पुलिस ने SIT का गठन किया है। ग्वालियर के आईजी के निर्देश पर बनाई गई इस टीम में तीन थानों की पुलिस को शामिल किया गया है, जो अब मूर्ति की तलाश करेंगे। यह मामला 29 जनवरी का है। अलकापुरी निवासी विजया शर्मा, जो हमेशा अपने साथ भगवान लड्डू गोपाल की छोटी मूर्ति रखती हैं, उस दिन खरीदारी करने माधवगंज बाजार गई थीं। शॉपिंग के दौरान उनकी लड्डू गोपाल की मूर्ति एक ठेले पर छूट गई। जब उन्हें इसका पता चला तो उन्होंने तुरंत आसपास के इलाकों में  तलाश शुरू की, लेकिन मूर्ति का कोई पता नहीं चला।</p>
<p class="isSelectedEnd"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/laddu-gopal-missing3.jpg" alt="Laddu-Gopal-Missing3" width="1280" height="720"></img></p>
<p class="isSelectedEnd">विजया शर्मा ने इसके बाद स्थानीय पुलिस से भी मदद मांगी। उनका कहना है कि शुरुआती दौर में पुलिस ने उनकी शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं की। लेकिन 5 महीने गुजर जाने के बाद भी जब मूर्ति का कोई पता नहीं चला, तब यह मामला वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक पहुंचा। इसके बाद ग्वालियर आईजी ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसआईटी गठित करने का फैसला लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">अब यह विशेष जांच दल तीन अलग-अलग थाना क्षेत्रों में खोजेगा और उस दिन बाजार में मौजूद लोगों, दुकानदारों और अन्य संभावित गवाहों से पूछताछ करेगा। साथ ही, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी समीक्षा की जाएगी, ताकि मूर्ति का पता लगाया जा सके।</p>
<p class="isSelectedEnd"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/laddu-gopal-missing4.jpg" alt="Laddu-Gopal-Missing4" width="1280" height="720"></img></p>
<p class="isSelectedEnd">विजया शर्मा का कहना है कि उनके लिए यह सिर्फ एक मूर्ति नहीं, बल्कि उनके आराध्य भगवान हैं। उन्होंने बताया कि लड्डू गोपाल के गायब होने के बाद से उनका पूरा परिवार मानसिक रूप से परेशान है। परिवार का कोई भी सदस्य पहले की तरह ठीक से खाना नहीं खा पा रहा है और सभी लगातार भगवान की वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">लड्डू गोपाल की सुरक्षित वापसी के लिए विजया शर्मा ने ₹5,000 के नकद इनाम की भी घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि जो भी व्यक्ति उनके लड्डू गोपाल को ढूंढकर वापस लाएगा, उसे यह इनाम दिया जाएगा।यह मामला अब पूरे ग्वालियर में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों की नजरें एसआईटी की जांच पर टिकी हैं कि आखिर 5 माह से लापता लड्डू गोपाल की मूर्ति को कब तक खोज पाएंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>धर्म ज्योतिष</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 15:47:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>RBI रिपोर्ट: भारत का विदेशी कर्ज ₹72 लाख करोड़ के पार, फिर भी क्यों घबराने की जरूरत नहीं? जानिए...</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। हालांकि, RBI के हालिया आंकड़ों ने देश की विदेशी देनदारियों की नई तस्वीर पेश की है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, देश का कुल विदेशी कर्ज बढ़कर 762.8 अरब डॉलर यानी लगभग ₹72.15 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। मार्च 2026 के अंत तक भारत का विदेशी कर्ज पिछले वर्ष की तुलना में 26.3 अरब डॉलर बढ़ा था। हालांकि, इस बढ़ोतरी की वास्तविक तस्वीर इससे भी बड़ी है।</p>
<p>RBI के अनुसार, अमेरिकी डॉलर के मज़बूत होने से विदेशी कर्ज में वास्तविक बढ़ोतरी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/business/rbi-report-indias-foreign-debt-crosses-%E2%82%B972-lakh-crore-still/article-2495"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-07/foreign-debt2.webp" alt=""></a><br /><p>भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। हालांकि, RBI के हालिया आंकड़ों ने देश की विदेशी देनदारियों की नई तस्वीर पेश की है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, देश का कुल विदेशी कर्ज बढ़कर 762.8 अरब डॉलर यानी लगभग ₹72.15 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। मार्च 2026 के अंत तक भारत का विदेशी कर्ज पिछले वर्ष की तुलना में 26.3 अरब डॉलर बढ़ा था। हालांकि, इस बढ़ोतरी की वास्तविक तस्वीर इससे भी बड़ी है।</p>
<p>RBI के अनुसार, अमेरिकी डॉलर के मज़बूत होने से विदेशी कर्ज में वास्तविक बढ़ोतरी आंशिक रूप से छिप गई है। यदि मूल्यांकन प्रभाव (वैल्यूएशन इफ़ेक्ट) को हटा दिया जाए, तो विदेशी कर्ज में बढ़ोतरी 26.3 अरब डॉलर के बजाय 51 अरब डॉलर होती। दूसरे शब्दों में कहें तो, डॉलर के मुकाबले अन्य प्रमुख मुद्राओं के कमज़ोर पड़ने से उन मुद्राओं में लिए गए ऋणों का डॉलर आधारित मूल्य घट गया, जिससे कुल विदेशी कर्ज का आंकड़ा अपेक्षाकृत कम दिखाई देता है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/foreign-debt4.webp" alt="foreign-debt4" width="1280" height="720"></img>
aajtak.in

<p>किसी भी देश के लिए केवल कुल कर्ज की राशि ही महत्वपूर्ण नहीं होती; यह भी देखा जाता है कि अर्थव्यवस्था की तुलना में कर्ज कितना है। इस पैमाने पर भारत का विदेशी कर्ज-GDP अनुपात बढ़कर 20.8 प्रतिशत हो गया है, जो एक वर्ष पहले 19.8 प्रतिशत था। यानी आर्थिक विस्तार के साथ-साथ विदेशी कर्ज का अनुपात भी बढ़ रहा है। हालांकि, राहत की बात यह है कि यह अनुपात अभी भी कई अन्य उभरती और विकसित अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में नियंत्रित दायरे में माना जाता है।</p>
<p>RBI की रिपोर्ट में एक दिलचस्प बात यह भी सामने आई है कि सरकारी विदेशी कर्ज घटा है, जबकि निजी क्षेत्र की विदेशी उधारी बढ़ी है। यानी हालिया बढ़ोतरी में निजी क्षेत्र ने प्रमुख भूमिका निभाई है। कुल विदेशी कर्ज का 36.4 प्रतिशत हिस्सा अकेले गैर-वित्तीय कॉर्पोरेट संस्थाओं का है। कंपनियां विदेशी बाज़ारों से अपेक्षाकृत कम लागत पर पूंजी जुटाने के लिए विदेशी उधार पर लगातार अधिक निर्भर होती जा रही हैं।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, एक वर्ष या उससे कम अवधि वाले अल्पकालिक (शॉर्ट टर्म) विदेशी कर्ज का हिस्सा बढ़कर 19.6 प्रतिशत हो गया है, जो एक वर्ष पहले 18.3 प्रतिशत था। अल्पकालिक कर्ज को अधिक संवेदनशील माना जाता है क्योंकि उसका भुगतान कम समय में करना पड़ता है। यदि वैश्विक परिस्थितियां बिगड़ती हैं, डॉलर और मज़बूत होता है, या विदेशी फंडिंग महंगी हो जाती है, तो ऐसे कर्ज का दबाव तेज़ी से बढ़ सकता है। वहीं, अल्पकालिक कर्ज और विदेशी मुद्रा भंडार का अनुपात भी पिछले वर्ष के 20.1 प्रतिशत की तुलना में बढ़कर 21.6 प्रतिशत हो गया है।</p>
<p>भारत के कुल विदेशी कर्ज का सबसे बड़ा हिस्सा अमेरिकी डॉलर में है। मार्च 2026 तक 55.5 प्रतिशत बाहरी कर्ज डॉलर में था। इसके बाद भारतीय रुपये की हिस्सेदारी 29.4 प्रतिशत रही। जापानी येन में 6.4 प्रतिशत, स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDR) में 4.3 प्रतिशत और यूरो में 3.7 प्रतिशत हिस्सा था। इसका मतलब है कि डॉलर के मूल्य में उल्लेखनीय उतार-चढ़ाव भारत की विदेशी देनदारियों पर सीधा असर डाल सकता है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/foreign-debt1.webp" alt="foreign-debt1" width="1280" height="720"></img>
moneycontrol.com

<p>विदेशी कर्ज में बढ़ोतरी के बावजूद कुछ संकेत ऐसे हैं जो थोड़ी राहत देते हैं। RBI के अनुसार, मार्च 2026 के अंत में दीर्घकालिक (लॉन्ग टर्म) कर्ज 613.5 अरब डॉलर था। कुल विदेशी कर्ज का बड़ा हिस्सा दीर्घकालिक होने के कारण तत्काल भुगतान का दबाव कुछ हद तक कम रहता है। इसके अलावा, डेट सर्विस अनुपात में भी सुधार देखा गया है; विदेशी कर्ज पर मूलधन और ब्याज भुगतान का अनुपात एक वर्ष पहले के 6.6 प्रतिशत से घटकर 5.8 प्रतिशत हो गया है, जो कर्ज चुकाने के बोझ में कुछ कमी दर्शाता है। सबसे राहत की बात यह है कि भारत के पास मज़बूत विदेशी मुद्रा भंडार है, जो वैश्विक अनिश्चितताओं और बाहरी झटकों के खिलाफ सुरक्षा कवच का काम करता है।</p>
<p>विदेशी कर्ज में बढ़ोतरी का मतलब यह नहीं है कि देश कर्ज संकट की ओर बढ़ रहा है। हालांकि, यह निश्चित रूप से एक ऐसा संकेत है जिस पर कड़ी नज़र रखने की ज़रूरत है। यदि डॉलर मज़बूत होता है, वैश्विक ब्याज दरें ऊंची बनी रहती हैं, या विदेशी बाज़ारों से पूंजी जुटाना महंगा हो जाता है, तो इसका असर कॉर्पोरेट लागत पर पड़ सकता है। आगे चलकर यह दबाव निवेश, रोज़गार और आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है। फिलहाल भारत की बाहरी स्थिति मज़बूत मानी जाती है और विदेशी मुद्रा भंडार पर्याप्त स्तर पर है। हालांकि, RBI के आंकड़े संकेत देते हैं कि भविष्य में विदेशी उधारी की गति और प्रकृति पर कड़ी नज़र रखने की आवश्यकता होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 14:25:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>व्हाट्सएप का यूजरनेम फीचर: सरकार को नए फीचर से किस बात का डर सता रहा है, क्या इससे साइबर फ्रॉड बढ़ जाएगा?</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> भारत में व्हाट्सएप का नया यूजरनेम फीचर फिलहाल लॉन्च नहीं होगा। केंद्र सरकार ने मेटा को निर्देश दिया है कि जब तक इस फीचर से जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा और जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक इसे देश में लागू न किया जाए। इसके साथ ही सरकार ने कंपनी को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब भी मांगा है। दरअसल, सरकार की मुख्य चिंता यह है कि इस फीचर के जरिए मोबाइल नंबर छिपाकर फर्जी पहचान बनाना आसान हो सकता है, जिससे साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी के मामले बढ़ने की आशंका है। बहरहाल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/tech/whatsapps-username-feature-what-is-the-government-afraid-of-with/article-2493"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-07/11.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> भारत में व्हाट्सएप का नया यूजरनेम फीचर फिलहाल लॉन्च नहीं होगा। केंद्र सरकार ने मेटा को निर्देश दिया है कि जब तक इस फीचर से जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा और जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक इसे देश में लागू न किया जाए। इसके साथ ही सरकार ने कंपनी को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब भी मांगा है। दरअसल, सरकार की मुख्य चिंता यह है कि इस फीचर के जरिए मोबाइल नंबर छिपाकर फर्जी पहचान बनाना आसान हो सकता है, जिससे साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी के मामले बढ़ने की आशंका है। बहरहाल सरकार इस फीचर के सुरक्षा मानकों और इसके संभावित दुरुपयोग की विस्तृत जांच करना चाहती है। </p>
<p>बता दें कि WhatsApp ने 29 जून से दुनियाभर में यूजरनेम रजिस्ट्रेशन की शुरुआत की है। यह सुविधा एक साथ सभी यूजर्स को नहीं मिलेगी, बल्कि आने वाले कुछ महीनों में चरणबद्ध तरीके से अलग-अलग देशों में रोलआउट की जाएगी। जिस क्षेत्र में यह फीचर उपलब्ध होगा, वहां यूजर्स को WhatsApp के भीतर नोटिफिकेशन मिलेगा।<br />वहीं, WhatsApp के हेड कुणाल शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस फीचर की घोषणा करते हुए लिखा था कि सही समय बहुत महत्वपूर्ण है। दुनिया भर में फीचर उपलब्ध होने से पहले अपना यूजरनेम सुरक्षित कर लें। जल्द ही लोगों से जुड़ने का एक अधिक निजी तरीका WhatsApp पर उपलब्ध होगा।</p>
<p><strong>आखिर भारत सरकार को क्यों है चिंता</strong></p>
<p>दरअसल, सरकार का मानना है कि यूजरनेम फीचर लागू होने के बाद कई स्थितियों में लोगों का मोबाइल नंबर सामने नहीं आएगा। ऐसे में कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे के नाम से मिलता-जुलता यूजरनेम बनाकर लोगों को गुमराह कर सकता है। इससे फर्जी प्रोफाइल के जरिए ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराध की आशंका बढ़ सकती है।<br />भारत WhatsApp का सबसे बड़ा बाजार है। भारत में करीब 50 करोड़ से अधिक यूजर्स हैं। इतने बड़े यूजर बेस को देखते हुए सरकार सुरक्षा व्यवस्था और फेक प्रोफाइल से जुड़े जोखिमों का आकलन करना चाहती है।</p>
<p><strong>क्या है WhatsApp का यूजरनेम फीचर</strong></p>
<p>मेटा ने WhatsApp में ऐसा फीचर पेश किया है, जिसकी मदद से लोग मोबाइल नंबर साझा किए बिना भी किसी नए व्यक्ति से बातचीत कर सकेंगे। इसके लिए केवल यूजरनेम का इस्तेमाल होगा। यह सुविधा खासतौर पर उन लोगों के लिए लाई गई है, जो अपनी निजी जानकारी साझा किए बिना नए संपर्कों से जुड़ना चाहते हैं।</p>
<p><strong>WhatsApp यह फीचर क्यों ला रहा है?</strong></p>
<p>कंपनी का कहना है कि कई बार लोग किसी नए व्यक्ति से संपर्क करना चाहते हैं, लेकिन अपना मोबाइल नंबर साझा नहीं करना चाहते। जैसे किसी नेटवर्किंग इवेंट में मिले व्यक्ति, नए क्लासमेट, पड़ोसी या बच्चों के स्कूल अथवा स्पोर्ट्स ग्रुप के अन्य अभिभावकों से बातचीत के दौरान प्राइवेसी बनाए रखना जरूरी होता है। ऐसे मामलों में अब मोबाइल नंबर की जगह केवल यूजरनेम साझा किया जा सकेगा।</p>
<p><strong>क्या यूजरनेम बनाना जरूरी होगा या वैकल्पिक होगा</strong></p>
<p>WhatsApp ने स्पष्ट किया है कि यूजरनेम पूरी तरह वैकल्पिक सुविधा है। यूजर चाहें तो अपना यूजरनेम बना सकते हैं और चाहें तो बिना यूजरनेम के भी पहले की तरह WhatsApp का इस्तेमाल कर सकते हैं। यानी किसी पर भी यूजरनेम बनाने की बाध्यता नहीं होगी।</p>
<p><strong>अपने पसंद का यूजरनेम चाहिए तो क्या करें</strong></p>
<p>दुनियाभर में करोड़ों लोग इस फीचर का इस्तेमाल करेंगे। ऐसे में एक जैसे या मिलते-जुलते नामों की मांग अधिक रहने की संभावना है। इसलिए जो यूजर पहले अपना यूजरनेम रिजर्व करेंगे, उन्हें अपनी पसंद का नाम मिलने की संभावना भी ज्यादा रहेगी।</p>
<p><strong>मोबाइल नंबर तभी दिखेगा जब आप साझा करना चाहेंगे</strong></p>
<p>यूजरनेम फीचर लागू होने के बाद कुछ परिस्थितियों में मोबाइल नंबर अपने-आप सामने नहीं आएगा। यानी जब किसी बड़े ग्रुप चैट में आपको जोड़ा जाएगा अथवा जब आप पहली बार किसी नए व्यक्ति से बातचीत शुरू करेंगे। ऐसी स्थिति में सामने वाले व्यक्ति को आपका यूजरनेम दिखाई देगा, जबकि मोबाइल नंबर तभी दिखाई देगा जब आप स्वयं उसे साझा करना चाहेंगे।</p>
<p><strong>तो क्या मोबाइल नंबर पूरी तरह गायब रहेगा</strong></p>
<p>इसका जवाब है नहीं। अगर आपने यूजरनेम बनाया है तो केवल नए व्यक्ति को आपका नंबर दिखाई नहीं देगा। हालांकि WhatsApp अकाउंट बनाने और उसे चलाने के लिए मोबाइल नंबर पहले की तरह अनिवार्य रहेगा। जिन लोगों के पास पहले से आपका नंबर सेव है, वे पहले की तरह ही आपसे चैट कर सकेंगे।</p>
<p><strong>जरूरी बात: अपराधी</strong><strong> इस फीचर का फायदा न उठाए, यह ध्यान रखना होगा</strong></p>
<p>साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ लंबे समय से यह मानते रहे हैं कि किसी भी ऐसे फीचर, जिसमें वास्तविक पहचान सीमित दिखाई देती हो, उसके साथ मजबूत वेरिफिकेशन और रिपोर्टिंग सिस्टम भी जरूरी होता है। WhatsApp पहले से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, टू-स्टेप वेरिफिकेशन, अकाउंट रिपोर्टिंग और स्पैम डिटेक्शन जैसे सुरक्षा फीचर उपलब्ध कराता है। अब सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि यूजरनेम फीचर भी इन्हीं सुरक्षा मानकों के अनुरूप हो और इसके जरिए साइबर अपराधियों को किसी तरह का अतिरिक्त फायदा न मिले।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक और ऑटाे</category>
                                    

                <link>https://hindi.khabarchhe.com/tech/whatsapps-username-feature-what-is-the-government-afraid-of-with/article-2493</link>
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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 13:12:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजा रघुवंशी केस: पति को खाई में फेंकने की आरोपी सोनम को मिली जमानत, जानिए किस कानून के तहत मिली राहत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पिछले एक हफ्ते से सबकी नजर पुणे के केतन अग्रवाल हत्या मामले और आरोपी सिया पर थी। हर कोई सिया और उसके रहस्य की कहानी में खोया हुआ था। इसी दौरान, चुपचाप मेघालय से एक ऐसी खबर आई, जिस पर किसी का ध्यान ही नहीं गया। यह खबर इंदौर की सोनम के बारे में थी, जिसकी कहानी की नकल पुणे की सिया ने की थी। सिया फिलहाल पुणे पुलिस की हिरासत में है, जबकि सोनम जमानत पर रिहा हो चुकी है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/6.webp" alt="6" width="1200" height="720" /></p>
<p>हत्या जैसे गंभीर अपराध में 11 महीने के भीतर आरोपी हत्यारे को जमानत मिल जाना बहुत ही दुर्लभ होता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%98%E0%A5%81%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%B8--%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AB%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%AA%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%A4--%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%82%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A4%E0%A4%B9%E0%A4%A4-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%A4/article-2491"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-07/5.webp" alt=""></a><br /><p>पिछले एक हफ्ते से सबकी नजर पुणे के केतन अग्रवाल हत्या मामले और आरोपी सिया पर थी। हर कोई सिया और उसके रहस्य की कहानी में खोया हुआ था। इसी दौरान, चुपचाप मेघालय से एक ऐसी खबर आई, जिस पर किसी का ध्यान ही नहीं गया। यह खबर इंदौर की सोनम के बारे में थी, जिसकी कहानी की नकल पुणे की सिया ने की थी। सिया फिलहाल पुणे पुलिस की हिरासत में है, जबकि सोनम जमानत पर रिहा हो चुकी है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/6.webp" alt="6" width="1280" height="720"></img></p>
<p>हत्या जैसे गंभीर अपराध में 11 महीने के भीतर आरोपी हत्यारे को जमानत मिल जाना बहुत ही दुर्लभ होता है। लेकिन यहां लोग इस बात पर विश्वास ही नहीं कर पा रहे हैं कि सोनम ने जो किया, उसके बावजूद भी उसे इतनी आसानी से और इतनी जल्दी जमानत मिल सकती है। हैरानी की बात तो यह है कि अदालत भी सोनम को निर्दोष नहीं मानती। फिर भी अदालत ने सोनम को जमानत पर क्यों रिहा किया? जब आप इसका जवाब जानेंगे तो हैरान रह जाएंगे।</p>
<p>शायद यह देश का पहला मामला है, जहां कानून की गलत धारा और मेघालय पुलिस की एक छोटी-सी गलती के कारण सोनम जेल से बाहर आ गई। दरअसल, मेघालय पुलिस ने हत्या के मामले में गिरफ्तारी के बाद सोनम पर नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) की जो धारा लगाई थी, वह कानून की किताबों में तो है ही नहीं, बल्कि किसी भी अदालत या पुलिस थाने के रिकॉर्ड में भी मौजूद नहीं है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/3.webp" alt="3" width="1280" height="720"></img></p>
<p>इसका मतलब यह हुआ कि राजा रघुवंशी हत्या मामले में मेघालय पुलिस ने सोनम पर जो धारा लगाई, वह अस्तित्व में ही नहीं है। अब जब यह धारा अस्तित्व में ही नहीं है, तो अदालत को कैसे पता चलेगा कि पुलिस ने सोनम को किस अपराध में गिरफ्तार किया था? और जब पुलिस खुद ही नहीं जानती, तो वह सोनम को कैसे बताएगी कि उसे किस अपराध में गिरफ्तार किया गया है? ये शब्द मेघालय हाईकोर्ट के हैं, जिसने सोनम को जमानत दी थी। अगर आपको अभी भी पूरी कहानी समझ में नहीं आ रही है, तो आइए इसे आसान शब्दों में समझते हैं।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/4.webp" alt="4" width="1280" height="720"></img></p>
<p>पिछले साल मई महीने में राजा रघुवंशी की हत्या के बाद मेघालय पुलिस ने सोनम सहित 5 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें 3 सुपारी किलर थे और एक सोनम का प्रेमी था। इसके बाद मेघालय पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल की, जिसमें सोनम को अपने ही पति की हत्या का मुख्य आरोपी बनाया गया। चार्जशीट दाखिल होने के बाद मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई। सुनवाई शुरू होते ही सोनम ने शिलांग की निचली अदालत में जमानत के लिए आवेदन किया। यहीं से पूरा मामला बदल गया।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/7.webp" alt="7" width="1280" height="720"></img></p>
<p>दरअसल, 1 जुलाई 2024 से ब्रिटिश काल से चले आ रहे CrPC और IPC में बड़े बदलाव किए गए। सिर्फ उनके नाम ही नहीं बदले गए, बल्कि कई धाराएं भी हटाई गईं या उन्हें मिलाकर नई धाराएं बनाई गईं। भारतीय दंड संहिता (IPC) की जगह अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू कर दी गई। इस BNS के तहत देश में होने वाले सभी अपराधों को कुल 358 धाराओं में शामिल किया गया।</p>
<p>BNS के तहत देश में होने वाले हर प्रकार के अपराध के लिए कुल 358 धाराएं ही हैं। अब यह साफ है कि आजादी के बाद से चली आ रही IPC की धाराओं की जगह BNS और उसकी नई धाराओं ने ले ली है। ऐसे में सिर्फ आम लोगों को ही नहीं, बल्कि पुलिस और कानून लागू करने वाली एजेंसियों को भी इन्हें समझने और याद रखने में दिक्कत हो रही है। उदाहरण के तौर पर पहले IPC की धारा 300 का मतलब हत्या और धारा 302 का मतलब हत्या की सजा होता था। BNS में धारा 300 की जगह धारा 101 आ गई है। अब 101 का मतलब हत्या है। जबकि BNS में 302 की जगह नई धारा 103 बनाई गई है। धारा 103 हत्या की सजा का प्रावधान बताती है।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/8.webp" alt="8" width="1280" height="720"></img></p>
<p>सोनम के मामले में गलती यह हुई कि मेघालय पुलिस ने BNS की धारा 103 की जगह धारा 403 लिख दी, जिसे हत्या की धारा बताया गया। जबकि BNS तो धारा 358 पर ही समाप्त हो जाती है, इसलिए यह साफ है कि कानून की किताब में धारा 403 का कोई अस्तित्व ही नहीं है। शिलांग की निचली अदालत ने इसी एक गलती को पकड़ लिया। अदालत ने कहा कि अगर धारा 403 अस्तित्व में ही नहीं है, तो वह कैसे जान सकती है कि सोनम को किस अपराध में गिरफ्तार किया गया था? इसका मतलब यह भी हुआ कि पुलिस ने सोनम को उसके अपराध की जानकारी भी नहीं दी होगी। इसलिए निचली अदालत ने इसी साल 27 अप्रैल को सोनम को जमानत दे दी।</p>
<p>स्वाभाविक रूप से, सोनम को जमानत मिलना सभी के लिए हैरानी की बात थी। मेघालय पुलिस भी चौंक गई। इसके बाद मेघालय पुलिस ने सोनम को जमानत देने के निचली अदालत के फैसले को मेघालय हाईकोर्ट में चुनौती दी। मेघालय हाईकोर्ट में लंबी बहस चली। उम्मीद की जा रही थी कि हाईकोर्ट निचली अदालत का फैसला पलट देगा और सोनम की जमानत रद्द कर देगा। लेकिन मेघालय हाईकोर्ट ने भी सभी को चौंका दिया।</p>
<p><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/9.webp" alt="9" width="1280" height="720"></img></p>
<p>मेघालय हाईकोर्ट ने भी सोनम के मामले में BNS की उसी धारा 403 वाली गलती को पकड़ लिया, जिसका कोई अस्तित्व ही नहीं है। हाईकोर्ट ने कहा कि BNS की धारा 403, जो अस्तित्व में ही नहीं है, वह यह स्पष्ट नहीं करती कि सोनम के खिलाफ आरोप क्या हैं। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि गलत धारा लगाए जाने से ऐसा प्रतीत होता है कि शायद सोनम खुद भी नहीं जानती होगी, या फिर पुलिस ने भी उसे यह नहीं बताया होगा कि उसे किस अपराध के तहत गिरफ्तार किया गया है।</p>
<p>इसलिए निचली अदालत का फैसला सही है और सोनम जमानत पाने की हकदार है। 29 जून को मेघालय हाईकोर्ट ने इसी आधार पर सोनम की जमानत रद्द करने की मेघालय पुलिस की याचिका खारिज कर दी। अब सोचिए कि एक छोटी-सी कानूनी गलती ने सोनम को वह आजादी दे दी, जो शायद उसे वर्षों तक नहीं मिल पाती। जमानत पर रिहा होने के बाद सोनम शिलांग में रह रही है। सोनम को जमानत मिलने के बाद राजा रघुवंशी के माता-पिता भी हैरान हैं।</p>
<p>हालांकि, मेघालय पुलिस ने घोषणा की है कि वह अब देश की सर्वोच्च अदालत, सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करेगी। मेघालय पुलिस ने यह भी कहा है कि उनसे धारा लिखने में गलती हुई थी और बाद में उन्होंने अदालत के सामने इस गलती को स्वीकार भी कर लिया था। लेकिन मेघालय पुलिस का मानना है कि केवल इस एक गलती के कारण सोनम को जमानत मिल जाना उचित नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 12:14:39 +0530</pubDate>
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                <title>पिता का सपना था कि बेटा IAS बने, लेकिन बेटा फॉर्म भरना ही भूल गया; फिर उसने ऐसा क्या किया कि जेल पहुंच गया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>उदयपुर में एक युवक को UPSC परीक्षा देने के लिए नकली आईडी कार्ड का इस्तेमाल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। आरोपी, जयेश जाट, को परीक्षा केंद्र में प्रवेश करते समय पुलिस ने पकड़ लिया। शहर के सूरजपोल पुलिस थाने में उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। हैरानी की बात यह है कि आरोपी किसी दूसरे उम्मीदवार की जगह परीक्षा देने नहीं आया था। यह डमी उम्मीदवार का मामला नहीं था, बल्कि पुलिस जांच में कुछ और ही सामने आया।</p>
<p>सूरजपोल पुलिस थाने के अधिकारी रतन सिंह ने बताया कि दूसरी शिफ्ट दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/national/the-fathers-dream-was-that-his-son-should-become-an/article-2489"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-07/248.webp" alt=""></a><br /><p>उदयपुर में एक युवक को UPSC परीक्षा देने के लिए नकली आईडी कार्ड का इस्तेमाल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। आरोपी, जयेश जाट, को परीक्षा केंद्र में प्रवेश करते समय पुलिस ने पकड़ लिया। शहर के सूरजपोल पुलिस थाने में उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। हैरानी की बात यह है कि आरोपी किसी दूसरे उम्मीदवार की जगह परीक्षा देने नहीं आया था। यह डमी उम्मीदवार का मामला नहीं था, बल्कि पुलिस जांच में कुछ और ही सामने आया।</p>
<p>सूरजपोल पुलिस थाने के अधिकारी रतन सिंह ने बताया कि दूसरी शिफ्ट दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक आयोजित की गई थी। जयेश भी शहर के फतेह उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। उसके प्रवेश पत्र पर मौजूद बारकोड स्कैन नहीं हो पाया, जिसके बाद वह पकड़ा गया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर तलाशी ली। अधिकारी ने यह भी बताया कि आरोपी नशे का आदी है। तलाशी के दौरान उसकी जेब से एक ग्राम अफीम बरामद हुई।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/2510.webp" alt="2510" width="1280" height="720"></img>
bhaskar.com

<p>शुरुआत में शक था कि उम्मीदवार किसी दूसरे युवक की जगह डमी उम्मीदवार बनकर परीक्षा देने आया था। हालांकि, यह संदेह जल्द ही दूर हो गया। पुलिस पूछताछ के दौरान युवक ने खुलासा किया कि इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी करने के बाद उसने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की थी। वह UPSC आवेदन फॉर्म भरना भूल गया था क्योंकि अंतिम तिथि निकल चुकी थी। लेकिन डर के कारण उसने अपने पिता को इस बारे में नहीं बताया। उसने झूठ बोल दिया कि उसका परीक्षा केंद्र उदयपुर में आया है और वह परीक्षा देने वहां पहुंच गया।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/2611.webp" alt="2611" width="1280" height="720"></img>
bhaskar.com

<p>जब उसके पिता भी उसके साथ जाने पर अड़ गए, तब स्थिति और बिगड़ गई। अपने झूठ को छिपाने के लिए जयेश ने अपने मोबाइल फोन की मदद से नकली प्रवेश पत्र तैयार किया और अपने पिता के साथ परीक्षा देने पहुंच गया। पहली पाली में वह अपने पिता से बचने में सफल रहा, लेकिन दूसरी पाली में उसके पिता उसके ठीक पीछे खड़े रहे। यहीं वह पकड़ा गया, क्योंकि अपने झूठ को सच साबित करने के लिए वह परीक्षा केंद्र तक पहुंच गया था। केंद्र में प्रवेश करते ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय </category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 21:07:05 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिका में पुजारी कितना कमाते हैं? जानिए एक पूजा के लिए उन्हें कितने डॉलर मिलते हैं</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय में धार्मिक परंपराओं और धार्मिक अनुष्ठानों को आज भी उतना ही महत्वपूर्ण माना जाता है जितना भारत में। यही कारण है कि मंदिरों और धार्मिक कार्यक्रमों में पंडितों की मांग लगातार बढ़ रही है। कई लोगों के मन में यह सवाल भी आता है कि अमेरिका में पूजा कराने वाले पंडित कितनी कमाई करते हैं और वे वहां कैसे पहुंचते हैं।</p>
<p>दरअसल, अमेरिका में पंडितों को किसी भी धार्मिक अनुष्ठान के लिए काफी बड़ी फीस मिलती है। उदाहरण के तौर पर, भगवान सत्यनारायण की कथा और पूजा कराने के लिए आमतौर पर 300 डॉलर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/world/how-much-do-priests-earn-in-america-know-how-many/article-2486"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-07/hindu-priests-america1.webp" alt=""></a><br /><p>अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय में धार्मिक परंपराओं और धार्मिक अनुष्ठानों को आज भी उतना ही महत्वपूर्ण माना जाता है जितना भारत में। यही कारण है कि मंदिरों और धार्मिक कार्यक्रमों में पंडितों की मांग लगातार बढ़ रही है। कई लोगों के मन में यह सवाल भी आता है कि अमेरिका में पूजा कराने वाले पंडित कितनी कमाई करते हैं और वे वहां कैसे पहुंचते हैं।</p>
<p>दरअसल, अमेरिका में पंडितों को किसी भी धार्मिक अनुष्ठान के लिए काफी बड़ी फीस मिलती है। उदाहरण के तौर पर, भगवान सत्यनारायण की कथा और पूजा कराने के लिए आमतौर पर 300 डॉलर से 350 डॉलर के बीच शुल्क लिया जाता है। इसके अलावा, कई मंदिरों में पूजा कराने के लिए 100 डॉलर से 150 डॉलर तक का मंदिर शुल्क अलग से देना पड़ सकता है। श्रद्धालु अपनी पूजा सामग्री (फल, फूल, प्रसाद, कलश आदि) स्वयं ला सकते हैं, या फिर पंडित अथवा मंदिर प्रबंधन अतिरिक्त शुल्क लेकर इसकी व्यवस्था भी कर देता है।</p>
<img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/2026-07/hindu-priests-america2.webp" alt="hindu-priests-america2" width="1280" height="720"></img>
hindi.news18.com

<p>जब अमेरिका में रहने वाले भारतीय नई कार, नया घर खरीदते हैं या नया व्यवसाय शुरू करते हैं, तो वे शुभ शुरुआत के लिए पूजा करवाना पसंद करते हैं। नई कार की पूजा, गृह प्रवेश, नामकरण संस्कार, विवाह, मुंडन संस्कार और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पंडितों को अलग-अलग शुल्क दिया जाता है। गृह प्रवेश पूजा जैसे धार्मिक अनुष्ठानों का खर्च कभी-कभी सैकड़ों डॉलर तक हो सकता है। वहीं विवाह जैसे बड़े कार्यक्रमों के लिए यह शुल्क इससे भी अधिक हो सकता है।</p>
<p>नवरात्रि, श्रावण, जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, राम नवमी और दिवाली जैसे त्योहारों के दौरान अमेरिका में पुजारियों की मांग काफी बढ़ जाती है। इस समय मंदिरों में विशेष पूजा, हवन और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। पंडितों को अक्सर एक ही दिन में कई कार्यक्रमों में शामिल होना पड़ता है। बढ़ते भारतीय समुदाय के कारण धार्मिक सेवाओं की आवश्यकता भी बढ़ रही है, जिसके चलते कई मंदिरों और धार्मिक संस्थाओं को प्रशिक्षित पुजारियों की जरूरत पड़ती है।</p>
<p>पंडित आमतौर पर R-1 वीज़ा पर धार्मिक सेवाएं देने के लिए अमेरिका जाते हैं। यह वीज़ा उन लोगों के लिए बनाया गया है जो किसी मान्यता प्राप्त धार्मिक संगठन के लिए धार्मिक सेवाएं देने या धार्मिक कर्तव्यों का पालन करने के उद्देश्य से संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्रा करते हैं। R-1 वीज़ा प्राप्त करने के लिए आवेदक को यह साबित करना आवश्यक होता है कि वे किसी धार्मिक संगठन से जुड़े हुए हैं और उनके पास पर्याप्त धार्मिक शिक्षा, प्रशिक्षण तथा अनुभव है। कई मामलों में, संबंधित धार्मिक संगठन या मंदिर को यह भी साबित करना पड़ता है कि उन्हें उस व्यक्ति की सेवाओं की आवश्यकता है।</p>
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<p>धार्मिक सेवाओं के लिए यात्रा करने वाले लोगों को अपनी योग्यता और प्रशिक्षण की पुष्टि करने वाले दस्तावेज़ जमा करने होते हैं। कई संस्थाएं उम्मीदवार के ज्ञान, संस्कृत उच्चारण, वेदपाठ, धार्मिक अनुष्ठानों और धार्मिक प्रक्रियाओं की भी जांच करती हैं। इसके बाद वीज़ा प्रक्रिया पूरी की जाती है। हालांकि, यह प्रक्रिया प्रत्येक संस्था और परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। अमेरिका जाने वाले पुजारियों के लिए धार्मिक ज्ञान के साथ-साथ अंग्रेज़ी का ज्ञान और स्थानीय संस्कृति की समझ भी लाभदायक साबित होती है।</p>
<p>कमाई इस बात पर निर्भर करती है कि वे किसी मंदिर में कार्यरत हैं या स्वतंत्र रूप से सेवाएं देते हैं। बड़े शहरों और अधिक भारतीय आबादी वाले क्षेत्रों में नियमित पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों के कारण उनकी आय काफी अधिक हो सकती है। कई पुजारी मंदिर से मिलने वाले वेतन के अलावा निजी पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों से भी अतिरिक्त आय अर्जित करते हैं।</p>
<p>संयुक्त राज्य अमेरिका में भारतीय समुदाय के बीच धार्मिक परंपराओं को बनाए रखने में पंडित महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सत्यनारायण कथा से लेकर गृह प्रवेश, विवाह और त्योहारों तक, उनकी सेवाओं की काफी मांग रहती है। R-1 वीज़ा पर अमेरिका आने वाले ये पंडित अपने धार्मिक ज्ञान और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से भारतीय प्रवासियों को उनकी संस्कृति और परंपराओं से जोड़े रखने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 19:30:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>चाइल्ड इन्वेस्टमेंट अकाउंट में ताइवान सरकार बच्चों के लिए निवेश खाते खोलेगी, सरकार खुद 5,000 डॉलर जमा करेगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ताइवान सरकार ने एक बड़ी घोषणा की है कि 6 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए निवेश खाते खोले जाएंगे। ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने इस नीति पैकेज की घोषणा की है। इस योजना के तहत सरकार प्रत्येक बच्चे को मासिक 5,000 ताइवानी डॉलर (लगभग 15,000 भारतीय रुपये) का भत्ता देगी। आइए जानते हैं कि आखिर ताइवान सरकार को ऐसा निर्णय क्यों लेना पड़ा।</p>
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<p>एक समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह पहल राष्ट्रपति लाई चिंग-ते और उनके प्रशासन द्वारा बुधवार को घोषित 18-सूत्रीय नीति पैकेज का एक हिस्सा है। इसका उद्देश्य ताइवान में घटती</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/world/taiwan-government-will-open-investment-accounts-for-children-in-child/article-2485"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-07/taiwan-child-investment-plan.webp" alt=""></a><br /><p>ताइवान सरकार ने एक बड़ी घोषणा की है कि 6 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए निवेश खाते खोले जाएंगे। ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने इस नीति पैकेज की घोषणा की है। इस योजना के तहत सरकार प्रत्येक बच्चे को मासिक 5,000 ताइवानी डॉलर (लगभग 15,000 भारतीय रुपये) का भत्ता देगी। आइए जानते हैं कि आखिर ताइवान सरकार को ऐसा निर्णय क्यों लेना पड़ा।</p>
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<p>एक समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह पहल राष्ट्रपति लाई चिंग-ते और उनके प्रशासन द्वारा बुधवार को घोषित 18-सूत्रीय नीति पैकेज का एक हिस्सा है। इसका उद्देश्य ताइवान में घटती जन्म दर पर नियंत्रण पाकर परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। हालांकि, अब तक ताइवान में बचत खाते केवल निम्न और मध्यम वर्ग के परिवारों के बच्चों के लिए ही उपलब्ध थे, लेकिन नए कार्यक्रम के तहत यह सुविधा 18 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों तक विस्तारित कर दी गई है।</p>
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<p>ताइवान सरकार की चाइल्ड इन्वेस्टमेंट अकाउंट योजना के तहत, 18 वर्ष से कम आयु के नाबालिगों को मासिक 5,000 नए ताइवानी डॉलर (ताइवान मासिक बाल भत्ता) का बाल भत्ता मिलेगा। रिपोर्ट के अनुसार, 6 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए खोले जाने वाले निवेश खातों में 2,500 ताइवानी डॉलर सीधे जमा किए जाएंगे, और यह प्रक्रिया स्वतः होगी।</p>
<p>सरकार इन निवेश खातों के संचालन के लिए पेशेवर लोगों की नियुक्ति करेगी, जिनकी निगरानी फंड मैनेजरों द्वारा की जाएगी। इसके अलावा, रिपोर्ट में कहा गया है कि ये खाते दो वर्ष की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर मिलने वाली ब्याज दरों के बराबर गारंटीकृत ब्याज दर प्रदान करेंगे, जो बच्चों के भविष्य के लिए लाभदायक होगी।</p>
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<p>ताइवान में घटती जन्म दर सरकार के लिए एक बड़ी चिंता बनती जा रही है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में देश की प्रजनन दर केवल 0.86 थी, जिससे ताइवान दुनिया के सबसे कम प्रजनन दर वाले देशों में शामिल हो सकता है। राष्ट्रपति द्वारा की गई घोषणा के अनुसार, यह चाइल्ड इन्वेस्टमेंट अकाउंट योजना नवंबर 2026 में होने वाले चुनावों से पहले लागू की जाएगी।</p>
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<p>भारत में भी ऐसी योजनाएं शुरू करने को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि, सुकन्या समृद्धि योजना और सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF) जैसी बचत योजनाएं पहले से मौजूद हैं, लेकिन सरकार द्वारा सीधे निवेश पर आधारित बाल निधि मॉडल अभी तक व्यापक रूप से लागू नहीं किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत जैसे बड़े देश में बच्चों के भविष्य के लिए ऐसे मॉडल को लागू किया जाए, तो यह मध्यम वर्ग और निम्न-मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए एक बड़ा सहारा साबित हो सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 17:43:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कच्चे तेल की कीमतें आधी हो गईं, फिर भी सरकार पेट्रोल-डीज़ल के दाम क्यों नहीं घटा रही? निजी कंपनी ने भी कीमतें कम कीं!</title>
                                    <description><![CDATA[<p>1 जुलाई को भारत की सबसे बड़ी निजी रिटेलर, नायरा एनर्जी ने पेट्रोल की कीमत में ₹5 और डीज़ल की कीमत में ₹3 की कटौती की। दूसरी ओर, भारत की सरकारी तेल कंपनियों ने वाणिज्यिक गैस सिलेंडर की कीमत में ₹183 की कमी की। खाड़ी युद्ध शुरू होने के बाद तेल और गैस की कीमतों में यह पहली राहत थी। हालांकि, यह राहत सीमित थी, क्योंकि सरकारी तेल कंपनियों, जिनका घरेलू गैस सिलेंडर बाज़ार और देश के स्थानीय बाज़ार में 90 प्रतिशत हिस्सा है, ने पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें कम नहीं कीं। इसका मतलब यह हुआ कि 90 प्रतिशत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/business/crude-oil-prices-halved-still-why-is-the-government-not/article-2490"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-07/petrol-diesel-price.webp" alt=""></a><br /><p>1 जुलाई को भारत की सबसे बड़ी निजी रिटेलर, नायरा एनर्जी ने पेट्रोल की कीमत में ₹5 और डीज़ल की कीमत में ₹3 की कटौती की। दूसरी ओर, भारत की सरकारी तेल कंपनियों ने वाणिज्यिक गैस सिलेंडर की कीमत में ₹183 की कमी की। खाड़ी युद्ध शुरू होने के बाद तेल और गैस की कीमतों में यह पहली राहत थी। हालांकि, यह राहत सीमित थी, क्योंकि सरकारी तेल कंपनियों, जिनका घरेलू गैस सिलेंडर बाज़ार और देश के स्थानीय बाज़ार में 90 प्रतिशत हिस्सा है, ने पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें कम नहीं कीं। इसका मतलब यह हुआ कि 90 प्रतिशत पेट्रोल पंप अभी भी बढ़ी हुई कीमतों पर पेट्रोल और डीज़ल बेचेंगे। सवाल यह है कि तेल कंपनियाँ पेट्रोल और डीज़ल के दाम कब कम करेंगी?</p>
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jagran.com

<p>भारत की कई बड़ी तेल कंपनियां, जैसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), ONGC, हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL), और भारत पेट्रोलियम (BPCL) ने अभी तक पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें कम नहीं की हैं। ये कंपनियां भारत के 90 प्रतिशत बाज़ार को नियंत्रित करती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर से घटकर 70 डॉलर से 73 डॉलर प्रति बैरल हो गई है। ईरान युद्ध के बाद पहली बार भारत का क्रूड बास्केट भी 68.86 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गया है। अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद यह पहली बार है जब कच्चा तेल इस स्तर पर पहुँचा है। यह कीमत 23 मार्च को दर्ज किए गए 157.04 डॉलर प्रति बैरल के सर्वकालिक उच्च स्तर से 56 प्रतिशत से भी अधिक कम है, लेकिन फिलहाल पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में कमी की उम्मीद नहीं है।</p>
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<p>कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारत के आयात बिल में कमी आई है और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम हुआ है। सरकार का राजकोषीय घाटा भी कम हुआ है। लेकिन, यदि आप उम्मीद कर रहे हैं कि पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें घटाकर आम लोगों को राहत मिलेगी, तो इसके लिए आपको थोड़ा और इंतज़ार करना होगा। सरकार और तेल कंपनियां फिलहाल अपने नुकसान की भरपाई करने में लगी हुई हैं। वे अपने नुकसान की भरपाई करने के बाद ही ग्राहकों को यह राहत देंगी।</p>
<p>हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद होने के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर तक पहुंच गईं और शिपिंग लागत बढ़ गई, जिससे तेल कंपनियों को बहुत बड़ा नुकसान हुआ। उन्हें पेट्रोल पर प्रति लीटर लगभग ₹5.5 और डीज़ल पर प्रति लीटर ₹4.5 की अंडर-रिकवरी का सामना करना पड़ा। LPG सिलेंडरों के कारण प्रति सिलेंडर ₹650 से ₹720 तक का नुकसान हुआ। तेल कंपनियों पर बोझ कम करने के लिए सरकार ने पेट्रोल और डीज़ल पर विशेष उत्पाद शुल्क (एक्साइज़ ड्यूटी) में ₹10 की कटौती की, जिसके परिणामस्वरूप चालू वित्तीय वर्ष में सरकारी खजाने पर लगभग ₹30,000 करोड़ का सीधा बोझ पड़ा। अब जब वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें घट गई हैं, तो सरकार और सरकारी स्वामित्व वाली तेल कंपनियाँ इस नुकसान की भरपाई कर रही हैं।</p>
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jagran.com

<p>रेडोक्यू के CEO दीपल दत्ता का मानना है कि सस्ता कच्चा तेल निश्चित रूप से भारत की अर्थव्यवस्था को राहत देगा, लेकिन यह राहत तुरंत आम जनता तक नहीं पहुँचेगी। सरकारी स्वामित्व वाली तेल विपणन कंपनियां (OMCs) पहले अपने पिछले नुकसान की भरपाई करेंगी और अपने मुनाफे को मज़बूत करेंगी। आम जनता को राहत देने से पहले तेल कंपनियां फिलहाल अपनी वित्तीय स्थिति को मज़बूत बनाने को प्राथमिकता दे रही हैं। इसलिए, आने वाले दिनों या हफ्तों में भारत में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में कमी आने की संभावना कम है। इसके अलावा, भू-राजनीतिक तनाव अभी भी बना हुआ है और ऊर्जा एक संवेदनशील मुद्दा बनी हुई है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर से बढ़ सकता है। इस अनिश्चितता को देखते हुए तेल कंपनियां पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में जल्दबाज़ी में कटौती करने से बच रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 15:49:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Hindi Khabarchhe]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में हर रोज हो रहे चौंकाने वाले खुलासे, आमजन भी सुनकर हैरान, अब मिला ‘रामराज्य कोष’ वाला संदूक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले नए खुलासे हो रहे हैं। इस पूरे खेल की कड़ी एसआईटी सुलझाने में लगी हुई है। लोग भी अब जानने को इच्छुक हैं कि चढ़ावा चोरी के पीछे किन-किन लोगों का हाथ है। इस बीच जेल में बंद मुख्य आरोपियों में शामिल अविनाश शुक्ला से जुड़े एक नए खुलासे ने जांच को नया मोड़ दिया है। पुलिस ने अयोध्या स्थित उसके योग केंद्र से एक संदूक बरामद किया है, जिस पर लाल रंग से 'रामराज्य कोष' लिखा हुआ था। संदूक पर पेटीएम का QR कोड</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://hindi.khabarchhe.com/religion-astrology/common-people-are-also-surprised-to-hear-the-shocking-revelations/article-2488"><img src="https://hindi.khabarchhe.com/media/400/2026-07/1.jpg" alt=""></a><br /><p>राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले नए खुलासे हो रहे हैं। इस पूरे खेल की कड़ी एसआईटी सुलझाने में लगी हुई है। लोग भी अब जानने को इच्छुक हैं कि चढ़ावा चोरी के पीछे किन-किन लोगों का हाथ है। इस बीच जेल में बंद मुख्य आरोपियों में शामिल अविनाश शुक्ला से जुड़े एक नए खुलासे ने जांच को नया मोड़ दिया है। पुलिस ने अयोध्या स्थित उसके योग केंद्र से एक संदूक बरामद किया है, जिस पर लाल रंग से 'रामराज्य कोष' लिखा हुआ था। संदूक पर पेटीएम का QR कोड भी चिपका मिला। इस कार्रवाई का वीडियो सामने आने के बाद हंगामा मच गया है। बताया जा रहा है कि इसी परिसर से पहले दान गबन से जुड़े करीब पांच लाख रुपये भी बरामद किए गए थे।</p>
<p>मामले की जांच कर रही एसआईटी (SIT) को अब 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है। वहीं, एसआईटी ने फैजाबाद जेल पहुंचकर मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों से पूछताछ की। इनमें सबसे लंबी पूछताछ अविनाश शुक्ला से हुई। करीब दो घंटे चली पूछताछ में उससे 5 जून को बरामद 20 लाख रुपये नकद और आभूषणों के संबंध में विस्तार से सवाल किए गए।</p>
<p>अविनाश शुक्ला प्रतापगढ़ जिले का रहने वाला है। पुलिस इससे पहले उसके पैतृक घर पर भी छापेमारी कर चुकी है। जांच में सामने आया है कि वह राम मंदिर के नाम पर इस्तेमाल होने वाले दान बक्से में ही कथित गबन की रकम रखता था। पुलिस ने 5 जून की शाम करीब 7:30 बजे अयोध्या में उसके किराए के मकान पर छापा मारकर 20 लाख रुपये नकद बरामद किए थे। इसी कार्रवाई में कुछ आभूषण भी मिले थे।</p>
<p><strong>अविनाश शुक्ला डेढ़ साल पहले ही अयोध्या आया था</strong></p>
<p>जानकारी के अनुसार, अविनाश करीब डेढ़ साल पहले अयोध्या आया था। वह अपने बड़े भाई अभिषेक शुक्ला के साथ श्याम साधनालय में रहता था। बताया जाता है कि अभिषेक ने ही उसकी राम मंदिर ट्रस्ट में नौकरी लगवाने में मदद की थी। जांच एजेंसियों का कहना है कि अविनाश मंदिर के निमित्त दान में इस्तेमाल होने वाले बक्से में कथित गबन की रकम छिपाकर रखता था। 5 जून को बरामद किए गए 20 लाख रुपये से अधिक की नकदी इसी तरह के एक दान बक्से से मिलने की बात सामने आई थी।</p>
<p><strong>जांच के दायरे में अब मंदिर में तैनात 400 निजी सुरक्षाकर्मी भी</strong></p>
<p>जांच का दायरा अब राम मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था तक भी पहुंच गया है। मंदिर में तैनात करीब 400 निजी सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी, रोस्टर, सीसीटीवी फुटेज और एंट्री-एग्जिट रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, मंदिर की सुरक्षा का जिम्मा जिस निजी सुरक्षा कंपनी के पास था, वह बिहार के एक पूर्व सांसद से जुड़ी बताई जा रही है। ट्रस्ट इस सुरक्षा व्यवस्था पर हर महीने लगभग एक करोड़ रुपये खर्च करता था, यानी सालाना करीब 12 करोड़ रुपये निजी सुरक्षा पर खर्च किए जा रहे थे।</p>
<p><strong>पूरे मामले की रिपोर्ट अब आरएसएस प्रमुख भागवत तक पहुंची</strong></p>
<p>उधर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत को भी पूरे मामले की रिपोर्ट भेजी गई है। यह रिपोर्ट पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र प्रचारक अनिल कुमार ने तैयार की है। बताया गया है कि संघ प्रमुख के निर्देश पर उन्होंने अयोध्या में तीन दिन तक रहकर मंदिर की व्यवस्थाओं, ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और चढ़ावा गबन प्रकरण का अध्ययन किया। सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में पूरे घटनाक्रम का विस्तृत विवरण शामिल किया गया है। 6 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की प्रस्तावित बैठक में इस रिपोर्ट के आधार पर महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने की संभावना जताई जा रही है।</p>
<p><strong>अविनाश शांत रहता था, कभी उसके व्यवहार से किसी को शक नहीं हुआ</strong></p>
<p>योग केंद्र में कार्यरत शिवसुंदर लाल ने बताया कि अभिषेक शुक्ला पिछले लगभग दस वर्षों से संस्थान से जुड़ा हुआ था और गुरुजी के समय से सेवा कार्य करता था। करीब डेढ़ साल पहले उसका भाई अविनाश भी वहीं रहने आ गया था। उन्होंने कहा कि जब पता चला कि अविनाश की नौकरी राम मंदिर में लग गई है तो सभी लोग खुश थे। वह रोज समय पर ड्यूटी के लिए जाता था और शाम को लौट आता था। उसका व्यवहार सामान्य और शांत था, इसलिए किसी को उस पर कभी संदेह नहीं हुआ।</p>
<p>शिवसुंदर लाल ने बताया कि 5 जून को पुलिस जब योग केंद्र पहुंची और तलाशी के दौरान वहां से पैसों से भरे बैग बरामद होने की बात सामने आई तो सभी लोग हैरान रह गए। घटना सार्वजनिक होने के बाद संस्थान ने अगले ही दिन उसके परिवार से साफ कह दिया कि वे वहां से दूसरी जगह रहने की व्यवस्था कर लें। उन्होंने कहा कि जो भी दोषी है, उसे कानून के अनुसार कड़ी सजा मिलनी चाहिए और संस्थान जांच में पूरा सहयोग कर रहा है।</p>
<p><strong>अविनाश और उसके भाई ने गांव में बनाया नया पक्का मकान</strong></p>
<p>प्रतापगढ़ जिले के महेशगंज थाना क्षेत्र के बाबूपुर नारियावा गांव के रहने वाले अविनाश शुक्ला के परिवार के बारे में भी नई जानकारी सामने आई है। उसके पिता राम सजीवन शुक्ला किसान हैं। गांव वालों के अनुसार परिवार का पुराना मकान कच्चा है, जहां माता-पिता रहते हैं। हालांकि कुछ महीने पहले अविनाश और उसके भाई अभिषेक ने गांव में नया पक्का मकान बनवाया था। दोनों भाई गांव आने पर उसी नए मकान में ठहरते थे।</p>
<p><strong>चंपत राय से तीन घंटे तक पूछताछ, आरएमओ का भी तबादला</strong></p>
<p>इस मामले में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से भी पुलिस लगभग तीन घंटे तक पूछताछ कर चुकी है। उनसे पूछा गया कि चढ़ावा गबन की जानकारी उन्हें पहली बार कब मिली और उसके बाद उन्होंने क्या कदम उठाए। वहीं, कोर्ट ने गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिन के लिए बढ़ा दी है। जांच के दौरान एक और प्रशासनिक कार्रवाई भी हुई है। राम मंदिर में पिछले 17 वर्षों से तैनात रेडियो ऑपरेशन अधिकारी (RMO) अर्जुन देव का तबादला गोरखपुर कर दिया गया है। एसआईटी उनकी भूमिका की भी जांच कर रही है। मंदिर परिसर में लगे करीब 1600 सीसीटीवी कैमरों और चढ़ावे की गिनती वाले काउंटिंग रूम की निगरानी की जिम्मेदारी उनके पास थी।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 13:52:19 +0530</pubDate>
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